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जानिए, पांच साथियों के एनकाउंटर के बाद आखिर क्यों किया विकास दुबे ने सरेंडर?

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नई दिल्ली: 17 साल की उम्र में आपराधिक दुनिया में कदम रखने वाला गैंगस्टर विकास दुबे 35 साल तक बेखौफ होकर आपराधिक वारदातें करता रहा। और पुलिस सिर्फ चिरौरी में लगी रही। उसके खिलाफ जो भी कार्यवाही हुई, वह सिर्फ दिखावे के लिए हुई। उसके सियासी आका उसे हमेशा बचाते रहे। हर दल में उसकी तगड़ी पकड़ रही। विकास का गैंग (डी-124) 30 जून 2018 को पंजीकृत हुआ। यह तत्कालीन एसएसपी अखिलेश कुमार के आदेश से हुआ। अगर पुलिस कर्मियों की बात पर यकीन किया जाये तो उनका कहना है, अक्सर अपराधी कोई बड़ा अपराध करने के बाद खुद को बचाने और सुरक्षित जगह पर छुपे रहने के लिए हर मुमकिन कोशिश करता हैं। और पुलिस से बचकर भागते रहते हैं। कुछ ऐसा ही विकास दुबे के साथ भी हुआ। वह सात दिन तक पुलिस की नजरों से बचकर भागता रहा, लेकिन जब उसे पता चला पुलिस ने इस बीच मुठभेड़ में उसके पांच करीबियों को एनकाउंटर में मार गिराया। तो विकास अपने साथियों की मौत से काफी टूट गया। और वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया इसी बीच अचानक विकास लोगो की नजरों में आ गया। लेकिन आज भी लोगो के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे है। कि अगर विकास दुबे को भागना ही होता तो उसने आत्मसमर्पण क्यों किया? और ये एक सरेंडर था या फिर पुलिस द्वारा की गयी गिरफ़्तारी? ऐसे कई सवाल जो अनसुलझे है। विकास के साथ गैंग में कुल 12 सदस्य हैं। लेकिन अभी भी उसकी गैंग के खिलाफ पुलिस कोई भी कार्यवाई करने में नाकाम रही।

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बता दें इनमें सबसे खास सदस्य सुज्जापुर भीटी निवासी विष्णुपाल सिंह उर्फ जिलेदार प्रधान है। दो जुलाई को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में विकास के साथ सिर्फ जिलेदार सिंह ही नामजद है। गिरोह के बाकी बचे 10 बदमाश न नामजद किए गए, न ही उनका कोई अता-पता है। यह भी हैरानी की बात है, कि विकास का सिक्का कई राज्यों तक चलता था। लेकिन उसकी गैंग में कानपुर से बाहर का कोई सदस्य नहीं है। पुलिसकर्मियों की हत्या में 21 नामजद आरोपितों में 12 फरार है। तीन जेल में और छह मारे जा चुके है। पुलिस ने जिन्हें मारा या पकड़ा है, वे सभी उसके खानदानी, पड़ोसी या करीबी ही हैं।

अमर और अतुल के एनकांउटर पर बाहर आ गया विकास

विकास दुबे शायद अभी भी पुलिस की पकड़ में नहीं आता, अगर पुलिस के हाथों उसके करीबी साथी नहीं मारे गए होते। साथियों के लगातार मारे जाने से ही वह टूट गया था। विकास को उज्जैन से लेने गई एसटीएफ टीम के अधिकारियों के मुताबिक मध्य प्रदेश से उनको जानकारी हुई, कि विकास दुबे बाहर से कड़ा दिखाई देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अंदर से टूट चुका था। उसके पीछे बड़ा कारण उसके करीबियों का मारा जाना था। विशेष कर अमर दुबे, अतुल दुबे की मौत से वह बहुत दुखी था। उसने संतोष व्यक्त किया था। कि उसकी गिरफ्तारी के बाद एनकाउंटर बंद हो जाएंगे। उसे इस बात की भी चिंता थी। कि जब वह जेल से छूटकर गांव जाएगा तो उन परिवारों को क्या जवाब देगा, जिनके अपनों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया।http://satyodaya.com

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रामपुर: आजम खां के करीबी पूर्व पुलिस अधिकारी आले हसन गिरफ्तार

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लखनऊ। पूर्व कैबिनेट मंत्री व सांसद आजम खां के करीब पूर्व सीओ आले हसन को आज रामपुर में गिरफ्तार कर लिया गया। आले हसन पर आरोप है कि उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय के लिए आजम खां के साथ मिलकर किसानों व अन्य ग्रामीणों की जमीनों पर जबरन कब्जा किया। आले हसन पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। सोमवार को वह कोर्ट में सरेंडर करने जा रहे थे। तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पेशी से गायब रहने पर अदालत ने धारा 82 के तहत कुर्की की उद्घोषणा की कार्रवाई के भी आदेश दिए थे।

2017 में पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद आले हसन जौहर युनिवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी बन गए थे। आले हसन और आजम खां की करीबी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में जब-जब सपा की सरकार बनी तो आले हसन को रामपुर में तैनात किया गया। रामपुर के सीओ सिटी रह चुके आले हसन सपा नेता आजम खान के साथ कई मामलों में नामजद हैं।

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बता दें कि सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां भी इस समय जेल में हैं। योगी सरकार आजम खां को भू-माफिया घोषित कर चुकी है। उन पर 55 से अधिक केस दर्ज हैं। आजम खां के विधायक बेटा अब्दुल्ला आजम और विधायक तंजीम फातिमा के खिलाफ भी जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।http://www.satyodaya.com

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मुख़्तार के इशारे पर भाजपा विधायक की हत्या कर चोटी भी काट ले गया था हनुमान पांडे

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बाहुबली मुख्तार अंसारी व अभय सिंह का 15 साल पुराना ऑडियो वायरल

लखनऊ। मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी का शाॅर्प शूटर राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय मारा जा चुका है। रविवार को यूपी एसटीएफ ने उसे लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। राकेश पांडेय के एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर मुख्तार अंसारी का 15 साल पुराना एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह ऑडियो ठीक उस समय रिकार्ड किया गया था, जब मुख्तार के इशारे पर भाजपा विधायक कृष्णानंद राय पर गोलियां चल रहीं थी। ऑडियो में मुख्तार के साथ अभय सिंह की बातचीत है। दोनों उस वक्त जेल में थे।

ऑडियो की सत्यता की पुष्टि करते हुए आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि उस दिन अभय सिंह ने किसी जमीन की डील को लेकर मुख्तार को फोन मिलाया था। लेकिन उस समय कृष्णा नंद राय पर मुन्ना बजरंगी अपने शूटरों के साथ हमला कर रहा था। मुख्तार ने अभय सिंह की बात काटते हुए कहा-

मुख्तार: इस समय मुन्ना बजरंगी और कृष्णानंद राय के बीच गोली चल रही है…
अभय सिंहः गोली बराबर चल रही है…या एकतरफा…
मुख्तार: जयश्रीराम (कटाक्ष या अहंकारपूर्ण)
अभय सिंह समझ जाता है और चुप हो जाता है।
कुछ देर बाद, मुख्तार: काट लिया मुट्ठी में…

मुख़्तार ने कहा था, काट लीन्हीं चोटी…मुट्ठी में…

आईजी एसटीएफ ने दोनों की बातचीत का मतलब समझाते हुए बताया कि कृष्णा नंद राय एक बड़ी चोटी रखते थे। जब मुख्तार ने अभय के सवाल पर कटाक्षपूर्ण तरीके से जयश्रीराम कहा तो वह समझ गया कि भाजपा विधायक की हत्या हो गयी है। इसके कुछ ही देर बाद मुख्तार ने अभय सिंह से फोन पर कहा, काट लीन्हीं…मुट्ठी में…।

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आईजी एसटीएफ ने बताया कि दरअसल कृष्णानंद राय की हत्या के शाॅर्प शूटर राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय ने उनकी चोटी काट ली थी। जिसे उसने मुख्तार अंसारी को भेंट किया था।

मुख्तार ने इसलिए रखा था हनुमान पांडेय नाम

आईजी एसटीएफ ने बताया मुन्ना बजरंगी और मुख्तार का खास शूटर रहा राकेश पांडेय का दूसरा नाम हनुमान पांडेय मुख्तार ने ही रखा था। दरअसल राकेश पांडेय भोजन बहुत अधिक करता था। इसीलिए मुख्तार ने उसका नाम हनुमान पांडेय रख दिया था।http://www.satyodaya.com

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हिंदुस्तान और देश के मुसलमानों के लिए आतंकी संगठन रच रहे साजिश: वसीम रिज़वी

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लखनऊ। अपने बयानों से अक्सर सुर्खियों में बने रहने वाले शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी ने अपने ताज़ा बयान में हिंदुस्तान और देश के मुसलमानों के खिलाफ विदेशी मुल्कों को साजिश रचने का आरोप लगाया है। रिज़वी ने कहा कि आतंकी संगठन चाहते है कि हिंदुस्तान के मुसलमान ग्रह युद्ध के लिए तैयार हो जाये।

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पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी ने सोमवार को मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में आतंकी ज़हनियत रखने वाले मुसलमान और जिहाद के लिए पूरी दुनिया को तैयार करने वाली आतंकी संगठन हिंदुस्तानी मुसलमानों को टारगेट बना रही है। रिज़वी ने कहा कि आतंकी संगठन चाहते है कि हिंदुस्तान में नफरत का माहौल पैदा हो और हिंदुस्तान का मुसलमान हाथों में असलहा लेकर ग्रह युद्ध के लिए तैयार हो जाये। मुसलमान जिहाद के लिए तैयार हो जाये और पूरा मुल्क कश्मीर जैसा बन जाये, इसी वजह से 15 अगस्त के मौके पर अमरीका से मेस्जस आ रहे है । वसीम रिज़वी ने कहा कि यह खतरनाक साजिश है देश के लिए और देश मे रहने वाले मुसलमानों के लिए।http://www.satyodaya.com

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August 10, 2020, 3:35 pm
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