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खेलने-कूदने की उम्र में ये 9 साल का बच्चा लेगा इंजीनियरिंग की डिग्री, फिर करेगा Phd

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फाइल फोटो

नई दिल्ली। दुनिया में ऐसे कई बच्चों के बारे में सुना होगा जो ऐसा काम कर जाते हैं। जिसके बारे में सुनकर हैरान हो जाएंगे। सोचिए अगर आपके आस-पास कोई महज 5 साल का बच्चा रहता हो और उसके माता-पिता बोलें इसने 10 पास कर लिए तो आप हैरान हो जाएंगे। जी हां इसी तरह बेल्जियम में एक 9 साल का बच्चा इतनी कम उम्र में ग्रेजुएशन की डिग्री लेने वाला है। जिसके बारे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। यह बच्चा डिग्री को हासिल करने के लिए वह पूरी तरह से तैयार है। ऐसे में चलिए जानते हैं कौन हैं ये बच्चा और क्या है इसका आगे का प्लान। बेल्जियम में रहने वाले इस बच्चे का नाम लॉरेंट सिमोंस  हैं। वह आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (TUE) में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

9 साल के बच्चे के लिए इंजीनियर जैसा कोर्स काफी मुश्किल है, लेकिन लॉरेंट दिसंबर में इस कोर्स को कंप्लीट करके इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर लेगा। लॉरेंट इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद प्लान पीएचडी करने का है। जबकि उनके पिताजी ने बताया कि वह मेडिकल भी डिग्री लेना चाहता है।

लॉरेंट के माता- पिता ने कहा जब ये पैदा हुआ था तो उनके दादा- दादी ने कहा कि हमें भगवान ने बेटे के रूप में तोहफा दिया है। जब स्कूल में पढ़ने के दौरान शिक्षकों ने लॉरेंट की तारीफ की तो हमें भी लगने लगा कि इस बच्चे में कुछ अलग बात है। शिक्षकों ने लॉरेंट में बहुत कुछ खास देखा।

लॉरेंट के माता- पिता से लेकर शिक्षक सब हैरान थे कि इतनी कम उम्र का बच्चा पढ़ने में इतना ज्यादा तेज कैसे हो सकता है। ऐसे में उनकी मां ने बताया कि “जब ये पैदा होने वाला था तो मैंने मछली खूब खाई थी।”

जानकारी के मुताबिक इतनी कम उम्र में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के लिए लॉरेंट को आइंडहोवन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय  से अनुमति मिल गई है। वहीं टीयूई स्नातक की डिग्री के शिक्षा निदेशक सॉज़र्ड हल्शोफ़ ने कहा कि “यह असामान्य नहीं है,”।

उन्होंने कहा “लॉरेंट सभी बच्चों में सबसे तेज स्टूडेंट हैं।जिसे हमने कभी यहां रखा है,” वह  न केवल बुद्धिमान है, बल्कि एक बहुत ही सहानुभूति वाला लड़का भी है।”

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लॉरेंट से जब उसके पसंदीदा विषय के बारे में बात की गई तो उसने बताया इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग उसका फेवरेट सब्जेक्ट है और वह आगे जाकर मेडिसिन के बारे में पढ़ना चाहता है। उनके पिता ने कहा ये वक्त लॉरेंट का अपनी नॉलेज को बढ़ाने और नई चीजों कि डिस्क्राइब करने का है।http://www.satyodaya.com

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म्यांमारः कचिन प्रांत में भूस्खलन ने मचाई तबाही, 113 लोगों की मौत, कई लापता

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नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना के कहर से हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच भारी बारिश से भूस्खलन ने म्यांमार में भारी तबाही मचा दी है। इस तबाही में 113 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं कई लापता है। उत्तरी म्यांमार के कचिन प्रांत में भारी बारिश के कारण गुरुवार सुबह जमीन धंस गई। इस हादस में 113 मजदूरों की मौत हो गई है। जबकि कई अन्य मलबे में दबे हुए हैं। म्यांमार फायर ब्रिगेड ने जानकारी दी है कि अभी 113 शवों को मलबे से निकाला गया है जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।

सूचना मंत्रालय के एक स्थानीय अधिकारी टार लिन माउंग ने कहा कि अभी तक हमने 100 से अधिक शव बरामद किए हैं। अभी और शव कीचड़ में फंसे हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने वाली है। इस इलाके में पिछले एक हफ्ते से भारी बारिश हो रही है जिससे बचाव कार्य में भी परेशानी पैदा हो रही है। वहीं एक बचावकर्मी ने बताया कि 304 मीटर से अधिक ऊंची चट्टान ढह गई। बारिश के कारण पानी भर जाने के बाद ये भूस्खलन हुआ। अग्निशमन सेवा विभाग के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई है।

जानकारी के अनुसार जेड की इन खदानों में पहले भी भूस्खलन से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के वक्त मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने देखा कि कुछ लोग मलबे पर मौजूद थे जो ढहने की कगार पर था। देखते ही देखते थोड़ी देर में पहाड़ी से पूरा मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा। जिसकी चपेट में आने से लोग मारे गए। जेड की भूमि से जाना जाने वाला कचिन राज्य में घातक भूस्खलन अक्सर होता है। कई स्थानीय लोग इस क्षेत्र में जीवन यापन करते हैं। ज्यादातर भूस्खलन बांधों के आंशिक रूप से गिरने के कारण होते हैं।

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म्यांमार में एक साल पहले भी ऐसा हादसा हो चुका है। जिसमें 59 लोगों की जान चली गई थी। जबकि मलबे की चपेट में आने से सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए थे। वहीं नवंबर 2015 में इस क्षेत्र में हुए एक बड़ा भूस्खलन में कम से कम 116 लोगों की मौत हो गई थी। बता दें कि म्यांमार में दुनिया में सबसे अधिक जेड पत्थर या हरिताश्म यानी हरे रंग के कीमती रत्न पाए जाते हैं। म्यांमार हर साल जेड पत्थरों का लगभग 30 अरब डॉलर का कारोबार करता है।http://www.satyodaya.com

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पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर आतंकी हमला, चार आतंकी ढेर, अन्य सात लोग घायल

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लखनऊ। पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज पर सोमवार सुबह को आतंकी हमला हुआ। सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की इमारत में चार आतंकी घुसे और अंधाधुंध फायरिंग की। जिसमें चार आतंकियों समेत कुल 9 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में एक पुलिस इंसपेक्टर और चार सिक्योरिटी गार्ड्स भी शामिल हैं। सात लोग घायल हैं। जिसमें से चार की हालत गंभीर है।​​

जानकारी के अनुसार आतंकियों ने एंट्रेंस गेट पर हैंड ग्रेनेड फेंका। वे अंदर घुसना चाहते थे, लेकिन ट्रेडिंग हॉल या बिल्डिंग में दाखिल होने में कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद आतंकवादियों ने रेलवे ग्राउंड पार्किंग क्षेत्र में घुसकर स्टॉक एक्सचेंज के मैदान के बाहर गोलीबारी करना शुरू कर दिया। आतंकियों के फाइरिंग करने से वहां अफरा तफरी मच गई। सूचना पर रेंजर्स और पुलिस के जवान इमारत के अंदर घुस गए हैं और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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वहीं बताया जा रहा है, कि पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के आस-पास के इलाके को खाली करा लिया गया है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही स्टॉक एक्सचेंज में फंसे कर्मचारियों को पीछे के दरवाजे से निकाल लिया गया है।

कराची स्टॉक एक्सचेंज में पुलिस की तैनाती नहीं है। यहां की सिक्योरिटी का जिम्मा प्राइवेट कंपनी के पास है। मीडिया के मुताबिक हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने ली है। सोशल मीडिया पर कुछ ट्वीट्स में तीन आतंकियों का फोटो भी शेयर किया जा रहा है। दावा है कि हमले में यही आतंकी शामिल थे। इधर खुफिया विभाग को कुछ दिन पहले पुख्ता खबर मिली थी कि कराची में आतंकी किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं। इसके बावजूद यहां सिक्योरिटी के इंतजाम नहीं किए गए। http://satyodaya.com

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अपने ही देश व पार्टी में घिरे केपी शर्मा ओली ने भारत पर मढ़ा आरोप

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लखनऊ। चीन के पिछलग्गू बनकर उभरे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी पार्टी और जनता का विश्वास खो चुके हैं। कुशासन, भ्रष्टाचार और कोरोना से निपटने में नाकाम ओली ने जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारत के साथ विवाद बढ़ाया, लेकिन यह दांव भी उल्टा पड़ता दिख रहा है। खबरों के मुताबिक केपी शर्मा ओली अपनी ही नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी में विरोध का सामना कर रहे हैं। पार्टी में ओली की नीतियों के खिलाफ आवाजें बुलंद हो रही हैं। वहीं भारत के साथ बैर बढ़ाकर चीन के हांथों अपनी जमीन कब्जा कराने में लगे हुए ओली का जनता का भी तीखा विरोध कर रही है। लोग सड़कों पर प्रधानमंत्री ओली और चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन सब के बीच ओली ने एक बार फिर भारत पर ही भड़ास निकाली है।

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चीन के इशारों पर नाच रहे ओली ने आरोप लगाया है कि भारत उनकी सत्ता के खिलाफ साजिश रच रहा है। प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटाने के लिए दिल्ली और काठमाण्डू में साजिशें रची जा रही हैं। ओली ने कहा है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने देश का नया नक्शा जारी करते हुए इसे संसद से भी पास कराया है। ओली ने कहा, यदि कोई ऐसा सोचता है कि वह हमें गिरा सकता है तो वह गलत सोच रहा है, हमारी राष्टीय एकता इतनी कमजोर नहीं है।http://www.satyodaya.com

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