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गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर ने आखिर खोलकर रख दी समाज व राजनीति की पोल

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नई दिल्ली: आज के संदर्भों में बिकरू गांव का गैंगस्टर विकास दुबे एक राक्षस था और उसका हश्र तो इसी तरह होना था। किसी दूसरे अपराधी की गोली से या फिर पुलिस की गोली से, लेकिन up पुलिस विकास के खिलाफ कोई भी कार्यवाही करने में हमेशा नाकाम रही और अगर कोई कार्यवाही हुई तो वो सिर्फ दिखावे के तौर पर हुई  जिस तरह से उज्जैन के महाकाल मंदिर से विकास दुबे को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया। और फिर विकास को उज्जैन से लखनऊ लेकर आ रही थी। और रास्ते में ही फिर उसका एनकाउंटर कर दिया, तो इस घटना के बाद लोगो के मन में जो सवाल उठ रहे है वह गलत नहीं है। कि अगर विकास दुबे को भागना ही होता तो उसने आत्मसमर्पण क्यों किया? और ये एक सरेंडर था, या फिर पुलिस द्वारा की गयी गिरफ़्तारी? लेकिन अब इन सवालों से आगे बढ़कर मूल सवालों की तरफ बढ़ते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में सबसे बड़ा सवाल यही है। कि जातीय दंभ और उसके आधार पर आपराधिक राजनीति को कौन बढ़ावा देता है। इस बड़े सवाल का जवाब विकास दुबे के एनकाउंटर बाद ही सामने आ गया है।

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ब्राह्मण मतदाता को अपने पाले में लाने का प्रयास 

समाजवादी पार्टी का राज पूरी तरह से जातीय गणित पर टिका होता है। 2017 में जातीय समीकरणों को पूरी तरह से शीर्षासन कर देने की वजह से जातीय राजनीति करने वाली पार्टियां न्यूनतम हो गईं, लेकिन सपा के प्रवक्ता टीवी की बहसों में अभी भी अपराधी विकास दुबे के बजाय ब्राह्मण विकास दुबे पर ज्यादा जोर से चर्चा करते दिख रहे हैं। सपा और कांग्रेस के प्रवक्ता यह साबित करने से नहीं चूक रहे, कि योगीराज में ब्राह्मणों की हत्या हो रही है। सपा और कांग्रेस के सोशल मीडिया अभियानों से साफ समझ आता है। कि योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कोई मुद्दा न खोज पाई दोनों पार्टियां अब इसे ठाकुर राज में ब्राह्मण की हत्या करार देना चाहती हैं। लोगों को बहुत स्पष्ट दिख रहा था। कि जब विकास दुबे पकड़ में नहीं आ रहा था। और उसका घर गिर रहा था।

उसके अपराधी साथियों को पकड़ने के साथ उनका एनकाउंटर किया जा रहा था। सपा ब्राह्मणों को जातीय आधार पर भड़काकर उन्हें भाजपा से दूर करने की योजना बना रही थी। तो कांग्रेस पूरी तरह से उस ब्राह्मण मतदाता को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही थी। पूरी कांग्रेस किस तरह से विकास दुबे जैसे अपराधी के एनकाउंटर पर जनता को जातीय गणित समझाने का प्रयास कर रही थी। पिछले तीन-चार दिनों में विकास दुबे के दो अन्य साथियों का भी एनकाउंटर हुआ है।

लेकिन पांचो एनकाउंटर का पैटर्न एक समान क्यों है? कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद तो बाकायदा ब्रह्महत्या हैशटैग चला रहे हैं। जितिन प्रसाद से लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा तक विकास दुबे के एनकाउंटर की सीबीआइ जांच मांगते हुए अपराधी विकास के नाम के आगे लगे ब्राह्मण उपनाम की जातिवादी राजनीति को पुष्पित पल्लवित करने की कोशिश करते दिख रहे हैं।

विकास दुबे का एनकाउंटर

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ BJP की सरकार में यही सवाल उठाया जा रहा है। आखिर किसे बचाने के लिए पुलिस ने विकास दुबे का एनकाउंटर कर दिया। इसका जवाब जानने के लिए पहले इस घटनाक्रम को ध्यान में रखिए। इसे भले ही अब कोई मानेगा नहीं, लेकिन सच तो यही है कि दो-तीन जुलाई की रात उत्तर प्रदेश पुलिस विकास दुबे का एनकाउंटर करने ही गई थी। विकास दुबे और उसके साथियों की पूछताछ में सामने आई बातें तो इसी ओर इशारा कर रही हैं। जिस विकास दुबे पर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के शासन में कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई, योगी आदित्यनाथ सरकार में उस अपराधी के खिलाफ कार्रवाई की स्वीकृति दे दी गई।

लंबे समय से चौबेपुर थाना क्षेत्र में अपराध कर रहे विकास दुबे को जिंदा या मुर्दा लाने वाले ऑपरेशन की इजाजत दे दी गई थी। अब विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद भले ही सीधे तौर पर उसके अपराधों को बढ़ावा देने वालों का नाम कागजों में न दर्ज हो सके, लेकिन विकास दुबे के पुलिसकर्मियों की हत्या और उसके बाद उसके मारे जाने के दौरान राजनीतिक पार्टियों ने जिस तरह का व्यवहार किया, उसने उत्तर प्रदेश को झूठे जातीय दंभ के दलदल में फंसाकर जातिगत राजनीति करने की इच्छा रखने वालों को जरूर बेनकाब कर दिया है।http://satyodaya.com

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CM योगी ने 2024-25 में होने वाले महाकुंभ के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को वर्ष 2024-25 में प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ के लिए कार्ययोजना बनाकर तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि आगामी जनवरी में माघ मेले के लिए भी कार्य योजना बनाकर शासन को सौंपी जाए। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रयागराज मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी 2024-2025 के महाकुम्भ को ध्यान में रखते हुए अभी से कार्ययोजना बनाते हुए तैयारी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज मंडल में पर्यटन विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। प्रयागराज कुम्भ ने पर्यटन विकास को नया आयाम दिया। प्रयागराज के साथ कौशाम्बी, प्रतापगढ़ में पर्यटन सम्भावनाओं के सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाते हुए कदम उठाए जाएं। वहां कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। सीवर के कनेक्शन युद्धस्तर पर किए जाएं। इसी तरह पेयजल योजनाओं के कनेक्शन भी उपलब्ध कराए जाएं।

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उन्होंने आगामी जनवरी माह में आयोजित होने वाले माघ मेले के लिए भी तैयारी शुरू करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज स्मार्ट सिटी के कार्यों की प्रगति की सराहना करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। स्मार्ट सिटी, अमृत योजना एवं नमामि गंगे योजना के कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल, सीवरेज के सम्बन्ध में समयबद्ध ढंग से कार्य योजना बनाते हुए इन योजनाओं को पूर्ण किया जाए।http://www.satyodaya.com

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हाथरस गैंगरेप: बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए भूख-हड़ताल पर बैठे परिजन

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भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद

लखनऊ। हाथरस में गैंगरेप पीड़िता की मौत बाद बवाल बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में पीड़िता का इलाज चल रहा था। जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गयी। बेटी को इंसाफ दिलाने और दोषियों को फांसी की मांग लेकर पीड़िता के परिजन अस्पताल के बाहर ही भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर भी पीड़ित परिजनों के साथ धरने पर बैठे हैं। उनके साथ भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। देर शाम भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कैंडिल मार्च भी निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इंसाफ के लिए कैंडिल मार्च निकाला।

भूख हड़ताल पर बैठे परिजनों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन मामले में लीपा-पोती करने में जुट गया है। पीड़िता का शव पोस्टमार्टम के लिए किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया। पुलिस व प्रशासन ने गैंगरेप पीड़िता के भाई और पिता को भी साथ ले जाना उचित नहीं समझा। परिजनों यह भी आरोप है कि उनकी बेटी का शव उन्हें नहीं दिया जा रहा है।

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इससे पहले मंगलवार को गैंगरेप पीड़िता की मौत की खबर लगते ही भीम आर्मी कार्यकर्ता सफदरगंज अस्पताल पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।

इंसाफ ने मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन: चन्द्रशेखर

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर आजाद ने भी पीड़िता के पोस्टमार्टम में घपलेबाजी का आरोप लगाया। चन्द्रशेखर ने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए डाक्टरों का एक विशेष बोर्ड बनाया जाए। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जब तक दलित लड़की को इंसाफ नहीं मिल जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल सफरदरगंज अस्पताल के बाहर पुलिस के साथ सीआरपीएफ जवानों को भी तैनात किया गया है।

बता दें कि हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र में 14 सितंबर को 19 वर्षीय एक दलित युवती के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था। गंभीर हालत में उसे सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।http://www.satyodaya.com

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यूपी सहित 10 राज्यों में 3 नवंबर को होंगे उपचुनाव, 10 को आएगा परिणाम

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कुल 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। बिहार की एक लोकसभा सीट और और केन्द्र शासित प्रदेश मणिपुर की दो विधानसभा सीट पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों पर चुनाव परिणाम 10 नवंबर को जारी किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर उपचुनाव होने हैं।

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आयोग ने असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की कुल सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव न कराने का फैसला किया है। चुनाव आयोग के अनुसार इन राज्यों में अभी उपचुनाव के लिए हालात सही नहीं है। इन राज्यों ने उपचुनाव कराने में मौजूदा हालात में असमर्थता जताई है।बता दें कि बिहार में 28 अक्टूबर से विधानसभा चुनाव भी शुरू हो रहे हैं। 243 सीटों के लिए यहां तीन चरणों में चुनाव होने हैं। 10 नवंबर को ही बिहार विधानसभा चुनाव के भी परिणाम सामने आएंगे।http://www.satyodaya.com

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September 30, 2020, 11:31 am
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