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आवर्तक अनुदान नीति को बहाल करने पर केंद्र सरकार की मुहर, अनुसूचित बाहुल्य प्राथमिक विद्यालयों को मिलेगा लाभ

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प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन ने समाप्त की गई आवर्तक अनुदान नीति को बहाल किये जाने की मांग की है, इस मांग पर अब केंद्र सरकार की मुहर लग गयी है। यह जानकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम नरेश भारती ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1627 निजी प्रबंधतंत्र द्वारा चलाए जा रहे अनुसूचित बाहुल्य प्राथमिक विद्यालयों को अनुदान की श्रेणी सपा सरकार ने 2012 में समाप्त कर दिया था। राम नरेश भारती ने बताया कि उनके द्वारा केंद्रीय राज्यमंत्री राम दास अठावले को इस मामले से अवगत कराया था। निजी प्रबंधतंत्र द्वारा संचालित किए जा रहे हैं अनुसूचित बाहुल्य प्राथमिक विद्यालयों को अनुदान की आवश्यकता है। जिससे बच्चो को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

उनका कहना था कि राज्य मंत्री जी ने इसकी सूचना कैबिनट मंत्री राजनाथ सिंह जी को दी उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण से इस बाबत 21 जून 2018 को रिपोर्ट मांगी साथ ही आख्या प्रस्तुत किये जाने की भी बात कही है। राम नरेश भारती ने कहा कि इसी मामले को लेकर प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों से संपर्क कर चुके हैं और सभी ने इसको लागू किये जाने संबंधी उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया है।

इस मामले में सरकार के सकारात्मक रुख से एसोसिएशन के पदाधिकारी और इन स्कूलों के कर्मचारी प्रसन्न है ।साथ ही उन्होंने इस काम के लिए केंद्र सरकार का तहे दिल से आभार व्यक्त किया और सरकार से ये आशा भी जताई कि जल्द ही इस पहल पर उत्तरप्रदेश सरकार की मोहर लग जायेगी। http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

आगरा बस हादसे में मुख्यमंत्री हैं बहुत चितिंतः स्वतंत्र देव सिंह

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लखनऊ। हाल ही में आगरा हाईवे पर हुआ दर्दनाक बस हादसा जिसमें 29 की मृत्यु और कई लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद आज परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रेस वार्ता किया। बता दें कि हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच टीम गठित किया था। गठित टीम के द्वारा रिपोर्ट कल मुख्यमंत्री को सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक की और पूरे हादसे में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की हिदायत दी है।

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आपको बता दें की मुख्यमंत्री की बैठक के बाद आज परिवहन मंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि जहां दुर्घटना हुई वहां के जिम्मेदार अधिकारियो से रिपोर्ट मांगी गई है। दुर्घटना शून्य कैसे हों इस पर भी चर्चा की गई है। साथ ही साथ मंत्री ने यह भी कहा कि आवश्यकतानुसार ड्राइवरों की ट्रेनिंग भी कराई जाएगी और आरटीओ को भी निर्देशित किया गया है कि वह सख्ती से चेकिंग करें। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री स्वयं बहुत ज्यादा चिंतित हैं और उन्हें भी इस घटना का बहुत ही अफसोस है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने परिवार के सदस्य खोए हैं हम उनके दुख में बराबर के भागीदार हैं। सरकार हरसंभव उनकी सहायता कर रही है।

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इस अवसर पर पत्रकारों द्वारा बसों की फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाया गया। साथ ही साथ ड्राइवरों से ओवर ड्यूटी कराए जाने पर भी सवाल किया। ऐसे बहुत सारे सवाल थे जिनका घटना से सीधे तार जुड़ा हुआ था, मगर कहीं ना कहीं परिवहन मंत्री इन सभी सवालों के जवाब देने से बचते हुए नजर आए। पूरी घटना को उन्होंने ड्राइवर को झपकी आ जाने का कारण बताया मगर पत्रकार उनके जवाब से असंतुष्ट नजर आए और उन्होंने कहा कि लॉन्ग रूट के लिए बसों में दो ड्राइवर का नियम है। इसके साथ ही बस की फिटनेस भी पूरी तरह से नहीं थी यहां तक कि बस में बरसात के मौसम में वाइपर भी नहीं था। यह बहुत सारे ऐसे बिंदु थे जो हादसे का कारण बने।http://www.satyodaya.com

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वर्ल्ड कप में इंडिया की जीत के बाद उन्हें उपहार में मिलेगी बनारस की ये साड़ी, खासियत जान हो जाएंगे हैरान…

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फाइल फोटो

मुंबई। पिछले डेढ़ महीने से चल रहे विश्व कप की पूरी दुनिया दीवानी है। क्रिकेट लवर इस विश्व कप में इंडिया को ‘विराट कप’ दिलाने के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं। ऐसे में अपनी कला-संस्कृति और बनारसी साड़ियों के लिए फेमस बनारस में इंडियन टीम को गिफ्ट करने के लिए एक ख़ास ‘विश्व कप’ साड़ी तैयार की गई है।   

शुद्ध सिल्‍क के ताना बाना यानी कतान की साढ़े 5 मीटर की पूरी साड़ी पर चार सौ से ज्‍यादा वर्ल्‍ड कप लोगो और छोटे आकृति के गेंद व बल्‍ले को गोल्‍डेन जरी से उकेरा गया है। बार्डर भी जरी का है तो पूरे आंचल पर वर्ल्‍ड कप लोगों के साथ रेड कलर में आईसीसी 2019 लिखा दिखेगा। इस साड़ी पर एक महीने के बाद साड़ी का मास्‍टर पीस सामने आया है।

विश्‍वकप के फाइनल मुकाबले का देशभर में क्रिकेट लवर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। धर्म नगरी काशी में टीम इंडिया को बुरी नजर से बचाने के लिए काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव से लेकर हनुमत दरबार में विशेष पूजा की गई।

बता दें टीम इंडिया की जीत की कामना के लिए साड़ी कारोबारी और डिजाइनर सर्वेश कुमार श्रीवास्‍तव ने बनारसी साड़ी का बेहतरीन सैम्पल तैयार कराया है। टीम इंडिया की जर्सी जैसा साड़ी का रंग नेवी ब्‍लू है तो वर्ल्‍ड कप और गेंद व बल्‍ले की छोटी आकृति की 45 लाइनें हैं। प्रत्‍यक लाइन में पांच आकृति उकेरी गई है। इसी तरह आंचल पर दस बड़े वर्ल्‍ड कप लोगो के नीचे रेड कलर से मीनाकारी की गई है।

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बता दें वाराणसी साड़ी के कारोबारी जितना कुच्छ न्य और खूबसूरत साड़ियों के लिए फेमस हैं। वह उतने क्रिकेट से प्रेम करने के लिए भी जाने जाते हैं। बता दें साड़ी कारोबारी सर्वेश कुमार क्रिकेट शौक़ीन भी हैं। वह बताते हैं कि वर्ल्‍ड कप शुरू होते ही इसको लेकर कुछ नया करने की सोच अपने ढंग की अलग व अनूठी साड़ी के रूप में सामने है। उन्‍होंने खुद इसकी डिजाइन की और शहर से दूर कोटवां (लोहता) में अपने बुनकर मुबारक अली को बुनने के लिए दिया। मास्‍टर पीस एक महीने में तैयार होने पर देख कर लगा कि वाकई यह टीम इंडिया के लिए एक नायाब तोहफा है।

टीम के सभी खिलाड़ियों को मिलेगा यह तोहफा  

‘वर्ल्‍ड कप’ साड़ी टीम इंडिया के हर सदस्‍य को एमएसएमई (माइक्रो स्‍मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) के सहयोग से गिफ्ट में दी जाएगी। एमएसएमई के डेप्‍युटी डायरेक्‍टर वीके वर्मा ने बताया कि कारोबारी सर्वेश विभाग के आंत्रप्रेन्योर हैं। इस खूबसूरत साड़ी के तैयार होने के बाद अब एक साथ 6 साड़ियों को बुनने की तयारी की जा रही है। इसके बाद चार और फिर छह और साड़ियां बुनी जाएंगी। http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

नाबालिक से छेड़छाड़ करने वाले बेटे की पिता ने कर दी हत्या

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अमरोहा। एक पिता ने अपने ही बेटे की हत्या इसलिये कर दी क्योंकि उसने पड़ोस में रहने वाली लड़की से छेड़खानी की थी। यह मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का है। हत्या करने बाद जब गुस्सा ठंडा हुआ तब पिता ने हत्या का इल्जाम लड़की के परिवारवालों पर डालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने सच का पता तलाश लिया।

दरअसल, थाना आदमपुर क्षेत्र के गांव तरौली में गिरीश गुर्जर का घर है। सोमवार रात उनका 18 साल का बेटा सतेंद्र नशे की हालत में घर आता है। आरोप है कि वो अपने पड़ोसी के घर में जबरन दाखिल हो जाता है और नाबालिक लड़की से छेड़छाड़ करने लगता है। नाराज पड़ोसी गिरीश के पास जाकर शिकायत करता है और गिरीश अपने बेटे को घसीटता हुआ वापस लेकर आता है। घर पर सतेंद्र को समझाने की कोशिश करता है लेकिन नशे में होने के कारण वो गिरीश की बात नहीं सुनता और दोनों में कहा-सुनी होने लगती है। बात इतनी बढ़ जाती है कि गिरीश गुस्से में फावड़े से अपने बेटे की गर्दन पर जोरदार वार करता है। सतेंद्र की वहीं मौत हो जाती है।

हालांकि, गुस्से में गिरीश ने हत्या तो कर दी लेकिन कुछ ही पल में उसे अहसास हो गया कि उससे बड़ी गलती हो गई है। गलती को स्वीकारने के बजाय उसने इसका दोष पड़ोसी पर मढ़ने का प्रयास किया। शव को पड़ोसी के आंगन में फेंक दिया और आरोप लगाने लगा कि छेड़छाड़ के विरोध में उसके बेटे की हत्या की गई है। रात में ही पुलिस अधीक्षक विपिन ताड़ा गांव पहुंचे। पड़ोसी ने सारी घटना एसपी को बताई। एसपी ने देखा कि खून के छींटे गिरीश के घर पर भी हैं और गिरीश ने कपड़े भी बदले हैं। फिर क्या गिरीश से पूछताछ हुई और उसके झूठ का कुछ ही देर में पर्दाफाश हो गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया गया। गिरीश को गिरफ्तार कर लिया गया है और पड़ोसी की तहरीर पर गिरीश के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।http://www.satyodaya.com

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July 10, 2019, 6:31 pm
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