Connect with us

प्रदेश

झारखंड के बाद इटावा में हुआ भीषण हादसा, राजधानी एक्सप्रेस के चपेट में आने से 4 की मौत, कई घायल….

Published

on

राजधानी एक्सप्रेस

फाइल फोटो

लखनऊ। झारखंड के बाद सोमवार को यूपी के इटावा जिले में भीषण हादसा हो गया। राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से 4 लोगों की मौत हो गई है। यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब अवध एक्सप्रेस को लूप लाइन से पास कराया जा रहा था।

स्टेशन पर इस हादसे के बाद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्टेशन के चारो तरफ बस लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थी। हालंकि इस घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए।  

जानकारी के मुताबिक बता दें यह घटना बलरई रेलवे स्टेशन की है। जहां कानपुर के गुजैनी निवासी यशवंत ने बताया कि इस घटना के शिकार हुए चारों लोग उसके रिश्तेदार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वे चारो लोग कानपुर से ट्रेन में बैठे थे और वह सूरत जा रहे थे।

ये भी पढ़े:झारखंड के चौपारण में बस-ट्रक में हुई भीषण टक्कर, 11 की मौत 25 लोग घायल…

वहीं इस घटना के पहले सोमवार तड़के झारखंड में बस-ट्रक के भीषण टक्कर से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसी तरह आज इतवा जिले में भी 4 लोग हादसे का शिकार हो गए।

भीषण गर्मी से परेशान होकर रेलवे ट्रैक पर खड़े थे यात्री

इस भीषण गर्मी से परेशान कई यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर खड़े थे। इसी बीच राजधानी एक्सप्रेस वहां से गुजरी। जिसकी चपेट में कई यात्री आ गए। इस हादसे में चार की मौत हो और आधा दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायल हुए सभी यात्रियों को सैफई और टुंडला के अस्पतालों में भेजा गया है। मृतकों में कौशांबी के जुगराजपुर निवासी जीतू, पिंटू, गोरेलाल और सुरेंग्र कुमार हैं। ये चारों रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। ये लोग अवध एक्सप्रेस से सूरत जा रहे थे।http://www.satyodaya.com

प्रदेश

फर्जी अंक तालिका एवं उपाधि पर ठोस कदम उठाएं शिक्षण संस्थाएं : राज्यपाल

Published

on

राज्यपाल की अध्यक्षता में कुलपति सम्मेलन सम्पन्न

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति राज्य विश्वविद्यालय राम नाईक की अध्यक्षता में रविवार को राजभवन में कुलपति सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें समस्त राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति उपस्थित थे। राज्यपाल ने कुलपति सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुये कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर जो बाधाएं हैं उसे योग्य पद्धति से दूर करने पर विचार करें। रिक्तियां भरने के लिये योग्य ढंग से नियुक्ति होनी चाहिये। केन्द्र सरकार ने जो शिक्षा नीति घोषित की है उस पर भी विचार किया जाना चाहिए। स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों को लेकर यह देखने की आवश्यकता है कि वे समाज के लिये कितने उपयोगी हैं। जिन पाठ्यक्रमों की मांग हो उस पर परिवर्तन करने के लिये नियमित रूप से विचार करने की आवश्यकता है। प्रतिस्पर्धा के युग में शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर हर विश्वविद्यालय अपनी स्थिति का मूल्यांकन करे। देश के प्रथम 100 विश्वविद्यालयों में उत्तर प्रदेश के भी विश्वविद्यालय सम्मिलित हों, इस भूमिका में कुलपतिगण काम करें। उन्होंने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता का विषय सभी राज्य विश्वविद्यालयों के लिये एक चुनौती है जिसे स्वीकार करते हुये बेहतर प्रदर्शन करने की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें-डिग्री काॅलेजों के दीक्षान्त समारोह की प्रस्तावित तिथियां घोषित

विश्वविद्यालयों में वित्तीय संसाधन के संबंध में राज्यपाल ने तीन सदस्यीय कुलपतियों की समिति गठित की है, जिसमें कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय, कुलपति बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं कुलपति चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सदस्य होंगे जो अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करेंगे। कुलपति, एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ एवं कुलपति, चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ की दूसरी दो सदस्यीय समिति बनाई गई है जो पीएचडी पूर्ण करने की तिथि के संबंध में विभिन्न विश्वविद्यालयों में स्थापित अलग-अलग व्यवस्थाओं के दृष्टिगत एकरूपता लाने के लिये सुझाव देगी।
श्री नाईक ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ शोध की गुणवत्ता को भी बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। शोध और शोध पीठों का लाभ समाज को मिलना चाहिए। उत्तर प्रदेश ने उच्च शिक्षा में नये आयाम में कदम रखा है। छात्राओं का प्रतिशत 2014-15 में 40 प्रतिशत था वह अब बढ़कर 56 प्रतिशत पहुंचा है। शैक्षिक सत्र 2018-19 में सम्पन्न हुये दीक्षान्त समारोह में 66 प्रतिशत पदक छात्राओं के पक्ष में गये हैं। महिला सशक्तीकरण का यह एक शुभ संदेश है। नकलविहीन परीक्षा कराने की दृष्टि से उठाये गये कदम सराहनीय थे। निःसन्देह इससे छात्रों की संख्या में कमी अवश्य आयी है, पर यह परिवर्तन लोगों के समझ में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की उपलब्धियाँ समाज के सामने आनी चाहिए।
राज्यपाल ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा पटरी पर आ गयी है। उच्च शिक्षा में मौलिक परिवर्तन हुये हैं। चार वर्ष में सभी सत्र नियमित हुये हैं। दीक्षान्त समारोह समय पर तथा भारतीय वेशभूषा में सम्पन्न हुये हैं। सभी उपलब्धियाँ सामूहिक प्रयास का कारण हैं जो कुलपतियों के सहयोग से संभव हो सका है। परन्तुु अभी भी विश्वविद्यालयों में सुधार की काफी गुंजाइश है। पाठ्यक्रम कितना रोजगारपरक है इस पर भी विचार करें। नकल, फर्जी अंक तालिका एवं उपाधि पर ठोस कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। फर्जी अंक तालिका एवं उपाधि जैसे विषय किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इससे जहाँ एक ओर विश्वविद्यालय की बदनामी होती है वहीं प्रदेश की छवि भी धूमिल होती है।

यह भी पढ़ें-उफ्फ…ये गरीब की बीवी भी न!!!

कुलपति सम्मेलन में ई-लर्निंग, सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार शैक्षिक दिवस, प्रवेश, परीक्षाफल, शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाएं, ई-लाईब्रेरी, अभिलेखों की डिजिटाइजेशन आदि पर भी चर्चा हुई जिसमें कुलपतियों ने भी अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमन्त राव, विशेष सचिव डाॅ0 अशोक चन्द्र, विशेष सचिव उच्च शिक्षा बी0वी0 सिंह सहित राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी राजवीर सिंह राठौर भी उपस्थित थे। कुलपति सम्मेलन में एजेण्डा के तौर पर परीक्षा परिणामों के घोषणा की अद्यतन स्थिति, शैक्षिक कलैण्डर वर्ष 2019-20 का निर्धारण, नकल, फर्जी अंकतालिका एवं उपाधियों पर नियंत्रण, नवीन नैक मूल्याकंन प्रक्रिया का अनुपालन, विश्वविद्यालयों के नये नियमों के परिप्रेक्ष्य में शैक्षिक संवर्ग के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया, शोध पीठ की स्थापना एवं शोध, विश्वविद्यालयों के बढ़ते वित्तीय भार के सापेक्ष वित्तीय संसाधन विषय पर विशेष रूप से चर्चा हुई।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

डिग्री काॅलेजों के दीक्षान्त समारोह की प्रस्तावित तिथियां घोषित

Published

on

83 दिवसों में सम्पन्न होंगे सभी डिग्री काॅलेजों के दीक्षान्त समारोह : राज्यपाल

लखनऊ। राज्यपाल एवं कुलाधिपति राज्य विश्वविद्यालय राम नाईक ने सत्र 2019-20 में सम्पन्न होने वाले दीक्षान्त समारोह की प्रस्तावित तिथियां घोषित कर दी हैं। दीक्षान्त समारोह कैलेण्डर के अनुसार सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह 83 दिवसों में सम्पन्न होंगे जिनमें मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां वितरित की जाएंगी। दीक्षान्त समारोह पारम्परिक भारतीय वेशभूषा में सम्पन्न होंगे। इस वर्ष प्रथम दीक्षान्त समारोह 22 अगस्त 2019 को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर का होना है तथा 12 नवम्बर 2019 को अंतिम दीक्षान्त समारोह प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय प्रयागराज का सम्पन्न होना है।
गौरतलब है कि गत वर्ष प्रथम दीक्षान्त समारोह 24 अगस्त 2018 को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर का हुआ था तथा अंतिम दीक्षान्त समारोह 08 दिसम्बर 2018 इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय का सम्पन्न हुआ था, जिसका नाम बदलकर अब प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या ) विश्वविद्यालय प्रयागराज कर दिया गया है। अर्थात् गत वर्ष कुल 107 दिवसों में सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह सम्पन्न हो सके थे।
राम नाईक ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण करने के पश्चात से ही कुलाधिपति के रूप में प्रदेश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास किया है। पूर्व में विश्वविद्यालय में शैक्षिक कलैण्डर घोषित न होना, समय से प्रवेश न होना, ससमय परीक्षाएं आयोजित एवं परिणाम घोषित न होना एवं समय से दीक्षान्त समारोह सम्पन्न न होने से छात्र-छात्राओं को समय से उपाधियां भी प्राप्त नहीं होती थी जिससे छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने में बाधा आती थी। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कैलण्डर को सुव्यवस्थित करने एवं शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रतिवर्ष 2 कुलपति सम्मेलन आयोजित कर उत्तर प्रदेश शासन के उच्चाधिकारियों, कुलपतियों एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों से चर्चा की तथा मार्गदर्शन किया। इसका ही परिणाम है कि अब विश्वविद्यालयों में समय से प्रवेश हो रहे है तथा परीक्षाएं आयोजित होकर परिणाम भी घोषित हो रहे हैं। सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह भी निश्चित समय सीमा में करने के लिए प्रस्तावित कैलेण्डर घोषित किया गया है।

शैक्षिक वर्ष 2019-20 में सम्पन्न होने वाले दीक्षान्त समारोह की प्रस्तावित तिथियां इस प्रकार है-
22 अगस्त 2019 को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर, 26 अगस्त को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय लखनऊ, 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान मथुरा, 30 अगस्त को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, 2 सितम्बर को महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली, 4 सितम्बर को नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फैजाबाद, 9 सितम्बर को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, 11 सितम्बर को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, 16 सितम्बर को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ, 19 सितम्बर को डाॅ0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद, 23 सितम्बर को उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद, 26 सितम्बर को बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी, 30 सितम्बर को चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ, 3 अक्टूबर को बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा, 9 अक्टूबर को चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर, 11 अक्टूबर को डाॅ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा, 14 अक्टूबर को लखनऊ विश्वविद्यालय, 16 अक्टूबर को डाॅ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ, 18 अक्टूबर को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर, 21 अक्टूबर को भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय लखनऊ, 23 अक्टूबर को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, 25 अक्टूबर को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ, 1 नवम्बर को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी, 4 नवम्बर को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, 7 नवम्बर को डाॅ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ तथा 12 नवम्बर को प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय प्रयागराज का दीक्षांत समारोह संपन्न होगा।
शेष तीन विश्वविद्यालय हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर, जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया एवं डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ नवीन हैं। इनके छात्र अभी स्नातक स्तर तक नहीं पहुंचे हैं, अतः इनका दीक्षान्त समारोह अभी सम्पन्न नहीं होना है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

भाजपा सरकार में अपराध प्रदेश बन गया है उत्तर प्रदेश : अखिलेश यादव

Published

on

कहा, प्रदेश में बच्चियों से दरिंदगी भाजपा सरकार की विफलता का प्रमाण

लखनऊ। भाजपा राज में उत्तर प्रदेश अपराध प्रदेश बनता जा रहा है। भाजपा ने देश ही नहीं दुनिया में इसकी बदनामी करा दी है। राज्य सरकार अपराधों पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल हुए हैं। न तो उत्तर प्रदेश से अपराधी बाहर गए हैं और नहीं जेल जाने का उन्हें कोई भय है। माफिया और अफसरशाही के गठजोड़ से अपराधियों की हर तरफ उनके धंधे बेरोकटोक फलफूल रहे हैं। रेप जैसे जघन्य अपराध पर राज्य सरकार के मंत्री भी शर्मनाक विवादास्पद बयान दे रहे हैं।
यह बातें रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहीं।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जघन्य अपराधों में इस बार जो बाढ़ आई है वह चिंताजनक है। अलीगढ़ के टप्पल गांव में ढाई वर्ष की मासूम के साथ दरिंदगी की दिल दहलाने वाली घटना अभी भूली भी नहीं थी कि जनपद हमीरपुर के थाना कुरारा क्षेत्र में कक्षा 5 की छात्रा का 7 जून को अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की खबर ने झकझोर दिया। बरेली के थाना भोजीपुरा क्षेत्र में एक 8 साल की बच्ची भी हैवानियत की शिकार हुई तो वाराणसी में मध्यमेश्वर इलाके में एक 10 साल की बच्ची बलात्कार की शिकार बनी। जालौन में 7 वर्षीय बच्ची का शव मिला। दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई। कुशीनगर में अहिरौली बाजार क्षेत्र में एक नाबालिग से गैंगरेप हुआ। मेरठ में 9 साल की बच्ची का शव मिला जो 4 जून से लापता थी। उसकी दुष्कर्म के प्रयास में गला दबाकर हत्या की गई।

यह भी पढ़ें-औली: यहां रॉयल वेडिंग के लिए बुक हुए 200 हेलीकॉप्टर और 100 पंडित….

नारी सशक्तीकरण और बेटी बचाओ के कथित अभियान चलाकर बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार में महिलाएं और बच्चियां ही सबसे ज्यादा अमानवीय स्थितियों गुजर रहीं हैं।

समाजवादी सरकार ने अपराध स्थल पर तत्काल पहुंचने के लिए यूपी 100 डायल सेवा और महिला सुरक्षा के लिए 1090 सेवा शुरू की थी, भाजपा ने अपने शासन काल में इन्हें बर्बाद कर दिया, नतीजे सामने हैं। लोकसभा चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में अपराधों का ग्राफ बढ़ने से जनजीवन पूरी तरह असुरक्षित हो गया है, परिवार डरे और सहमे हुए हैं। भाजपा नेताओं के अहंकार और विद्वेष पूर्ण आचरण के चलते प्रशासन पंगु हो गया है।

पुलिस बल का मनोबल बुरी तरह से गिर चुका हैं। बची-खुची कसर वे तत्व पूरी कर रहे हैं जो समाज में नफरत पैदाकर प्रदेश के वातावरण को विषाक्त बनाए रखना चाहते हैं। जनता में गहरा आक्रोश है। लखनऊ से दिल्ली तक एक ही पार्टी भाजपा का राज होने के बावजूद कानून व्यवस्था की स्थिति में निरंतर बिगाड़ से प्रदेश में अमानवीय घटनाएं लगातार हो रही हैं और उनके दोषी बिना किसी खौफ कुकृत्यों में लिप्त रहे हैं? जिन हैवानो की जिंदगी सलाखों के पीछे कटनी चाहिए वे कैसे सरकारी ढिलाई से बच निकलते हैं और घृृणित वारदातों को अंजाम देते रहते है? यह निहायत संवेदन शून्य सरकार है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

June 10, 2019, 11:30 am
Mostly sunny
Mostly sunny
37°C
real feel: 44°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 41%
wind speed: 1 m/s E
wind gusts: 1 m/s
UV-Index: 11
sunrise: 4:42 am
sunset: 6:30 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 9 other subscribers

Trending