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अर्थात-यथार्थ

पेश है चुनावी मौसम का हाल

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-अनूप मणि त्रिपाठी

जैसा आप सब जानते हैं कि अभी-अभी चैत की आमद हुई है और इसी बीच इसमें चुनाव भी पड़ गया है। कुल मिलाकर यह मौसम चुनावी मौसम में तब्दील हो गया है। इस मौसम का हाल बताने में मौसम विभाग को पसीने आ रहे हैं। अंदरखाने की बात तो यह है कि इस मौसम की जानकारी देने में मौसम विभाग का मिजाज पूरी तरह से बिगड़ गया है। फिर भी पेश है चुनावी मौसम का हाल-

आसमान आशकिंत है, बादल बदहवास हैं, बिजली की बत्ती गुल है, क्योंकि वे सर्वथा अप्रत्याशित देख रहे हैं। वे देख रहे हैं कि प्रत्याशी गरज रहे हैं। कड़क रहे हैं। बरस रहे हैं। अजब छटा छाई है।

इस चुनावी मौसम में सूरज की घिघी बंध गई है। उसके तेवर उम्मीदवारों की त्यौरियों के सामने ढिले हैं। सूरज की किरणें बस्तियों में बाद में पहुंच पाती हैं उससे पहले नेता की टोली आ जाती है। सूरज से ज्यादा बाई गॉड! नेताओं के कुर्ते चमक रहे हैं। चिड़ियों से ज्यादा उनके चमचे चहक रहे हैं। वोऽ वोऽ वोऽ टऽ टऽ टऽ…

इस सर्दी के मौसम में अचानक से गर्मी में आर्श्चजनक उछाल देखा जा रहा है। दिनोंदिन गर्मी बढ़ती ही जा रही है। इसमें देश की भौगोलिक स्थिती का कोई हाथ नहीं है। बकौल विशेषज्ञ इस स्थिती के लिए जिम्मेदार चुनाव में खडे़ होने वाले नेताओं के मुख हैं। जो आजकल हर पल वोटरों के उन्मुख हैं। अब तो दिन और रात दोनों तप रहे हैं। आम गर्मी के कारण नहीं नेताओं के भाषण के कारण पक रहे हैं।

आरोपों की आंधियां प्रचंड चल रही हैं। रुक रुक कर नहीं लगातार चल रही हैं। जो रह-रहकर आचार संहिता के तम्बू उखाड़े जा रही हैं। चुनाव आयोग अधिकतम और न्यूनतम वेग दर्ज करने में अपने को असमर्थ पा रहा है क्योंकि हर क्षण आंधियों का वेग एक नया रिकार्ड बना रहा है।

जगह-जगह आश्वासनोंं का भारी वायुदाब देखने को मिल रहा है। जिसे हवाई पुल बहुत आसानी से झेल ले जा रहे हैं। कहीं कहीं शिकायतों के निम्नवायुदाब के क्षेत्र भी बन रहे हैं। जिसके चलते हवा का रूख अचानक से बदल सकता है। जुबानी पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, मर्यादा का पारा उतनी ही तेजी से लुढ़क रहा है।

घर से बाहर निकलने वालों के लिए चेतावनी-

अगर अतिआवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर निकलना ही पडे़ तो मुंह और आंख ढक कर निकालें, क्योंकि रैलियों के कारण धूल उड़ रही है। जो आजकल मतदाताओं के आंखों में पड़ रही है। ज्यादा आंखें मिचने से कान में तेल डालना अच्छा है। बाहर धूल फांकने से घर में पड़ा रहना अच्छा है।

मौसम का पूर्वानुमान-

अगले कुछ दिनों तक मौसम जैसा है वैसा ही बना रहेगा। अभी वादों के बादल आंशिकरूप से छाए रहेंगे। झूठ की उमस और बढे़गी, मतदाताओं के आंखों की नमी और बढे़गी। नमी बढ़ने से गर्मी का एहसास ज्यादा होगा। प्रचार थमने के बाद ही राहत मिलने के आसार हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मौसम अचानक से करवट बदलेगा। मौसम सामान्य हो जाएगा। आज जो नेता जगराते कर रहे हैं वे चादर तान कर सोएंगे। आज जो मतदाता पूजे जा रहे हैं, वे करवट बदलकर रोएंगे। अगले पांच सालों के मौसम का पूर्वानुमान अभी से लगाना जितना मुश्किल है, जनता की हालत का पूर्वानुमान लगाना उतना ही आसान है।

चुनावी मौसम आते हैं चले जाते है, मगर देश का मिजाज बदलता ही नहीं! कमबख्त!

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#InternationalYogaDay पर विशेष : आसन से शासन तक…

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लखनऊ। प्रथमदृष्टा यह देखने में आता है कि इस देश का योग से नाभिनाल का संबध है। हमारे यहां का सिस्टम इतना तगड़ा है कि कई योग तो बिना किए ही अर्थात स्वतः हो जाते हैं और कइयों को करने की कोई विशेष जरूरत ही नहीं पड़ती। जैसे किसी शरीफ से अगर पुलिस वाले ने अपने ‘ही’ अंदाज में (यहां ही पर विशेष जोर दें) कुछ पूछ लिया तो उसे ‘पवनामुक्तासन’ करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती। रोजमर्रा के अपने काम कराने आम शहरी जब सरकारी विभाग जाता है, तो वहां उसे ‘ताड़ासन’ ही कराया जाता है। (बिना लक्ष्मी के ताड़ा ही जाएगा!)

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हम सब का यह रोज का अनुभव है कि हमें अपने छोटे से छोटे काम के चक्कर में ‘चक्रासन’ करना पड़ता है। इस सिलसिले में एक विज्ञापन याद आता है जिसमें एक बेचारे को अपना एक काम कराने के लिए ‘चक्रासन’ करते-करते चप्पल तक घिस गई थी। योग भले ही हमारी पुरातन परंपरा का हिस्सा रही हो मगर आजादी के बाद योग का महत्व हमारे आधुनिक जीवनशैली से जबरदस्त ढंग से पैबस्त हैै। आप इसे संजोग माने या नियति, मगर है यह कडुवा सच।

जनता बड़ी मुरादों से सरकार चुनती है, तो बदले में सरकार उसे ‘दंडासन’ करवाती है। जो नेता विपक्ष में रह कर जनता के लिए ‘सिंहासन’ करते हुए गला फाड़तेे हैं, वहीं फिर सत्ता मिलते ही ‘भुंजगआसन’ करने लग जाते हैं। यहां शासन मिलतेे ही जनता के लिए दिन-रात ‘शीर्षासन’ का दावा करने वाली सरकार ‘सुखआसन’ करने लगती है।

सरकार पर जरा-सा जोखिम आया नहीं कि सरकार विभिन्न राजननीतिक दलों के साथ ‘सेतबंधुआसन’ करने में देर नहीं करती। जैसे कश्मीर में चार साल तक करते हुए देखा या बिहार में हम देख रहे हैं। यहां ऐसे ही होता है हमारे जनप्रतिनिधियों के हितों पर जरा सी भी खरोंच आती है तो सारे के सारे ‘सर्वांगासन’ करने लग जाते हैं। जबकि पेट्रोल-डीजल से लेकर सब्जियों के बढ़ते भाव जब-तब जनता से ‘क्रोंचासन’ या ‘वज्रासन’ कराती रहती है।

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नेताओं के भाषण सुनते-सुनते जनता कब ‘कर्णपीड़ासन’ करने लगी उसे पता ही नहीं चला। ‘मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले मोती’ वाली धरा पर ‘हलासन’ करने वाला किसान ‘प्राणमुक्तासान’ करने को विवश होता है, क्योंकि यहां आसन नहीं शासन महत्वपूर्ण है और इसके लिए हमारे नेता कोई भी ‘सिद्धासन’ करने को तैयार रहते हैं। समझ में नहीं आता है कि ऐसे सत्ताधारियों को प्रणाम कहे या ‘प्रााणायाम’। (नोट- उपर्युक्त सारे आसन वास्तविक हैं।)

अनूप मणि त्रिपाठी

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2020: लगातार 3 ग्रहण ज्योतिष अनुसार एक बड़ी विपदा का संकेत…

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ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 5 जून से 5 जुलाई 2020 तक एक महीने में लगातार तीन ग्रहण पड़ रहे हैं जो यह एक भीषण विपदा का संकेत दे रहे हैं। अगले एक महीने तक ग्रह-नक्षत्रों में भारी उलटफेर देखने को मिल रहा है। यह  भीषण विपदा का संकेत है। इस बार पहला ग्रहण इस महीने की 5 जून को है दूसरा 21 जून को सूर्य ग्रहण और 5 जुलाई को चंद्रग्रहण हैं जो करीब 15 दिन में ही पड़ रहे हैं।  इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि दो ग्रहण ही नहीं एक महीने ( 5 जून से 5 जुलाई 2020 तक ) में तीन ग्रहण होने जा रहे हैं जो कि ज्योतिष के जानकारों के अनुसार चिंताजनक संकेत हैं।

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आपको बता दें 5 जून को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण 5 जून की रात 11:15 बजे से शुरू होकर और 6 जून 2:34 बजे तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठ नक्षत्र में लग रहा है। पांच जून रात 12:54 बजे पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इसकी कुल अवधि 3 घंटे 15 मिनट की होगी।

21 जून सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण 21 जून की सुबह 9:15 बजे से दोपहर 15:03 बजे तक भारत, दक्षिण पूर्व यूरोप और एशिया। 21 जून को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत के अलावा एशिया, अफ्रिका और यूरोप में भी दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा।

5 जुलाई 2020 को चंद्र ग्रहण
चंद्रग्रहण 5 जुलाई को भी लगेगा। यह सुबह 8: 37 बजे से 11:22 बजे तक अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा। लेकिन ये दोनों ग्रहण मांद्य ग्रहण है, जिस कारण से इनका किसी भी राशि पर कोई असर नहीं होगा

तीन राशियों पर पड़ेगा इस ग्रहण का अशुभ प्रभाव
कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों को अशुभ फल देगा। इसमें वृश्चिक राशि वालों को विशेष ध्यान रखना होगा। कंकण आकृति ग्रहण होने के साथ ही यह ग्रहण रविवार को होने से चूड़ामणि योग भी बना रहा है। इसमें स्नान, दान, जप और हवन करना कोटि गुना महत्व देगा।http://satyodaya.com

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राशिफल: सिंह राशि वालों को मिलेगा उनका अधूरा प्यार, मिथुन राशि वालों को होगा धन लाभ

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मेष
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। मेहनत का फल मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। पारिवारिक सदस्यों व मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई बड़ी समस्या दूर हो सकती है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। महत्वाकांक्षाएं बढ़ेंगी। प्रयास अधिक करें।

🐂वृष
मेहनत की अधिकता से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। बुरी खबर मिल सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से तनाव रहेगा। विवेक व धैर्य का प्रयोग करें। लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।

👫मिथुन
परिवार के साथ मनोरंजक यात्रा हो सकती है। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। क्रोध व आलस्य पर नियंत्रण रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

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🦀कर्क
संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐅सिंह
किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। विवाद से बचें। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई ऐसा उपाय न करें जिससे कानूनी उलझन हो।

🙎कन्या
स्वास्थ्य खराब हो सकता है। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। कुसंगति से बचें। बाहर जाने का मन बनेगा। थकान तथा चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं।

⚖तुला
तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। देवदर्शन के लिए यात्रा हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। थकान रहेगी। घर-परिवार व मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🦂वृश्चिक
नई योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। नए अनुबंध हो सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। सौभाग्य वृद्धि होगी। जोखिम न लें।

🏹धनु
यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें।

🐊मकर
अप्रत्याशित खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा न करें। बनते का बिगड़ सकते हैं। परिवार से सहयोग नहीं मिलेगा। तनाव बढ़ेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में कमी होगी।

🍯कुंभ
नवीन वस्त्राभूषण के लिए व्यय होगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा कार्य सहज ही होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। शत्रु परास्त होंगे। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। मित्र व संबंधी से मेल बढ़ेगा।

🐟मीन
घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहजनक सूचना प्राप्त होगी। मान बढ़ेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। घर-परिवार की चिंता रहेगी। चोट व रोग से हानि संभव है। बेचैनी रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी बड़े काम को करने का मन बनेगा।http://www.satyodaya.com

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July 3, 2020, 12:17 am
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