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भारत के खिलाफ नापाक साजिश रच रहा पाकिस्तान, आतंकी मसूद अजहर को चुपके से किया रिहा

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जम्मू-कश्मीर

फाइल फोटो

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। ऐसे में वह एक बार फिर भारत में अपने नापाक हरकतों को अंजाम देने के फ़िराक में जुटा हुआ है। वहीं इस मामले में आईबी का भी कहना है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ कोई बड़ी साजिश रच रहा है और आतंकी गतिविधियों का संचालन करने के लिए उसने एक वांछित आतंकी को रिहा किया है। यह जानकारी मामले से परिचित दो अधिकारियों ने दी है। 

आईबी के इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान सियालकोट-जम्मू और राजस्थान के सेक्टर में आने वाले दिनों में कुछ बड़ा करने की योजना बना रहा है। वह ऐसा सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने की वजह से करने वाला है। इतना ही नहीं पाक अपनी योजना को अंजाम देने के तहत ही राजस्थान सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की है।

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जानकारी के मुताबिक सीमा सुरक्षा बल और जम्मू और राजस्थान में तैनात सेना की टुकड़ियों को बता दिया गया है। जिससे पाक कोई भी हरकत करे उससे पहले उसे जवाब मिल जाए। भारतीय जवानों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को धमकी देते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत सरकार के कदम पर उसे जवाब दिया जाएगा।

इतना ही नहीं इमरान खान ने शुक्रवार को भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव पर कहा था कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन दुश्मन को पूरी तरह से जवाब देने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान अपने दुश्मन देश के साथ फिर से उसी तरह की स्थिति का सामना कर रहा है। दुश्मन देश नियंत्रण रेखा पर आक्रामकता दिखा रहा है और कश्मीर की स्थिति बदल रही है। उनसे पहले पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर बाजवा ने कहा कि वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने चुपके से जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को जेल से रिहा कर दिया है। जिसके बाद अजहर खुलेआम अपने आंतंकी संगठन के साथ मिलकर भारत पर आतंकी हमले की योजना बना रहा है। http://www.satyodaya.com

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कोरोना संकट के बीच अमेरिका में भड़की हिंसा, 40 शहरों में लगा कर्फ्यू

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वाशिंगटन डीसी सहित 15 राज्यों में 5 हजार नेशनल गार्ड तैनात

लखनऊ। कोरोना संकट के बीच अमेरिका में हिंसा की आग भड़क उठी है। एक अश्वेत व्यक्ति जार्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया है। वाशिंगटन डीसी सहित अमेरिका के 40 शहरों में सैकड़ों अश्वेत नागरिकों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और हिंसक प्रदर्शन करने लगी। खबरों के मुताबिक सरकार ने हिंसा से निपटने के लिए प्रभावित सभी 40 शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। दंगाइयों को काबू में करने के लिए 15 राज्यों व वाशिंगटन डीसी 5 हजार नेशनल गार्डों को तैनात किया गया है।

अमेरिका में इस हिंसा की आग 25 मई को जार्ज फ्लॉयड नाम के एक अश्वेत व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के बाद भड़की। घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। जिसमें एक श्वेत पुलिसकर्मी जार्ज फ्लॉयड को नीचे गिराकर काफी देर तक उसकी गर्दन पर पैर रखकर पिटाई की। फ्लॉयड इस दौरान मदद के लिए चिल्लाता रहा और आखिर में उसकी मौत हो गई। अश्वेत फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। फ्लॉयड की मौत के बाद एक बार फिर अमेरिका में नस्लभेद की आग भड़क उठी।

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बता दें कि अमेरिका पिछले दो महीने से कोरोना महामारी से जूझ रहा है। अब तक 1 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि संक्रमित लोगों की संख्या लाखों में है। कोरोना ने दुनिया भर में सबसे ज्यादा अमेरिका में ही कहर बरपाया है।http://www.satyodaya.com

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नेपाल ने संसद में पेश किया देश का नया नक्शा, भारतीय सीमा पर तैनात करेगा सेना

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नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा विवाद का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि नेपाल और भारत के बीच सीमा विवाद शुरू हो गया है। नेपाल संसद में नए नक्शे के लिए बिल पेश हो गया है। जिसमें भारत के हिस्से में रहे कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना बताते हुए उस हिस्से को समेट कर नया नक्शा जारी किया है। वहीं नेपाल सरकार ने देश में प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से ही एंट्री देने का फैसला किया है। भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दी है। जो यह पहली बार होने जा रहा है।

बता दें कि नेपाल-भारत के बीच करीब 1700 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं। अभी तक नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों को बिना रोक-टोक आने जाने की अनुमति थी। जिस दिन नेपाल सरकार ने भारतीय क्षेत्रों को मिलाकर अपना नया नक्शा जारी किया था। यह निर्णय उसी समय ले लिया गया था। लेकिन सरकार ने एक हफ्ते तक इस निर्णय को छिपा कर रखा। राजपत्र में प्रकाशित करने के बाद इसे सार्वजनिक किया गया है।

नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की कैबिनेट ने सीमा विवाद को लेकर भारत से टकराव के मूड में सीमा व्यवस्थापन और सुरक्षा के नाम पर सख्ती दिखाते हुए भारत से लगी 20 सीमाओं को छोड़कर बाकी सभी को बन्द करने का निर्णय किया है। वहीं भारत के तरफ सीमा की निगरानी एसएसबी करती थी जब कि नेपाल की तरफ से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। नेपाल के हर सीमावर्ती जिलों में सैन्य बैरक होने के बावजूद सीमा की निगरानी या सुरक्षा के नाम पर सेना को बॉर्डर पर कभी नहीं भेजा गया था।

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प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव नारायण बिडारी ने कहा कि कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि भारत से आने वाले लोगों को अब सिर्फ 20 सीमा गेट से ही आने की इजाजत मिलेगी। नेपाल के 22 जिलों की सीमा भारत से जुड़ी है। सरकार ने सिर्फ 20 जिलों के लिए एक-एक एंट्री प्वाइंट तय किए हैं। वहीं नेपाल सरकार के निर्णय से सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जो व्यापार और रोजगार के लिए लाखों की संख्या में हर रोज सीमा आर-पार करते हैं। अब नेपाल में वैध आईडी कार्ड के साथ ही एंट्री मिलेगी।http://www.satyodaya.com

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ट्रम्प ने टाली जी-7 की बैठक, कहा- भारत को भी देंगे न्यौता

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चीन विरोधी देशों को जी-7 में जुटाएंगे अमेरिकी राष्टपति

लखनऊ। अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के 7 सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के संगठन जी-7 की बैठक सितंबर तक के लिए टाल दी है। ट्रम्प ने भारत समेत चीन के धुर विरोधी देशों को भी इसमें शामिल करने का संकेत दिया है। गु्रप-7 का सम्मेलन जून महीने में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाला था। लेकिन आखिरी वक्त में ट्रम्प ने इसे स्थगित कर दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐलान किया है कि सितंबर में होने वाली जी-7 बैठक में भारत, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को भी शामिल होने का न्यौता दिया जाएगा।

संवाददताओं के साथ एक संक्षिप्त वार्ता में ट्रम्प ने जी-7 को जी-10 या जी-11 कहकर संबोधित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, मुझे नहीं लगता कि जी-7 उसका सही तरीके से प्रतिनिधित्व करता है। ये समूह अब पुराना पड़ गया है।

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बता दें कि कोरोना संकट के बाद से ही राष्ट्रपति ट्रम्प चीन के खिलाफ आक्रामक हैं। ट्रम्प का आरोप है कि चीन ने इस महामारी की सही जानकारी समय रहते दुनिया के साथ साझा नहीं की। जिससे अमेरिका सहित पूरी दुनिया को भयंकर संकट का सामना करना पड़ रहा है। चीन को सबक सिखाने के लिए अमेरिका को भारत के सहयोग भी जरूरत है। इसीलिए राष्ट्रपति ट्रम्प भारत के समर्थन में कई बयान दे चुके हैं।

जी-7 में शामिल देश

बता दें कि जी-7 दुनिया के ऐसे 7 देशों का एक समूह है, जिन्हें सबसे ज्यादा विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्थाएं माना जाता है। इसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं। http://www.satyodaya.cpm

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