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सुशांत राजपूत केस: बिहार पुलिस के साथ मुंबई पुलिस ने किया अपराधियों जैसा बर्ताव

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मीडियाकर्मियों से बात करने का प्रयास रहे बिहार पुलिस के अधिकारी को जबरन गाड़ी में बैठाया

लखनऊ। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस शुरू से ही सवालों के घेरे में रही है। लेकिन शुक्रवार रात बिहार पुलिस के साथ मुंबई पुलिस का ‘जबरिया रवैया’ पूरे देश को नागवार गुजरा है। शनिवार को घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस पूरे देश के निशाने पर आ गयी। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ मीडियाकर्मी बिहार पुलिस के अधिकारी से सवाल पूछना चाहते हैं, लेकिन मुंबई पुलिस के अधिकारी बिहार पुलिस के अधिकारी को जबरन धक्का देते हुए गाड़ी में बैठा देते हैं। बिहार पुलिस के साथ मुंबई पुलिस का सलूक ऐसा था, जैसे बिहार पुलिस का अधिकारी कोई अपराधी हो।#MahaGovtSoldOut #ShameOnMumbaiPolice #CBIForSushant

मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने मुंबई पुलिस के इस रवैये पर नाराजगी भी जाहिर की। बताया जा रहा है कि केस की जांच करने पहुंची बिहार पुलिस को मुंबई पुलिस बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। यहां तक कि बिहार पुलिस को एक वाहन तक नहीं उपलब्ध कराया गया। जिसके चलते बिहार पुलिस के अधिकारियों को ऑटो से सफर करना पड़ रहा है।

संदिग्धों को क्लीनचिट दे रही मुंबई पुलिस

अभिनेता की संदिग्ध हालात में मौत की जांच कर रही मुंबई पुलिस शुरू से ही भटकी हुई नजर आ रही है। डेढ़ महीने का वक्त गुजर चुका है, लेकिन अभी तक मुंबई पुलिस कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं हासिल कर पाई है। अलबत्ता सुशांत की मौत संदिग्धों को क्लीनचिट ही दी है।

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जबकि सुशांत की मौत के लिए उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती सहित बाॅलिवुड के कुछ बड़े नामों पर उंगली उठाई गयी है। मुंबई पुलिस ने अभी तक की अपनी जांच में बताया है कि सुशांत ने डिप्रेशन के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उन्होंने अपना इलाज भी कराया था।

आत्महत्या साबित करने पर तुली है मुंबई पुलिस

सुशांत केस पिता केके सिंह, बिहार की पूरी जनता और अभिनेता के करोड़ों प्रशंसकों का मानना है कि राजपूत की या तो हत्या हुई है या फिर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। जबकि मुंबई पुलिस अब तक की अपनी जांच में सुशांत की मौत को आत्महत्या करार देने पर ही फोकस रही है।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी कहा, सुशांत की हत्या हुई है

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सुब्रह्मण्यम स्वामी ने मुंबई पुलिस द्वारा गढ़ी जा रही आत्महत्या की थ्यौरी पर सवाल उठाते हुए 26 ऐसी बड़ी वजहें बताई हैं, जो साबित इशारा करती हैं कि सुशांत की हत्या हुई है। स्वामी ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग की है। सुशांत को न्याय दिलाने के लिए स्वामी शुरूआत से ही काफी सक्रिय हैं। उन्होंने ही अभिनेता के परिजनों के लिए एक वकील की भी व्यवस्था की है।

सुशांत के पिता ने पटना में दर्ज कराई है रिपोर्ट

बता दें कि हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने बिहार के पटना में अभिनेत्री रिया चक्रवती सहित 4 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है। पिता का आरोप है मौत से पहले एक साल के अंदर सुशांत के बैंक खाते से 15 करोड़ रुपए विभिन्न खातों में टांसफर किए गए। केके सिंह की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बिहार पुलिस की एक टीम मामले की जांच के लिए मुंबई पहुंची है।http://www.satyodaya.com

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झारखण्ड के शिक्षा मंत्री ने 11वीं में लिया एडमिशन, पढ़ाई के साथ संभालेंगे मंत्रालय

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नई दिल्ली। हेंमत सोरेन सरकार के शिक्षा मंत्री एक बार फिर से सुर्खियों में है। कहते हैं कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती बस इच्छा और जज्बा होना चाहिए। झारखंड के शिक्षा मंत्री मैट्रिक पास है और अब वह इंटर की पढ़ाई करेंगे। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने 25 साल बाद फिर 52 साल की उम्र में ग्यारहवीं कक्षा में एडमिशन लिया है। अपने ही डुमरी विधानसभा क्षेत्र के देवी महतो स्मारक इंटर महाविद्यालय नावाडीह में सोमवार को कला संकाय में 11वीं कक्षा में नामांकन कराया। उनका एच्छिक विषय राजनीति शास्त्र रहेगा।

शिक्षा मंत्री का कहना है कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। साथ ही लोग आलोचना कर रहे थे कि मैट्रिक पास को मंत्री बनाया गया है। यह उनके लिए जवाब होगा। मैट्रिक के बाद ही राजनीति में उतर जाने के कारण उनकी पढ़ाई छूट गई थी।

24 साल बाद फिर उठाया बस्ता

जानकारी के अनुसार 31 दिसम्बर 1967 को जन्मे शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने नेहरू उच्च विद्यालय तेलो से 28 साल की उम्र में वर्ष 1995 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। उस समय बिहार विद्यालय परीक्षा समिति थी। अब 52 की उम्र पार करने के बाद इंटर में नामांकन करवाया है। मंत्री ने बताया कि उन्होंने प्राथमिक विद्यालय अलारगो से कक्षा एक से तीन, प्राथमिक विद्यालय तारमी से कक्षा चार से पांच, मध्य विद्यालय जुनौरी से कक्षा छह से सात तथा नेहरू उच्च विद्यालय तेलो से कक्षा सात से लेकर मैट्रिक की पढ़ाई की। हालांकि उनकी मैट्रिक की पढ़ाई भी बाधित हुई थी।

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क्लासरूम की बेंच पर बैठकर करेंगे पढ़ाई

पढ़ाई के साथ ही शिक्षा मंत्री मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाएगे और स्कूल में अपनी क्लासरूम की बेंच पर बैठकर पढ़ाई भी करते नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि उसी विरोध और मजाक का आज जबाब दे रहा हूं। मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि हममें वो जोश और जज्बा है कि अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे, मंत्रालय भी देखेंगे, खेती भी करेंगे और जनता की सेवा भी करेंगे।http://www.satyodaya.com

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जनता व पर्यावरण के अनुकूल नहीं है ईआईए-2020 का मसौदा: श्रीनिवास बीवी

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युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार की नई नीति पर उठाए सवाल

लखनऊ। भारतीय युवा कांग्रेस ने केन्द्र सरकार के पर्यावरण प्रभाव आंकलन अधिसूचना 2020 ( एनवायरनमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट नोटिफिकेशन-ईआईए) को जनविरोधी कदम बताया है। बुधवार को एक बयान जारी कर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा, देश की अर्थव्यवस्था गर्त में पहुंच चुकी है। युवाओं के रोजगार छिन गए हैं। अब अपने सूट-बूट वाले मित्रों को फायदा पहुँचाने के लिए मोदी सरकार पर्यावरण विनाश के रूप में ईआईए 2020 का मसौदा लेकर आई है। यह सरकार जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी है।

श्रीनिवास ने कहा, ईआईए 2020 के मसौदा में भारत के पर्यावरण, जैव विविधता, पारिस्थितिकी, जीव जंतु, वनस्पति, गरीब आदिवासियों एवं वंचित वर्ग के लोगों तथा भावी पीढ़ियों के जीवन को संकट में डालने का षडयंत्र है। भाजपा सरकार अपने उद्योगपति मित्रों के लिए देश के पर्यावरण व प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट का रास्ता तैयार कर रही है। नई नीति में पर्यावरण को प्रदूषित करने पर प्रोजेक्ट मालिकों के लिए मुआवजा देने का प्रावधान किया है, हालांकि प्रोजेक्ट पर रोक नहीं लगाई जा सकेगी। इससे प्राकृतिक संसाधनों की लूट को बढ़ावा मिलेगा।

भावी पीढ़ियों के प्रतिकूल होंगे इस नीति के परिणाम

श्रीनिवास ने आरोप लगाते हुए कहा, मोदी सरकार की जनहित और लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है। इसीलिए इस प्रस्तावित मसौदे में जनसुनवाई और जन परामर्श को औपचारिकता बना दिया गया है। इस नीति के दूरगामी परिणाम भावी पीढ़ियों के लिए प्रतिकूल होंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार सहकारी संघवाद की भावना की हत्या करके निरंकुश तरीके से राज्यों में पर्यावरण प्रभाव प्राधिकरणों को नियुक्त करने का अधिकार हासिल कर रही है।

ईआईए-2020 के मसौदे पर संसद में हो बहस

श्रीनिवास ने कहा, ईआईए-2020 के मसौदे को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र की मोदी सरकार को सिर्फ उद्योगपति मित्रों के लाभ की परवाह है, पर्यावरण व पारिस्थितिकी की नहीं? इसलिए 40 तरह के प्रोजेक्ट को इन्वायरनमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट से बाहर रखा गया है। यह नीति आम आदमी के जीवन को प्रभावित करने वाली है, इसलिए इस पर संसद में बहस होनी चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार इसे जनपटल पर लाने से लगातार बच रही है। इससे यह स्पष्ट है कि मोदी सरकार का संसदीय परंपराओं में भरोसा नहीं है।

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भारत की 14 प्रतिशत आबादी तटीय जिलों में रहती है। भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा से नीचे रहता है और यह समुद्र के जल स्तर में वृद्धि, उच्च तापमान, तथा मौसम की अप्रत्याशित घटनाओं से प्रभावित होता है, ईआईए 2020 में उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।http://www.satyodaya.com

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केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाईक भी कोरोना वायरस से संक्रमित, हुए आइसोलेट

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नई दिल्ली। भारत में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस महामारी की चपेट में एक के बाद एक कर कई नेता मंत्री भी आते जा रहे हैं। इसी बीच यह खबर सामने आई है कि केंद्र सरकार में मंत्री श्रीपद यशो नाईक भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। केंद्रीय आयुष मंत्री और रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक की कोरोना रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आई है। अपनी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि कोविड-19 टेस्ट कराया था और वह संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि केंद्रीय मंत्री में संक्रमण के लक्षण नहीं हैं और फिलहाल वह होम आईसोलेशन में हैं। अपनी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि जो भी लोग हाल के दिनों में उनके संपर्क में आए हैं, वह सभी लोग अपना टेस्ट कराएं और जरूरी एहतियात बरतें।

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मोदी सरकार के पांचवे मंत्री

आपको बता दें कि श्रीपद यशो नाईक से पहले मोदी सरकार के चार और मंत्री भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं अब यशो नाइक के संक्रमित होने से यह संख्या पांच हो गई है। उनसे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, गृह मंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं।

जो भी मुझसे मिले हैं वो अपना कोविड-19 टेस्ट कराएं

श्रीपद नाईक ने ट्वीट कहा है, ‘मैंने आज कोविड-19 की जांच कराई थी, जिसके नतीजे सकारात्मक आए हैं, हालांकि मुझे कोई लक्षण नहीं है और सभी अंग भली भांति कार्य कर रहे हैं। सामान्य सीमा के भीतर है और मैं होम आइसोलेशन में हूं। जो लोग पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं। उन्हें सलाह दी जाती है कि वह खुद की जांच करवाएं और आवश्यक सावधानी बरतें।’http://www.satyodaya.com

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August 13, 2020, 2:57 am
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