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नहीं रहा रायबरेली का राॅबिनहुड, गरीबों के मददगार और विरोधियों के लिए खौफ थे अखिलेश सिंह

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लखनऊ। रायबरेली सदर से कई दशकों तक अपना झंडा बुलंद रखने वाले पूर्व कांग्रेसी विधायक अखिलेश सिंह का मंगलवार सुबह लखनऊ के पीजीआई में निधन हो गया। वे लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनकी परंपरागत सीट सदर से अब उनकी पुत्री अदिति सिंह कांग्रेस से विधायक हैं। एक समय रायबरेली में अखिलेश की तूती बोलती थी। ज्यादातर वह सदर से निर्विरोध ही चुने जाते रहे हैं। देश या फिर प्रदेश की राजनीति में लहर कैसी भी रही हो लेकिन पिछले तीन दशक से अखिलेश सिंह की कुर्सी पर आंच नहीं आ सकी थी। इसकी वजह थी, अखिलेश सिंह का अपनी जनता से सीधे उनका जुड़ाव। विरोधियों के लिए अखिलेश सिंह जहां दबंग थे तो वहीं अपने समर्थकों के लिए वह हर समय हर हाल में उनके साथ खड़े रहते थे। शहर के धनवान और सभ्य लोग अखिलेश सिंह से खौफ खाते थे। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को अखिलेश सिंह अपना आदर्श मानते थे। कांग्रेस का जो भी मानना हो लेकिन अखिलेश सिंह साफ करते रहे कि नेता जी की मौत विमान दुर्घटना में नहीं हुई। बल्कि वह आज भी जिंदा हैं।

कहा जाता है कि अखिलेश सिंह के सामने कोई विरोधी नेता चुनाव प्रचार करने से भी डरता था। अखिलेश सिंह के ऊपर 45 से भी ज्यादा आपराधिक केस दर्ज थे। हालांकि वह कई मामलों में कोर्ट से बरी भी हो चुके थे। 1988 के बहुचर्चित सैय्यद मोदी हत्याकांड में भी अखिलेश सिंह का नाम आया था। अखिलेश सिंह कुछ समय तक पीस पार्टी में भी रहे। अखिलेश सिंह के क्रिमिनल बैकग्राउंड के चलते कांग्रेस ने उन्हें एक बार पार्टी से निकाल भी दिया। लेकिन अखिलेश सिंह निर्दलीय चुनाव लड.ते रहे और जीतते रहे।

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वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में अपने स्वास्थ्य के चलते उन्होंने अपनी विरासत बेटी विधायक अदिति सिंह को सौंप दी। अखिलेश सिंह के निधन से रायबरेली में शोक की लहर है। निधन के बाद सोमवार दोपहर को लखनऊ के पीजीआई से उनका पार्थिव शरीर रायबरेली स्थित पैतृक गांव लालूपुर पहुंचा। उनके निधन की खबर सुनते ही लालूपुर में सन्नाटा पसर गया। पूर्व विधायक के अंतिम दर्शन के लिए उनके समर्थक सुबह से ही उनके आवास पहुंचने लगे। अखिलेश सिंह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज सिंगापुर में भी चल रहा था। सोमवार को वे लखनऊ के पीजीआई में रूटीन चेकअप के लिए आये थे। जहां उनकी तबीयत बिगड़ती गई और मंगलवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली।http://www.satyodaya.com

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बीएड कॉलेजों के विद्यार्थी के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जाने क्या…

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प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। प्रदेश के राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अब बीएड कॉलेजों के विद्यार्थी भी पढ़ा सकेंगे। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थीयों को इसके बदले माध्यमिक शिक्षा विभाग उन्हें प्रमाण पत्र भी देगा।

स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली होने से पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने की समस्या खड़ी हो गई है। गणित, अंग्रेजी और विज्ञान के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी और अभिभावक चिंतित हैं। बीते दिनों हुई विभाग की समीक्षा बैठक में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश में 2258 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता के 8458 में से 5318 और सहायक अध्यापकों के 18,491 में से 11440 से ज्यादा पद खाली है। उधर, लोक सेवा आयोग में भी 3,240 प्रवक्ता और 10,768 सहायक अध्यापकों की भर्ती अटकी हुई है।

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सभी जिला विद्यालय निरीक्षक उनके जिलों में स्थित राजकीय और निजी बीएड कॉलेजों से संपर्क कर विद्यार्थियों को स्कूलों में तैनात करेंगे। बीएड विद्यार्थियों को उनकी सुविधा के अनुसार निकटवर्ती ग्रामीण एवं शहरी स्कूल में छह-छह महीने पढ़ाने के लिए तैनात किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बिना किसी खर्च के स्कूलों में शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था होगी। http://www.satyodaya.com

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कार्तिक पूर्णिमा: स्नान-दान के लिए लखनऊ के कुड़ियाघाट पर लगा भक्तों का मेला

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कार्तिक पूर्णिमा

फाइल फोटो

लखनऊ। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर मंगलवार को सुबह्र सूर्योदय से पहले गंगा, यमुना, गोमती सभी नदियों पर भक्तों का जमावड़ा लगा हुआ है। हर-हर महादेव के साथ हर हर गंगे का जाप करते हुए भक्तों ने नदियों में स्‍नान कर उगते सूर्य को अर्घ्‍य देकर सुख और समृद्धि की कामना की है। इसी तरह राजधानी लखनऊ के कुड़िया घात पर भी स्नान दान करने के लिए भक्तों का तांता लगा है।

ऐसे में जो लोग नदियों के तट पर नहीं पहुंच पाएं वह अपने घरों में ही विशिष्‍ट अनुष्‍ठान कर श्री हरि की पूजा के साथ ही दान कर पुण्‍य की कामना की है। सुबह से ही घाटों पर दूर दूर तक आस्‍था का रेला लगा और लोगों ने घाट पर दान पुण्‍य के साथ ही कार्तिक मास पूजन अनुष्‍ठानों का भी पारण कर वर्ष भर के लिए श्री और समृद्धि की कामना की है।

हिंदी के बारह मासों में सर्वप्रमुख माना जाने वाला कार्तिक श्रीहरि को समर्पित होता है। इसमें धर्मानुरागीजन विभिन्न नदियों विशेषकर गंगा समेत नदियों में स्नान, दान-यज्ञ, होम, उपासना करते हैं। अंतिम दिन पूर्णिमा पर मासपर्यंत स्नान का समापन होता है। काशी में यह पर्व देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है।

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आपको बता दें यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) इस बार 12 नवंबर को पड़ी है। कार्तिक पूर्णिमा पर शास्त्रों में दान का विशेष महत्व का बड़ा महत्व है। इस दिन व्रत रह कर वृष दान करने से शिव पद प्राप्त होता है।

गो, हाथी, रथ घोड़ा व घृतादि का दान करने से संपत्ति वृद्धि और पूर्णिमा का व्रत रह कर श्रीहरि स्मरण-आराधना से सूर्य लोक की प्राप्ति होती है। वहीं अगर भक्त कार्तिक में स्वर्ण का मेष दान करते हैं तो उनके योगों के कष्ट दूर होते हैं।http://www.satyodaya.com

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यूपी सरकार ने अयोध्या मामले से जुड़े पक्षकारों समेत 59 लोगों की सुरक्षा बढ़ाई

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लखनऊ। यूपी सरकार ने सोमवार रात को अयोध्या प्रकरण से जुड़े पक्षकारों और धर्माचार्यों समेत 59 प्रमुख लोगों की सुरक्षा बढ़ा दी है| इनमें कई प्रमुख लोगों की सुरक्षा श्रेणी बढ़ा दी गई है। जिसमें यूपी के प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रमुख जुफर फारूकी और कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा शामिल हैं।

बता दें कि यूपी सरकार ने सोमवार रात गहन समीक्षा के बाद वसीम रिजवी और जुफर फारूकी को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, इससे पहले उन्हें सामान्य श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। अयोध्या पर फैसला आने से पहले भी इनकी सुरक्षा की समीक्षा की गई थी। कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा को पहले y श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। खुफिया इनपुट के आधार पर उनकी सुरक्षा जेड प्लस कर दी गई है।

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वहीं, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ की सुरक्षा Z श्रेणी की कर दी गई है। बता दें कि अयोध्या विवाद में बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी और रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. राम विलास दास वेदांती की सुरक्षा बरकरार रखी गई है। इसी क्रम में बीजेपी विधायक संगीत सोम को भी y श्रेणी से बढ़ाकर Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। वहीं पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व नरेश अग्रवाल को y प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या विवाद पर मध्यस्थता के लिए नियुक्त कमेटी के 3 सदस्यों श्रीश्री रविशंकर, कलीफुल्लाह और श्रीराम पंचू को दी गई सुरक्षा हटा ली गई है। http://www.satyodaya.com

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