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प्रदेश

नीति आयोग का प्रस्ताव नामंजूर, बिजली वितरण व निजीकरण का विरोध करेंगे कर्मचारी

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बिजली सेक्टर में किसी भी निजीकरण का प्रबल विरोध होगा

लखनऊ। नीति आयोग द्वारा बिजली वितरण का निजीकरण और शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर बिजली कर्मचारियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। कर्मचारियों व इन्जीनियरों ने कहा है कि बिजली सेक्टर में किसी भी प्रकार से निजीकरण करने की कोशिश की गई तो इसका प्रबल विरोध होगा।
आल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि नीति आयोग द्वारा जारी स्ट्रेटेजी पेपर में उन्हीं बातों का उल्लेख है जो इलेक्ट्रिसिटी (एमेंडमेंट ) बिल 2014 और 2018 में सम्मिलित थीं द्य उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (एमेंडमेंट ) बिल 2014 और 2018 विगत लोकसभा में पारित न हो पाने के कारण लैप्स हो गए और नई लोकसभा में पुनः इस बिल को रखने के पहले बिजली कर्मचारियों व् इंजीनियरों से वार्ता होनी चाहिए द्य उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने वार्ता हेतु केंद्रीय विद्युत् मंत्री आर के सिंह को पत्र भेजकर समय माँगा है।

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आल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन का यह कहना है कि बिजली के क्षेत्र में विगत 25 वर्षों में किये गए निजीकरण और फ्रेंचाइजी के सभी प्रयोग पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। ऐसे में इन्हीं असफल प्रयोगों को आगे बढ़ाने के नीति आयोग के प्रस्ताव पर जल्दबाजी में एकतरफा निर्णय लेने के बजाय केंद्र सरकार को बिजली कर्मियों को विश्वास में लेकर सार्थक ऊर्जा नीति बनानी चाहिए जिससे आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापरक बिजली उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि बिजली बोर्डों के विघटन का प्रयोग विफल रहा है, मात्र विघटन कर नई बिजली कंपनियों के गठन से घाटा तो निरंतर बढ़ ही रहा है, अनावश्यक प्रशासनिक खर्चे भी बढ़ गए हैं। अतः बिजली कंपनियों के एकीकरण की जरूरत है जिससे उत्पादन, पारेषण और वितरण में बेहतर सामंजस्य हो सके। विघटन के बाद की स्थिति यह है कि एक ओर उत्पादन और पारेषण कंपनियों को मुनाफे के नाम पर अरबों रूपए का इनकम टैक्स देना पद रहा है तो वहीं दूसरी ओर वितरण कम्पनियां सरकार की दोषपूर्ण ऊर्जा नीति के चलते अरबों रुपए के घाटे में हैं। इनकम टैक्स और घाटे दोनों की भरपाई अंततः आम उपभोक्ताओं से बिजली टैरिफ बढ़ा कर की जा रही है जो किसी के हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर निजीकरण की कोई एकतरफा कार्यवाही की गई तो देश के 15 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर राष्ट्रव्यापी आंदोलन प्रारम्भ करने हेतु बाध्य होंगे।http://www.satyodaya.com

क्राइम-कांड

पत्रकार की पिटाई करने के आरोपी जीआरपी एसएचओ और कॉन्स्टेबल सस्पेंड…

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पटरी से उतरी मालगाड़ी की कवरेज करने गए एक पत्रकार की पिटाई करने के आरोपी जीआरपी एसएचओ राकेश कुमार और कॉन्‍स्‍टेबल संजय पवार को सस्‍पेंड कर दिया गया है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्‍होंने पत्रकार अमित शर्मा के साथ बदसलूकी की और उसके साथ अमानवीय कृत्य किए। इससे पहले बुधवार सुबह पत्रकारों ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

पीड़ित पत्रकार अमित शर्मा ने बताया कि पिटाई करने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्‍हें हिरासत में लिया। हिरासत में उन्‍हें नंगा किया गया और उनके मुंह में पेशाब किया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मी सादी वर्दी में थे और उन्होंने घटनास्थल पर ही गाली गलौज और मारपीट शुरू कर दी। साथ ही मीडियाकर्मियों का माइक भी छीन लिया। पिटाई की घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

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पत्रकार ने आरोप लगाया है कि पुलिसवाले उनसे कैमरा छीनने लगे और कैमरा नीचे गिर गया। वह कैमरा उठाने के लिए झुके तो सादी वर्दी में एक पुलिसवाले ने पिटाई शुरू कर दी और भद्दी गालियां देने लगा। मीडियाकर्मी ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी करीब 200 मीटर उन्‍हें पिटाई करते हुए ले गए और उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया और फिर मुंह में पेशाब की। पत्रकार शर्मा ने बताया कि रेलवे की एक खबर चलाने के बाद पुलिसवाले उनसे नाराज थे।

बता दें कि यह घटना शामली शहर के धीमानपुरा फाटक के पास की है जहां ट्रैक बदलने के दौरान मालगाड़ी के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। डिब्बे उतरने की वजह से जोर की आवाज भी हुई। शामली-सहारनपुर रेल मार्ग पर इस हादसे की वजह से ट्रैफिक प्रभावित रहा। आरोपी पुलिसकर्मियों को पहले लाइन हाजिर किया गया लेकिन बाद में लखनऊ से निर्देश मिलने पर सस्‍पेंड कर दिया गया।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

अवैध शराब को रोकने के लिए जनपदों की तहसीलों में आबकारी निरीक्षक की हुई तैनाती…

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प्रतीकात्मक चित्र

आबकारी मंत्री ने की विभागीय समीक्षा बैठक

लखनऊ। प्रदेश में अवैध मदिरा पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समस्त जनपदों की प्रत्येक तहसीलों में आबकारी निरीक्षक लगाए गए हैं। यह बातें प्रदेश के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने मंगलवार को आवास विकास परिषद में हो रही विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा जिन तहसीलों में आबकारी निरीक्षकों ने अभी बैठना प्रारम्भ नहीं किया है, वे तत्काल अपनी निर्धारित तहसीलों पर बैठना सुनिश्चित करते हुए अवैध मदिरा पर प्रभावी नियंत्रण रखें।

आबकारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्य को और कारगर बनाया जाए तथा अवैध मदिरा के उत्पादन पर पूरी तरह से अंकुश लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्तर्राज्यीय तस्करी की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जाए। प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी ने कहा कि आबकारी विभाग के अन्तर्गत निर्धारित की गई राजस्व प्राप्तियों की निर्धारित समय में प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। आबकारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसीलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढि़लाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। प्रमुख सचिव ने बैठक में बताया कि मई, 2019 में 2566.68 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई।

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जबकि गतवर्ष इसी अवधि की 2213.26 करोड़ की प्राप्ति हुई। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष मई 2019 तक 5360.74 करोड़ रुपये अर्थात् 17.1 प्रतिशत राजस्व की वृद्धि हुई। प्रवर्तन कार्य की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मई, 2019 तक कुल 8326 अभियोग पंजीकृत किये गये। जबकि गतवर्ष इसी अवधि में 5464 अभियोग पंजीकृत हुए थे। इस अवधि में 3.40 लाख लीटर अवैध मदिरा पकड़ी गयी। इसके साथ ही 71 वाहन पकड़े गये तथा 487 व्यक्तियों को जेल भेजा गया। अवस्थी ने बताया कि वर्ष 2018-19 में मई 2019 तक 478.12 लाख कुण्टल शीरे का उत्पादन हुआ और 44.79 लाख कुण्टल शीरे का निर्यात दूसरे राज्य में भी किया गया है।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में गांव व दूरस्थ क्षेत्रों में दें जानकारी : नीलकंठ तिवारी

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छोटी-छोटी किताबें प्रकाशित कराकर सूचनाएं देने का निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के राज्यमंत्री सूचना नीलकंठ तिवारी ने कहा है कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सरकार की जनहित में चलायी जा रही योजनाओंए क्रिया-कलापों और गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने का एक बड़ा माध्यम है। प्रदेश के गांव-गांव और दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकार की योजनाओं, नीतियों, उपलब्धियों को पहुंचाने के साथ-साथ पार्षदों तक भी जानकारियों की पहुंच बनायी जाये। राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी मंगलवार को लोकभवन में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। विभाग की अद्यतन प्रगति का अवलोकन करते हुए उन्होंने निर्देश दिये कि सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं पर छोटी-छोटी किताबें प्रकाशित कराकर प्रदेश के गांव-गांव एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक उनका वितरण कराया जाये जिससे जनता को सरकार की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं की पूर्ण जानकारी हो। साथ ही वे उसका लाभ भी ले सकें। साथ ही राज्यमंत्री ने कुम्भ में इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा किए गए प्रचार-प्रसार कार्यों की सराहना भी की।

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विभाग की निर्माणाधीन इकाइयों की जानकारी लेते हुए राज्यमंत्री सूचना ने सूचना संकुल बनाये जाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग को कुछ नए दायित्वों के लिए प्रस्तावों पर भी विचार करना चाहिए। समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री ने विभाग को पत्रकारिता संस्थान चलाने जैसी कार्य योजनाओं पर भी विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमें प्रगति के नये आयामों की ओर भी देखना चाहिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को लम्बित कार्यों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग अवनीश कुमार अवस्थी ने सूचना मंत्री को विभाग के गत वर्षों के कार्यों की जानकारी देने के साथ.साथ आगामी कार्य.योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया। निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग शिशिर ने प्रचार-प्रसार की आगामी समस्त योजनाओं तथा विभाग के कार्यों की अद्यतन प्रगति प्रस्तुत की। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थीए निदेशक शिशिरए विशेष सचिव, संयुक्त निदेशक विनोद कुमार पाण्डेय तथा सूचना विभाग के समस्त उपनिदेशक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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June 12, 2019, 2:50 pm
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