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पंखुड़ी पाठक के साथ शादी करने जा रहे सपा नेता पर पूर्व पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

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कहा, बेटे की हत्या का डर दिखाकर देवर ने भी बनाए शारीरिक संबंध

लखनऊ। कांग्रेस की मीडिया पैनलिस्ट पंखुड़ी पाठक के साथ 1 दिसंबर को शादी करने जा रहे समाजवादी पार्टी के नेता अनिल यादव विवादों में घिर गए हैं। अनिल यादव पहले से ही एक शादी कर चुके हैं। जिसके साथ उनका तलाक हो चुका है। विवाह से ठीक पहले मीडिया के सामने आकर सपा प्रवक्ता अनिल यादव की पहली पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अनिल यादव की पहली पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन तलाक लिया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि बेटे की हत्या का डर दिखाकर देवर ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

सपा नेता की पूर्व पत्नी ज्योति यादव ने शुक्रवार को भी प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया था कि बेटी की हत्या का डर दिखाकर उससे जबरन तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर करवाए गए। उसके ससुर और देवर ने उसे कई महीने तक बंधक बनाकर रखा। ज्योति यादव का आरोप है कि जब उसने सास-ससुर से शिकायत की तो उन्होंने कहा, उसका ओहदा बढ़ गया है। तुम्हारे पिता ने शादी में डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए थे, अब वह 10 करोड़ का आदमी है। पति के व्यवहार का विरोध करने पर ससुर और देवर उस पर निगरानी करने लगे। उसे बंधक बनाकर रखा जाने लगा।

ब्लैकमेल कर शादी कर रहीं पंखुड़ी पाठक

पीड़िता ज्योति यादव का आरोप है कि पंखुड़ी पाठक गलत तरीके से दबाव बनाकर अनिल यादव के साथ शादी कर रही हैं। पत्नी का कहना है कि अनिल यादव ने बताया था कि वह कांग्रेस में मीडिया सलाहकार पंखुड़ी पाठक (पूर्व सपा प्रवक्ता) के साथ विदेश घूमने गया था। वहां उसने मेरे साथ एक वीडियो बना ली। इस कारण मैं फंस गया हूं और अब मुझे तुमसे छुटकारा चाहिए। पति ने बच्चे की हत्या की धमकी दी और 2018 में जबरन कड़कड़डूमा कोर्ट में आपसी समझौते से तलाक के कागजात पर साइन करा लिए।

यह भी पढ़ें-आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खान 6 महीने के लिए जिला बदर घोषित

पूर्व पत्नी ज्योति यादव के वकील विजय कुमार पांडे ने पत्रकारों को बताया कि अनिल यादव और पीड़िता की शादी 2013 में हुई थी। जिसके बाद मई 2015 में दोनों को एक बेटा हुआ। 2016 के बाद से अनिल यादव और उनके परिवार ने ज्योति यादव के साथ गलत बर्ताव शुरू कर दिया।

प्रापर्टी हथियाने की साजिश: अनिल यादव

पूर्व पत्नी के आरोपों पर सपा नेता अनिल यादव का कहना है कि आरोप निराधार हैं। यह सब केवल प्रापर्टी हथियाने के लिए किया जा रहा है। हम दोनों की सहमति से तलाक हुआ था। पिछले तीन वर्ष से हम दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर बच्चे व पत्नी के खर्च के लिए 50 लाख रुपए भी दिए हैं। सपा प्रवक्ता ने कहा, मुझे बदनाम किया जा रहा है। मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।

होने वाले पति पर आरोप लगने से पंखुड़ी आहत

होने वाले पति पर शादी से पूर्व लगाए गए आरोपों पर पंखुड़ी पाठक भी गुस्से में हैं। शादी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बीच पूर्व पत्नी के सामने आने के बाद शनिवार को पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट किया, सत्य वह सूरज है, जिसे फरेब के बादल ढक सकते हैं लेकिन बुझा नहीं सकते। अनिल यादव और पंखुड़ी पाठक 1 दिसंबर को दिल्ली में शादी के बंधन में बंधेंगे।

ट्वीटर भी हलचल

अनिल यादव और पंखुड़ी पाठक की शादी को लेकर ट्वीटर पर भी हलचल दिख रही है। तमाम यूजर्स ने पूर्व पत्नी के आरोपों के बाद अनिल यादव को आड़े हाथ लिया है। साथ ही यूजर्स पंखुड़ी पाठक को भी एक महिला का घर उजाड़कर अपना घर बसाने का आरोप लगाकर खरी-खोटी सुना रहे हैं। http://www.satyodaya.com

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राहतः नोएडा व लखनऊ में लाॅकडाउन के बीच बच्चों से फीस वसूली पर रोक

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जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों को दी सख्त हिदायत

लखनऊ। लाॅकडाउन के चलते सब कुछ ठप है। लोगों की काम, धंधे सब बंद हैं। लेकिन इस बीच तमाम प्राइवेट स्कूल बच्चों के अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे थे। ऐसे में रविवार को यूपी के नोएडा और लखनऊ प्रशासन ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। नोएडा के नए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने रविवार को एक आदेश में सभी प्राइवेट स्कूलों को फीस वसूली का दबाव न बनाने को कहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर यह आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

डीएम सुहास ने पत्र में कहा है कि पूरे देश में लाॅकडाउन है। लोग संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अगर कोई भी स्कूल 14 अप्रैल यानी लॉकडाउन के बीच अभिभावकों से फीस मांगता है तो उसपर आदेश का उल्लघंन करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। जिसमें एक साल की सजा या अर्थदण्ड या दोनों और यदि कोई लोक क्षति होती है तो यह सजा दो वर्ष की भी हो सकती है। नोएडा डीएम के फरमान के कुछ घण्टे बाद लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने भी ऐसा ही एक आदेश जारी कर दिया है। जिसमें उन्होंने राजधानी के सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है।

यह भी पढ़ें-कोरोना हो हारना ही होगा…पूरे भारत ने दीया जलाकर जताया संकल्प

बाद में समायोजित करें तीन महीने की फीस

जिलाधिकारी ने कहा है कि कोई भी निजी स्कूल अप्रैल, मई और जून की फीस न मांगे। साथ कोई भी स्कूल बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से भी वंचित न करें। नाम काटने की शिकायत मिलने संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ डीएम ने कहा, स्कूल 3 महीने की फीस बाद में समायोजित कर सकते हैं। बता दें कि इससे पहले वाराणसी के जिलाधिकारी ने लाॅकडाउन के दौरान बच्चों की फीस वसूली पर रोक लगायी थी। http://www.satyodaya.com

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लॉकडाउन: डॉक्टरों के पास न तो पर्याप्त टेस्टिंग किट और न ही पीपीई- अखिलेश यादव

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लखनऊ। कोरोना महामारी से बचने के लिए जहां सरकार सख्त नजर आ रहा है। वहीं विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस संकट काल में ट्वीट कर केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने की कोशिश में लगे स्वास्थ्य कर्मियों के पास न तो पर्याप्त टेस्टिंग किट्स हैं और न ही पर्याप्त संख्या में पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) हैं। यहां तक की गरीबों को खिलाने के लिए भोजन भी नहीं है। यही हमारे सामने आज प्रमुख चुनौतियां हैं।

वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट तक रोशनी करने की अपील पर शेर के सहारे तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया कि सोचो अंदर की रोशनी बुझाकर, कौन पा सका है बाहर के उजाले। बता दें कि अखिलेश यादव इसके पहले भी कोरोना से बचाव के तरीकों पर सवाल उठाकर केंद्र व प्रदेश सरकार की आलोचना करते रहे हैं।

इसे भी पढ़ें- निजामुद्दीन मरकज व तबलीगी ज़मात पर लगे पूर्ण प्रतिबन्ध- विश्व हिन्दू परिषद्

इसके उलट बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती बसपा विधायकों से इस महामारी से लड़ने में प्रदेश सरकार का साथ देने की अपील की थी जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आभार भी जताया था।http://www.satyodaya.com

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निजामुद्दीन मरकज व तबलीगी ज़मात पर लगे पूर्ण प्रतिबन्ध- विश्व हिन्दू परिषद्

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लखनऊ। तबलीगी जमात व उसके निजामुद्दीन मरकज की देश व्यापी करतूतों के कारण सम्पूर्ण भारत आज गम्भीर संकट में है। विश्व हिन्दू परिषद् ने इसे इस्लामिक कट्टरपंथी व आतंक का पोषक बताते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने की मांग की है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा-सचिव डॉ सुरेन्द्र जैन ने कहा है, कि हम सभी भारतीयों का जीवन संकट में डालने वाले तब्लीकी जमात के आर्थिक श्रोतों का पता लगाकर उसके बेंक खातों, कार्यालयों व कार्यकलापों पर अबिलम्ब विराम लगाया जाए। उन्होंने कहा कि 8 दिन के लाकडाउन के कठिन परिश्रम के बाद पूरा देश राहत की सांस ले रहा था।

कोरोना पीड़ितों की वृद्धि दर मात्र 2.8 रह गई थी। तभी 30 मार्च को मरकज निजामुद्दीन में एक भयंकर विस्फोट हुआ। वहां से 2300 से अधिक तब्लीगियों को निकाला गया। जिनमें से 500 कोरोना पीड़ित थे और 1800 को क्वारंटाइन करना पड़ा। 9 हजार से अधिक तबलीगी पूरे देश में कोरोना वायरस फैला रहे हैं। 31 तारीख को वृद्धि दर अचानक बढ़कर 43.02% हो गई। सारा देश सकते में आ गया। मस्जिदों मदरसों में छिपे हुए देशी-विदेशी संक्रमित मौलवियों की धरपकड़ होने लगी। इनके कारण सामुदायिक संक्रमण की संभावनाएं बढ़ गई। 14-15 मार्च को मुंबई में 2 से 3 लाख तबलीगीयों का इज्तेमा होना वाला था। विहिप के विरोध के कारण उसे रोक दिया गया।

इसे भी पढ़ें- लखनऊः हेल्प यू ट्रस्ट ने 28 लोगों को दी ’कोरोना वारियर’ की उपाधि

अगर वह हो जाता तो पहले से ही कोरोना में नंबर एक पर महाराष्ट्र के साथ पूरे देश की स्थिति क्या होती इसकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती ! डॉ जैन ने कहा कि अपने इस घोर अपराध के लिए शर्मिंदगी महसूस करने की जगह इन संक्रमित मौलवियों को छुपाने के लिए पुलिस-कर्मियों व स्वास्थ्य कर्मियों को देश की पचासियों बस्तियों में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। इनकी ही जान बचाने गए डॉक्टरों पर हमले किए गए। क्वॉरेंटाइन किए गए तब्लीगी नर्सों के साथ अश्लील हरकतें करने लगे और डॉक्टरों पर थूकने लगे। नरेला के क्वॉरेंटाइन सेंटर में तो सेना के चिकित्सकों और सैनिकों को ही बुलाना पड़ा। केवल निजामुद्दीन में ही नहीं, देश भर में मौलवियों ने मुस्लिम समाज को भड़काने वाले भाषण भी दिए।

बंगाल के एक मौलवी अब्बास सिद्दीकी ने तो नमाजियों को भड़काते हुए यहां तक कह दिया कि अल्लाह ऐसा वायरस भेजें जिससे 50 करोड़ हिंदू खत्म हो जाए। विहिप के संयुक्त महा सचिव ने यह भी कहा कि कोरोना पीड़ित व्यक्तियों की संख्या में से आधे से अधिक संख्या तबलीगी, मौलवी या उनसे संक्रमित लोगों की है। संपूर्ण देश तब्लीगियों और उनसे प्रभावित कट्टरपंथियों के इस व्यवहार से बहुत आश्चर्यचकित व खिन्न है। ऐसा लग रहा है कि कोरोना संक्रमण को हथियार के रूप में प्रयोग कर इनमें आत्मघाती बम बनने की होड़ लगी है.http://www.satyodaya.cam

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April 6, 2020, 2:07 am
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