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सीएम योगी को नहीं है भारतीय संविधान की समझ: अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक पद है जिसकी अपनी गरिमा व मर्यादाएं होती है। इस पद पर बैठे व्यक्ति से भाषा में संयम और बर्ताव में आत्म अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। यूपी के मुख्यमंत्री ने बोली की जगह गोली, ठोक दो और बदला लेंगे जैसी भाषा का इस्तेमाल अलोकतांत्रिक व गैर जिम्मेदाराना है। मुख्यमंत्री इससे बेपरवाह बने हुए है। प्रदेश में इस हिसाब से तो तीन साल से तुकबंदी से सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि योगी ऐसी भाषा से ही प्रदेश की धरती पर रामराज उतारेंगे?

श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में राज्य में व्यापक विकास कार्य हुए थे। आने वाले 2022 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में भी काम बोलेगा और समाजवादी पार्टी अकेले चुनाव लड़कर 351 सीटों पर विजय पताका फहराकर भारी बहुमत की सरकार बनाएगी और चुनावी रणनीति के तहत समाजवादी पार्टी सभी को जोड़कर चलेगी। यूपी की जनता भाजपा के कुशासन से परेशान है। नौजवान बेरोजगारी का शिकार हैं। किसान बदहाल हैं। भाजपा सरकार हमारे कामों को अपना बता रही हैं। मेडिकल कालेज बनाने का भाजपा झूठा दावा कर रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे समाजवादी सरकार की देन है। भाजपा ने इसके साथ बस समाजवादी नाम हटाने का काम किया हैं। इसके लिए जमीन खरीद से लेकर एलाइनमेंट तक का काम समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ था।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम बहुत अच्छी तरह से कर लेती है। एचसीएल, मेट्रो, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे सब समाजवादी पार्टी की देन है। 3 साल के भाजपा राज में मेट्रों एक कदम भी कहीं आगे नहीं बढ़ पाई। समाजवादी सरकार बनने पर लखनऊ के पाॅलीटेक्निक से बाराबंकी तक मेट्रो चलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की तरक्की और विकास के मुद्दे पर बहस होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी ने लैपटाॅप बांटे जिसकी मदद लेकर लड़के हार्वर्ड तक पढ़ने चले गए। सबसे ज्यादा एमओयू सोलर प्लांट के लिए हुए थे, एक भी सोलर प्लांट नहीं लगा।

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अखिलेश ने कहा कि सीएम योगी खुद अपना मजाक बनाते हैं। उन्हें संविधान की समझ नहीे है। समाजवाद शब्द तो भारतीय संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा हैं अपने ऊपर वह ‘सैफरन सोशलिस्ट‘ किताब लिखवाते हैं, इसका क्या मतलब है? संवैधानिक पद पर बैठकर समाजवाद के विरोध में बोलना संविधान विरोधी आचरण है। वहीं उन्होंने कहा कि लोकसभा में कांग्रेस भाजपा समेत कई दलों ने जातीय जनगणना पर सहमति जताई थी। लेकिन अब भाजपा भी कांग्रेस की राह पर चल रही है। जाति गणना हो जाने पर सबको उसकी संख्या अनुपात में हक व सम्मान मिलेगा और सबका समान विकास होगा।http://www.satyodaya.com

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लॉकडाउन के दौरान लखनऊ मेट्रो के डिपो से किया जा रहा गरीबों को भोजन वितरण

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लखनऊ। कोरोना वायरस अब थर्ड स्टेज में अपना रंग दिखा रहा है। देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से बुधवार को दो लोगों की मौत हो गई। इस महामारी से बचने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। देश-प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस को रोकने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वाहन पर पूरे देश को 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। बावजूद इसके कोराना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संपूर्ण देश में लॉकडाउन का आज 8वां दिन है।

विश्वव्यापी लॉकडाउन का समर्थन करते हुए देश की सभी यातायात सेवाएं लॉकडाउन खत्म होने तक स्थगित कर दी गई है। जिससे देश के कई राज्यों के लोग विशेषकर दिहाड़ी मजदूर जिन्होंने अपना शहर छोड़कर रोजगार के उद्देश्य से दूसरे शहर आए थे।

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जिनमें से राजधानी लखनऊ में भी ऐसे बहुत लोग है। जो रोजी- रोटी की तलाश में अलग-अलग शहरों से आए है। लेकिन पीएम के अचानक लॉकडाउन की घोषणा के चलते यहीं फंस गए हैं। ऐसी आपातकालीन स्थिति में लखनऊ नगर निगम के साथ मिलकर लखनऊ मेट्रो अपने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मेट्रो डिपो से शहर के विभिन्न स्थानों में खाने की आपूर्ति कर रहा है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव ने बताया कि यह खाना ट्रांसपोर्ट नगर स्थित लखनऊ मेट्रो के डिपो की कैंटीन में बनाया जा रहा है। और पैक करके जरूरतमंदों को बांटा जा रहा है। राजधानी के विभिन्न रैन बसेरो और अन्य स्थान जहां पर लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई है। वहां भी भोजन वितरित किया जाएगा।http://www.satyodaya.com

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कोरोना का कहर: यूपी स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस को लेकर जारी किए आंकड़े

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लखनऊ। कोरोना महामारी को देखते हुए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन (Lockdown) चल रहा है। जिसका आज आठवां दिन है। लेकिन कोरोना का कहर पूरे देश में बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को यूपी स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस को लेकर आंकड़े जारी किए है। इन आंकड़ों में सिर्फ उत्तर प्रदेश में अब तक 1614 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाए गए हैं। कोरोना प्रभावित देशों से अब तक सबसे ज्यादा लोग उत्तर प्रदेश लौटे हैं। जिनकी संख्या 54156 है।

यूपी में अब तक 116 लोगों की जांच पॉजिटिव पाई गई । वहीं राजधानी लखनऊ में अब तक संक्रमित लोगों की संख्या 9 हो गई है। नोएडा में 48, मेरठ में 19, आगरा के 12, लखनऊ 9, गाजियाबाद 7, बरेली में 6, बुलन्दशहर मे 3, शामली 2, पीलीभीत 2, वाराणसी 2, लखीमपुर खीरी 1, मुरादाबाद 1, कानपुर 1, जौनपुर 1, शामली 1, बागपत में 1 मरीज की पॉजिटिव रिपोर्ट मिली है।

वहीं पूरे देश की बात करें, तो भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे है। Covidindia.org के मुताबिक, अब तक देश में 1745 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें 1540 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और 151 लोग स्वस्थ हो चुके है। वहीं 54 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में बुधवार सुबह 18 और पॉजिटिव मामले सामने आए। इस तरह राज्य में अब तक 320 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं।

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इससे पहले बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 146 नए मामलों के सामने आने के बाद इनकी संख्या बढ़कर मंगलवार को 1,397 हो गई थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश भर में महामारी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 38 हो गया है। बुधवार को देश में COVID-19 के 315 नए मामले सामने आए हैं। ये पहली बार है, जब देश में एक दिन में तीन सौ से ज्यादा मामले दर्ज किए गए है। http://www.satyodaya.com

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राशन वितरण में बॉयोमेट्रिक अनिवार्यता से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा: कांग्रेस

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अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी पर बोला हमला

लखनऊ। प्रदेश भर में सरकारी राशन दुकानों से गरीब, मजदूर, और दिहाड़ी मजदूरों को मुफ्त राशन वितरण पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि लाॅकडाउन की घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता को 3 महीने तक निःशुल्क राशन देने को कहा था। लेकिन अब महज एक महीने का राशन दिया जा रहा है।

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा है कि घोषणा के विपरीत अंत्योदय कार्ड धारकों को छोड़ कर दूसरे गरीबों व मजदूरों से पैसे की वसूली की जा रही है। अजय कुमार लल्लू ने कहा कि राशन वितरण में बॉयोमेट्रिक की अनिवार्यता से कोरोना संक्रमण फैलने का भी डर है। इसलिए बॉयोमेट्रिक को स्थगित किया जाना चाहिए।

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बुधवार को अपने जारी बयान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, राशन वितरण के लिए कोटेदारों से उठान स्थल पर पैसे जमा कराए जा रहे हैं। यह पैसे बाद में वापस करने की बात कही जा रही है। कोटेदारों का यह शोषण तत्काल बंद होना चाहिए। लल्लू ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राशन कार्ड की अनिवार्यता भी खत्म कर देनी चाहिए। क्योंकि प्रदेश में बड़ी संख्या में गरीबों के पास कार्ड नहीं है। ताकि कोई भी गरीब भूख से न मरे।http://www.satyodaya.com

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April 1, 2020, 8:40 pm
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