Connect with us

प्रदेश

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में लागू की पुलिस कमिश्नर प्रणाली, जानें और बातें…

Published

on

लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यूपी पुलिस की दृष्टिकोण से आज का दिन सबसे महत्वपूर्ण है, जिसके सुधार के लिए आज हमारी सरकार ने कदम उठाया है। लगातार जो मांग हो रही थी, पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर आज कैबिनेट ने उसे पास किया है। लखनऊ और नोएडा में यह प्रणाली लागू की गई है। पुलिस की प्रणाली धीमी होने के कारण सरकार पर सवाल खड़ा हो रहा था, उसको देखते हुए यह किया गया। 10 लाख से ऊपर नगरीय क्षेत्रों में यह लागू होना चाहिए था, लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति न होने के कारण कोई कदम नही उठा पाया, हमारी सरकार ने इसे लागू किया है। लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में अब पुलिस कमिश्नर होंगे। सुजीत पांडेय लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर तो गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह होंगे।

सुजीत पांडेय
आलोक सिंह

25 लाख से ऊपर गौतमबुद्ध नगर में आबादी रह रही है। नगर निगम के विस्तार के बाद ऐसा हुआ है।  पुलिस आयुक्त एडीजी स्तर का अधिकारी काम करेगा, उनके साथ 2 ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर होंगे, जो आईजी स्तर के होंगे।  9 एसपी रैंक के अधिकारी साथ में मौजूद होंगे, 1 एसपी रैंक की महिला पुलिस कर्मी को भी हम तैनात कर रहे है। जिससे महिला अपराध में रोक लगाई जा सके, एक एडिशन रैंक की महिला अधिकारी मदद करेगी।

यातायात पुलिस एसपी और एक एडिशनल रैक के अधिकारी भी काम करेंगे।  निर्भया फंड के तहत सीसीटीवी कैमरे  जहां जरूरत होगी लगाया जाएगा। गौतमबुद्धनगर एक एडीजी स्तर का व्यक्ति, 2 ज्वाइंट कमिश्नर, 5 एसपी रैंक के अधिकारी 1 महिला पुलिस अधिकारी यहां पर काम करेंगे। एक एसपी रैंक का अधिकारी यातायात व्यवस्था को देखेगा। साथ ही आयुक्त प्रणाली के तहत थाने भी बनाए जाएंगे।

ये भी पढ़ें: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 20 फीट नीचे सर्विस रोड पर पलटी बस, दो की मौत

कमिश्नर के पास मजिस्ट्रेट पावर के साथ 15 अधिकार भी दिए जाएंगे। यह अधिकार होगा कि कौन से पुलिस अधिकारी को कौन सा पॉवर दिया जाना है यह वहीं तय करेंगे। इस प्रणाली से जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा, उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था को लागू करने के लिए जो भी करना होगा  वह किया जाएगा। आज कैबिनेट में आठ प्रस्ताव पास हुए है। योगी ने कहा आयुक्त प्रणाली में 15 नए अधिकार आयुक्त में निहित होंगे। पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगी ।

मैं सभी का स्वागत करता हूं, उत्तर प्रदेश पुलिस की दृष्टि से आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस सुधार का सबसे बड़ा कदम आज हमारी सरकार ने उठाया है। पिछले 50 वर्षों से बेहतर पुलिसिंग के लिए स्मार्ट पुलिसिंग के लिए कानून व्यवस्था के सुदृढ़ स्थिति के लिए जो, एक मांग बहुत दिनों से की जा रही थी। मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि आज हमारी कैबिनेट ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ प्रदेश के आर्थिक राजधानी के रूप में विख्यात नोएडा पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का यह प्रस्ताव पास किया है।

यह पुलिस सुधार के लिए समय-समय विशेषज्ञों द्वारा सुझाव दिए गए थे। यूपी जैसे राज्य में वर्षों से इस बात को महसूस किया जा रहा था, कि पुलिस आयुक्त की प्रणाली यहां पर भी लागू होनी चाहिए। 10 लाख से ऊपर की आबादी के क्षेत्रों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होनी चाहिए। प्रदेश में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की बेहतर दृष्टि से यह कार्य होना था, लेकिन इसे कहीं ना कहीं नजरअंदाज किया जा रहा था और यह कार्य अभी तक नहीं हो पाया।

उत्तर प्रदेश के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हमारी सरकार ने निर्णय लिया है, अगर 2011 की आबादी के हिसाब से लखनऊ की आबादी को देखें तो 29 लाख से ज्यादा शहर में लोग निवास करते हैं। वहीं नोएडा में 2011 की सबसे जनसंख्या देखे तो, 16 लाख से अधिक की आबादी वहां निवास करती है। वर्तमान में 25 लाख नोएडा में आबादी हो चुकी है, जो आबादी  वह निवास कर रही है। एडीजी स्तर का अधिकारी यहां पर कमिश्नर के रूप में कार्य करेगा। उनके साथ दो जॉइंट पुलिस कमिश्नर जो आईडी रैंक के होंगे उनकी तैनाती एसपी रैंक के 9 अधिकारी यहां तैयारी है। इसके साथ ही महिला अपराधों को रोकने के लिए महिला सुरक्षा के लिए एक महिला एसपी रैंक की अधिकारी भी तैनात होगी।

ये भी पढ़ें: CAA के खिलाफ सोनिया गांधी ने बुलाई बैठक, ममता-माया नहीं होंगी शामिल…

इसके साथ एएसपी रैंक की भी एक महिला अधिकारी तैनात होगी इसके साथ ही एसपी और एएसपी स्तर के एक अधिकारी यातायात के लिए भी नियुक्त किए जाएंगे। जिससे वह स्मार्ट सिटी में यातायात सुविधाओं को देखेंगे, जनता को सुविधाएं मुहैया हो पाए, गौतमबुधनगर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ा है। जिसमें एक एडीजी स्तर का पुलिस कमिश्नर होगा, इसके साथ दो एडिशनल पुलिस कमिश्नर जो डीआईजी रैंक के अफसर होंगे उनको तैनात करने का निर्णय लिया है। पांच पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी उनके साथ रहेंगे। यह भी तय हुआ है कि वहां भी एक महिला पुलिस अधिकारी केवल महिला अपराध मामलों के संबंधित विवेचना करने उनके समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए और महिला अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए तैनात की जाएंगी।

इसके साथ एक पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी ट्रैफिक के लिए भी नियुक्त किया जाएगा। गौतमबुध नगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली में 2 नए थाने बनाए जा रहे हैं। पुलिस आयुक्त प्रणाली में पूरी टीम वर्क की तरह कार्य करती है। जिससे वह स्मार्ट पुलिसिंग को आगे बढ़ा सकें। इसके साथ ही उन्हें मजिस्ट्रेट रियल पावर होती है और 15 ऐसे पावर उन्हें दिए जा रहे हैं। यह किस अधिकारी को क्या देना है, यह पुलिस कमिश्नर खुद करेंगे। लखनऊ में भी दो थाने बढ़ाए जाएंगे, इसके साथ ही नोएडा में भी दो थाने नए बनाए जाएंगे। http://www.satyodaya.com

प्रदेश

यूपी सहित 10 राज्यों में 3 नवंबर को होंगे उपचुनाव, 10 को आएगा परिणाम

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कुल 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। बिहार की एक लोकसभा सीट और और केन्द्र शासित प्रदेश मणिपुर की दो विधानसभा सीट पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों पर चुनाव परिणाम 10 नवंबर को जारी किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर उपचुनाव होने हैं।

यह भी पढ़ें-शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, जेएनयू के 87 फीसदी स्कॉलर्स में मानसिक तनाव

आयोग ने असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की कुल सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव न कराने का फैसला किया है। चुनाव आयोग के अनुसार इन राज्यों में अभी उपचुनाव के लिए हालात सही नहीं है। इन राज्यों ने उपचुनाव कराने में मौजूदा हालात में असमर्थता जताई है।बता दें कि बिहार में 28 अक्टूबर से विधानसभा चुनाव भी शुरू हो रहे हैं। 243 सीटों के लिए यहां तीन चरणों में चुनाव होने हैं। 10 नवंबर को ही बिहार विधानसभा चुनाव के भी परिणाम सामने आएंगे।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, जेएनयू के 87 फीसदी स्कॉलर्स में मानसिक तनाव

Published

on

लखनऊ। कोरोना के चलते शिक्षण संस्थान बंद होने से एमफिल और पीएचडी स्कॉलर्स की दिक्कतों पर शोध में हुआ है। जिसमें चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के 87 फीसदी एमफिल और पीएचडी स्कॉलर्स मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। जबकि 64.7 फीसदी स्कॉलर्स की स्कॉलरशिप तक रूक गई हैं।

जेएनयू के इन तीन रिसर्च स्कॉलर्स अलामू आर, सोमाश्री दास और यांगचेन ने कोरोना काल के दौरान छात्रों की स्थिति पर एक ऑनलाइन सर्वे किया है। इसके लिए इन्होंने जेएनयू के ही करीब 530 शोद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। जिसमें से करीब 41.5 फीसदी छात्र और 58.1 फीसदी छात्राएं शामिल हैं। वहीं इस शोध में छात्रों को आ रही परेशानी और उनकी मनोदशा पर सवाल पूछे थे। जिसमें से ज्यादातर ने अपनी मानसिक परिशानियों का हवाला दिया है।

इसे भी पढ़ें- कोरोना काल में CM योगी की कैबिनेट मीटिंग आज, इन प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी

सर्वे में सामने आया है कि करीब 87 फीसदी छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। शोध कार्य पूरा न होने से स्कॉलरशिप भी रूक गई है। ऐसे में वे अपने खर्चे तक  नहीं निकाल पा रहे हैं। एमफिल और पीएचडी की किताब बहुत महंगी मिलती है। ऐसे में वे उन्हें खरीद तक नहीं सकते हैं। क्योंकि घर में भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

शोध में दावा किया गया है कि मार्च में ही अधिकतर स्कॉलर्स अपने गांवों को लौट गए थे। महज 13 से 14 फीसदी छात्र ही कैंपस में है। करीब 75.9 फीसदी स्कॉलर्स का कहना है कि वे डिजिटली अपनी थीसिस और शोधकार्य पूरा नहीं कर सकते हैं। करीब दस फीसदी छात्रों ने कहा कि उनके घर में 4 से 6 घंटे बिजली कट होती है। जबकि 38 फीसदी ने कहा कि वे लगातार बिजली कट से परेशान रहे हैं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

28 साल का इंतजार खत्म, बाबरी विध्वंस मामले में फैसले की घड़ी निकट

Published

on

लखनऊ। बाबरी विध्वंस मामले में 28 साल बाद आखिरकार फैसले की घड़ी निकट आ गई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत 30 सितंबर को इस केस में अपना फैसला सुनाएगी। इस केस में स्पेशल सीबीआई जज एसके यादव हैं। इसे देखते हुए मध्य प्रदेश के दो बड़े नेताओं पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। इनमें से एक हैं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और दूसरे हैं बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया है। ये दोनों भी बाबरी केस में आरोपी बनाए गए थे। लिहाजा 30 सितंबर को आने वाले फैसले में इनके भविष्य का भी फैसला होगा। फैसले को देखते हुए पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ग्वालियर से लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं, जबकि कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से ये माना जा रहा है कि उमा भारती वीसी के ज़रिए कोर्ट की कार्यवाही में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।

बता दें 12 जून को बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और मध्य प्रदेश बीजेपी के कद्दावर नेता जयभान सिंह पवैया के अंतिम बयान दर्ज किए गए थे। ग्वालियर से लखनऊ पहुंचे जयभान सिंह पवैया ने सीबीआई कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए थे। 5 घंटे तक चली कार्यवाही के दौरान उनसे कुल 1050 सवाल किए गए थे। इनमें कुछ सवाल प्रश्नावली के तहत पूछे गए। जबकि कुछ सवाल जज की ओर से पूछे गए थे। जयभान सिंह ने इन सभी 1050 सवालों के जवाब दिए थे। सीबीआई की विशेष कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद जयभान सिंह पवैया ने अपने बयान में कहा था कि अगर राम काज के लिए उन्हें कोई कुर्बानी देनी पड़ी तो वह इसके लिए तैयार हैं।

यह भी पढ़ें: बाड़मेर: एम्बुलेंस में खत्म हो गई ऑक्सीजन, युवती ने रास्ते में ही तोड़ा दम

क्या है मामला
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया था। इस मामले में बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं को आरोपी बनाया गया था। जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, कल्‍याण सिंह, जयभान सिंह पवैया समेत कई और बड़े नेता शामिल थे। इन सभी ने अदालती कार्रवाई का सामना किया। कई साल से चल रहे इस केस में कुछ आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है।http://satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

September 29, 2020, 6:12 pm
Clear
Clear
32°C
real feel: 36°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 58%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:28 am
sunset: 5:25 pm
 

Recent Posts

Trending