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फिल्म ‘आयशा’ को लेकर मुश्किल में फंसे वसीम रिजवी, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

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तहफ्फुज-ए नामूस-ए रिसालत एक्शन के राष्टीय अध्यक्ष जीशान मिर्जा ने अदालत में दाखिल की याचिका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी अपनी फिल्म ‘आयशा’ को लेकर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद तहफ्फुज-ए नामूस-ए रिसालत एक्शन के राष्टीय अध्यक्ष जीशान मिर्जा ने वसीम रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जीशान मिर्जा ने फिल्म के ट्रेलर को आपत्ति जनक बताते हुए 21 अगस्त को लखनऊ के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जीशान मिर्जा ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया है कि वसीम रिजवी मुस्लिम धर्म के अंतिम पैगम्बर मोहम्मद साहब की धर्मपत्नी (जो मुस्लिम समुदाय की मां भी हैं) पर एक अश्लील फिल्म बना रहे हैं। जिसका एक आपत्तिजनक ट्रेलर सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया है।

वसीम रिजवी ने इस्लामिक हदीसों का गलत हवाला देकर मां आयशा पर एक आपत्तिजनक ट्रेलर वायरल किया है। जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। बता दें कि आपत्तिजनक ट्रेलर रिलीज होने के बाद मुस्लिम समुदाय में काफी आक्रोश था। इस फिल्म के विरोध में देशभर के मुस्लिम समुदाय ने वसीम रिजवी के खिलाफ धरना प्रदर्शन भी किया था। हालांकि राजनीतिक संरक्षण के चलते वसीम रिजवी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। मुस्लिम समुदाय ने फिल्म पर रोक न लगने व रिजवी के खिलाफ कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

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इस मामले में तहफ्फुज-ए नामूस-ए रिसालत एक्शन ट्रस्ट के नेशनल प्रसिडेंट जीशान मिर्जा ने न्यायालय की शरण ली थी। जिसके बाद 2 सितंबर को वसीम रिजवी के खिलाफ न्यायालय में 156(3) में परिवाद दायर किया। परिवाद पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने लखनऊ पुलिस से प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। लखनऊ पुलिस द्वारा पेश रिपोर्ट देखने के बाद अदालत ने मामले को गम्भीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके बाद लखनऊ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। http://www.satyodaya.com

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अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बना दिया ‘हत्या प्रदेश’

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर देहात में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार से शहीद पुलिस कर्मियों को एक-एक करोड़ तथा घायलों को 50-50 लाख रूपए देने की उन्होंने मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अपराधिक जगत की इस सबसे शर्मनाक घटना में सत्ताधारियों और अपराधियों की मिली भगत का खामियाजा कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों को भुगतना पड़ा है। भाजपा सरकार की यह ऐतिहासिक नाकामी है। बेलगाम अपराधियों ने नृशंस हत्या ही नहीं की शहीद पुलिसकर्मियों के असलहे भी लूट ले गए। भाजपा राज में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि अब तो इस सच्चाई को स्वीकार करने में ही भाजपा सरकार की भलाई है कि प्रदेश में माफियाओं की समानांतर सरकार चल रही है। राज्य में अपराधिक अवांछित तत्वों का साम्राज्य कायम हो चुका है। यह सब ‘ठोकों नीति‘ का ही परिणाम है कि अपराधी पुलिस को ठोकने का दुस्साहसपूर्ण कृत्य करने में आगे-पीछे नहीं सोचते हैं। आखिर इतना जघन्य काण्ड करने की बदमाशों की हिम्मत कैसे पड़ गई? यही नहीं लखनऊ के ही गोमतीनगर विस्तार में एक अवकाश प्राप्त डीआइजी के घर में घुसे युवक की थाना में मौत हो गई। उसके फांसी लगाने की कहानी बताई गई।

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उन्होंने कहा कि प्रयागराज में 4 हत्याएं, अमरोहा में युवक की गोली मारकर हत्या, गाजियाबाद के साहिबाबाद में पिता और आठ साल की बच्ची की हत्या हुई और महोबा में पैरौल पर आए कैदी की हत्या हुई। सोनभद्र में निषादों की हत्या की गई। इन हत्याओं से प्रदेश थर्राया है। भाजपा ने अपने काले कारनामों से उत्तर प्रदेश को हत्या प्रदेश बना दिया है। भाजपा सरकार अपनी पोलपट्टी खुलने के डर से आनन-फानन में मुख्य अपराधी को न पकड़कर छोटी-मोटी मुठभेड़ दिखाने का नाटक करवा रही है। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल और गिरेगा। अपराधियों को जिन्दा पकड़ कर वर्तमान सत्ता का भंडाफोड़ होना चाहिए।http://www.satyodaya.com

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सपा ने कानपुर के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी की मांग

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश में शुक्रवार को पार्टी की जिला इकाइयों ने कानपुर नगर में अपराधियों से मुठभेड़ में शहीद हुए 8 पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही अधिकारियों को ज्ञापन देकर शहीदों के परिवारों को एक-एक करोड़ और घायलों को पचास-पचास लाख रूपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। सपा कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा की निंदा करते हुए अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर कानपुर घटना में शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि देने सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर अपराधियों द्वारा किए गए हमले की निदा की और शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। कार्यकर्ताओं ने अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी किए जाने की मांग की। वहीं इस दौरान सपा कार्यकार्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विधानसभा के ओर कूच किया। पुलिस ने रोका तो पुलिस और कार्यकार्ताओं से झड़प हुई। वहीं नेता विभा शुक्ला अचानक पहुंची और हजरतगंज चैराहे में बीच सड़क पर लेट कर प्रदर्शन करते लगी। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

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इस दौरान पूर्वमंत्री रविदास मेहरोत्रा, जिलाध्यक्ष जयसिंह जयंत, नगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित, विजय सिंह यादव, अनीस रजा, सौरभ यादव, ताराचंद्र, इन्दल रावत, पार्षद शैलेन्द्र सिंह, पार्षद देवेन्द्र सिंह, नवीन धवन बंटी, दीपक रंजन, शब्बीर खान, पूजा शुक्ला और विभा शुक्ला को गिरफ्तार किया है। वहीं श्रद्धांजलि सभा में बाधा डालने के लिए पुलिस की समाजवादी पार्टी के नेताओं ने निंदा की है।http://www.satyodaya.com

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कांग्रेस ने कहा, कानपुर की घटना यूपी में ‘जंगलराज’ की भयावह तस्वीर

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सत्ता संरक्षण में फल-फूल रहे हैं अपराधी : अजय कुमार लल्लू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कानपुर की घटना के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा, कानपुर में बेलगाम अपराधियों द्वारा 8 पुलिसकर्मियों की हत्या, प्रयागराज में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या और गाजियाबाद में पिता-बेटी की हत्याओं से सिद्ध हो गया है कि यूपी में जंगलराज है। ’कानून का राज’ अब उत्तर प्रदेश में सियासी मुहावरा बन कर रह गया हैं।

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा, योगीराज में पूरे प्रदेश में अराजकता हैं। प्रदेश में कानून का राज नाम की कोई चीज नहीं रह गयी हैं। अपराधी सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं और मनबढ़ हो चले हैं। अपराधी इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद फरार भी हो जाते हैं। कानपुर की यह घटना उप्र में ‘जंगलराज’ की भयावह तस्वीर है। लल्लू ने कहा, मुख्यमंत्री योगी से उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है। मुख्यमंत्री योगी के राज में 60-60 मुकदमे वाले अपराधी खुलेआम बाहर घूम रहे हैं। जबकि आपदाकाल में गरीब श्रमिकों की मदद और सेवा कार्य में लगे कांग्रेस के सिपाहियों पर फर्जी मुकदमे लगा कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।

जेल से बाहर क्यों था इतना बड़ा हिस्ट्रीशीटर?

लल्लू ने कहा कि सरकार की खोखली नीति के कारण ही आज हमारे पुलिस के जवानों को शहादत देनी पड़ी। कहा कि इसी तरह कुछ महीनों पहले इंस्पेक्टर सुबोध की भी हत्या हुई थी। हत्या आरोपी को भाजपा के लोग कंधे पर घुमाने का काम करते थे। जिस अपराधी ने आज घटना को अंजाम दिया है उसने एक राज्यमंत्री की भी हत्या की थी। यदि वो इतना बड़ा हिस्ट्रीशीटर था तो अब तक जेल से बाहर क्यों था? मुख्यमंत्री योगी जी लगातार सड़कों पर, सदन में कहते नहीं थकते थे कि ’अपराधी या तो जेल में हैं या उप्र छोड़ कर भाग चुका है।

कांग्रेस के बजाय कानून व्यवस्था पर ध्यान दें सीएम

लल्लू ने कहा, प्रयागराज में एक परिवार के चार लोगों की हत्या, गाजियाबाद में पिता-पुत्री की हत्या बताता है अब प्रदेश में जनता के साथ-साथ पुलिस भी असुरक्षित है। इस जंगलराज के लिए जवाबदेही तो तय करनी ही होगी। लल्लू ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने से इतर आपको यूपी की ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आपने यह किया नहीं जिसका नतीजा पुलिस के जवानों की शहादत हुईं। जनता जवाब चाहती है? कौन इस हत्याकांड के लिए जिम्मेवार है?

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर शहीद हुए पुलिस कर्मियों की याद में श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की गई। जिसमे प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने शहीद पुलिस कर्मियों की याद में पुष्पांजलि अर्पित करते हुए 2 मिनट का मौन रखा। श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सचिन नाईक, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक श्यामकिशोर शुक्ल, सिद्धार्थ प्रिय श्रीवास्तव, मनोज यादव, प्रदीप नरवाल, आलोक प्रसाद, बृजेन्द्र कुमार सिंह, मुकेश सिंह चौहान, आरसी उप्रेती, गंगा सिंह एड., डा. विनोद चन्द्रा, वेद प्रकाश त्रिपाठी, ममता चौधरी, सुशीला शर्मा, सिद्धिश्री, रफत फातिमा, राजेश सिंह काली, तरूण पटेल, प्रदीप कनौजिया, शाहनवाज खान, महावीर सिंह विष्ट, आशीष दीक्षित, मोहन कुमार, अंकित सक्सेना, सोम विकल, श्रीराम यादव, कोमल, मुसकान बाजपेयी, शिप्रा अवस्थी सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।http://www.satyodaya.com

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