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पिता ने अपनी बेटियों को बनाया हैवानियत का शिकार, 15 साल से कर रहा था रेप

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लखनऊ

फाइल फोटो

लखनऊ। दुनिया में ऐसे कुछ लोग है जो रिश्तों को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजधनी लखनऊ के चिनहट से सामने आया है। जहां एक बाप ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 15 साल से अपनी ही 2 बेटियों के साथ दुष्कर्म करता रहा। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बड़ी बेटी ने पत्र लिखकर 181 आशा ज्योति केंद्र से दोनों बहनों को हैवान पिता के हैवानियत से बचाने की गुहार लगाई।  

बता दें बेटियों की मदद के लिए केंद्र की टीम ने रविवार को देर शाम दोनों को उनके घर से रेस्क्यू कर लिया। दोनों पीड़ित बहनों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया गया। समिति ने पिता के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दे दिया।

दोनों बेटियों ने लखनऊ के चिनहट थाने में पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिसके बाद पुलिस देर रात दबाव बनाती रही।

6 साल की थी बच्ची जब से पिता करता है ऐसी हरकत

आशा ज्योति केंद्र की एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर अर्चना सिंह ने बताया कि पीड़ित बच्चियों का पिता ठेकेदारी करता है। बड़ी बेटी की उम्र 22 साल है और वह ग्रेजुएशन कर रही है। उसने 11 अगस्त 2019 को केंद्र को पत्र लिखकर बताया था कि जब वह 6 साल की थी तभी से पिता उसके साथ गंदी हरकतें करने लगा था।

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हालांकि समय के साथ यह सिलसिला बढ़ता चला गया। इस मामले में सबसे खास बात यह है कि यह सब कुछ मां की आंखों के सामने होता रहा, लेकिन वह खामोश रही। पीड़िता का कहना है कि कक्षा नौ में पढ़ने वाली छोटी बहन के साथ भी पिता ने वही सब शुरू कर दिया। जो वह उसके साथ करता था।

डीपीओ सुधाकर शरण पांडेय ने बताया कि रेस्क्यू कराई गई लड़कियों के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की सूचना संबंधित थाने को दी जा चुकी है। प्रभारी निरीक्षक चिनहट सचिन कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बड़ी बेटी हो चुकी है कई बार प्रेग्नेंट

दुष्कर्म पीड़िताओं ने बताया कि मां उनके विरोध करने पर धमकाती थी। वह पिता की हरकतों पर रोक लगाने के बजाए उल्टा उनकी मदद करती थी। आशा ज्योति केंद्र को लिखे पीड़िता के पत्र के मुताबिक, पिता की हरकतों की वजह से वह 5-6 बार प्रेग्नेंट भी हो चुकी है, लेकिन मां ने हर बार गोली खिलाकर मुंह बंद करा दिया।

बता दें आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी अर्चना सिंह के मुताबिक, कवच कार्यक्रम के दौरान हम लोग एक स्कूल में पहुंचे थे, जहां पीड़ित बड़ी बहन ने हमसे अपनी समस्या बताई थी। उसके बाद हमें पत्र लिख कर खुद को और छोटी बहन को न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी।http://www.satyodaya.com

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विकास दुबे के गांव में नहीं हुआ ध्वजारोहण, बिना तिरंगा फहराए ही चले गए शिक्षक

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लखनऊ। 74वां स्वतंत्रता दिवस आज पूरे देश में हर्ष उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वहीं विकास दुबे के कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में आजादी का जश्न नहीं मनाया गया। बताया जा रहा है कि यह स्वतंत्रता के बाद इतिहास ने पहली बार हुआ है। यहां स्वतंत्रता दिवस पर किसी भी सरकारी भवन में ध्वजारोहण नहीं किया गया।

बिकरू गांव के पंचायत भवन का ताला तक नहीं खोला गया। वहीं गांव के लोगों ने बताया कि हर साल पंचायत भवन में तिरंगा फहराया जाता था। लेकिन इस बार ग्राम सचिव 15 अगस्त को भी गांव नहीं पहुंचे। गांव के प्राथमिक विद्यायल में सुबह शिक्षक तो पहुंचे और कुछ देर रूकने के बाद बिना तिरंगा फहराए सभी शिक्षक चले गए।

कानपुर सीडीओ डाॅक्टर महेंद्र कुमार का कहना है कि गांव में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी बीडीओ और ग्राम सचिव की होती है। बीडीओ आलोक पांडेय कोरोना संक्रमित होने के कारण क्वारंटीन हैं। उनकी अनुपस्थिति में ग्राम सचिव की जिम्मेदारी थी कि वह गांव जाकर लोगों को एकजुटकर ध्वजारोहण कराते और गांव में सफाई का संदेश भी देते।

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उन्होंने कहा यदि ऐसा नहीं हुआ है तो यह अपराध है। इस प्रकरण की जांच कराएंगे। वहीं बीडीओ आलोक पांडेय ने कहा कि गांव में ध्वजारोहण न होना अपराध है। यह जिम्मेदारी ग्राम सचिव के साथ-साथ ग्राम प्रधान की भी की होती है। वह गांव जाकर लोगों को एकजुटकर ध्वजारोहण कराएं। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिव के पास कई गांवों की जिम्मेदारी होती है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह किन कारणों से बिकरू गांव नहीं पहुंच पाए। यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी।http://www.satyodaya.com

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आजम खां को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप, शासन ने बैठाई जांच

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पूर्व कांग्रेसी नेता फैसल खान लाला की शिकायत पर जेल प्रशासन ने बैठाई जांच

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खां को सीतापुर जिला जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला सामने आया है। पूर्व कांग्रेसी नेता फैसल खान लाला ने गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखकर शिकायत की है। जिसके बाद शासन ने मामले की जांच बैठा दी है। डीआईजी जेल ने फैसल खान लाला को बयान दर्ज कराने के लिए 20 अगस्त को मुख्यालय बुलाया है।

बता दें कि सपा सांसद आजम खान, विधायक पत्नी डॉ तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम खान के साथ फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं। उन्हें अभी तक कई मामलों में जमानत मिलने के बावजूद कई अन्य मामलों में कोर्ट से राहत का इंतजार है।

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फैसल खान लाला ने पिछले दिनों गृह मंत्रालय सहित उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर सीतापुर जेल में सांसद आजम खान को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का आरोप लगाया था। आरोप है कि आजम खां को जेल में मोबाइल उपलब्ध कराया गया है। जेल प्रशासन आजम खां व उनके परिवार को फाइव स्टार होटल का खाना खिला रहा है।

पूर्व कांग्रेस नेता ने शिकायती पत्र में अपनी हत्या कराए जाने की भी आशंका जताई है। शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए शासन ने इस मामले में जांच बैठा दी है। पुलिस महानिदेशक कारागार विभाग लखनऊ ने उप महानिरीक्षक कारागार संजीव त्रिपाठी को मामले की जांच सौंपी है। संजीव त्रिपाठी ने फैसल लाला को पत्र लिखकर 20 अगस्त को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।

सरकार बदलने के बाद बढ़ी आजम की मुश्किलें

बता दें कि उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही आजम खां की मुश्किलें बढ़ गईं थीं। रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इसी तरह कई अन्य तरह के फर्जीवाड़ा करने के आरोप हैं। योगी सरकार में उनके खिलाफ 80 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं।http://www.satyodaya.com

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कोरोना पाॅजिटिव पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान की किडनी फेल, वेंटिलेटर पर रखे गए

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लखनऊ। पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन चौहान की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते अब उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। बताया जा रहा है कि पिछले महीने उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें किडनी और ब्लड प्रेशर समेत अन्य समस्याएं शुरू हो गईं थीं। जिसकी वजह से अब शुक्रवार रात उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि चेतन चौहान की किडनी फेल हो गई है।

बताया जा रहा है कि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन वह कोरोना को मात दे पाते, इससे पहले ही उनकी हालत बिगड़ गई।जिसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। आपको बता दें कि 73 साल के हो चुके चेतन चौहान ने साल 1969 में टेस्ट क्रिकेट के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था।

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जिसके बाद उन्होंने साल 1978 में वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया। भारत की ओर से उन्होंने अपने करियर में 40 टेस्ट और 7 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 2 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। हालांकि इसके बावजूद वह अपने नाम एक भी शतक नहीं लगा सके। वह टेस्ट क्रिकेट इतिहासमें एक भी शतक जड़े बिना 2000 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं।

इसके अलावा चेतन चौहान ने सुनील गावस्कर के साथ मिलकर भारत को एक सफल ओपनिंग जोड़ी दी। दोनों ने साथ में मिलकर 3000 से ज्यादा रन बनाए हैं। दोनों के बीच ओवल में साल 1979 में 213 रनों की पार्टनरशिप खेली थी।http://www.satyodaya.com

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August 15, 2020, 5:56 pm
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