Connect with us

क्राइम-कांड

नाबालिक से छेड़छाड़ करने वाले बेटे की पिता ने कर दी हत्या

Published

on

अमरोहा। एक पिता ने अपने ही बेटे की हत्या इसलिये कर दी क्योंकि उसने पड़ोस में रहने वाली लड़की से छेड़खानी की थी। यह मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का है। हत्या करने बाद जब गुस्सा ठंडा हुआ तब पिता ने हत्या का इल्जाम लड़की के परिवारवालों पर डालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने सच का पता तलाश लिया।

दरअसल, थाना आदमपुर क्षेत्र के गांव तरौली में गिरीश गुर्जर का घर है। सोमवार रात उनका 18 साल का बेटा सतेंद्र नशे की हालत में घर आता है। आरोप है कि वो अपने पड़ोसी के घर में जबरन दाखिल हो जाता है और नाबालिक लड़की से छेड़छाड़ करने लगता है। नाराज पड़ोसी गिरीश के पास जाकर शिकायत करता है और गिरीश अपने बेटे को घसीटता हुआ वापस लेकर आता है। घर पर सतेंद्र को समझाने की कोशिश करता है लेकिन नशे में होने के कारण वो गिरीश की बात नहीं सुनता और दोनों में कहा-सुनी होने लगती है। बात इतनी बढ़ जाती है कि गिरीश गुस्से में फावड़े से अपने बेटे की गर्दन पर जोरदार वार करता है। सतेंद्र की वहीं मौत हो जाती है।

हालांकि, गुस्से में गिरीश ने हत्या तो कर दी लेकिन कुछ ही पल में उसे अहसास हो गया कि उससे बड़ी गलती हो गई है। गलती को स्वीकारने के बजाय उसने इसका दोष पड़ोसी पर मढ़ने का प्रयास किया। शव को पड़ोसी के आंगन में फेंक दिया और आरोप लगाने लगा कि छेड़छाड़ के विरोध में उसके बेटे की हत्या की गई है। रात में ही पुलिस अधीक्षक विपिन ताड़ा गांव पहुंचे। पड़ोसी ने सारी घटना एसपी को बताई। एसपी ने देखा कि खून के छींटे गिरीश के घर पर भी हैं और गिरीश ने कपड़े भी बदले हैं। फिर क्या गिरीश से पूछताछ हुई और उसके झूठ का कुछ ही देर में पर्दाफाश हो गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया गया। गिरीश को गिरफ्तार कर लिया गया है और पड़ोसी की तहरीर पर गिरीश के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।http://www.satyodaya.com

क्राइम-कांड

पुलिस के सामने फिरौती के 30 लाख की रकम ले उड़े किडनैपर्स, अगवा बेटा भी नहीं मिला

Published

on

लखनऊ। कोरोना के बीच उत्तर प्रदेश में अपहरण और फिरोती का मामला सामने आया है। जहां कानपुर के बर्रा-5 निवासी लैब टेक्नीशियन का 22 जून को अपहरण हो गया। जिसके बाद उनके परिवार वालों को फोन कर बदमाशों ने तीस लाख की फिरौती मांगी। युवक को परिजनों ने अपहरणकर्ताओं को फिरौती के 30 लाख रुपए दे दिए। लेकिन युवक के परिवार पर उस वक्त बड़ी आफत टूट पड़ी जब अपहरणकर्ताओं को फिरौती के 30 लाख रुपए देने के बाद भी अपहृत युवक को पुलिस छुड़ा नहीं सकी।

पुलिस की लापरवाही आया सामने

कानपुर के बर्रा में रहने वाली अपर्णा यादव, पति, बेटी और बेटे संचित यादव के साथ रहती हैं। संचित एक लैब में टेक्निशन है। बीते 22 जून को संचित लैब से वापस लौट रहा था, तभी उसका अपहरणकर्ताओं ने अपहरण कर लिया था। परिवार ने बर्रा थाने में संचित यादव की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 30 लाख रुपए फिरौती की मांग की थी। इसकी जानकारी परिजन लगाकर एसपी साउथ व बर्रा इंस्पेक्टर को रिकॉर्डिंग के साथ दे रहे थे। उनका आरोप है, कि पुलिस के कहने पर उन्होंने सोमवार देर रात अपहरणकर्ताओं के बताए पते पर गुजैनी हाईवे से झांसी रेलवे लाइन के पास पुल से 30 लाख रुपए से भरा बैग नीचे फेंका।

पीड़ित परिवार ने अब पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस 100 मीटर दूरी से अपहरणकर्ताओं पर नजर बनाए हुए थीं। पुलिस ने अपहरणकर्ता के उस मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर भी लगाया था। फिर भी अपहरणकर्ता बैग लेकर निकल गए पर युवक को नहीं छोड़ा। परिजनों ने कहा कि पुलिस की निगरानी में पैसे दिए गए। पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पर मंगलवार को हंगामा किया। वहीं, रात को एसएसपी ने बर्रा थाने का जायजा लेकर पीड़ित के परिजनों से बातचीत की। बेटे के न मिलने पर परिजनों ने बर्रा पुलिस पर अपहरणकर्ताओं से मिलीभगत का आरोप लगाया है।

इसे भी पढ़ें- कोरोना वायरस: 24 घंटे में सबसे ज़्यादा 29,429 नए मामले सामने आए, 582 लोगों की मौत

जेवर और मकान बेच जुटाए थे पैसे

परिजनों का कहना है कि बेटे को छुड़ाने के लिए अपने जेवर और मकान तक बेच दिया था। बहन ने एसएसपी ऑफिस में बिलखते हुए कहा कि घर और खेती बेचने के साथ ही रिश्तेदारों से किसी तरह उधार रुपए लेकर भाई को छुड़ाने की व्यवस्था की थी। परिजनों का आरोप है, कि अपहरणकर्ता के 29 जून से लगातार फोन कर रहे थे। उन्होंने पुलिस को न केवल जानकारी दी बल्कि हर कॉल की रिकॉर्डिंग तक मुहैया कराई। इतना सब कुछ होने के बावजूद पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई।

एसएसपी बोले, युवक और पैसा दोनों लौटाएंगे

वहीं एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक थाना बर्रा क्षेत्र में एक युवक को छुड़ाने के लिए 30 लाख रुपए फिरौती पुलिस के सामने देने की बात मीडिया में चली है। इसे मैं खुद संज्ञान में ले रहा हूं, पीड़ित परिवार से बात कर रहा हूं। उनकी शिकायत जो भी है पुलिस विभाग के प्रति उसकी भी जांच की जा रही है। जिसने भी गलती की है उसे सजा मिलेगी। जो लड़का गायब है, उसे जल्द से जल्द रिकवर किया जाएगा। फिरौती की रकम गई है, तो उसे भी रिकवर किया जाएगा। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

क्राइम-कांड

छह अवैध शराब तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे

Published

on

लखनऊ। राजधानी के आशियाना थाना क्षेत्र में अवैध शराब के साथ पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसआई महेश कुमार दुबे ने बताया कि संतराम पुत्र स्व. मुन्नीलाल निवासी सालेहनगर थाना आशियाना और अभिनव जायसवाल पुत्र विनय जायसवाल निवासी सेक्टर, एम-1 थाना आशियाना को एसबीआई बैंक लाॅ कालेज के सामने आशियाना से गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से कुल छह पौवा अवैध देशी शराब बरामद की गयी। मामले में पुलिस ने आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया।

वहीं काकोरी थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। मामले में एसआई दयाशंकर ने बताया कि करन शर्मा पुत्र कल्लू शर्मा नि0 ग्रामगुलरियन खेड़ा मजरा भटऊजमालपुर थाना काकोरी को बहरू रोड़ स्टडै पोस्ट स्टैण्ड तिराहा श्याम बाग काकोरी से गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से 25 क्वार्टर अवैध देशी शराब बरामद किया गया। जिसके बाद मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।

यह भी पढ़ें :- कोरोना वायरस: राजधानी में तीन कोरोना मरीजों मौत

वहीं महानगर में भी पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। मामले में एसआई अवधेश कुमार ने राजेश कुमार शर्मा उर्फ पंडित पुत्र बडकऊ निवासी 5वीं गली निशातगंज थाना महानगर को निशातगंज ओवर ब्रिज के नीचे से गिरफ्तार किया। जिसके कब्जे से क्वार्टर अवैध शराब बरामद किया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। इसके अलावा मडियांव पुलिस ने अवैध अंग्रजी शराब के साथ अभियुक्त को गिरफ्तार किया। मामले में एसआई शिव सिंह ने बताया कि राजकुमार पुत्र डंगरु निवासी डंगरु पुलिया फैजुल्लागंज मडियांव को डंगरु पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से 9 क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

क्राइम-कांड

कूड़ा डालने के विवाद में व्यक्ति को गोली मारने वाले वकील के पिता गिरफ्तार

Published

on

मुख्य आरोपी वकील अभी भी फरार

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की पुलिस ने सरोजनीनगर में कूड़ा डालने के विवाद में जितेन्द्र यादव को गोली मारने वाले वकील के पिता साकेत गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक डबल बैरल बंदूक व 32 कारतूस बरामद किए हैं। हांलाकि घटना का मुख्य आरोपी वकील जीतू गुप्ता अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस जुटी हुई है।

अनौरा गांव निवासी रघुपाल यादव अपने घर का कूड़ा पड़ोस में रहने वाले साकेत गुप्ता के मकान के बगल में बने गड्ढे में डालते हैं। इसे लेकर साकेत और रघुपाल के बीच कई वर्षों से विवाद चल रहा है। कुछ दिन पहले दोनों पक्षों में समझौता हुआ था। लेकिन इसके बाद भी रघुपाल यादव ने वहां कूड़ा डालना बंद नहीं किया।

यह भी पढ़ें :- ओली पर भड़के वसीम रिजवी, कहा- चाइनीज वायरस की चपेट में आया दिमाग

बता दें कि, रविवार सुबह करीब 6 बजे रघुपाल का बड़ा बेटा जितेन्द्र उर्फ टिंकू उसी जगह कूड़ा डाल कर लौट रहा था। इस दौरान साकेत के वकील बेटे जीतू गुप्ता ने उसे घर के सामने रोक कर गोली मार दी थी। पेट में गोली लगने से जितेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। पीड़ित के पिता रघुपाल यादव ने आरोपी वकील जीतू, उसके छोटे भाई प्रियांशु उर्फ प्रिंस और पिता साकेत गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

सरोजनीनगर इंस्पेक्टर आनंद शाही के मुताबिक साकेत गुप्ता को अनौरा फ्लाईओवर के आगे टीएसएम अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से लाइसेंसी दोनाली बंदूक व कारतूस बरामद हुए हैं। साकेत ने पूछताछ में बताया कि उसके बेटे जीतू ने कहासुनी के दौरान तमंचे से जितेन्द्र को गोली मारी थी। फायरिंग की आवाज सुनकर जितेन्द्र के परिवारीजन भागकर मौके पर पहुंचे तो उसने बंदूक के बल पर उन्हें धमकी देकर भगा दिया था। इस मामले में जीतू गुप्ता की तलाश की जा रही है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

July 15, 2020, 3:22 pm
Fog
Fog
31°C
real feel: 38°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 83%
wind speed: 3 m/s E
wind gusts: 3 m/s
UV-Index: 3
sunrise: 4:53 am
sunset: 6:32 pm
 

Recent Posts

Trending