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पीसीएस-जे में 557वां स्थान पाने वाले अभय राजवंशी ने सत्योदय के साथ साझा किये सफलता के राज

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (पीसीएस जे) 2018 का शनिवार को परिणाम घोषित हुआ। इस परीक्षा में 610 पदों पर चयन किया गया है। सफल अभ्यर्थियों में एक नाम राजधानी के अभय राजवंशी पुत्र राजेंद्र प्रसाद का भी है जिन्होंने पहले ही प्रयास में 557 वां स्थान प्राप्त किया है। अभय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, परिवार, सीनियर्स और खुद की कड़ी मेहनत को दिया है।

जानकीपुरम, लखनऊ के निवासी अभय ने सत्योदय से बातचीत करते हुए बताया कि वो शुरू से ही ज्यूडीशरी का हिस्सा बनना चाहते थे। उनके लिये ये प्रोफेशन नहीं बल्कि पैशन है। लोगों को न्याय देना यह बात उन्हें अंदर से प्रेरित करती है। लखनऊ यूनिवर्सिटी से एलएलबी (आनर्स) 2017 में और एल एल एम 2018 में किया। वहां भी ऐसे सीनियर्स का साथ मिला जिन्होंने इस सेवा की तैयारी करने में उनकी काफी मदद की।

अभय ने बताया कि वो बहुत ही फोकस रहकर तैयारी करते थे इसलिये कभी भी किसी और सेवा की तैयारी नहीं की। खाने-पीने के अलावा ज्यादातर टाइम वो पढ़ाई में ही लगाते थे। एक दिन में औसत 11 से 12 घंटे उनका समय पढ़ते हुए गुजरता था। इसके लिये परिवार से भी बहुत सहयोग मिला। कभी भी उनसे छोटे-बड़े कामों के लिये नहीं कहा गया। कोई नहीं चाहता था उनको पढ़ाई में किसी भी प्रकार का व्यवधान हो।

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अपनी तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि सबसे पहले प्रीलिम्स की तैयारी की। पहले चरण के बाद जब उन्होंने आकलन किया तो पता चल गया कि वो मेंस दे पाएंगे। बिना रिजल्ट का इंतजार किये और समय गंवाए मेंस की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिये जितना भी स्टडी मैटीरियल उपलब्ध था उसे पढ़ा, खुद से भी नोट्स बनाए, उत्तर लेखन किया और जो भी महत्वपूर्ण टॉपिक्स थे उन्हें दोहराता रहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूट्यूब और एजुकेशन एप्स से काफी मदद मिली, विशेष तौर पर इतिहास विषय में इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से बहुत फायदा पहुंचा।

अभय ने बताया कि मेंस में सलेक्शन हो जाने के बाद इंटरव्यू की तैयारी में उन्हें टीचर्स से काफी सहायता मिली। किस प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं और कैसे उनके उत्तर दिये जाए इसे लेकर टीचरों ने उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू में पूंछे गए ज्यादातर सवाल उनके विषय से जुड़े ही थे। अभय ने अपनी हॉबी के रूप में क्रिकेट का जिक्र किया था लेकिन इंटरव्यू में इससे जुड़ा कोई सवाल नहीं पूछा गया।

पीसीएस जे की तैयारी कर रहे लोगों को अभय ने सलाह दी कि फोकस रहें और अपने विषय पर मजबूत पकड़ बनाएं। उत्तर लेखन करते रहे यह मेंस में बहुत मदद करता है। साथ ही लगातार रिवीजन करते रहना चाहिये। महत्वपूर्ण टॉपिक्स को टाइम निकाल कर दोहराते रहें। http://www.satyodaya.com

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योगी सरकार और मंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी, मामला दर्ज

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और राज्य सरकार में ही अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले आरोपी युवक के खिलाफ लखनऊ समेत कई जिलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जिसमें लखनऊ, उन्नाव, अमेठी और अमरोहा का नाम शामिल है।

जानकारी के मुताबिक इस युवक के खिलाफ राष्ट्र द्रोह, मानहानि, उपद्रव एवं दंगा भड़काने के साथ आईटी एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। बताया जा रहा है कि जिस युवक ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार और मंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। जिसके बाद ठाकुरगंज के ही रहने वाले युवक हसन वसीम ने सैय्यद एहतिशाम रिजवी पर एफआईआर दर्ज कराई है।

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ये है मामला

पुलिस का कहना है कि विवादित पोस्ट करने वाले वाले युवक पर आरोप लगा है कि उसने बीती 12 अगस्त को फेसबुक, व्हाट्सऐप और यूट्यूब पर विवादित पोस्ट किया था। इसके अलावा एहतिशाम रिजवी ने फेसबुक लाइव और एक वीडियो भी वायरल किया था। जिसमें रिजवी ने केंद्र और यूपी सरकार के कामकाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

एफआईआर में यह भी कहा गया है कि रिजवी ने यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा के लिए बहुत ही गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है। साथ ही पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए भी काफी अपशब्द कहे हैं। जिससे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावना है।http://www.satyodaya.com

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कांग्रेस नेता ने आजम खान को दी जन्मदिन की बधाई, सपा-भाजपा पर साधा निशाना

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी

डॉ. कफील व आजम खान सहित तमाम बेगुनाहों को जेलों से रिहा करने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने आजादी की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही यह भी कहा कि हर किसी को देश में लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के बताये रास्ते पर चलने की शपथ लेनी चाहिए। शाहनवाज आलम ने शुक्रवार को जारी बयान में डॉ. कफील खान, आजम खान सहित प्रदेश की जेलों में बंद तमाम बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को रिहा करने की मांग की।

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कांग्रेस नेता ने आजम खान को उनके जन्मदिन पर बधाई भी दी। उन्होंने आजम खान के मसले पर सपा की चुप्पी पर भी दुख व्यक्त किया। कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा के डर से अपनी पार्टी के लिए 30 साल कुर्बान करने वाले नेता से दूरी नहीं बनानी चाहिए। शाहनवाज आलम ने कहा, भाजपा तो आजम खान को मुसलमान होने की सजा दे ही रही है लेकिन अखिलेश यादव उन्हें मुसलमान होने की सजा क्यों दे रहे हैं?

आजम के लिए सपा क्यों नहीं उठा रही आवाज?

कांग्रेस नेता ने कहा, हम एक धर्म परायण समाज हैं। इसलिए सपा अगर हर जिले में परशुराम की मूर्ति बनवाती है तो इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन आजम खान के लिए सपा हर जिले में धरना भी तो दे सकती थी। आखिर ऐसा करने से अखिलेश यादव को कौन रोक रहा है? क्या अमित शाह और मोदी के सामने वो पूरी तरह आत्म समर्पण कर चुके हैं।

लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने अपने बयान में कहा, आज लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों से लोकतंत्र और संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत आवाज उठाने वाले छात्रनेताओं को जेलों में डाला जा रहा है। प्रदेश की योगी सरकार और भाजपा एक खास तरह का भारत बनाना चाहती है, जिसका सपना उन्होंने 90 साल पहले देखा था। जो भी उनके इस सपने में बाधक बना, उसे महात्मा गांधी की तरह मारा गया। कुछ को जेलों में भेजने का काम किया गया। आज उसी हिंदुत्वादी सपने को पूरा करने के लिए मुखर मुस्लिम आवाजों को कैद किया जा रहा है।http://www.satyodaya.com

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प्रो. निर्मला एस. मौर्या होंगी वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्याल की नई कुलपति

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लखनऊ। राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने प्रो. निर्मला एस. मौर्या को जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. निर्मला एस. मौर्या भारत सरकार के उच्च शिक्षा और शोध संस्थान से संबद्ध दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास की कुलसचिव रह चुकी हैं। प्रो. निर्मला की कुलपति पद पर नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गयी है। राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।

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प्रो. निर्मला एस. मौर्या को पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव के स्थान पर नियुक्त किया गया है। प्रो. यादव का कार्यकाल 1 अगस्त 2020 को समाप्त हो चुका है। जिसके बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डाॅ. त्रिलोक नाथ सिंह को पूर्वांचल विवि का प्रभारी कुलपति नियुक्त किया गया था।http://www.satyodaya.com

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August 15, 2020, 3:11 am
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