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रामपुर में बोले अखिलेश, भाजपा देश को डर और नफरत के रास्ते पर ले जा रही है

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लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को रामपुर में प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के सत्ता में आने पर सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस ले लिए जाएंगे। इस सम्बंध में प्रदेश की राज्यपाल से और जरूरत होने पर लोकतंत्र के जिम्मेदार से भी मुलाकात करूंगा। उन्हें प्रशासन की ओर से किए जा रहे अत्याचार की जानकारी दूंगा। रामपुर से सभी एफआईआर की कॉपी ले जाकर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है इसलिए विश्वास है कि वहां से न्याय मिलेगा। ऐसे ही तमाम मुकदमें एक बार नेता जी मुलायम सिंह यादव पर भी दर्ज हुए थे, तब न्यायालय ने मदद की थी।

अखिलेश ने कहा कि प्रशासन जितना अन्याय करेगा, लोगों का सरकार पर उतना ही विश्वास कम होगा। वैसे भी आज जनता का भरोसा प्रशासन और सरकार से उठता ही जा रहा है। मुकदमों की सूची देखिए, किस-किस तरह के मामले दर्ज हुए हैं। मां रो रही है कि उनके बेटे को फर्जी फंसा दिया गया है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, महिलाओं के साथ भी अन्याय हुआ है। परिवार के सदस्यों को अपमानित करने के लिए उन्हें थाने तक ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां साहब ने एक बेहतरीन जौहर अली विश्वविद्यालय की स्थापना की। उन्होंने जो सपना देखा उसको जमीन पर उतारा। उन्होंने आने वाली नई पीढ़ी के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए यह संस्थान बनाया। आज शिक्षा बहुत मंहगी हो गई है। इस विश्वविद्यालय से रामपुर और आस पास के जिलों के युवाओं को बेहतर शिक्षा मिलती। आजम साहब ने तो बच्चों की जिंदगी संवारने का नेक काम किया।

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार बदले की भावना से काम करती है। वह जानबूझ कर असली मुद्दों से भटकाने के लिए काम कर रही है। जब गठबंधन हार गया तब हमने सोचा था कि जनता को भी भरोसा होगा कि ये सरकार विकास करेगी। लेकिन देखिए हमें शौचालय में फंसा दिया गया। रक्षा बजट जो डिफेंस कॉरिडोर पर खर्च होना था वह अपाचे, रफेल के नाम पर विदेश जा रहा है। मेक इन इंडिया कहीं नहीं दिख रहा है।

श्री यादव ने कहा कि भाजपा देश को डर और नफरत के रास्ते पर ले जा रही है। पहले सहारनपुर में बाबा साहब की मूर्ति तोड़ी। आज जालौन में गांधी जी की प्रतिमा तोड़ दी। मंहगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्या से ध्यान बंटाने के लिए विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है।

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बता दें, अखिलेश ने जौहर अली विश्वविद्यालय, उर्दू गेट और रामपुर पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल का भी दौरा किया। वे आजम खां के निवास पर भी गए, उनके परिवार के सदस्यों से मिले तथा उन्हें समाजवादी पार्टी के पूर्ण समर्थन एवं सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आजम खां से हमारा सियासी नहीं, पारिवारिक रिश्ता है। http://www.satyodaya.com

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मायावती का अमेरिका पर हमला, कहा-जार्ज फ्लायड की पुलिस के हाथों मौत दर्दनाक

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को अमेरिका पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जार्ज फ्लायड की पुलिस के हाथों मौत काफी दर्दनाक है। वहां पर अश्वेतों की जिंदगी की भी कीमत है, को लेकर काफी बवाल हो रहा है। अमेरिका में हर जगह तथा विश्व के बड़े-बड़े शहरों में भी इसके समर्थन में जो आन्दोलन हो रहा है उसका पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश है कि इंसान के जीवन की कीमत है व इसको सस्ती समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, जार्ज फ्लायड की पुलिस के हांथों मौत के बाद ’अश्वेतों की जिन्दगी की भी कीमत है’ को लेकर अमेरिका में हर जगह व विश्व के बड़े शहरों में भी इसके समर्थन में जो आन्दोलन हो रहा है उसका पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश है कि आदमी के जीवन की कीमत है व इसको सस्ती समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

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मायावती ने दूसरे ट्वीट में प्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने लिखा, खासकर अपने भारत का अनुपम संविधान तो प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता, सुरक्षा व उसके आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के साथ जीने की जबर्दस्त मानवीय गारंटी देता है, जिसपर सरकारों को सर्वाधिक ध्यान देना चाहिए. अगर ऐसा होता तो करोड़ों प्रवासी श्रमिकों को आज इतने बुरे दिन नहीं देखने पड़ते। बसपा मुखिया ने कोराना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमितों तथा मौतों की संख्या के मद्देनजर केन्द्र व देश के विभिन्न राज्यों के बीच तालमेल व सद्भावना रखने की सलाह दी है। उन्होंने तीसरे और अतिंम ट्वीट में कहा, कोराना के बढ़ते मरीजों व मौतों के मद्देनजर केन्द्र व देश के विभिन्न राज्यों के बीच तालमेल व सद्भावना के बजाय उनके बीच बढ़ता आरोप-प्रत्यारोप तथा राज्यों की आपसी सीमाओं को सील करना अनुचित व कोरोना के विरूद्ध संकल्प को कमजोर करने वाला। केन्द्र का प्रभावी हस्तक्षेप जरूरी है।http://www.satyodaya.com

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कोरोना संकट के दौरान सरकार योगी ने गन्ना किसानों को 20 हजार करोड़ का किया भुगतान

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फसल खरीद के बाद तत्काल किसानों के खातों में भेजी गई रकम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को टीम-11 की बैठक में किसानों को किए जा रहे भुगतान की समीक्षा की। बैठक में सीएम को बताया कि कोरोना संकट के दौरान सरकार ने इस सत्र का गन्ना किसानों को 20 हजार करोड़ का भुगतान किया है। साथ ही गेहूं किसानों को योगी सरकार ने 3 हजार 890 करोड़ का भुगतान किया गया है। लॉकडाउन के बावजूद फसल खरीद के बाद तत्काल किसानों के खातों में रकम भेजी गई।

यही नहीं सरकार युद्धस्तर पर गेहूं खरीद कराती रही। एफपीसी के माध्यम से किसानों के खेतों पर जाकर भी गेहूं खरीद की गई। लॉकडाउन के दौरान भी योगी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कुल 3.477 लाख कुंतल गेहूं खरीदा है। इसी दौरान किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 8887 मीट्रिक टन चने की भी खरीद हुई और भुगतान किया गया है। इस सत्र में 11 हजार 500 लाख कुंतल गन्ने की हुई पेराई, यूपी में हुआ 1251 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हआ। फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन के दौरान यूपी सरकार ने कृषि यंत्रों को खेतों तक जाने की सबसे पहले छूट दी थी।

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इस अवधि में यूपी सरकार ने सभी 119 चीनी मिलें चलाई। इसके साथ ही यूपी देश का नंबर–1 चीनी उत्पादक प्रदेश बन गया है, और 2-नंबर पर महाराष्ट्र की चीनी उत्पादन है। 2 हजार 424 श्रमिकों को भी पूरे लाकडाउन के दौरान मिला 119 चीनी मिलों में रोजगार मिला। वहीं 35 से 40 हजार किसान इन 119 चीनी मिलों से सीधे जुड़े। वहीं गन्ना छिलाई में भी 10 लाख श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार दिया गया। यही नहीं प्रदेश के 2 करोड़ 4 लाख किसानों को कोरोना आपदा के दौरान दो बार 2- 2 हजार की किसान सम्मान निधि दी गई।http://www.satyodaya.com

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69000 शिक्षक भर्ती के लिए 67,867 अभ्यर्थी सफल, 3 मई से होगी काउंसिलिंग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के लिए पहले चरण की 69 हजार शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत करना होगा। काउंसलिंग में प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत नहीं करने पर अभ्यर्थी का चयन नहीं होगा।

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जिलों में 3 से 6 जून तक काउंसिलिंग होगी। जो जिला आवंटन बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर जारी है। बेसिक शिक्षा परिषद ने परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की काउंसलिंग के लिए 1.37 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। जिसमें बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी काउंसलिंग के लिए मेरिट के आधार पर 69 हजार अभ्यर्थियों में से 1133 एसटी की सीट को छोड़कर 67867 को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।

शिक्षक भर्ती में सफल 1.46 लाख अभ्यर्थियों में से नौ हजार से अधिक ने काउंसलिंग के लिए आवेदन नहीं किया है। बेसिक शिक्षा परिषद ने ST की योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने से 1133 सीटें खाली ही रही। इन अभ्यर्थियों में आवेदन पत्र में संशोधन की मांग करने वालों के साथ किसी दूसरी नौकरी के लिए चुन लिए गए अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं। http://www.satyodaya.com

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