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चीन का ‘मोहरा’ बनकर अपने ही देश में घिरे केपी शर्मा ओली व इमरान खान

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लखनऊ। सीमा पर भारत के साथ टकराव बढ़ाकर न केवल अब चीन पछता रहा है, बल्कि उसका साथ देने पर नेपाल और पाकिस्तान की सरकारें अपने ही देश में घिर गई है। चीन के बहकावे में आकर भारत से बैर बढ़ाने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कुर्सी खतरे में आ गयी है। वहीं दूसरी तरफ भारत के पड़ोसी और सदाबहार दुश्मन देश पाकिस्तान की इमरान खान सरकार चीन का साथ देकर अपने ही देश में घिर गयी है। पाकिस्तान के विदेश विभाग ने इस चीन के साथ निकटता को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान को चेतावनी भी दी है।

नेपाल: खतरे में केपी शर्मा ओली की कुर्सी

केपी शर्मा ओली को उनकी ही नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार तक इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसा न करने पर पार्टी में फाड़ होने का अंदेशा भी बढ़ गया है। सियासी गहमा-गहमी के बीच शनिवार को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक रद्द कर दी गयी है। अब यह बैठक सोमवार को होगी। खबरों के मुताबिक सोमवार को होने वाली पार्टी की बैठक में ओली के भाग्य का फैसला होगा। खबरों के मुताबिक चीन का मोहना बन चुके केपी शर्मा ओली के खिलाफ पार्टी पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ सहित दूसरे प्रमुख नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। भारत विरोध रवैया अपनाने व चीन के हांथों देश की जमीन हड़प करवाने के लिए नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

ओली की कुर्सी बचाने के लिए खुलकर सामने आया चीन

खबरों के मुताबिक नेपाल में कम्युनिस्ट विचारधारा वाले प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कुर्सी बचाने के लिए चीन खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को नेपाल में चीन की राजदूत होउ यानिका ने नेपाल की राष्टपति से मुलाकात भी की है। खबरों के मुताबिक नेपाल को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने में होउ यानिका की बड़ी भूमिका है। वर्तमान हालात में भारत को घेरने के लिए होउ यानिका अपने सभी कूटनीतिक और राजनीतिक संबंधों का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। यानिका चीन के विदेश मंत्रालय की एशिया विंग में काम कर चुकी हैं। विदेश मंत्रालय की एशिया विंग में उप निदेशक रही है। पाकिस्तान में भी चीन के दूतावास में तैनात रह चुकी है।

पाकिस्तान के विदेश विभाग ने इमरान खान को दी चेतावनी

भारत के खिलाफ साजिशों में चीन का साथ देने पर पाकिस्तान के विदेश विभाग ने प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार को चेतावनी दी है। विदेश विभाग ने प्रधानमंत्री इमरान खान को दो टूक कहा दिया है कि यदि पाकिस्तान ने चीन का साथ नहीं छोड़ा तो उसे वैश्विक स्तर पर अलग-थलग होने के लिए तैयार रहना होगा। गलवान कांड के बाद चीन के इशारे पर लद्दाख सीमा पर अपनी फौज बढ़ाने वाले पाकिस्तान को वैश्विक महाशक्तियों के कोपभाजन कर शिकार होना पड़ेगा।

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पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस, विस्तारवादी नीतियों और अपनी हठधर्मिता के चलते चीन दुनिया भी के प्रमुख देशों के निशाने पर आ गया है। भारत के साथ तनाव बढ़ाने के चलते अब वैश्विक महाशक्तियां चीन को अलग-थलग करने के लिए कार्य कर रही हैं। पाकिस्तान ने अगर चीन का साथ नहीं छोड़ा तो उसे भी इन आर्थिक महाशक्तियों के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा।

बता दें कि चीन का समर्थन करने के चलते हाल ही में यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन ने पाकिस्तानी एयरलाइंस के विमानों के उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान ने यूरोपीय देशों के समझाने का काफी प्रयास किया कि उसके पास योग्य पायलट हैं, लेकिन इन देशों ने अपने फैसले को नहीं बदला।

गिलगित-बाल्टिस्तान में चीन-पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन

पाकिस्तान के बलूचिस्तान और गिलगित-बाल्टिस्तान में चीन और इमरान खान सरकार के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे में स्थानीय नागरिकों को कोई भागीदारी नहीं दी गयी है। जबकि यहां के संसाधनों को जमकर दोहन किया जा रहा है। चीन यहां की परंपराओं का भी सम्मान नहीं कर रहा है।

चीन का साथ छोड़ने को तैयार नहीं पाकिस्तान

हालांकि विदेश विभाग की चेतावनी के बावजूद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार चीन का साथ छोड़ने को तैयार नहीं है। बीते शुक्रवार को विदेशी मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपनी चीनी समकक्ष के साथ फोन पर वार्ता की। दोनों मंत्रियों की वार्ता का मुख्य केन्द्रबिन्दु भारत और एलएसी पर वर्तमान हालात रहे। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान ने एक बार फिर से वन चाइना पाॅलिसी का समर्थन किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश हांगकांग, ताइवान, तिब्बत और जिनझियांग में चीन का समर्थन करता है। उधर प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना और इंटेलिजेंस के वरिष्ठ अफसरों के साथ एक मीटिंग की है। जिसका एजेंडा भारत-चीन सीमा विवाद के इर्द-गिर्द ही रहा।http://www.satyodaya.com

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रूस का कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा, राष्ट्रपति की बेटी के शरीर में बनी एंटीबॉडीज

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दुनिया समेत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मांगा सबूत

लखनऊ। विश्व में कोरोना का कहर लगाता जारीहै। वैश्विक महामारी से बचने के लिए भारत, अमेरिका समेत तमाम देश मिलकर कोरोना वायरस से मुकाबला करने की रणनीति बना रहे हैं। वैश्विक संकट से निबटने के लिए कई तरीके अपनाए गए, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी हासिल नहीं हो पाई है। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के करीब 9 महीने बाद दुनियाभर के लिए एक राहतभरी खबर सामने आई है। रूस ने दावा किया है कि उसने कोरोना की वैक्सीन बना ली है।

वैक्सीन नाम स्पूतनिक-V रखा गया

रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने की रेस में बाजी मारते हुए मंगलवार को कोविड-19 की वैक्सीन बना लेने का ऐलान कर दिया। जिसका नाम स्पूतनिक-V रखा है और इसके इस्तेमाल को लेकर मंजूरी भी मिल गई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की घोषणा की, ‘हमने कोरोना की सुरक्षित वैक्सीन बना ली है और देश में रजिस्टर्ड भी करा लिया है। मगर रूस के इस दावे को दुनिया संदेह भरी निगाहों से देख रही है।

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WHO ने जताया आशंका

क्योंकि इस वैक्सीन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आशंका जताया है, कि इस वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि रूस ने अभी तक विकसित किए जा रहे कोरोना वैक्सीन के बारे में जानकारी नहीं है। WHO ने रूस को वैक्सीन के मामले में जल्दबाजी न दिखाने के लिए कहा है और उसके इस रवैये को खतरनाक भी बताया है।

बेटी के शरीर में बनी एंटीबॉडीज

उधर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा उनके वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की ऐसी वैक्सीन तैयार कर ली है जो कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ कारगर है। देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ पहला टीका विकसित कर लिया है जो कोविड-19 से निपटने में ‘बहुत प्रभावी’ ढंग से काम करता है और ‘एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता’ का निर्माण करता है। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया मैंने इस वैक्सीन का प्रयोग अपनी दो बेटियों में एक बेटी को पहली वैक्सीन लगवाई है और वह अच्छा महसूस कर रही है।

इस टीके का इंसानों पर दो महीने तक परीक्षण किया गया और ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है। वैक्सीन को तय योजना के मुताबिक रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय और रेग्युलेटरी बॉडी का अप्रूवल मिल गया है। इस वैक्सीन को सबसे पहले फ्रंटलाइन मेडिकल वर्कर्स, टीचर्स और जोखिम वाले लोगों को दिया जाएगा।http://www.satyodaya.com

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ट्रंप का आदेश: भारत के बाद अमेरिका में भी ‘Chinese App TikTok’ बैन

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दिनेश चावला

नई दिल्ली: अमेरिका ने टिकटॉक ऐप को खतरा बताते हुए बैन लगाने का आदेश दिय़ा है। बताया जा रहा है कि इस आदेश में कहा गया है कि 45 दिन के दौरान अमेरिकी क्षेत्राधिकार के अधीन बाइटडांस के साथ कोई भी लेन-देन नहीं किया जाएगा।

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अमेरिका ने भारतीय कार्रवाई का हवाला देते हुए आदेश में कहा, ‘भारत सरकार ने हाल ही में पूरे देश में TikTok और अन्य चीनी मोबाइल ऐप के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि वे डाटा चोरी कर रहे थे और उपयोगकर्ताओं के डेटा को अनधिकृत तरीके से उन सर्वरों में प्रसारित कर रहे थे जिनके भारत के बाहर के सर्वर हैं।’

पिछले महीने भारत टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बना था। भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध लगाया था। भारत ने 106 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत के इस कदम का ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी सांसदों ने स्वागत किया था।http://www.satyodaya.com

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Lebanon Blast:धमाके से 3 मंजिल तक उछलीं कारें, 73 की मौत और 4000 घायल

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Beirut Blast# लेबनान की राजधानी बेरूत में दो भीषण विस्फोट देखने को मिले, जिसमें अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4000 के करीब लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर भीषण विस्फोट के वीडियो और भयानक मंजर के फोटोज वायरल हो चुके हैं। बेरूत पोर्ट पर भंयकर धमाके के बाद लेबनान के राष्ट्रपति ने राजधानी बेरूत में दो हफ्ते की स्टेट इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। AFP न्यूज मुताबिक, लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने कहा कि पोर्ट में 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट का विस्फोट हुआ है।

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भारत की ओर से हेल्पलाइन नंबर किए गए जारी

बेरूत में धमाके के बाद लोगों से शांती बनाए रखने की अपील की गई है। वहीं, भारतीय एंबेसी ने बेरूत में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। बेरूत में हुए धमाकों को लेकर भारतीय दूतावास की तरफ से कहा गया है कि सभी संयम बनाए रखें। साथ ही अगर किसी भी भारतीय को मदद की जरूरत हो तो वो दूतावास के हेल्पलाइन नंबर 01741270, 01735922, 01738478 पर संपर्क कर सकते हैं।http://www.satyodaya.com

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August 13, 2020, 1:19 am
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