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इथियोपिया के ‘नेल्सन मंडेला’ हैं अबी अहमद, यूं ही नहीं बन गए ‘शांतिदूत’

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लखनऊ। प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले अबी अहमद अली को इथियोपिया का नेल्सन मंडेला कहा जाता है। सेना में खुफिया अधिकारी रह चुके अबी अहमद ने 80 के दशक में अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की। 2014 ओर 2015 के बीच वह मंत्री भी रहे। फरवरी 2018 में डेमोक्रेटिक पीपल आर्गेनाइजेशन ऑफ ओरम के अध्यक्ष बने। जबकि फरवरी 2018 में इथियोपियन पीपल्स रिवोल्यूशनरी फ्रंट के अध्यक्ष बने। अप्रैल 2018 में देश के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही अबी अहमद ने साफ कर दिया कि वह इरिट्रिया के साथ शांति वार्ता जारी रखेंगे। इसके लिए अबी ने गंभीर प्रयास भी किए।

अबी ने इरिट्रिया के राष्टपति इसाइस अफवर्की के साथ शांति वार्ता पर लगातार आगे बढ.ते रहे। अबी के प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि पिछले 22 साल से दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष का अंत हो गया। अबी अहमद और राष्ट्रपति इसाइस ने नो पीस, नो वार सिद्धांत पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने जुलाई और सितंबर 2019 में शांति समझौतों का ऐलान किया। इस सफलता ने अबी को अफ्रीका महाद्वीप का हीरो बना दिया। अबी को अब इथियोपियो का नेल्शन मंडेला तक कहा जाने लगा है।

यूं ही नहीं इथियोपिया के नेल्सन मंडेला बन गए अबी अहमद

अबी अहमद अफ्रीकी देशों में सबसे युवा राष्ट्राध्यक्ष हैं। नेल्सन मंडेला उनके आदर्श हैं। अबी मात्र 13 साल के थे जब दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्टपति रंगभेद के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। मंडेला के प्रति अबी की दीवानगी इसी बात से समझी जाती है कि वह नेल्सन मंडेला की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनते हैं। प्रधामंत्री बनते ही अबी अहमद ने देश में तेजी से सुधार प्रक्रिया शुरू की। प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन के अंदर उन्होंने देश से आपातकाल खत्म किया।

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मीडिया को आजादी दी, जेलों में बंद विपक्षी नेताओं को रिहा किया। इतना ही नहीं अबी ने देश के बाहर निर्वासित जीवन बिता रहे विपक्षी नेताओं को भी अपने देश बुला लिया। इरिटिया के साथ अपने देश की शत्रुता खत्म करने के साथ ही अबी अहमद ने कई अंतरराष्टीय विवादों में भी मध्यस्थता की है।http://www.satyodaya.com

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डायल 112 ने दुबई पुलिस अवार्ड-2019 में बनाया तीसरा स्थान, मिला अवार्ड

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की इमरजेंसी पुलिस सेवा डायल 112 को यूएई में सम्मानित किया गया है। दुबई सरकार और दुबई पुलिस एवं अवाया के संयुक्त तत्वधान में पहली बार आयोजित इंटरनेशनल कॉल सेंटर अवार्ड समारोह में डायल 112 ने पुलिस श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान पर सिंगापुर पुलिस और दूसरे स्थान पर शारजाह पुलिस रही। इस अवसर पर दुबई पुलिस के ब्रिगेडियर जरनल डॉटर अब्दुल्ला अब्दुल रहमान युसूफ बिन सुल्तान ने अवार्ड प्रदान किया। प्रतियोगिता मैं पुलिस श्रेणी में विश्व भर से कुल 500 से अधिक पुलिस संस्थाओं ने भाग लिया।

अवार्ड समारोह में संयुक्त राज्य अमेरिका 911, ऑस्ट्रेलिया 102 और यूरोप 112 ने भी हिस्सेदारी की। अवार्ड लेते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, यह पुरुस्कार हमें नागरिक सुविधाओं में और सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करता है। हम आधुनिक टेक्नोलॉजी और परिश्कृत प्रक्रिया द्वारा कानून का राज स्थापित करने के लिए और अच्छे प्रयास करेंगे। डायल 112 को यह अवार्ड गस्त, कॉल पर तत्काल कार्यवाही, रिस्पांस टाइम, नागरिकों का पंजीकरण सहित बेहतर सेवाओं के लिए मिला है।

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डायल 112 प्रभारी असीम अरुण ने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह पुरस्कार पाना उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। इसका श्रेय 112 में कार्य कर रहे हजारों कर्मियों को जाता है। जिनकी दिन-रात की मेहनत की वजह से बेहतर रिस्पांस टाइम और नागरिक सुविधाएं मिल पा रही हैं।http://www.satyodaya.com

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ट्रम्प बोले, अमेरिका तक पहुंच रही भारत की गंदगी, चीन-रूस पर भी बोला हमला

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लखनऊ। व्यापार और रोजगार को लेकर भारत की आलोचना करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर भारत पर निशाना साधा है। टंप ने अमेरिकी शहरों में बढ़ती प्रदूषण की समस्या के लिए भारत समेत अन्य देशों पर तीखी टिप्पणी की है। ईकोनाॅमिक क्लब ऑफ न्यूयार्क में लोगों को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, भारत, चीन और रूस की गंदगी लाॅस एजेंलिस तक पहुंच रही है। क्षेत्रफल और जनसंख्या की तुलना में अमेरिका से काफी बड़े ये देश सफाई-स्वच्छता और धुआ रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।

भारत और चीन अपनी गंदगी में समंदर में डाल रहे हैं जो बहकर लाॅस एंजेलिस तक पहुंच रही है। अपने संबोधन में टंप कथित ग्रेट पैसिफिक गार्बेज पैच (जीपीजीपी) का हवाला दे रहे थे। कहा जाता रहा है कि नौवाहनों की यह गंदगी समंदर के जरिए अमेरिका के हवाई और कैलिफोर्निया तक पहुंच रही है। इस गंदगी में फैक्टियों से निकली प्लास्टिक और केमिकल होते हैं। हालांकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह गंदगी भारत नहीं बल्कि चीन, वियतनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस से पहुंच रही है। जीपीजीपी का प्राथमिक स्त्रोत भारत नहीं है। ट्रंप ने अपने संबोधन में अमेरिका को जमीन का छोटा टुकड़ा बताया है जबकि यह दुनिया का चैथा सबसे बड़ा देश है। अमेरिका, भारत से चार गुना बड़ा है।

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यह पहली बार नहीं है जबकि ट्रंप ने प्रदूषण को लेकर भारत पर हमला बोला है। इससे पहले जून महीने में भी ट्रम्प ने भारत की आलोचना की थी। तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था, भारत, रूस और चीन जैसे दुनिया के बड़े देशों में हवा और पानी दोनों प्रदूषित हो चुके हैं। यह देश विश्व पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। ट्रंप ने कहा था, इन देशों में प्रदूषण और सफाई को लेकर कोई सोच नहीं है।http://www.satyodaya.com

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नीता अंबानी ने रचा इतिहास, दुनिया के सबसे बड़े आर्ट म्यूजियम के बोर्ड में शामिल

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लखनऊ। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को बुधवार को न्यूयॉर्क में मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के ट्रस्ट में चुना गया। वह संग्रहालय के 150 साल के इतिहास में ट्रस्टी की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय होंगी।

म्यूजियम के चेयरमैन डैनियल ब्रोडस्की ने नीता अंबानी के बोर्ड में शामिल होने की घोषणा की और कहा, ‘भारतीय कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने और प्रोत्साहित करने की नीता अंबानी की प्रतिबद्धता वास्तव में असाधारण है। उनके बोर्ड में शामिल होने से म्यूजियम की क्षमताओं में इजाफा होगा। नीता अंबानी का स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है।’

इस अवसर पर नीता अंबानी ने कहा कि,‘पिछले कई वर्षो से यह देखना सुखद रहा है कि भारतीय कलाओं के प्रदर्शन में मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट ने दिलचस्पी दिखाई है। म्यूजियम द्वारा वैश्विक मंचों पर भारतीय कला के समर्थन और रूचि ने मुझे प्रभावित किया है। यह हमारी प्रतिबद्धताओं से मेल खाता है। यह सम्मान मुझे भारत की प्राचीन विरासात के लिए मेरे प्रयासो को दोगुना करने में मदद करेगा।’

बता दें, रिलायंस फाउंडेशन भारत की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने और उनकी प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के प्रयास करता रहा है। नीता अंबानी विशेष रूप से भारत की कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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2017 में भी मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट ने एक खास कार्यक्रम में श्रीमती अंबानी को सम्मानित किया था। यह कार्यक्रम उन हस्तियों के सम्मान में किया जाता है जो कला की दुनिया में विविधता और समावेश को बढ़ावा देते हैं। श्रीमती अंबानी ‘द मेट्स इंटरनेशनल काउंसिल’ की भी सदस्य है। उन्हें 2017 में रिलायंस फाउंडेशन के काम के लिए भारत के राष्ट्रपति से प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार मिला था। 2016 में, फोर्ब्स ने उन्हें एशिया के 50 सबसे शक्तिशाली कारोबारी महिलाओं की लिस्ट में शामिल किया था। वह अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की सदस्य भी हैं और इस भूमिका को निभाने वाली वे पहली भारतीय महिला हैं।http://www.satyodaya.com

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November 16, 2019, 3:21 am
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