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लखनऊ: नगर निगम के द्वारा मना करने के बावजूद सेवा विस्तार की तैयारी

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लखनऊ। नगर निगम ने तमाम नियमों, शासन की नीति का हवाला देते हुए साफ कर के कह दिया है, कि लेखाकार (अकेन्द्रीयत) को सेवाविस्तार नहीं दिया जा सकता। फिर वो कौन अधिकारी हैं, जो कि नगर आयुक्त के पत्र को भी नजर अंदाज कर रसूखदार बाबू को सेवा विस्तार दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। विशेष सचिव नगर विकास अनुभाग 7 की ओर से सत्येंद्र कुमार सिंह को सेवा विस्तार के लिए यथोचित कार्यवाही के लिए लिखा गया था। इसका जवाब नगर आयुक्त ने शासन को भेज दिया है। इसमें कहा गया है, कि स्थानीय निकाय की ओर से रिक्त पदों पर किसी प्रकार से नियुक्तियां न किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

इसमें ये भी कहा गया है कि शासन ने इन पदों को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए भरने का निर्णय लिया है। इसमें सेवाविस्तार केवल उन्हीं पदों में दिया जा सकता है, जो विशेष जनहित के विधिक या वैज्ञानिक पद हों ,इसके कोशिश के बावजूद नई तैनाती न हो पा रही हो। जबकि सत्येंद्र कुमार सिंह का पद इस श्रेणी का नही है। इसलिए लखनऊ नगर निगम की ओर से इस तरह कार्यवाही किया जाना सम्भव नहीं है। नगर विकास विभाग के सूत्र बता रहे हैं कि नगर निगम के इस पत्र के बावजूद शासन के कुछ अफसर सेवा विस्तार के लिए एड़ी- चोटी को ज़ोर लगा रहे हैं।

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अब सवाल यह है कि वो कौन लोग हैं, सत्येंद्र कुमार सिंह का सेवाविस्तार किसी भी दशा में कराना चाह रहे हैं। लखनऊ नगर निगम में आखिर वो कौन से काम हैं, जो कि बिना इस बाबू के नही हो सकते। इस सेवाविस्तार से किस-किस को फायदा होने जा रहा है। आखिर क्या वजह है कि योगी सरकार की नीतियों के विरुद्ध कुछ अफसर खड़े हैं। कोरोना काल में शासन की नीति है कि 55 साल से कम के कर्मचारियों से काम लिया जाए। फिर कौन अफसर हैं, जो ऐसे कर्मचारियों की उपयोगिता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मूलतः लेखाकार सत्येंद्र कुमार सिंह बरसों से लखनऊ नगर निगम में बजट सील का काम देख रहे हैं, जो एक मलाईदार जगह मानी जाती है। इनकी सेवानिवृत्ति इसी माह 31 मई को होनी है।

लेकिन नगर निगम में अब भी लोग ये मान रहे हैं, कि सत्येंद्र सिंह का शासन में बैठे लोग सेवाविस्तार किसी भी तरह से करवा देंगे। दरअसल नगर निगम में कई नगर आयुक्त आये और चले गए लेकिन बरसों से एक सीट पर जमे सत्येंद्र सिंह की हैसियत में कोई कमी नहीं आयी। कोरोना काल ऐसी खबरें नगर निगम की छवि के लिए चुनौती है। फिर सत्येंद्र कुमार सिंह ने 58 साल की उम्र में सेवानिवृत्ति का चयन कर उससे सम्बंधित लाभ लिए। उसके बाद नगर निगम को अँधेरे में रख 58 साल में सेवानिवृत्ति न लेकर 60 साल की सेवा पूरी करने के करीब है। लेकिन वो कौन है कि जो रिकवरी की कार्रवाई करने बजाय सेवाविस्तार में जुटे हैं।http://www.satyodaya.com

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UG और PG के फाइनल ईयर में एक साल की स्टडी लीव देने की योजना- सीएम योगी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सूबे में युवा उद्यमियों की फौज खड़ी करने में जुट गई है। इसके लिए सरकार ने विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में स्टार्टअप को नए विषय के तौर पर जोड़ने योजना तैयार की है। सीएम योगी का फोकस नौजवानों को ‘जाॅब सीकर नहीं, जाॅब प्रोवाइडर’ बनाने पर है। ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के फाइनल ईयर में एक साल की स्टडी लीव देने की भी योजना तैयार की गई है।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक स्टडी लीव के दौरान छात्र को इंटर्नशिप कराने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को युवा उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित करने में आसानी आएगी और वे खुद का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। बताया जा रहा है कक इस योजना में एक लाख छात्रों को पहले साल में शामिल किया जाएगा, उन्हें इंटर्नशिप के दौरान प्रतिमाह ढाई हजार का मिलेगा भत्ता भी देंगे। सरकार इन छात्रों का प्रोजेक्ट वर्क पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बने देंगी।

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बताया जा रहा है सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ को स्टार्टअप हब बनाने कवायद में जुट चुके हैं। दस हजार से भी अधिक स्टार्टअप यूपी में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। सिडबी की मदद से योगी सरकार ने कार्पस फंड बना सकती है। वहीं सरकार हर जिले में स्टार्टअप इकाई बनाएगी। अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को 15 करोड़ की प्रथम किश्त भी सौंप दी है। प्रदेश सरकार और सिडबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इससे बाहर से आए कामगार और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। http://www.satyodaya.com

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राहुल गांधी के वीडियो में प्रवासी श्रमिकों के लिए हमदर्दी कम नौटंकी ज्यादा: मायावती

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कहा, मजदूरों की ऐसी हालत की असली कसूरवार कांग्रेस ही है

लखनऊ। लाॅकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों को लेकर सियासी घमासान तेज है। कांग्रेस और सपा प्रवासी श्रमिकों की अनदेखी का आरोप लगाकर उत्तर प्रदेश सरकार पर सियासी तीर छोड़ रही है। शनिवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों से बातचीत का एक वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया। जिसमें उन्होंने 16 मई को सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास मजदूरों से बातचीत के कुछ अंश डाले हैं। राहुल गांधी के इस वीडियो पर योगी सरकार तो पीछे रह गई। बसपा सुप्रीमो मायावती ने राहुल गांधी को जमकर लताड़ लगाई।

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस वीडियो को नाटक करार दिया है। इसके साथ ही मायावती ने प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस की पूर्व सरकारों को ही जिम्मेदार ठहराया है। बसपा सुप्रीमों ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल पर कई ट्वीट किए हैं। पहले ट्वीट में उन्होंने श्रमिकों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताते हुए लिखा, आज पूरे देश में कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है। उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है। क्योंकि आजादी के बाद इनके लंबे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गांव व शहरों में की गई होती तो इन गरीब मजदूरों को दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ता।

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दूसरे ट्वीट में यूट्यूब पर जारी किए गए वीडियो को लेकर मायावती ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, वर्तमान में कांग्रेसी नेता ने लॉकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने वाला जो वीडियो डाला है, उसमें हमदर्दी कम, नाटक ज्यादा दिख रहा है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता।

भाजपा सरकारें मिलकर इन मजदूरों को गांवों में ही बनाएं आत्मनिर्भर

उन्होंने आगे लिखा, वर्तमान समय में केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें कांग्रेस के पदचिन्हों पर ना चलकर, इन बेहाल मजदूरों को उनके गांवों और शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करें। भाजपा सरकार इन प्रवासी श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर ईमानदारी से अमल करे ताकि आगे इन्हें ऐसी दुर्दशा न झेलनी पड़े। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए मायावती ने लिखा कि बसपा के जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गांवों से दूर अलग-थलग रखा गया है, उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है। ऐसे लोगों को अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है।

वित्त मंत्री ने भी राहुल गांधी के वीडियो को बताया ड्रामेबाजी

बता दें कि राहुल गांधी के इस वीडियो को केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण भी ड्रामेबाजी करार दे चुकी हैं। वित्त मंत्री ने कहा है कि राहुल गांधी ने मजदूरों के साथ बैठकर और उनसे बात करके उनका समय बर्बाद किया है। सड़क पर बैठकर बात करने से मजदूरों की समस्या का हल नहीं होगा। उन्हें मजदूरों के साथ सामान उठाकर उनके साथ पैदल जाना चाहिए था। उन्हें मजदूरों के बच्चों को और उनके सामान को उठाकर उनके साथ चलना चाहिए था।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ एयरपोर्ट से 27 घरेलू उड़ानों को मिली मंजूरी,यात्रियों को किया जाएगा क्वारंटाइन

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लखनऊ। कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बीच सोमवार से घरेलू हवाई यात्रा की शुरुवात हो रही है। लॉकडाउन के दो महीने बाद लखनऊ एयरपोर्ट से 25 मई से घरेलू उड़ाने बहाल हो जाएंगी। कुल 27 उड़ानों को मंजूरी मिली है। यह उड़ाने लखनऊ से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बंगलूरू, कोलकाता और हैदराबाद के लिए रवाना होंगी खास बात यह है कि डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की ओर से जारी सूची में कई उड़ानें ऐसी हैं, जो एक जून के बाद से उड़ान भरेंगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि 25 मई से देशभर में घरेलू विमान सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसी क्रम में शुक्रवार को डीजीसीए की ओर से विमानों की सूची जारी की गई है। इसमें एयरबस के साथ-साथ एटीएस श्रेणी के विमान भी शामिल हैं। डीजीसीए ने कुल 448 उड़ानों को मंजूरी दी है।

लॉकडाउन से पहले लखनऊ से 49 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेट हो रही थीं। जबकि अभी सिर्फ 27 उड़ानों को ही अनुमति दी गई है। लखनऊ एयरपोर्ट पर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल के बाहर पांच मेगा पिक्सल का एक कैमरा लगा दिया गया। इससे यात्रियों की आईडी, टिकट की जांच भीतर बैठे सुरक्षाकर्मी कर सकेंगे। घरेलू उड़ान सेवाओं के 25 मई से शुरू होने और भारत में 31 मई तक लॉकडाउन लागू होने के बीच कोई विरोधाभास नहीं है। 

हवाई यात्रियों के लिए  सेतु ऐप है और इसका स्टेटस ग्रीन है तो यह पासपोर्ट की तरह है। जिन यात्रियों में कोविड-19 के लक्षण नहीं हैं और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन स्टेटस है, उन्हें क्वारंटाइन में भेजे जाने की जरूरत नहीं है। साथ ही अगर किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण दिखेंगे तो उस यात्री को क्वारंटाइन किया जाएगा । साथ ही सरकार के निर्देश के अनुसार लखनऊ एयरपोर्ट के बाहर लगा कैमरे से यात्रियों के टिकट को चैक किया जाएगा।

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गौरतलब है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन की वजह से दो महीने से अधिक समय से देश में विमान सेवाओं पर रोक है। अब सरकार ने 25 मई के कुछ रूटों पर घरेलू विमान सेवा शुरू करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा के दौरान सभी यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य किया है। हालांकि, 14 साल से कम आयु के बच्चों को इससे छूट दी गई है। 

इसके साथ ही आपको ये भी बता दें कि सभी घरेलू उड़ानें दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर टर्मिनल 3 (टी3) से ऑपरेट होंगी। देश में कोरोना वायरस के मामलों की बात करें तो ये आंकड़ा एक लाख से अधिक हो गया है। भारत में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। रोजाना हजारों की संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना वायरस के मामलों में 6,654 मामलों की अब तक सबसे बड़ी बढ़त हुई है और 137 मौतें हुई हैं। देश में अब कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,25,101 है, इसमें 69,597 सक्रिय मामले और 3,720 मौतें शामिल हैं। http://www.satyodaya.com

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