Connect with us

प्रदेश

कोर्ट ने नमाज के लिए मस्जिदें व ईदगाहें खोलने का आदेश देने से किया इनकार

Published

on

याचिकाकर्ता ने ईद के दौरान ईदगाहों व मस्जिदों को एक घण्टे खोलने की दी थी अर्जी

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लाॅकडाउन के बीच ईद की नमाज के लिए यूपी की मस्जिदों व ईदगाहों को एक घंटे के लिए खोले जाने की मांग वाली याचिका पर कोई भी निर्णय देने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में कोई राहत देने की जिम्मेदारी कोर्ट ने राज्य सरकार के पाले में डाल दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि पहले वह सरकार से इस संबंध में अनुरोध करें। शाहिद अली की अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीधे दखल देने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने सलाह दी कि राज्य सरकार से अनुरोध खारिज होने या फिर अर्जी पेंडिंग होने पर ही हाई कोर्ट में अर्जी डालें। सभी मांगों के लिए सीधे हाईकोर्ट आना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता शाहिद अली ने कोर्ट से मांग की थी कि ईद की नमाज के लिए प्रदेश के ईदगाहों व मस्जिदों को ईद के दिन एक घंटे खोले जाने की अनुमति दी जाए।

यह भी पढ़ें-अपनी ही पार्टी पर बरसीं विधायक अदिति सिंह, कहा- घटिया सियासत की क्या जरूरत

अर्जी में मांग की गई थी कि ईद के साथ ही जून महीने तक जुमे के नमाज लिए हर शुक्रवार को एक घंटे खोलने की भी इजाजत मिले। याचिकाकर्ता के वकील ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि ईद व जुमे की नमाज जमात के साथ ही होती है।http://www.satyodaya.com

प्रदेश

शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने लिम्ब सेंटर को covid-19 हॉस्पिटल बनाए जाने का किया विरोध

Published

on

लखनऊ। लिम्ब सेंटर को कोविड-19 हॉस्पिटल बनाए जाने का विरोध करते हुए कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री भारत सरकार व सांसद लोकसभा लखनऊ क्षेत्र, मुख्यमंत्री, मंत्री चिकित्सा शिक्षा, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से दिव्यांगों और आम जनता के हित में लिंब सेंटर की जगह कहीं और कोविड हॉस्पिटल बनाने का अनुरोध किया है। मोर्चे के अध्यक्ष वी पी मिश्रा ने बताया कि लिम्ब सेंटर को जो कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय एक समिति ने लिया है।

उसको केजीएमयू की अधिशासी परिषद द्वारा पारित नही किया गया है। लिम्ब सेंटर परिसर पूरी तरह तकनीकी एवं चिकित्सीय आधार पर कोविड अस्पताल के लिए अनुपयुक्त है। साथ ही साथ यदि इस लिम्ब सेंटर को कोविड अस्पताल में परिवर्तित कर दिया गया तो प्रदेश के लाखों दिव्यांगजन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण तथा पुनर्वास के लिए वंचित हो जाएंगे। साथ ही साथ प्रदेश के एक मात्र जेई एवं एक्यूट इंसेफलाइटिस के इलाज वाले केंद्र जिसको शासन ने 5 करोड़ की लागत से स्थापित किया है उसके बंद हो जाने से, जापानी इंसेफेलाइटिस मरीजो का इलाज भी नही हो सकेगा।

इसे भी पढ़ें-राम मंदिर निर्माण शुरू होने के लिए अपने आप को खुशनसीब मानता हूँ- वसीम रिज़वी

केजीएमयू के एक समिति द्वारा प्रस्तावित कोविड अस्पताल को कोई अन्य सुरक्षित परिसर में निर्मित किया जाये और इस दिव्यांगजन केंद्र को दिव्यांगजनो हेतु संरक्षित रखा जाए। शासन द्वारा कहा गया था कि लिंब सेंटर की जगह कोई और जगह देखकर पुनः प्रस्ताव भेजा जाए लेकिन समिति ने पुनः लिंब सेंटर का ही प्रस्ताव भेजा जो जनहित में नही है। जबकि 466 बेड का ट्रामा सेंटर भी इस उपयोग में पी जी आई की भाँति लाया जा सकता है चूँकि वर्तमान में इमरजेंसी मानसिक रोग विभाग से संचालित हो रही है। द्विव्यांग मरीजों की चिंता एवं जनहित को देखते हुए इस संबंध में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित सभी माननीय को पत्र लिखकर पूरी समस्या से अवगत कराया गया।

उत्तर प्रदेश के दिव्यांगों का एकमात्र विशिष्ट पुनर्वास केंद्र लिंब सेंटर के संबंध में श्री मिश्र का कहना है कि डिपार्टमेंट ऑफ आर्थोपेडिक के.जी.एम.सी. के अंतर्गत वर्ष 1971 में श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने बांग्लादेश वार के समय 9 करोड़ रूपया दिया था, लाॅटरी फंड से इसका नाम आर्टिफिशियल लिंब सेंटर एवं प्रोस्थेटिक वर्कशॉप रखा गया। उस समय वर्कशॉप, फिजियोथेरेपी, आकुपेशनल थेरेपी, वोकेशनल सेक्शन तथा ओपीडी का स्थापना एवं संचालन शुरू हुआ। 1974 से 76 के पूर्व बिल्डिंग का निर्माण हुआ और सौ बेड का अस्पताल पैराप्लोजिया सेंटर, ऑपरेशन थिएटर वगैरा शुरू हुए। उसी समय दिव्यांगों के लिए लकड़ी का हाल और रीक्रिएशनल यूनिट शुरू हुआ।

जहां पर विकलांगो को शारीरिक रूप से सक्षम बनाए जाने के लिए खेलकूद सिखाएं जाते थे, जिसके माध्यम से पैरा ओलंपिक 1976-1981 में यहां के दिव्यांगों ने 6 गोल्ड मेडल जीते तभी वोकेशनल यूनिट की स्थापना हुई तथा आजीविका हेतु आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारपरक कार्य भी सिखाए जाते थे। मोर्चे का कहना है कि कंवेंशन सेंटर को कोविड हॉस्पिटल में आसानी से तब्दील किया जा सकता है। इसके अलावा परिसर में कई अन्य भवन हैं जो बनकर लगभग तैयार हैं, फिलहाल के तौर पर उनका भी इस्तेमाल किया जा सकता है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

अयोध्या: रामजन्मभूमि पर खुदाई में मिलीं प्राचीन मूर्तियां, जानें क्या है पूरा मामला

Published

on

लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर का काम धीरे-धीरे शुरू हो चुका है। इसी बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से कराए जा रहे समतलीकरण कार्य के दौरान कुछ ऐतिहासिक अवशेष मिले हैं। इन अवशेषों में कई पुरातात्विक मूर्तियां खंभे और शिवलिंग. आमलक, कलश और चौखट शामिल हैं।

रामजन्मभूमि परिसर में मिली मूर्तियां

जानकारी के मुताबिक कई पुरातात्विक मूर्तियों में खंभे और शिवलिंग मिली है। 4 फीट से बड़ा एक शिवलिंग उस हिस्से से मिला है, जहां मलबा हटाने और समतलीकरण का काम चल रहा था।

खुदाई के दौरान क्या मिला

आपको बता दें कि खुदाई के दौरान देवी देवताओं की खण्डित मूर्तियां , अन्य कलाकृतियों के पत्थर , 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ और 6 रेड स्टैंड स्टोन के स्तम्भ और 5 फुट आकार के शिवलिंग मिली है।

11 मई से चल रहा समतलीकरण का काम

मालूम हो कि 11 मई से राम जन्म भूमि के पक्ष में फैसला आने के बाद रामलला के मंदिर निर्माण के निमित्त राम जन्म भूमि अधिग्रहीत परिसर में जमीन का समतलीकरण के साथ जिक-जैक और लोहे के बैरिकेडिंग हटाने का काम चल रहा है। साथ ही जहां भगवान राम लला विराजमान थे। उसके पीछे की जो खाई थी, उसे कई जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर के सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए साफ किया जा रहा है। इस दौरान ही यहां ये मूर्तियां, शिवलिंग और शिलालेख मिले हैं।

हिन्दू महासभा के वकील का जारी हुआ बयान

इस मामले के बाद हिन्दू महासभा के वकील विष्णु जैन ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान हम पर मुस्लिम पक्ष ने हिन्दू तालिबान के आरोप लगाया था और कहा था कि वहां पर मंदिर का कोई अवशेष नही है। इन मूर्तियों का मिलना यह उन आरोपों का जवाब है जो हम सुप्रीम कोर्ट में बहस करते चले आ रहे थे। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

सिद्धार्थनगर में मिले 11 नए कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या पहुंची 60

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में गुरुवार को 11 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं आइसोलेशन वार्ड के 2 मरीज कोरोना निगेटिव मिलने के बाद घर भेजे गए। इसकी पुष्टि सीएमओ डॉ सीमा रॉय ने की है। मिली जानकारी के मुताबिक ये सभी मरीज सूरतगढ़, डुमरियागंज और नवगढ़ इटवा तहसील क्षेत्र के हैं। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों की संख्या 60 हो गई है। जिसमें से 19 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

इसे भी पढ़ें-COVID-19: यूपी में अब इन नियमों पर निर्धारित होंगे रेड, ऑरेन्ज और ग्रीन जोन

वहीं बुधवार को भी सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज और सदर तहसील क्षेत्र के दो अलग-अलग क्वारंटीन हाउस से तीन नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे। इनमें एक बच्ची भी शामिल है, जिसकी उम्र लगभग दो वर्ष बताई जा रही है। सभी को बर्डपुर सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बनगवां स्थित खैर टेक्निकल क्वारंटीन हाउस में 10 मई को मुंबई से लौटे 50 वर्षीय व्यक्ति और 19 वर्षीय युवक को क्वारंटीन किया गया था। संदिग्ध दिखने के बाद दोनों के लार का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसके अलावा सदर तहसील क्षेत्र के सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल करौंदा मसिना में क्षेत्र के ही एक गांव के ही एक परिवार को क्वारंटीन किया गया था। बताया जा रहा है कि यह लोग 13 मई को मुंबई से घर लौटे थे। स्क्रीनिंग में संदिग्ध लगने के बाद दंपती और एक बच्ची के लार का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। बुधवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से आई रिपोर्ट में बच्ची और डुमरियागंज के दोनों लोग पॉजिटिव मिले। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

May 22, 2020, 1:17 am
Mostly clear
Mostly clear
27°C
real feel: 27°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 43%
wind speed: 0 m/s NW
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 4:46 am
sunset: 6:21 pm
 

Recent Posts

Trending