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यहां महिलाओं ने बच्चे न पैदा करने का लिया फैसला, वजह जान हो जाएंगे हैरान….

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जलवायु परिवर्तन

फाइल फोटो

नई दिल्ली। दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन को लेकर घोर चिंता जताई जा रही है। वहीं इस मुश्किल से बचने के लिए कई सारे पहलुओं पर विचार भी किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।ऐसे में जलवायु परिवर्तन के लिए काम करने वाले एक संगठन की महिलाओं ने एक ठोस कदम उठाने पर विचार किया है।  उन्होंने कहा है कि वह बच्चे नहीं पैदा करेंगी। क्योंकि वह नहीं चाहती उनके बच्चों को ग्लोबल वार्मिंग का डर सताए।  

ब्रिटेन के इस संगठन में शामिल महिलाओं ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन गंभीर समस्या बनती जा रही है। उन्हें दुनिया में सूखे, अकाल, बाढ़ और ग्लोबल वार्मिंग का डर सता रहा है।  ऐसे में वह चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की गुणवता बेहतर हो। उन्हें किसी भी प्रकार का डर न हो।  

अब दुनिया नहीं बची बच्चों के रहने लायक

ब्लाइथे पेपीनो इस संगठन की लीडर हैं।  उन्होंने पिछले साल के आखिर में बच्चा न पैदा करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, ‘मैं बच्चा नहीं चाहती हूं।दरअसल ये दुनिया बच्चों के रहने लायक नहीं बची है। ’

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इतना ही नहीं पोपीनो ने साल 2018 में ‘बर्थस्ट्राइक’ नाम से एक ग्रुप का गठन किया। इस संगठन से लगातार लोग जुड़ रहे हैं।  अब तक इस संगठन से 330 लोग जुड़ चुके हैं, जिसमें 80 फीसदी महिलाएं हैं।

बढ़ रहा ग्लोबल वार्मिंग का असर

आपको बता दें हिमालय के ग्लेशियरों पर ग्लोबल वॉर्मिंग के असर का आंकलन करने वाली एक टीम ने पाया है कि साल 2000 से 2016 के बीच हर साल ग्लेशियरों की औसतन 800 करोड़ टन बर्फ पिघल रही है। वहीं इस रफ़्तार से बर्फ पिघलने से जल्द ही सब कुछ तबाह हो जाएगा। वहीं इस दौरान खतरनाक आकड़ा कहता है कि इससे पहले के 25 सालों यानी 1975 से 2000 तक हर साल औसतन 400 करोड़ टन बर्फ पिघलती रही, लेकिन इसके बाद के 16 सालों में ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार दोगुनी हो चुकी है। http://www.satyodaya.com 

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तुर्की: एफ 35 विमान पर नीति में बदलाव करे अमेरिका

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नई दिल्ली। तुर्की ने रूस की हवाई सुरक्षा प्रणाली एस 400 को सक्रिय करने के संकेत दे दिए हैं। उसके बाद तुर्की ने कहा है कि अमेरिका एफ 35 लड़ाकू विमान को सौपने के अपने रुख के बारे में जल्द बदलाव नहीं करेगा। तो वह एस 400 प्रणाली को सक्रिय करने से पीछे नहीं हटेगा।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोगान ने हालांकि इस मामले पर उम्मीद जताई है कि अमेरिका के साथ यह मसला बातचीत के जरिए हल कर लिया जाएगा।

एर्दोगान ने मंगलवार को जस्टिस व डेवलपमेंट पार्टी के संसदीय समूह से कहा, “ द्विपक्षीय बातचीत में एस 400 को लेकर जारी विवाद को खत्म करने का प्रयास किया जायेगा। हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एस 400 सुरक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद को अधिकारीयों के जरिये खत्म करने की पूरी कोशिश करेंगे।”

उन्होंने कहा,“ एस 400 सुरक्षा प्रणाली को छोड़ देना या सक्रिय नहीं करने का कोई सवाल ही नहीं है। इस मामले का निवारण सच्चाई के माध्यम से किया जाना चाहिए।”
गौरतलब है कि तुर्की रुसी निर्मित एस 400 सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने पर विचार कर रहा है। सैन्य-तकनीकी सहयोग के लिए रूस की संघीय सेवा के प्रमुख दिमित्री शुगाव ने इसे लेकर कहा है कि एस-400 सुरक्षा के प्रणाली के संचालन प्रकिया को लेकर हम वर्ष के अंत तक तुर्की विशेषज्ञों को पूरी तरह से प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। यह प्रणाली अगले वर्ष वसंत ऋतु से पहले युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी।

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अमेरिका तुर्की की एस-400 सुरक्षा प्रणाली खरीदने के खिलाफ था। अमेरिका का कहना था कि नाटो सुरक्षा मापदंडो के आधार पर यह हथियार प्रणाली ‘अयोग्य’ है। इससे पांच जनेरेशन वाले एफ-35 लड़ाकू विमान के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। तुर्की ने रुसी एस-400 सुरक्षा प्रणाली खरीदने पर अमेरिका खासा नाराज हो गया था। जिसके बाद उसने इस वर्ष जुलाई में एफ-35 कार्यक्रम में तुर्की की सहभागिता को स्थगित करते हुए कहा था कि वह मार्च 2020 तक इस परियोजना से तुर्की को पूरी तरह बाहर कर देगा। वहीं रूस ने तुर्की को अपने लड़ाकू विमान एसयू-35 और एसयू 37 बेचने की इच्छा जताई है।http://www.satyodaya.com

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एससीओ प्रमुख: अफगानिस्तान में आतंकी खतरे से पड़ोसी देशों पर हमले की आशंका

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नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के प्रमुख व महासचिव व्लादिमीर नोरोव ने बताया कि अफगानिस्तान और उसके सीमावर्ती क्षेत्र में आतंकवादी खतरा चिंताजनक है। यह पूरे मध्य व दक्षिण एशियाई देशों में अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों को फैला सकता है।

नोरोव ने संयुक्त राष्ट्र-एससीओ की उच्च स्तरीय बैठक में मंगलवार को कहा,“अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में मौजूदा स्थिति काफी खतरनाक है। जिससे पड़ोसी और मध्य एशियाई देशों में आतंकवादी गतिविधियां और अस्थिरता फैलने के संभावित खतरे व्याप्त हैं।” उन्होंने कहा कि हाल ही में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का उज्बेकिस्तान के साथ सीमा पर एक ताजिक चौकी पर हमला इस खतरे की प्रासंगिकता की पुष्टि करता है।

ताजिक अधिकारियों के अनुसार छह नवंबर को ईशकोबोड चेकपॉइंट पर हुए हमले में आईएस के 20 आतंकवादी शामिल थे। ताजिक सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 15 आतंकवादी मारे गए, जबकि पांच अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

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अफगानिस्तान में सरकारी सुरक्षा बलों व कट्टरपंथी तालिबान आतंकवादियों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। तालिबान के अलावा यहां कई इलाकों में आईएस और अल कायदा से जुड़े संगठनों के आतंकवादी भी सक्रिय हैं। ये संगठन सुरक्षा बलों पर हमले करते रहते हैं। जिसमें कई सुरक्षाकर्मी व नागरिक मारे जा चुके हैं। अनेकों घायल हैं। यह हमला अब दूसरे देशों से जुड़ी सीमाओं पर स्थित सुरक्षा चौकियों पर भी हो रहा है।http://www.satyodaya.com

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ये कंपनी अपने कर्मचारियों को हर महीने देगी इतने लाख सैलरी, बस करना होगा ये काम

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नौकरियां

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नई दिल्ली। आपने दुनिया में ऐसी कई अनोखी नौकरियां देखी होंगी। स्कूबा डाइविंग पिज़ा डिलीवरी मैन (जो पानी में स्कूबा डाइविंग कर पिज़ा डिलीवर करता है), डॉग फूड टेस्टर (कुत्तों के खाने की क्वालिटी को चेक करने वाला शख्स) या फिर स्नेक मिल्कर (शख्स जो दवाइयां बनाने के लिए सांपों का दूध इकट्ठा करता है)। इसी तरह आज हम आपको एक ऐसी नौकरी के बारे बतायेंगे जिसे करने पर आपको काफी अच्छी सैलरी मिलेगी।

जी हां आपकी जॉब है गांजा सूंघने की, जिसके लिए शख्स को हर महीने कम से कम 2 लाख रुपये से ज्यादा सैलरी दी जाएगी। गांजे की समीक्षा करने वाली एक वेबसाइट AmericanMarijuana.org ऐसे लोगों की तलाश में है जो रोज़ाना गांजे को सूंघ कर उसकी क्वालिटी बता सकें। इस कंपनी के अनुसार ”इस काम के लिए सेलिब्रिटी और मरिजुआना की क्वालिटी बताने में एक्सपर्ट स्नूप डॉग से भी संपर्क किया था।”

वहीं कंपनी फाउंडर ड्विथ ब्लेक का कहना है, ”जो भी मार्केट में आएगा, वो सब कुछ शख्स को चेक करना होगा।’ इसी काम के लिए कंपनी हर महीने शख्स को 2 लाख से ज्यादा सैलरी और वीड से जुड़े गिफ्ट्स भी देगी। कंपनी के फाउंडर ड्विथ ब्लेक एक लाइंसेस्ड मेडिकल हेल्थ काउंसलर हैं। उनके मुताबिक ”गांजे से जुड़े प्रोडक्ट्स तरह-तरह के फॉर्म में होंगे जैसे कुछ को खाना होगा, तो कुछ को पीना भी होगा।”

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जानकारी के मुताबिक इस नौकरी के लिए शख्स की उम्र 18 साल से ऊपर की होनी चाहिए और वो अमेरिका या कनाडा का होना चाहिए, जहां गांजा स्मोक करना लीगल है। इतना ही नहीं इसके साथ ही इस नौकरी के लिए अपने रिज्यूम में इन बातों को लिखना होगा, जैसे – अपने बारे में छोटी बायोग्राफी, गांजे के लिए क्यों पैशेनेट हैं।इस टॉपिक पर 60 सेकेंड का वीडियो) और मरिजुआना के 6 निकनेम्स भी बताओ।http://www.satyodaya.com

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