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भारत ने कहा, ‘चीन भी जानता है कि आतंकवाद पाकिस्तान की धरती से पनपता है’

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पुलवामा टेरर अटैक के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने में भारत भले ही सफल न रहा हो, लेकिन भारत इसके लिए निरन्तर प्रयासरत है। भारत ने कहा, चीन भी जानता है कि आतंकवाद एक प्रमुख चुनौती है और यह पाकिस्तान की धरती से चल रहा है।

पाकिस्तान है आतंकवाद का पनाहगाह

सूत्र का कहना है ‘यूएनएससी में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने की मुहिम को वीटो से खारिज करने के चीन के फैसले से भारत निराश है। हम अभी भी प्रतिबंध समिति के सदस्यों के साथ कार्य कर रहे हैं। इससे बड़ा कोई और बयान नहीं हो सकता है कि यूएनएससी के आधे सदस्यों ने इस प्रस्ताव को प्रायोजित किया है। हम रुकने वाले नहीं है। हम आशावादी लोग हैं। चीन के पास इस बात की पर्याप्त जानकारी है कि यह संगठन पाकिस्तान में चीन के खिलाफ कार्य कर रहे हैं।’

भारत ने कहा ,हम आशावादी हैं

सूत्र के हवाले से भारत ने कहा कि हम धैर्य दिखाएंगे और पूरी तरह आशावादी हैं कि मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट के लिए नामित किया जाएगा। ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें चीन द्वारा पाक के साथ हल करना है। भारत को 14 सदस्यों का मजबूत समर्थन प्राप्त है। चीन भी जानता है कि आतंकवाद एक चुनौती है और वे ये भी जानते हैं कि यह पाकिस्तान की धरती से संचालित हो रहा है।

भारत हथियारों को लेकर चिंतित

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के सूत्रों का कहना है, ‘भारत ने हथियारों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। यूएस ने इसपर नोट लिया है और वास्तविक समय में अपनी स्थिति साझा करने के लिए भारत की सराहना की। पाकिस्तान की तरफ से अमेरका को कोई यह नहीं समझा पाया है कि भारत उसके लिए खतरा है।’

भारत अतंरराष्ट्रीय सत्यापन करवा सकता है

सूत्रों ने बताया कि भारत ने कहा है कि पाकिस्तान में कई भारतीय हैं। पाकिस्तान को उन भारतीयों को सौंप देना चाहिए जो भारत की वांछित सूची और अंतरराष्ट्रीय सूची में शामिल हैं। जैसे कि सैयद सलाहूदीद्दीन और दाऊद इब्राहिम। बहुत विशिष्ट विवरण साझा किए गए थें। यदि पाक को अभी भी लगता है कि भारत सत्यापन नहीं कर सकता है तो वह अतंरराष्ट्रीय सत्यापन करवा सकता है।http://www.satyodaya.com

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रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की बस से हुई जोरदार टक्कर, नौ की मौत 8 घायल….

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मैक्सिको

फाइल फोटो

मैक्सिको। दुनियाभर में सड़क हादसों का कहर लगातार जारी है। आए दिन लोगों की रोड एक्सीडेंट में मौत होती रहती है। इसी तरह मैक्सिको के क्युरेतारो राज्य के सैन जुआन डेल रियो शहर में शुक्रवार को एक बस को कार्गो ट्रेन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से 9 लोगों की मौत और 8 लोग जख्मी हो गए। जबकि इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 6 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों में बस का ड्राइवर भी है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

ये भी पढ़ें:इथियोपिया के ‘नेल्सन मंडेला’ हैं अबी अहमद, यूं ही नहीं बन गए ‘शांतिदूत’

राज्य के रक्षा विभाग के मुताबिक, हादसे की तस्वीरों से पता चलता है कि रेलवे क्रॉसिंग पर चेतावनी लिखी हुई थी। हादसे के वक्त बस रेलवे ट्रैक को क्रॉस कर रही थी, इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन से टकरा गई। हालांकि इस हादसे का शिकार हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका  जताई जा रही है।http://www.satyodaya.com

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इथियोपिया के ‘नेल्सन मंडेला’ हैं अबी अहमद, यूं ही नहीं बन गए ‘शांतिदूत’

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लखनऊ। प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले अबी अहमद अली को इथियोपिया का नेल्सन मंडेला कहा जाता है। सेना में खुफिया अधिकारी रह चुके अबी अहमद ने 80 के दशक में अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की। 2014 ओर 2015 के बीच वह मंत्री भी रहे। फरवरी 2018 में डेमोक्रेटिक पीपल आर्गेनाइजेशन ऑफ ओरम के अध्यक्ष बने। जबकि फरवरी 2018 में इथियोपियन पीपल्स रिवोल्यूशनरी फ्रंट के अध्यक्ष बने। अप्रैल 2018 में देश के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही अबी अहमद ने साफ कर दिया कि वह इरिट्रिया के साथ शांति वार्ता जारी रखेंगे। इसके लिए अबी ने गंभीर प्रयास भी किए।

अबी ने इरिट्रिया के राष्टपति इसाइस अफवर्की के साथ शांति वार्ता पर लगातार आगे बढ.ते रहे। अबी के प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि पिछले 22 साल से दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष का अंत हो गया। अबी अहमद और राष्ट्रपति इसाइस ने नो पीस, नो वार सिद्धांत पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने जुलाई और सितंबर 2019 में शांति समझौतों का ऐलान किया। इस सफलता ने अबी को अफ्रीका महाद्वीप का हीरो बना दिया। अबी को अब इथियोपियो का नेल्शन मंडेला तक कहा जाने लगा है।

यूं ही नहीं इथियोपिया के नेल्सन मंडेला बन गए अबी अहमद

अबी अहमद अफ्रीकी देशों में सबसे युवा राष्ट्राध्यक्ष हैं। नेल्सन मंडेला उनके आदर्श हैं। अबी मात्र 13 साल के थे जब दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्टपति रंगभेद के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। मंडेला के प्रति अबी की दीवानगी इसी बात से समझी जाती है कि वह नेल्सन मंडेला की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनते हैं। प्रधामंत्री बनते ही अबी अहमद ने देश में तेजी से सुधार प्रक्रिया शुरू की। प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन के अंदर उन्होंने देश से आपातकाल खत्म किया।

यह भी पढ़ें-इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को मिला 2019 का नोबेल शांति पुरस्कार

मीडिया को आजादी दी, जेलों में बंद विपक्षी नेताओं को रिहा किया। इतना ही नहीं अबी ने देश के बाहर निर्वासित जीवन बिता रहे विपक्षी नेताओं को भी अपने देश बुला लिया। इरिटिया के साथ अपने देश की शत्रुता खत्म करने के साथ ही अबी अहमद ने कई अंतरराष्टीय विवादों में भी मध्यस्थता की है।http://www.satyodaya.com

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इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को मिला 2019 का नोबेल शांति पुरस्कार

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नई दिल्ली। नोबेल का प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार इस बार इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को मिलेगा। शुक्रवार को नोबेल फाउण्डेशन ने उनके नाम का ऐलान किया। अली को नोबेल पुरस्कार उनके देश के कट्टर शत्रु देश इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने में ऐतिहासिक कामयाबी के लिए दिया जाएगा। नोबेल पुरस्कार कमेटी ने अबी अहमद अली के नाम का ऐलान करते हुए बताया, नबी को शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इथियोपिया और इरीट्रिया के बीच 22 साल पुराने युद्ध के अंत में अहम भूमिका निभाने के चलते अबी अहमद अली को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

बता दें कि भारत-पाकिस्तान की तरह ही इथियोपिया और इरीट्रिया के बीच शत्रुता थी। लेकिन अबी अहमद के प्रयासों से दोनों देशों के बीच 22 साल से चल रहे युद्ध का 2018 में अंत हो गया। 2019 के नोबेल पुरस्कार के नाम के लिए स्वीडिश की 16 वर्षीय जनवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग का नाम सबसे ऊपर था।

यह भी पढ़ें-विजयादशमी पर राजनाथ की शस्त्र पूजा का पाकिस्तानी सेना ने किया बचाव

सोशल मीडिया पर ग्रेटा के लिए कैंपेन भी चल रहा था। नोबेल शांति पुरस्कार के लिए जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल का नाम भी चल रहा था। लेकिन स्वीडिश एकेडमी ने सभी को चौकाते हुए इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के नाम का ऐलान कर दिया। बता दें कि इथियोपिया अफ्रीका का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला देश है। साथ ही यह पूर्वी अफ्रीका का का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भी है।http://www.satyodaya.com

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