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KGMU डॉक्टरों ने मासूम बच्चे के शरीर में घुसी सरिया को बाहर निकालकर उसे दिया नया जीवनदान

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मासूम की ज़िंदगी

फाइल फोटो

लखनऊ । राजधानी के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टरों ने कड़ी मेहनत कर एक मासूम की ज़िंदगी बचाई, जिसके एक हादसे के दौरान सरिया सीने के आरपार हो गयी थी। केजीएमयू में सीतापुर निवासी एक 4 वर्षीय मासूम नदीम पुत्र अज़ीम को घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया था। जिसके मड़ियांव में बिल्डिंग निर्माण के दौरान ऊपर से गिर जाने के कारण सरिया पैर से घुस कर पहले तो कमर से निकली फिर कमर से घुस कर पेट के अंदर होते हुए पीट से निकल गयी थी।

बच्चे को अत्यंत जटिल हालत में देख कर किसी की भी आह निकल जाती। बच्चे की ऐसी हालत देख कर परिजन भी ना उम्मीद हो चुके थे। ऐसे में भगवान भरोसे चमत्कार की उम्मीद में परिवार वाले बच्चे को ट्रामा सेंटर लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई। मासूम बच्चे को मौत के पंजों से घसीट कर जीवित करने का जो काम केजीएमयू के डॉक्टरों की टीम ने किया है. वह वाकई सराहनीय है. डॉक्टरों की टीम ने साबित कर दिया कि वह भगवान् से कम नहीं हैं.

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इस जटिल ऑपरेशन को डॉक्टर योगेन्द्र के नेतृत्व डॉक्टर संदीप तिवारी, डॉक्टर समीर मिश्रा, डॉक्टर हेमलता, डॉक्टर अनिता की टीम ने मिल कर सकुशल रुप से संपन्न किया। उन्होंने बच्चे के शरीर से घुसी हुई सरिया को बाहर निकाल कर बच्चे की जान बचाई। बच्चा नदीम अब ख़तरे के बाहर बताया जा रहा है उसकी हालात में अब धीरे-धीरे सुधार भी हो रहा है।http://www.satyodaya.com

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नहीं रहा रायबरेली का राॅबिनहुड, गरीबों के मददगार और विरोधियों के लिए खौफ थे अखिलेश सिंह

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लखनऊ। रायबरेली सदर से कई दशकों तक अपना झंडा बुलंद रखने वाले पूर्व कांग्रेसी विधायक अखिलेश सिंह का मंगलवार सुबह लखनऊ के पीजीआई में निधन हो गया। वे लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनकी परंपरागत सीट सदर से अब उनकी पुत्री अदिति सिंह कांग्रेस से विधायक हैं। एक समय रायबरेली में अखिलेश की तूती बोलती थी। ज्यादातर वह सदर से निर्विरोध ही चुने जाते रहे हैं। देश या फिर प्रदेश की राजनीति में लहर कैसी भी रही हो लेकिन पिछले तीन दशक से अखिलेश सिंह की कुर्सी पर आंच नहीं आ सकी थी। इसकी वजह थी, अखिलेश सिंह का अपनी जनता से सीधे उनका जुड़ाव। विरोधियों के लिए अखिलेश सिंह जहां दबंग थे तो वहीं अपने समर्थकों के लिए वह हर समय हर हाल में उनके साथ खड़े रहते थे। शहर के धनवान और सभ्य लोग अखिलेश सिंह से खौफ खाते थे। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को अखिलेश सिंह अपना आदर्श मानते थे। कांग्रेस का जो भी मानना हो लेकिन अखिलेश सिंह साफ करते रहे कि नेता जी की मौत विमान दुर्घटना में नहीं हुई। बल्कि वह आज भी जिंदा हैं।

कहा जाता है कि अखिलेश सिंह के सामने कोई विरोधी नेता चुनाव प्रचार करने से भी डरता था। अखिलेश सिंह के ऊपर 45 से भी ज्यादा आपराधिक केस दर्ज थे। हालांकि वह कई मामलों में कोर्ट से बरी भी हो चुके थे। 1988 के बहुचर्चित सैय्यद मोदी हत्याकांड में भी अखिलेश सिंह का नाम आया था। अखिलेश सिंह कुछ समय तक पीस पार्टी में भी रहे। अखिलेश सिंह के क्रिमिनल बैकग्राउंड के चलते कांग्रेस ने उन्हें एक बार पार्टी से निकाल भी दिया। लेकिन अखिलेश सिंह निर्दलीय चुनाव लड.ते रहे और जीतते रहे।

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वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में अपने स्वास्थ्य के चलते उन्होंने अपनी विरासत बेटी विधायक अदिति सिंह को सौंप दी। अखिलेश सिंह के निधन से रायबरेली में शोक की लहर है। निधन के बाद सोमवार दोपहर को लखनऊ के पीजीआई से उनका पार्थिव शरीर रायबरेली स्थित पैतृक गांव लालूपुर पहुंचा। उनके निधन की खबर सुनते ही लालूपुर में सन्नाटा पसर गया। पूर्व विधायक के अंतिम दर्शन के लिए उनके समर्थक सुबह से ही उनके आवास पहुंचने लगे। अखिलेश सिंह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज सिंगापुर में भी चल रहा था। सोमवार को वे लखनऊ के पीजीआई में रूटीन चेकअप के लिए आये थे। जहां उनकी तबीयत बिगड़ती गई और मंगलवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली।http://www.satyodaya.com

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यूपी कैबिनेट का कल हो सकता है पहला विस्तार, इन माननीयों की हो सकती है ताजपोशी….

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लखनऊ। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के पहले मंत्रीमंडल के विस्तार की नई तारीख आ चुकी है। बुधवार यानी 21 अगस्त को होगा। यह विस्तार इससे पहले सोमवार को होना था,लेकिन रविवार को किसी कारण बस इसकी डेट आगे बढ़ा दी गई। बता दें राजभवन में होने वाले नए मंत्रियों की लिस्ट राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेज दी गई है। ऐसा कहा जा रहा है इस मंत्रिमंडल के विस्तार में कुछ मंत्रियों का कद बढ़ सकता है,तो कुछ के विभाग में अदलाबदली कर दी जाएगी।  

जानकारी के मुताबिक पश्चिम यूपी से योगी कैबिनेट को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। साथ ही पूर्वांचल के कई चेहरों को भी प्रमोशन दिया जा सकता है। इतना ही नहीं नॉन परफ़ॉर्मर मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है।

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जानिए कौन-कौन नए चेहरे हो सकते हैं शामिल

सूत्रों की माने तो करीब एक दर्जन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। अशोक कटारिया (एमएलसी), विद्यासागर सोनकर (एमएलसी), विजय बहादुर पाठक (एमएलसी), बुक्कल नवाब (एमएलसी), उदयभान सिंह (फतेहपुर सीकरी), कपिल देव अग्रवाल( मुजफ्फरनगर), अनिल शर्मा (बुलंदशहर), पंकज सिंह (गौतमबुद्धनगर), संजीव राजा (अलीगढ़), नीलिमा कटियार (कानपुर), दल बहादुर कोरी (राय बरेली), आशीष पटेल (अपना दल एस/अनुप्रिया पटेल के पति और एमएलसी ) के नाम को लेकर चर्चा है।

इनको मिल सकते हैं ऊंचे पद

वहीं ऐसा भी कहा जा रहा है कि करीब चार स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। जिसमें महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, अनिल राजभर और उपेंद्र तिवारी का नाम शामिल है।

संघ व संगठन की मुख्य बैठक में लगेगी मुहर

कहा जा रहा है कि संघ और संगठन की समन्वयक बैठक के बाद मंत्रियों के नामों पर मुहर लगेगी। देवा रोड पर ढाई बजे होने वाली इस खास बैठक में मुख्यमंत्री व दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इनके अलावा बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन मंत्री सुनील बंसल व संघ के दत्तात्रेय होशबोले, अनिल व शिव प्रकाश, क्षेत्र प्रचारक, प्रांत प्रचारक समेत कई पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

योगी कैबिनेट में 43 की जगह हो सकते हैं इतने मंत्री

बता दें मौजूदा समय में प्रदेश मंत्रिमंडल में अभी 43 मंत्री है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तर के बाद इसकी संख्या बढ़कर 60 भी हो सकती है। वैसे वर्ष 2017 में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही कई बार कयास लगाए जाते रहे कि विस्तार होगा। वजह थी कि पार्टी के कुछ पुराने वरिष्ठ नेताओं को चुनाव जीतने के बाद भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी थी।

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यूपी में वैट बढ़ने से महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, जानें नई कीमत

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प्रतिकात्मक चित्र

प्रदेश में वैट दर बढ़ने के चलते पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ गये हैं। जहां पेट्रोल पर 2.33 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 98 पैसे प्रतिलीटर महंगा हो गया है। आज यानि मंगलवार से बढ़ा हुआ दर लागू हो गया है। जबकि सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में ही पेट्रोल व डीजल पर वैट दर को कम किया था।

वाणिज्यकर विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक पेट्रोल पर अब 26.80 प्रतिशत या 16.74 रुपये में जो भी अधिक होगा वह लगेगा। इसी तरह डीजल पर भी 17.48 प्रतिशत या 9.41 रुपये में जो भी अधिक होगा वह लगेगा। इससे पेट्रोल की कीमत में करीब 2.33 रुपये और डीजल की कीमत में करीब 98 पैसे प्रति लीटर की दर से वृद्धि हुई।

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बता दें कि इससे पहले सरकार ने प्रदेश की जनता को महंगे पेट्रोल व डीजल से निजात दिलाई थी। जिसके बाद पेट्रोल व डीजल पर से वैट दर में क्रमश: 3.56 प्रतिशत व 3.48 प्रतिशत की कमी किया गया था। जिससे पट्रोल पर वैट दर घटकर 23.24 प्रतिशत और डीजल पर वैट दर घटकर 14 प्रतिशत हो गया था। इस वजह से उस समय पेट्रोल व डीजल की कीमत में करीब 2.50 रुपये की कमी आई थी। http://www.satyodaya.com

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