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‘हमारे चर्च में हमला हुआ है, कृपया आए मदद करें’, प्रार्थनासभा के दौरान हुआ विस्फोट, कोलंबो में 6 जगह हुआ सीरियल ब्लास्ट…

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अन्य जगह पर भी हो सकता है ब्लास्ट

कोलंबो। ईस्टर के पावन मौके पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो सहित करीब 6 जगह सीरियल ब्लास्ट। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो 3 चर्च और 3 होटल के अंदर धमाके हुए हैं। श्रीलंका सरकार थोड़ी देर बाद इन धमाकों को लेकर आधिकारिक बयान जारी करेगी।

श्रीलंका के दो गिरजाघरों में ईस्टर प्रार्थनासभा के दौरान विस्फोट किया गया है। चर्च में हुए विस्फोट में कम से कम 80 लोग घायल हो गये हैं। ये बम धमाके उस वक्त किये गये जब ईस्टर की प्रार्थना के लिए लोग चर्च में एकत्रित हुए थें। प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गयी है कि वे घर में ही रहें। आशंका जतायी जा रही है कि हमलावरों ने अन्य जगहों पर भी बम प्लांट करके रखे हैं।

जानकारी के अनुसार अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है 200 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बाकी जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया है और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेकेरा ने बताया कि यह विस्फोट स्थानीय समयानुसार आठ बजकर 45 मिनट पर ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान रविवार को हुआ। उन्होंने बताया कि इनमें से एक विस्फोट कोलंबो के कोचचीकाडे के सेंट एंथनी गिरजाघर में हुआ। कटुवापितियूत्या के सेंट सेबास्टियन चर्च से किये गये एक फेसबुक पोस्ट में लिखा गया, ‘‘हमारे गिरजाघर पर बम हमला , कृपया आएं और मदद करें”।

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श्रीलंका ब्लास्ट पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बयान भी आ गया है। उन्होंने बताया कि वह लगातार कोलंबो में मौजूद भारतीय हाई कमिश्नर के संपर्क में हैं और स्थिति पर उनकी पूरी नजर है। श्रीलंका में मौजूद हाई कमिश्नर ने ट्वीट किया कि वह स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये हैं। श्रीलंका में किसी भी तरह की मदद के लिए भारतीय +94777903082, +94112422788, +94112422789 पर कॉल कर सकते हैं।

फिलहाल कोलंबो में हुए इन हमलों की अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने जानकारी नहीं ली है।http://www.satyodaya.com

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अब अंतरिक्ष में भी सुरक्षा अभियान की शुरुआत करेगा नाटो….

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नाटो

फाइल फोटो

नई दिल्ली। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन ( नाटो) ने जमीन, हवा समुद्र और साइबर क्षेत्र की तरह अंतरिक्ष क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अभियान शुरू करने के संकेत दिए हैं।

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव जेंस स्टोल्टनबर्ग ने बुधवार को यहां नाटो के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एक पत्रकार सम्मेलन करके यह बात कही है। स्टोल्टनबर्ग ने कहा, “ हम इस मुद्दे पर सहमत हुए हैं कि हवा, जमीन, समुद्र और साइबर क्षेत्र की तरह अंतरिक्ष क्षेत्र में भी हमें अपने अभियान शुरू कर देने चाहिए। यहां पृथ्वी पर प्रतिदिन अंतरिक्ष किसी न किसी रूप में हमारी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसे आक्रामक तरीके से भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

वहीं नाटो के महासचिव ने कहा कि अंतरिक्ष में उपग्रहों को जाम किया जा सकता है, हैक किया जा सकता है अथवा हथियारबंद किया जा सकता है, जिससे संचार और विभिन्न सेवाओं तथा क्षेत्रों को बाधित एवं प्रभावित किया जा सकता है।

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अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने अभियान की शुरुआत करना नाटो की रक्षा क्षमता को मजबूती प्रदान करेगा। इससे मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाने और खुफिया जानकारी एकत्र करने की गठबंधन की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।

इसके बाद स्टोल्टनबर्ग ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि नाटो एक रक्षात्मक गठबंधन है जिसका अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने जैसा कोई इरादा नहीं है।http://www.satyodaya.com

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चीन से आयात करने पर एप्पल को मिल सकती है छूट : डोनाल्ड ट्रम्प

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वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन से आयात को लेकर एप्पल कंप्यूटर कंपनी को शुल्क में छूट देने के संकेत दिए हैं। ट्रम्प ने शुल्क में छूट दिए जाने वाले सवाल पर बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “ हम इस पर गौर करेंगे। हमें एप्पल कंपनी के साथ भी वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा कि हम सैमसंग के साथ करते हैं।”

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बता दें कि ट्रम्प ने एप्पल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक के साथ टेक्सास प्रांत के ऑस्टिन में एप्पल के प्लांट का दौरा करने के बाद यह बात कही। अमेरिका और चीन के इस वर्ष व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने की संभावना है। पहले चरण में बौद्धिक संपदा, वित्तीय सेवाओं और अमेरिकी कृषि उत्पादों के निर्यात के संबंध में चर्चा होने की संभावना है।http://www.satyodaya.com

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नवाज शरीफ को विदेश भेजने पर पाक सरकार और न्यायपालिका में शुरू हुआ विवाद…

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नवाज शरीफ

फाइल फोटो

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को स्वास्थ के आधार पर विदेश जाने की इजाजत देने के मामले को लेकर पाक में सरकार और न्यायपालिका के बीच मतभेद उत्पन्न हो गया है। जिसके बाद बाद पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) आसिफ सईद खोसा ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान स्वंय इस बाबत फैसला ले सकते हैं और न्यायापालिका के पास इस मामले में फैसला लेने का एकाधिकार नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने इमरान खान को कोर्ट के खलिफ़ उनकी हालिया टिप्पणियों को लेकर फटकार लगाते हुए उनसे बयान देते समय सावधानी बरतने और कटाक्ष नहीं करने को भी कहा है।

इससे पहले इमरान खान ने पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ को इलाज के लिए लंदन भेजने की इजाजत देने पर कहा था कि इसके लिए अलग कानून है और सीजेपी इस मामल में न्यायपूर्ण फैसला लें। इस्लामाबाद में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के चीफ जस्टिस ने कहा कि प्रधानमंत्री को न्यायपालिका में शक्तिशाली नहीं कहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘‘शक्तिशाली’ का जिक्र करते हुए हमें ताना मत दीजिए। कानून के अलावा न्यायपालिका के सामने कोई शक्तिशाली नहीं है।’’ सीजेपी ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह के बयान जारी करने से बचना चाहिए क्योंकि वह देश के मुखिया हैं।

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खोसा ने कहा, ‘‘जिस विशेष मामले का जिक्र प्रधानमंत्री ने किया मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि वह खुद किसी को भी विदेश जाने की इजाजत दे सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में बहस सिर्फ तौर-तरीकों पर हुई। इसलिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।’’चीफ जस्टिस खोसा ने कहा कि वे संसाधनों के बिना काम कर रहे हैं और जो न्यायपालिका की आलोचना करते हैं उन्हें इन बातों का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

जानकारी के मुताबिक लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान खान सरकार की 700 करोड़ रुपये के बांड भरने की शर्त को दरकिनार करते हुए नवाज शरीफ को इलाज कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी थी, जिसे लेकर सरकार और न्यायपालिका के बीच काफी कहासुनी भी हुई। न्यायमूर्ति खोसा की यह प्रतिक्रिया इमरान के हाल ही में दिए उस भाषण के बाद आई है जिसमें खान ने चीफ़ जस्टिस से यह कहा था कि न्याय प्रक्रिया में सुधार करने की जरुरत है ताकि अमीर और गरीब लोगों में कोई अंतर न रह गया।http://www.satyodaya.com

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