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आप प्रत्याशी आतिशी ने भाजपा उम्मीदवार पर लगाया आरोप, कहा- इतना गिरने की नहीं थी उम्मीद….

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लोकसभा चुनाव

फाइल फोटो

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण का मतदान नजदीक आ चुका है। ऐसे में दिल्ली की हॉट सीट पर राजनीतिक सियासत गरमा गई है। जिसकी वजह से पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। आज दिल्ली में एक पंफलेट को लेकर हंगामा मच गया। जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के  संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी उम्मीदवार आतिशी को लेकर अपशब्दों की भरमार है। ‘नो योर कंडीडेट’ टाइटिल वाले इस पर्चे में पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ रहीं आप प्रत्याशी आतिशी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों और बातों का इस्तेमाल किया गया है।

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वहीं आप पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्वी दिल्ली से बीजेपी प्रत्याशी गौतम गंभीर  पर पार्टी प्रत्याशी आतिशी को लेकर आपत्तिजनक पर्चे बंटवाने का आरोप लगाया है। इस पर्चे पर आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल और पार्टी उम्मीदवार को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

ऐसे में आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंफलेट को पढ़ते हुए हमें शर्म आ रही है। उन्होंने कहा जहां पहले गौतम गंभीर देश के लिए खेलते हुए चौके और छक्के मारते थे, तब हम सभी लोग तालियां बजाते थे।

इस दौरान हमने कभी सपने में नहीं सोचा था कि यह आदमी चुनाव जीतने के लिए इस स्तर तक जा सकता है। वहीं इन अपशब्दों के इस्तेमाल पर पार्टी प्रत्याशी आतिशी ने कहा- ‘मेरा गंभीर जी से बस एक यही सवाल है के अगर वो मेरे जैसी एक सशक्त महिला को हराने के लिए इतना गिर सकते, तो सांसद बनने के बाद वो अपने क्षेत्र की महिलाओं को कैसे सुरक्षित करेंगे। ‘वहीं अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि कभी कल्पना नहीं की थी कि गौतम गंभीर इस स्तर तक गिर सकते हैं। अगर लोग ऐसी सोच रखेंगे तो सभी लोग वोट कैसे देंगे। इतना ही नहीं यहां की महिलाएं खुद को सुरक्षित कैसे रखेंगी। http://www.satyodaya.com

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चौका नदी मामले में दाखिल हुई ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका

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पर्यावरण सुरक्षा का सबसे बड़ा प्रशासनिक भ्रष्टाचार है चौका नदी मुहाने पर कब्जा : विजय कुमार

लखनऊ। जनपद सीतापुर की चौका नदी पर प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा जमाए लोगों को वहां से हटाकर उसके मुहाने को खोलने को लेकर जनपद के अंतिम-आदमी के साथ मिलकर वर्षों से संघर्ष कर रहे सबल अधिवक्ता संघर्ष-मंच के मुख्य-कार्यकर्ता विजय कुमार पाण्डेय एवं मताधिकारी संघ के मुख्य-कार्यकर्ता पी.एन.कल्की ने उच्च-न्यायालय के बाद मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने पेश कर दिया है। मांग की है कि पारिस्थितिकी संतुलन के लिए नदी के मुहाने को खुलवाया जाय और सचिव, उ.प्र. सिंचाई, जिलाधिकारी, सीतापुर, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य लोगों पर व्यक्तिगतरूप से आर्थिक जुर्माना किया जाए।
प्रकरण यह था कि सीतापुर की जल और जीवन दायिनी नदी चैका के मुहाने पर प्रशासन की मिलीभगत से भू-माफियाओं ने कब्जा जमा लिया जिससे उसका प्रवाह बंद हो गया जिसके लिए मताधिकारी संघ के मुख्य-कार्यकर्ता पीएन कलकी ने ग्रामीणों की मदद से काफी लम्बा संघर्ष किया लेकिन प्रशासन ने उन्ही से नदी के मुहाने को बताने का आग्रह किया और मुहाना खोलने के बारे में चुप्पी साधे रहे।

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पीएन कलकी ने पूंछे जाने पर बताया कि वर्तमान युग पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संतुलन के प्रति काफी संवेदनशील है और भारत संयुक्त-राष्ट्र पर्यावरण संस्थान का सक्रिय सदस्य है। यह मानवता से संबंधित विषय होने के कारण भारत जैसे विशाल देश के लिए सर्वाधिक संवेदनशील है लेकिन सीतापुर प्रशासन के लिए यह विषय मायने नहीं रखता। इसलिए वह इस नदी को पुनर्जीवित नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि सबल अधिवक्ता संघर्ष-मंच के मुख्य-कार्यकर्ता विजय कुमार पाण्डेय ने इसके लिए उच्च-न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका दायर की लेकिन प्रारम्भिक हलचल के अलावा कोई निष्कर्ष नहीं निकला ।
सबल अधिवक्ता संघर्ष-मंच के मुख्य-कार्यकर्ता विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि मामले को ग्रीन ट्रिब्यूनल लखनऊ के समक्ष दायर किया गया है। क्योंकि यह प्रकरण सम्पूर्ण भौगोलिक क्षेत्र की पारिस्थितकीय स्थितियों को प्रभावित करने वाला ही नहीं बल्कि पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम, 1986 की धारा 2(क), संविधान के अनु.21, 39 (इ), 48। 51।(ह), 252 और 263 जल अधिनियम की धारा 17(1)(ं) के विपरीत है जिससे बेहता, लहरपुर, रेउसा, बिसवां, महमूदाबाद और रामपुरमथुरा ब्लाक बुरी तरह प्रभावित है जिसके कारण यहाँ प्रतिवर्ष, बाढ़, हैजा, मलेरिया, महामारी खसरा और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप होता है और अन्तुलित पारिस्थितिकीय परिस्थितियों का प्रभाव जीव-जंतुओं और पौधों पर पड़ता है, विजय पाण्डेय ने कहा कि उम्मीद है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल इस विषय का अवश्य संज्ञान लेगा और सकारात्मक परिणाम आएगा।http://www.satyodaya.com

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बसपा-सपा सरकारों ने बहन-बेटियों का सबसे अधिक सम्मान किया : मायावती

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अखिलेश और मायावती ने मिर्जापुर-चंदौली में की जनसभाएं

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने मिर्जापुर और चंदौली में संयुक्त जनसभाओं को संबोधित करते हुए मिर्जापुर से प्रत्याशी रामचरित्र निषाद, राबट्र््सगंज से भाईलाल कोल और चंदौली से डा संजय चौहान को जिताने की अपील किया।
सभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री जी अपनी कमी छिपा रहे है। भाजपा सरकार में ऐसे शौचालयों का निर्माण हुआ है जिनमें दरवाजा और पानी नहीं है। भाजपा बहन-बेटियों का सम्मान करने का झूठा दावा कर रही है। बसपा-सपा सरकारों ने बहन-बेटियों का सबसे अधिक सम्मान किया है गठबन्धन मां-बेटियों के हिफाजत के मामले में सबसे आगे है। बसपा सरकार में डाॅ. भीम राव अंबेडकर ग्रामों का विकास किया गया था। उत्तर प्रदेश की बसपा-सपा सरकार में सोनभद्र को विकास से जोड़ा गया था। नक्सलवाद से प्रभावित लोगों को रोजी-रोजगार से जोड़ने को प्राथमिकता दी गई। मिर्जापुर में भी विकास के कई महत्वपूर्व कार्य हुए। महागठबन्धन काम में विश्वास करता है। भाजपा की तरह हवा-हवाई नहीं है।

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मायावती ने कहा कि भाजपा राज में गरीब, मुसलमान, किसान, दलित का विकास नहीं हुआ है। अभी भी दलित और अन्य पिछड़े वर्ग का सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रभावहीन बना हुआ है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में गरीबों की हालत खराब बताई गई हैै। भाजपा और आरएसएस के चलते अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्म चरम सीमा तक पहंुच ये है। अपरकास्ट गरीबों की हालत भी खराब है। नोटबंदी और जीएसटी को बिना प्लान के लागू किया गया, जिससे बेरोजगारी बढ़ी है। नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुुआ। बसपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की नींद उड़ गयी हैै इनके लटके चेहरे बता रहे है कि इनकी सरकार जाने वाली है। प्रधानमंत्री जी चुनावी जनसभाओं में रोना रो रहे है कि विपक्षी दल उन पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। जबकि प्रधानमंत्री जी और भाजपा के लोगों ने महागठबन्धन के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। यह महापरिवर्तन लाने का महागठबन्धन है। यह गठबन्धन तब तक चुप नहीं बैठेगा जब तक केंद्र और प्रदेश से भाजपा को बाहर ना कर दें। भाजपा चुनाव जीतने के लिए साम-दाम-दण्ड-भेद अपना रही है। इससे सावधान रहना जरूरी है।

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वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उपस्थित जनसमू हो संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण से आगे अब अंतिम चरण तक मतदाताओं के रूख से स्पष्ट है कि वे भाजपा को विदा करने का मन बना चुके हैं। जनता गठबन्धन को जिताना चाहती है। एक नई सरकार और नया प्रधानमंत्री चुनना चाहती हैै। उन्होने कहा भाजपा की सरकार ने समाज के हर वर्ग को दुःखी किया है,लोग परेशान हैं। उसके सभी वादे झूठे साबित हुए हैं। इसलिए जनता को मतदान के दिन का इंतजार है जब वह देश को धोखा देने वाली सरकार से पूरा हिसाब किताब लेगी। श्री यादव ने कहा कि भाजपा ने झूठ और नफरत से जो सरकार बनाई उसकी दीवार को गठबन्धन गिराएगा। गठबन्धन टूटेगा नही, केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का सफाया करेगा। यह सामाजिक न्याय दिलाने का महापरिवर्तन का गठबन्धन है। अब भाजपा सरकार के जाने का छह दिन बचे हैं उसे कोई भी बचा नहीं सकता। भाजपा की फिर सरकार बनी तो देश में लोकतंत्र नही बचेगा। आरक्षण भी नहीं बचेगा। उन्होने कहा प्रधानमंत्री जी पूरे पांच साल विदेशो मेें घूमते रहे वही की पत्रिकाओं ने भी लिखा है कि मोदी सरकार वापस आई तो भारत में लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। मोदी जी समाज में विभाजन की राजनीति करते है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भारत पर पहले 35 लाख करोड़ का कर्ज था भाजपा के पांच साल में यह 70 लाख करोड़ हो गया है। जीएसटी, नोटबंदी ने कामधंधे चैपट कर दिए। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री जी जो कहते है उसका उल्टा करते हैं। अब उनकी चैकी छीनने का वक्त आ गया है। उन्होंने आह््वान किया कि भाजपा की विदाई का समय आ गया है। भाजपा को सबक सिखाने के लिए गठबंधन के प्रत्याशियों को बड़े अंतर से जिताये।http://www.satyodaya.com

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23 मई का परिणाम आने के बाद विधान सभा चुनाव के एजेंडे पर जुटेगी योगी सरकार

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लखनऊ । देश में लोकसभा चुनाव के आखरी चरण यानी सातवें चरण का चुनाव बाकी है । 19 मई को आखिरी चरण के चुनाव हो जाने के बाद 23 मई को मतगणना होगा । जिसके बाद कौन सत्ता में आएगा कौन सत्ता से बहार जाएगा ये फैसला मतगणना के दिन होगा । परिणामों के बाद 2022 के एजेंडे पर जुटेगी सरकार पहली कैबिनेट बैठक से शुरू होगा काम आवारा पशुओं की समश्याओ पर प्राथमिकता से होगा निवारण । अधिकारी परिणामों के बाद कैबिनेट बैठक की तिथि पर जल्द होगा फैसला भर्तियों पर सरकार करेगी फोकस मेट्रो के साथ ही अन्य विकास कार्यो शिलान्यास पर सरकार तेजी से करेगी काम ।

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लेकिन देखने की बात ये होगी की क्या उत्तर प्रदेश के होने वाले 2022 के विधान सभा चुनाव में गठबंधन बरकरार रहेगी या अलग- अलग चुनाव लड़ेगी । अगर लड़ेगी तो वो किन मुदों को लेकर योगी सरकार को घेरती है सबसे दिलचस्प यही देखना होगा । योगी सरकार किन मुद्दों पर विपक्षी पार्टी को रोकने का काम करेगी यह भी दिलचस्प होगा ।http://www.satyodaya.com

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May 18, 2019, 12:01 am
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