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रेप के आरोपियों को नपुंसक बनाने के लिए लगाए जाएंगे इंजेक्शन…

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दुनिया में हैवानियत इस कदर बढ़ रही है कि इसका अंदाजा लगाना भी असंभव हो गया है। मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लाख कोशिशों के बावजूद भी पुलिस प्रशासन यौन अपराध की बढ़ती घटनों पर लगाम लगाने में नाकाम है।  इंसान के रुप में समाज में घूम रहे राक्षस से कैसे बचाए अपने मासूम बच्चों को, यह आज के लिए एक बहुत बड़ा सवाल है, और इसी बात को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के एक राज्य ने अहम फैसला किया हैं। रेप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को देखते हुए एक राज्य ने दोषियों को नपुंसक बनाने के लिए केमिकल के इस्तेमाल का फैसला किया है।

अमेरिका के अलाबामा में इसको लेकर नया कानून बनाया गया है। नए कानून के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ सेक्स अपराध करने वालों को नपुंसक बनाने के इंजेक्शन लगाए जा सकते हैं या दवा दी जा सकती है।

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कानून के मुताबिक, बच्चों के साथ सेक्स अपराध के दोषियों को पैरोल पर छोड़े जाने से पहले इंजेक्शन लगाए जा सकते हैं। इंजेक्शन की वजह से व्यक्ति का सेक्स ड्राइव घट जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंजेक्शन लगाने के बाद इसका असर हमेशा के लिए नहीं रहेगा। बल्कि कुछ वक्त तक ही इसका असर हो सकता है। पैरोल लेने से करीब एक महीने पहले से ये इंजेक्शन लगाए जाएंगे।

खास बात ये है कि इंजेक्शन का खर्च दोषी व्यक्तियों को ही देना होगा. इंजेक्शन नहीं लगवाने का फैसला करने वाले लोगों को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा। कोर्ट ही इस चीज को तय करेगा कि कब तक दोषी को इंजेक्शन लगाए जाने की जरूरत है।

अलाबामा में कानून बनाए जाने के साथ ही अब अमेरिका में 7 ऐसे राज्य हो जाएंगे जहां केमिकल कैस्ट्रैक्शन के इस्तेमाल का प्रावधान है। इनमें लूसिआना और फ्लोरिडा शामिल हैं। केमिकल कैस्ट्रैक्शन में टैबलेट या इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है।

इससे टेस्टोस्टिरोन का प्रॉडक्शन प्रभावित होता है और व्यक्ति का सेक्स ड्राइव कमजोर होता है। हालांकि, ट्रीटमेंट बंद होने के बाद इसका असर घटने लगता है। हालांकि, अमेरिकी सिविल लिबर्टी यूनियन ऑफ अलाबामा ने नए कानून की आलोचना की थी। यूनियन ने कहा था कि यह साफ नहीं है कि इस स्टेप का असल में कितना असर होता है। जब राज्य लोगों पर प्रयोग करता है तो यह संविधान के खिलाफ होता है।http://www.satyodaya.com

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डाक्टरों की कमी से जूझ रहा ब्रिटेन, भारतीय विशेषज्ञों को दो हफ्ते में मिलेगा वीजा

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नई दिल्ली। भारतीय डाॅक्टरों के लिए एक अच्छी खबर है। ब्रिटेन में स्वास्थ्य केंद्र में काम करने के लिए अब आसानी से वीजा मिल सकेगा। ब्रिटेन में भारतीय मूल की ब्रिटिश गृहमंत्री प्रीति पटेल ने वादा किया है कि वह ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए भारत जैसे देशों से आने वाले डाक्टरों के लिए प्रक्रिया आसान बनायी जाएंगी। यह बात पटेल ने आम चुनाव में प्रचार के दौरान कही। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वह 12 दिसंबर के चुनाव जीतती है। तो यह व्यवस्था लागू होगी।

बता दें कि ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से निकलने के बाद के बाद प्रवासियों की संख्या में संभावित गिरावट हो सकती है, जिसकी भरपाई ब्रिटेन इस तरह से करना चाहता है।

यह भी पढ़ें:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रविंद जगन्नाथ को संसदीय चुनाव में जीत की दी बधाई

पटेल ने कहा प्रस्तावित की गयी व्यवस्था में प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों को वीजा देने की प्रक्रिया मात्र दो हफ्ते में पूरा करने और मौजूदा वीजा शुल्क 50 फीसदी कम करने की बात कही गई है। काम करने वाले डाक्टरों को वीजा में प्राथमिकता दी जाएगी। http://www.satyodaya.com

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रविंद जगन्नाथ को संसदीय चुनाव में जीत की दी बधाई

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नई दिल्ली। मॉरीशस में हुए संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने जीत हासिल की है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रविंद जगन्नाथ को संसदीय चुनाव में जीत हासिल करने के लिए शनिवार को बधाई दी है।

यह भी पढ़ें:- अयोध्या फैसले की टाइमिंग पर पाकिस्तानी मंत्री ने उठाए सवाल, कहा कुछ ऐसा

प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ को जीत हासिल करने की बधाई। हमने माॅरीशस के साथ आपसी संबंधों और विकास की साझेदारी के साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने ने कहा कि मैं जल्द ही आपके साथ बात करने और इस साझेदारी को बढ़ाने का उत्सुक हूॅ। बता दें कि 2017 में उनके पिता के पद छोड़ने के बाद यह जिम्मेदारी प्रविंद जगन्नाथ ने संभाली थी। http://www.satyodaya.com

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अयोध्या फैसले की टाइमिंग पर पाकिस्तानी मंत्री ने उठाए सवाल, कहा कुछ ऐसा

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फाइल फोटो

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है। जबकि मुस्लिम पक्ष को कोर्ट ने अयोध्या में ही मस्जिद बनाने के लिए अलग जगह जमीन देने के लिए कहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से दिया है। अयोध्या मामले पर सिर्फ देश की ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की भी नजरें टिकी हुई थीं।

जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अयोध्या मामले पर फैसले की टाइमिंग को लेकर नाराजगी जाहिर की है। महमूद कुरैशी ने कहा कि जिस दिन करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन हो रहा है, उसी वक्त अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया जा रहा है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या अयोध्या मामले पर फैसले के लिए कुछ दिनों का इंतजार नहीं किया जा सकता था? इस तरह के खुशी के मौके पर असंवेदनशीलता देखकर मैं बेहद दुखी हूं।

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कुरैशी ने आगे कहा कि आपको इस खुशी के मौके में शामिल होना चाहिए था और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए थी। अयोध्या मामला संवेदनशील मुद्दा है और इसे आज खुशी के दिन का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए था।http://www.satyodaya.com

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