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भारत की चौतरफा कार्रवाई से दहशत में पाक, एफएटीएफ की समीक्षा इकाई से भारत को हटाने की मांग की

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फ़ाइल फोटो

इस्लामाबाद। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह करने के बाद से अब तक पाकिस्तान डर के साये में जी रहा है। पाकिस्तान को भारत से सिर्फ सैन्य कार्रवाई का ही डर नहीं है बल्कि वह भारत द्वारा लगाए व लगवाए जा रहे आर्थिक प्रतिबंधों से भी घबरा रहा है। भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद जहां पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा छीनकर आयात शुल्क 200 प्रतिशत कर दिया, वहीं भारत से होने वाली जरूरी वस्तुओं की पाक को आपूर्ति रोककर उसे करारा झटका भी दिया। इसी से घबराकर अब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनेंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से अनुरोध किया है कि भारत को संस्था के एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से हटाया जाए। पाकिस्तान का कहना है कि भारत के सह अध्यक्ष रहते पाकिस्तान को लेकर निष्पक्ष समीक्षा नहीं हो सकती है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने पेरिस स्थित संस्था एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंगसलीआ को भेजे एक पत्र में भारत के अलावा किसी अन्य सदस्य देश को एशिया पैसिफिक ज्वाइंट ग्रुप का सह अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए कहा है ताकि एफएटीएफ की समीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ हो। उमर ने अपने पत्र में लिखा है कि पाकिस्तान के प्रति भारत का द्वेष भाव जगजाहिर है और हाल में पाकिस्तान के वायु क्षेत्र का उल्लंघन और पाकिस्तानी क्षेत्र में बम गिराया जाना भारत के शत्रुतापूर्ण रवैया का एक और उदाहरण है। पाकिस्तान एशिया पैसिफिक ग्रुप का सदस्य है। एफएटीएफ के सामने एपीजी ने ही पाकिस्तान का पक्ष रखा है।

भारत के फाइनेंशन इंटेलिजेंस यूनिट के डायरेक्टर जनरल इस ग्रुप के सह अध्यक्ष हैं। उमर ने अपने पत्र में भारत द्वारा पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के इस समूह का सह अध्यक्ष होने से निष्पक्ष समीक्षा होना बेहद मुश्किल है। हमारा मानना है कि भारत पाक के प्रति जायज रवैया नहीं दिखाएगा। 18-22 फरवरी को हुई समीक्षा बैठक के दौरान एफएटीएफ ने पाया कि जनवरी 2019 तक पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ कार्रवाई में बेहद कम बढ़ोतरी की है। पाकिस्तान की कार्रवाई पर असंतुष्टि जताते हुए एफएटीएफ ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकी वित्तपोषण के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने अपने पत्र में एफएटीएफ के अध्यक्ष से मांग की है कि भारत को एफएटीएफ के मंच से पाक के खिलाफ राजनीतिक भाषण करने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। बता दें कि आतंक पर नकेल कसने में नाकामयाब रहे पाकिस्तान को एफएटीएफ ने ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा था। यह फैसला अब अक्टूबर तक जारी रहेगा, इस दौरान पाकिस्तान आतंकी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करता है तो उसे लिस्ट से हटाने पर विचार किया जा सकता है। एफएटीएफ की मीटिंग से ठीक पहले पाकिस्तान ने हाफिज सईद के आतंकी संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इनसानियत को बैन कर आतंक के खिलाफ कार्रवाई का मैसेज देने का प्रयास किया था। लेकिन पाक का यह दांव भी काम नहीं आ सका। एफएटीएफ ने यह भी कहा था कि अक्टूबर, 2019 तक यदि पाकिस्तान उसकी 27 मांगों पर काम नहीं करता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इस दौरान भारत ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को आतंकी संगठनों को फाइनेंस करने की जानकारी देनी चाहिए।    http://www.satyodaya.com

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कोलंबो ब्लास्टः पहले ही मिल गए थे हमले के इनपुट

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श्रीलंका के चर्च में सीरियल ब्लास्ट के पीछे मुस्लिम संगठन पर शक की सुई

कोलंबो। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक श्रीलंका सरकार को इस संभावित हमलों के बारे में पहले से ही सूचना मिल चुकी थी लेकिन सुरक्षा एजेंसियोें की एक चूक सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान पर भारी पड़ गयी। श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले किसी बड़े हमले का इंटेलीजेंस इनपुट दिया था। इनपुट में कहा गया था कि फिदायीन हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते हैं। गल्फ न्यूज ने एएफपी के हवाले से यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। श्रीलंका के इतिहास में यह सबसे भयानक हमलों में से एक है। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये धमाके स्थानीय समयानुसार आठ बजकर 45 मिनट पर ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी, पश्चिमी तटीय शहर नेगेंबो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं तीन अन्य विस्फोट पांच सितारा होटलों- शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए।

यह भी पढ़ें-कोलंबो में मुंबई जैसा सीरियल ब्लास्ट, हमले में अब तक 200 से ज्यादा की मौत, 400 से ज्यादा घायल

पुलिस प्रमुख पुजुथ जयसुंदर ने 11 अप्रैल को देश के आला पुलिस अधिकारियों को इनपुट भेजा था जिसमें हमले के प्रति आगाह करने की बात कही गई थी। इंटेलीजेंस अलर्ट में एक विदेशी इंटेलीजेंस एजेंसी का भी इनपुट जोड़ा गया था और कहा गया था कि नेशनल तौहीत जमात (एनटीजे) नामक संगठन श्रीलंका के कुछ अहम गिरजाघरों को निशाना बनाने की फिराक में है। इस संगठन के निशाने पर कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त भी था। इनपुट में ऐसी जानकारी दी गई थी। गौरतलब है कि जिस एनटीजे का नाम श्रीलंका के धमाके में उछला है, वह कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। पिछले साल भी यह संगठन सुर्खियों में आया था जब वहां कुछ बौद्ध धर्मस्थलों पर हमला किया गया था। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है। श्रीलंका में पूर्व में लिट्टे (एलटीटीई) ने कई हमले किए हैं। हालांकि 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया।

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा, ‘मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं। सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने ट्वीट किया, विस्फोट आज कोलंबो और बट्टिकलोवा में हुए। हम स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता और मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं- ़94777903082, ़94112422788, ़94112422789।http://www.satyodaya.com

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कोलंबो में मुंबई जैसा सीरियल ब्लास्ट, हमले में अब तक 200 से ज्यादा की मौत, 400 से ज्यादा घायल

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ईस्टर संडे के मौके पर तीन प्रमुख चर्च और तीन होटलों में सिलसिलेवार तरीके से किए गए छह धमाके, बाद में दो जगह और हुआ ब्लास्ट 

कोलंबो। मार्च 1993 में भारत के मुंबई शहर में हुए सीरियल बम धमाकों को याद कर देश आज भी सिहर उठता है। ठीक वैसा ही वाक्या रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबों में दोहराया गया। ईस्टर संडे के मौके पर रविवार सुबह तीन प्रमुख चर्चों और तीन प्रमुख होटलों में महज कुछ घण्टों के अंदर सिलसिलेवार तरीके से आठ धमाके कर सैकड़ों लोगों को मौत की नींद सुला दिया गया जबकि घायलों की तादात भारी भरकम है। मान्यता है कि ईस्टर संडे को ईसा मसीह पुनर्जीवित हुए थे लेकिन आतंकियों ने इसी दिन को खूनी खेल के लिए चुना। इस बीच श्रीलंका के रक्षा मंत्री ने बम धमाकों से जुड़े 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।

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हमले के बाद से ही श्रीलंका में अफरा-तफरी और भय का माहौल है। कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल ने अब तक 185 लोगों के मौत की पुष्टि की है। वहीं, हमले में 440 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कोलंबो अस्पताल के मुताबिक हादसे में नौ विदेशी नागरिकों की मौत हो गई है। वहीं कुछ खबरों के मुताबिक धमाके में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन बम धमाकों की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। श्रीलंका ही नहीं पूरी दुनिया में हाल के वर्षों में यह सबसे बड.ा सुनियोजित हमला है। बता दें कि ईस्टर संडे ईसाई कैलेडर में एक बड़ा पर्व होता है और इस मौके पर चर्चों में बड़े पैमाने पर प्रार्थनाएं आयोजित होती है। सेंट एंथोनी और अन्य चर्चों में हजारों लोग #Colombo ईस्टर की प्रार्थना के लिए एकत्रित हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया को बताया कि धमाके के बाद उसने बहुत सारे शवों को एक के ऊपर एक बिखरे देखा।

6 धमाकों के बाद प्रशासन अफरातरफरी के बीच किसी तरह बचाव में जुटा ही था कि चिड़ियाघर के सामने एक होटल में सातवें धमाके की खबर मिली। यही नहीं इसके कुछ देर बाद दोपहर करीब तीन बजे आतंकियों ने एक आवासीय परिसर में आठवां धमाका किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आत्मघाती बम विस्फोट था। एक इमारत में पुलिसकर्मी जब जांच के लिए घुसे थे, उसी दौरान आतंकियों ने खुद को बम विस्फोट से उड़ा लिया, जिसमें 3 पुलिसकर्मी मारे गए।

पुलिस ने कहा कि कोलंबो में सेंट एंथनी चर्च, नौगोंबो में सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोबा में एक चर्च को निशाना बनाया गया। इसके अलावा होटल शांग्री-ला, सिनामोन ग्रैंड और किंग्सबरी में भी धमाका हुआ है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने लोगों से जांच में सहयोग करने की भी अपील की। राष्ट्रपति ने अधिकारियों को जांच करने और हमलावरों को खोजने का आदेश दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।

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वहीं श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघेने कहा कि मैं आज हमारे लोगों पर कायरतापूर्ण हमलों की कड़ी निंदा करता हूं। मैं इस दुखद समय में सभी श्रीलंकाई लोगों को एकजुट और मजबूत रहने का आह्वान करता हूं। कृपया अटकलों के प्रचार से बचें। सरकार इस स्थिति को रोकने के लिए तत्काल कदम उठा रही है। धमाके में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बीच प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने आपात बैठक बुलाई है। श्रीलंका के इकोनॉमिक रिफॉर्म्स एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मिनिस्टर हर्षा डिसिल्वा ने कहा कि भयानक दृश्य। आपातकालीन दल पूरी ताकत से सभी स्थानों पर हैं। हम कई घायलों को अस्पताल ले गए। उम्मीद है कि कई लोगों की जान बच गई होगी। वहीं सेना ने 200 सैनिकों को इलाके में तैनात कर दिया है। धमाके के बाद शहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। श्रीलंका एक टूरिस्ट वाला स्थान है, दुनिया भर से हजारों लोग यहां हर वर्ष घूमने के लिए आते हैं।#SriLanka

श्रीलंका के वित्त मंत्री मंगला समरवीरा ने ट्वीट किया है, चर्चों और होटलों में ईस्टर संडे बम धमाकों में निर्दोष लोग मारे गए हैं और ऐसा लगता है कि हत्या, अफरा तफरी और अराजकता फैलाने के लिए इसे बहुत व्यस्थित तरीके से अंजाम दिया गया है। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और विपक्षी नेता महिंदा राजपक्षे ने धमाकों की निंदा करते हुए इसे अमानवीय करार दिया है। कोलंबों में हुए इस भीषण सामूहिक नरसंहार पर भारत के राष्टपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्रीलंका हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत श्रीलंका में हुए आतंकी हमलों की निंदा करता है और देश के लोगों और सरकार को अपनी संवेदना प्रदान करता है। ऐसी हिंसा का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। हम श्रीलंका के साथ पूर्ण एकजुटता से खड़े हैं।#Colombo

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार धमाकों की निंदा करते हुए कहा कि श्रीलंका में हुए भयावह विस्फोटों की निंदा करता हूं. हमारे क्षेत्र में इस प्रकार की बर्बरता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत एकजुटता से श्रीलंका के लोगों के साथ है। मोदी ने कहा, मारे गए लोगों के परिजन के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं तथा घायलों के लिए हमारी प्रार्थनाएं हैं। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया है, मैं कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त से लगातार सम्पर्क में हूं। स्थितियों पर हम करीब से नजर रखे हुए हैं।#EasterSunday

गृहयुद्ध की समाप्ति के बाद हिंसक घटनाओं पर लगी थी लगाम

बता दें लिस्टे के खात्मे के बाद भारत के इस पड़ोसी देश में बड़ी हिंसक घटनाओं पर लगाम लग गयी थी। गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद छिटपुट हिंसा की घटनाएं होती रही हैं। हाल ही में बहुसंख्यक सिंघला बौद्ध और मुसलमानों के बीच टकराव चरम पर पहंुच गया था जिसके चलते मार्च 2018 में इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी थी। फरवरी 2018 में भारत आए श्रीलंका के चीफ ऑफ डिफेंस, एडमिरल आर सी विजेगुनारतने ने इंडो-पैसेफिक डायलॉग में दावा किया था कि श्रीलंका दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है, जिसने आतंकवाद को पूरी तरह से अपनी धरती से उखाड़ पाने में कामयाबी पाई है। हालांकि उनका इशारा लिट्टे की तरफ था और आज हुए बम धमाकों की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है।

जब ऐसे ही हमले से कांप उठी थी मुंबई

12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार 12 जगहों पर हुए धमाकों में 257 लोग मारे गए थे जबकि 713 लोग घायल हुए थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सेंज की 28-मंजिला इमारत की बेसमेंट में दोपहर 1.30 बजे धमाका हुआ जिसमें लगभग 50 लोग मारे गए थे। दूसरा धमाका-दोपहर 2.15 बजे, नरसी नाथ स्ट्रीट, तीसरा धमाका-दोपहर 2.30 बजे, शिव सेना भवन, चैथा धमाका-दोपहर 2.33 बजे,एयर इंडिया बिल्डिंग, पाँचवा धमाका-दोपहर 2.45 बजे,सेंचुरी बाजार, छठा धमाका-दोपहर 2.45 बजे,माहिम, सातवाँ धमाका-दोपहर 3.05 बजे, झावेरी बाजार, आठवाँ धमाका-दोपहर 3.10 बजे,सी रॉक होटल, नौवाँ धमाका-दोपहर 3.13 बजे,प्लाजा सिनेमा, दसवाँ धमाका-दोपहर 3.20 बजे,जुहू सेंटूर होटल, ग्यारवाँ धमाका-दोपहर 3.30 बजे,सहार हवाई अड्डा और बारहवाँ धमाका-दोपहर 3.40 बजे,एयरपोर्ट सेंटूर होटल में हुआ था। इसके आधे घंटे बाद एक कार धमाका हुआ और अगले दो घंटे से कम समय में कुल 13 धमाके हो चुके थे। इन धमाकों से मुंबई ही नहीं पूरा देश थर्रा उठा था। इन हमलों में करीब 27 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। 4 नवंबर 1993 में 10,000 पन्ने की 189 लोगों के खिलाफ प्रार्थमिक चार्जशीट दायर की गई थी। अंडरवल्र्ड डाॅन दाऊद इब्राहिम, याकूब मेनन और अभिनेता संजय दत्त को दोषी करार दिया गया था। http://www.satyodaya.com

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‘हमारे चर्च में हमला हुआ है, कृपया आए मदद करें’, प्रार्थनासभा के दौरान हुआ विस्फोट, कोलंबो में 6 जगह हुआ सीरियल ब्लास्ट…

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अन्य जगह पर भी हो सकता है ब्लास्ट

कोलंबो। ईस्टर के पावन मौके पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो सहित करीब 6 जगह सीरियल ब्लास्ट। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो 3 चर्च और 3 होटल के अंदर धमाके हुए हैं। श्रीलंका सरकार थोड़ी देर बाद इन धमाकों को लेकर आधिकारिक बयान जारी करेगी।

श्रीलंका के दो गिरजाघरों में ईस्टर प्रार्थनासभा के दौरान विस्फोट किया गया है। चर्च में हुए विस्फोट में कम से कम 80 लोग घायल हो गये हैं। ये बम धमाके उस वक्त किये गये जब ईस्टर की प्रार्थना के लिए लोग चर्च में एकत्रित हुए थें। प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गयी है कि वे घर में ही रहें। आशंका जतायी जा रही है कि हमलावरों ने अन्य जगहों पर भी बम प्लांट करके रखे हैं।

जानकारी के अनुसार अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है 200 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बाकी जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया है और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेकेरा ने बताया कि यह विस्फोट स्थानीय समयानुसार आठ बजकर 45 मिनट पर ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान रविवार को हुआ। उन्होंने बताया कि इनमें से एक विस्फोट कोलंबो के कोचचीकाडे के सेंट एंथनी गिरजाघर में हुआ। कटुवापितियूत्या के सेंट सेबास्टियन चर्च से किये गये एक फेसबुक पोस्ट में लिखा गया, ‘‘हमारे गिरजाघर पर बम हमला , कृपया आएं और मदद करें”।

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श्रीलंका ब्लास्ट पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बयान भी आ गया है। उन्होंने बताया कि वह लगातार कोलंबो में मौजूद भारतीय हाई कमिश्नर के संपर्क में हैं और स्थिति पर उनकी पूरी नजर है। श्रीलंका में मौजूद हाई कमिश्नर ने ट्वीट किया कि वह स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये हैं। श्रीलंका में किसी भी तरह की मदद के लिए भारतीय +94777903082, +94112422788, +94112422789 पर कॉल कर सकते हैं।

फिलहाल कोलंबो में हुए इन हमलों की अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने जानकारी नहीं ली है।http://www.satyodaya.com

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