Connect with us

प्रदेश

विधानसभा के सामने इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाकर कैबिनेट मंत्री ने किया रवाना  

Published

on

फाइल फोटो 

लखनऊ । एक लंबे इंतजार के बाद लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी मिल गई है। रविवार को विधानसभा के सामने कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 32 सीटर इलेक्ट्रिक बस आलमबाग टर्मिनल से गोमतीनगर के विराजखंड रूट पर चलेगी। और इस दूरी का किराया मात्र 40 रूपये होगा।

इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन टाटा मोटर्स ने किया है. उन्ही की उपस्थिति में आज हमारे कैबिनेट मंत्री  सुरेशा खन्ना ने इलेक्ट्रोनिक बस  को हर झंडी दिखा कर यात्रा करने वालों की यात्रा को आसान और सस्ता बना दिया.

आपको बता दें बस चारबाग, जीपीओ, सिकंदरबाग चौराहा, डालीबाग एवं लोहिया पार्क होकर गोमतीनगर तक जाएगी। जानकारी के मुताबिक राजधानी में नगरीय परिवहन विभाग ने 40 एसी इलेक्ट्रिक बस को मंजूरी दी है। लेकिन प्रयोग के तौर अभी एक इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत हो रही है। बाकी के 39 बसों को मार्च महीने तक लाया जाएगा। इन बसों में शहर के पांच मुख्य मार्गों पर संचालित करने की रुपरेखा तैयार की गई है। जो रूट तय किए गए हैं, उन रूटों पर हर पंद्रह से बीस मिनट के अंतर पर इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाएगा।

इलेक्ट्रिक बसों

ध्यान देने वाली बातें

31 सीटर एसी बस 50 यात्री सफर कर पाएंगे। इसके साथ ही डिस्पले बोर्ड से स्टापेज की जानकारी मिलेगी। वहीँ अगर हम सुरक्षा की बात करें तो बस इमरजेंसी बटन भी लगा रहेगा। सभी यात्री सीसीटीवी के नजर में रहेंगे।

एक यूनिट बिजली में 1 किमी चलेगी

यह इलेक्ट्रिक बस एक यूनिट बिजली से चार्ज होने पर एक किलोमीटर तक दौड़ेंगी। यानी आठ रुपये का खर्च आएगा। जबकि इतनी ही दूरी तक ईधन से बस दौड़ाने में 12 रुपये का खर्च होता है। ऐसे में 4  रुपये प्रति किलोमीटर की बचत होगी। नगरीय परिवहन निदेशालय के संयुक्त सचिव अजीत सिंह बताते हैं कि आने वाले दिनों में बिजली की बचत के लिए सोलर पैनल लगाने की भी कार्ययोजना बनाई गई है।

ये सोलर पैनल दुबग्गा और अवध विहार योजना के पी फोर पार्किंग में लगेगा। आपको बता दें इलेक्ट्रिक बस को चार्ज करने पर बिजली की खपत भी कम होगी। जिसकी वजह से खर्च में कमी आएगी।राजधानी में पहले चरण में 40 व दूसरे चरण में सौ इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इससे आम जनता को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा मिलेगी। http://www.satyodaya.com

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रदेश

रूस दौरे से लौटे सीएम योगी पर अखिलेश ने साधा निशाना, कहा- प्रदेश की जनता को कोई उम्मीद नहीं

Published

on

लखनऊ। रूस दौरे से लौटे सीएम योगी आदित्यनाथ पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्रों में जाकर कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में परस्पर सहयोग की बात कर आए हैं। लेकिन अच्छा होता कि उनकी नजर प्रदेश में विकास की तमाम संभावनाओं पर भी पड़ जाती है। उन्हें शायद दूर के ढोल सुहावने लगते हैं। प्रदेश में उनकी सरकार का अब ढाई साल से भी कम समय रह गया है इसमें अपनी जनहित की एक योजना भी वे कार्यान्वित नहीं कर सके हैं। समाजवादी पार्टी ने जो योजनाएं लागू की थीं उन्हें ही वे पूरा कर लेते तो प्रदेश की विकास यात्रा में उनका भी थोड़ा बहुत योगदान जुड़ जाता। 

 सपा सरकार ने आगरा, लखनऊ एक्सप्रेस-वे के किनारे सब्जी, दूध, अनाज, आलू की मंडिया स्थापित करने की योजना बनाई थी। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित और लाभप्रद मूल्य हासिल होता। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्वामी रामदेव को नोएडा क्षेत्र में गाय के दूध का प्लांट लगाने को 500 एकड़ जमीन दी गई थी। लखनऊ में अमूल का प्लांट स्थापित हुआ। कन्नौज में काउमिल्क प्लांट की स्थापना किए जाने की जरूरत है। इस दिशा में समाजवादी सरकार आगे बढ़ रही थी। रूस के सहयोग से आलू से अन्य उत्पाद बनाने का प्लांट लगाने की बात होती तो अच्छा होता।

ये भी पढ़ें: पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी

 अखिलेश ने कहा कि यात्रा सार्थक होती यदि मुख्यमंत्री जी मंडियों को विकसित करने में रूस का सहयोग लेते। रूस की किसी कंपनी को यह काम देने से एक्सप्रेस-वे के पास के स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण दोनों हो जाता। यहां तो उल्टा काम यह हुआ है कि एक्सप्रेस-वे टोल टैक्स का काम महाराष्ट्र के लोगों को दे दिया गया है। उनकी रूचि टोल टैक्स वसूली में ज्यादा है, यात्रा की सुरक्षा एवं सुविधा विस्तार में नही है। मुख्यमंत्री जी ने सोवियत रूस में नदी के किनारे कहीं भ्रमण किया होगा तो वहां से कुछ सीख लेकर गोमती नदी की सफाई और उसके तटों के सौंदर्यीकरण का काम बेहतर हो सकता है।

 इसी के साथ उन्होंने कहा कि इसमें दो राय नहीं कि उत्तर प्रदेश संसाधनों के मामले में बहुत आगे है। यहां की धरती उर्वरा है और श्रमशक्ति भी पर्याप्त मात्रा में है। प्राकृतिक वातावरण और ऋतुचक्र में भी उत्तर प्रदेश बहुत सम्पन्न है। भारत-रूस सहयोग से विकास के नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। लेकिन भाजपा की तो विकास में रूचि ही नहीं है। इसीलिए उसके कार्यकाल में विकास का एक नया पत्थर भी नहीं रखा जा सका। ऐसे में जनता को अब भाजपा से कोई उम्मीद करे भी तो कैसे?

  सपा प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री जी याद रखें कि समय किसी का इंतजार नहीं करता है। एमओयू तो बहुत हो जाते हैं उनको धरातल पर उतारा जाना ज्यादा महत्व रखता है। रूस से तुलना की संभावना से काम नहीं चल सकता। व्यवहारिक दृष्टि से ठोस परिणाम कैसे आएगा, इसकी रूपरेखा घोषित किए बगैर बातें है बातों का क्या?       http://www.satyodaya.com 

Continue Reading

प्रदेश

स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किए जाएंगे 73 कैदी, मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

Published

on

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश की जेलों में बंद 73 सिद्ध दोष कैदियों को रिहा किया जाएगा। सीएम योगी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। ये वो कैदी हैं जो न्यायालय द्वारा दी गई सजा पूरी कर चुके हैं और अर्थदण्ड न जमा कर पाने के कारण रिहा नहीं हो पा रहे थे।

यह भी पढ़ें: दबंग ने दिनदहाड़े युवक पर धारदार हथियार से किया हमला

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह एवं कारागार अवनीश कुमार अवस्थी ने पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं को आवश्यक निर्देश दिए हैं। रिहा किए जाने वाले कैदी मेरठ, कानपुर नगर, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली, हमीरपुर, चित्रकूट, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, मथुरा, अयोध्या, आगरा, उन्नाव, उरई, हरदोई, फतेहगढ़, लखनऊ, कन्नौज, सीतापुर, गोंडा, सोनभद्र, झांसी, गाजियाबाद व रायबरेली की जेलों में बंद हैं। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

कारागारों में प्रतिबंधित वस्तुओं पर रोक लगाने के लिए लगेंगे डिटेक्टर

Published

on

लखनऊ। प्रदेश की कारागारों में प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए निरीक्षणों के दौरान सघन तलाशी के लिए नॉन लिनियर जंक्शन डिटेक्टर (एन.एल.जे.डी) लगाएगी। प्रदेश सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर सभी परिक्षेत्रीय उप महानिरीक्षकों के निरीक्षणों के दौरान सघन तलाशी के लिए इसकी व्यवस्था करने के लिए 1 करोड़ 90 लाख 92 हजार रूपये की स्वीकृति दे दी है। 

यह भी पढ़ें: पूर्व आइएएस शाह फैसल के विदेश दौरे पर रोक, दिल्ली एयरपोर्ट से वापस भेजे गए कश्मीर

इस संबंध में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिये गये है। जारी आदेश के अनुसार यह डिटेक्टर 9 परिक्षेत्रीय कार्यालयों में 1-1 तथा प्रशिक्षण के लिए सम्पूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में 1 इस प्रकार कुल 10 डिटेक्टर लगाये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि जंक्शन डिटेक्टर की व्यवस्था इलाहाबाद, वाराणसी, फैजाबाद, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, मेरठ, बेरली तथा आगरा परिक्षेत्रीय में की जायेगी।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

August 15, 2019, 2:46 pm
Rain
Rain
30°C
real feel: 36°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 83%
wind speed: 4 m/s E
wind gusts: 4 m/s
UV-Index: 2
sunrise: 5:08 am
sunset: 6:14 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 9 other subscribers

Trending