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भाजपा-आरएसएस की राजनीति ने सामाजिक सद्भाव को पहुंचाया नुकसान: अखिलेश

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लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दोबारा लोकसभा चुनाव में जीत और केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद भाजपा नेतृत्व में अहंकार आ गया है। यही वजह है कि उससे देश में जहां संघीय व्यवस्था को आघात पहुंच रहा है वहीं, विदेशों तक में भारत की छवि धूमिल हो रही है। संविधान की प्रस्तावना में ‘भारत को सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्म निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य‘ घोषित करते हुए ‘समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता‘ की गारंटी दी गई है। भाजपा इन मूलभूत विचारों से अलग अपनी खिचड़ी पकाने में लग गई है जिसके नतीजे में देश की एकता और सौहार्द को खतरा पैदा हो गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस दोनों अपने साम्प्रदायिक एजेण्डा के लिए जाने जाते हैं। उनकी धर्म की राजनीति ने देश में सामाजिक सद्भाव को बहुत क्षति पहुंचाई है और समाज को बांटने का काम किया है। भाजपा की केन्द्र सरकार ने सीएए के बाद एनपीआर और एनआरसी कानून लाने का इरादा घोषित कर रखा है। सीएए और एनआरसी को जोड़कर एक ऐसी यंत्रणा बनाई जा रही है जो संविधान के अनुच्छेद-14 में दिए गए अधिकार का हनन करती है। इसके खिलाफ देश-विदेश में भारतीयों के बीच गहरा आक्रोश है। गोद में बच्चे लिए महिलाएं तक इसके विरोध में देश के विभिन्न भागों में ठंड में ठिठुरती हुई धरना दे रही हैं। भाजपा इन महिलाओं को अपमानित कर रही है।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा की कुनीतियों के चलते आज सीएए पर दुनिया के सामने भारत को सफाई देनी पड़ रही है। कोई इसे भारत का आंतरिक मामला मानने को तैयार नहीं है। यूरोपीय संघ की संसद में नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रस्ताव पास किए गए हैं। यूरोपीय संघ की संसद में 751 सदस्य हैं जिनमें 560 सांसद इस कानून के विरोध में है। उन्होंने भारत में विपक्ष पर पुलिस के बल प्रयोग की जांच किए जाने की भी मांग की है। अमेरिका के कुछ सांसदों ने भी विरोध में अपनी आवाज दर्ज कराई है। भारत के लोकतांत्रिक और धर्म निरपेक्ष स्वरूप पर उंगली उठाई जा रही है।

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इसके साथ ही सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की हठधर्मी का राज्यों में भी तीव्र विरोध शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे मुखर विरोध किया है। केरल, पंजाब, असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र आदि कई राज्यों ने भी सीएए लागू करने से इंकार किया है। केन्द्र राज्य के बीच यह संघर्ष संघीय व्यवस्था को चोट पहुंचाने वाला है। भाजपा के पास केन्द्र में बहुमत है परन्तु इस बहुमत के आगे लोकमत की उपेक्षा नहीं की जा सकती है। जिस जनता के मत पर भाजपा ने अपनी सरकार बनाई है वह अपने मतदाता की भावना को ही कुचलने की साजिश कर रही है। लोकतंत्र के लिए यह खतरे की घंटी है। संविधान निर्माता डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर ने सत्ता के दुरूपयोग की जो चेतावनी दी थी वह भाजपा के सम्बंध में सटीक और सार्थक बैठती है। प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी को डराने और धमकाने की भाषा छोड़कर संविधान के अनुकूल आचरण और ‘राजधर्म‘ का स्मरण करना चाहिए।http://www.satyodaya.com

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इटावा: जेल में कैदियों की पिटाई से घायल शार्प शूटर मोनू पहाड़ी की मौत

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इटावा जिला जेल में वर्चस्व को लेकर बुधवार रात हुए संघर्ष में घायल कानपुर के शार्प शूटर मोनू पहाड़ी  की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। हमले में घायल आगरा के शातिर अपराधी की भी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जाता है कि बुधवार को बैरक में ले जाने के दौरान कैदियों के दो गुट भिड़ गए थे। बीच बचाव के लिए पहुंचे जेल कर्मियों पर भी कैदियों ने हमला बोल दिया। घटना में डिप्टी जेलर, बंदी रक्षकों के अलावा कई कैदी घायल हो गए थे। घायलों को जेल अस्पताल भेजा गया था। आगरा जेल से लाए गए शातिर अपराधी मुन्ना खालिद और कानपुर जेल से आए शार्प शूटर मोनू पहाड़ी के बीच बुधवार शाम वर्चस्व को लेकर टकराव हो गया।

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स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए जेल प्रशासन को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था, जिसमें कई कैदी घायल हो गए थे। घायलों का जेल अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। मोनू पहाड़ी की स्थिति गंभीर होने पर देर रात उसे जिला अस्पताल भेजा गया। गुरुवार सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार इससे पहले मोनू पहाड़ी कानपुर जेल में बंद था, जिसे मारपीट के आरोप में कानपुर से इटावा जेल स्थानांतरित किया गया था।http://wwwsatyodaya.com

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सूबे में कोरोना मामले में इजाफा, राजधानी में 10 मरीज, यूपी में कुल संख्या 118 पहुंची

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पहली संक्रमित मरीज की सास के बाद अब ससुर में भी कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। टोरंटो से लौटी महिला डॉक्टर के परिवार में तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। बुधवार को कोरोना पॉजिटिव मिले वृद्ध सेना से रिटायर्ड कर्नल है। उनकी डॉक्टर बहू कुछ दिन पहले कनाडा से आई थी। वह कोरोना पॉजिटिव निकली थीं बाद में संक्रमण की चपेट में डॉक्टर की सास भी आ गईं। उन्हें अस्पताल में 28 मार्च को भर्ती किया गया था। अब उनके पति में भी संक्रमण की पुष्टि हुई इसी के साथ लखनऊ में संक्रमित मरीजों की संख्या 10 हो गई है।

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इससे पहले बुधवार को 15 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद सूबे में इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 118 पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर आंकड़ा जारी किया। इसके तहत यूपी में अब तक 118 कोरोना पॉजिटिव सामने आ चुके हैं। जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नोएडा में सबसे ज्यादा 48 केस सामने आ चुके हैं। वहीं मेरठ में 20, आगरा के 12, लखनऊ 10, गाजियाबाद 7, बरेली में 6, बुलन्दशहर में 3, शामली, पीलीभीत और वाराणसी 2-2, लखीमपुर खीरी , मुरादाबाद , कानपुर , जौनपुर, शामली  और बागपत में 1-1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।http://www.satyodaya.com

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इस बार अपने-अपने घरों में ही मनाएं अम्बेडकर जयंती: डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल

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आंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, एक-दूसरे की मदद करें सभी लोग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष व आंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने इस बार अम्बेडकर जयंती पर किसी तरह का आयोजन न करने की अपील की है। गुरुवार को मीडिया में जारी एक पत्र के माध्यम से लालजी प्रसाद निर्मल ने 14 अपै्रल को डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जयंती घरों पर ही मनाने को कहा है। क्योंकि महामारी के चलते पूरे देश में 14 अपै्रल तक लाॅकडाउन घोषित है। डॉ. निर्मल ने सभी सामाजिक संगठनों से कहा है कि वह हर बार जो धन बाबा साहेब के जन्मदिन पर भव्य समारोह पर खर्च करते थे, उस धन का उपयोग वंचित समाज की मदद में उपयोग करें। यह भी देखें कि कोई गरीब भूखा सोने न पाए।

डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में अपने एक माह का वेतन देने भी की घोषणा की है। डॉ. निर्मल ने कहा, संकट की इस घड़ी में एक-दूसरे का साथ दें। घरों से बाहर न निकलें। लेकिन फोन के माध्यम से दूसरों के घरों में खाने-पीने के सामानों को लेकर जानकारी रखें। यदि किसी भी व्यक्ति के पास खाने-पीने का सामान नहीं है, तो इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं। खुद भी आसपास के व्यक्तियों द्वारा इस तरह की मदद करने की कोशिश करें।

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डॉ. निर्मल ने कहा, जो व्यक्ति जहां पर है, उसे वहीं पर रहना चाहिए। कोरोना संक्रमण की इस महामारी के बीच कहीं पलायन न करें। एक शहर से दूसरे शहर न जाएं। यह न केवल आपके अपने जान को जोखिम में डालना है, बल्कि आपकी ये कोशिश देश को खतरे में डाल सकती है।http://www.satyodaya.com

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