Connect with us

प्रदेश

बर्खास्त बीएसएफ जवान ने वाराणसी सीट से भरा पर्चा, लेकिन अब चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस…   

Published

on

वाराणसी

फाइल फोटो 

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण की तैयारी पार्टियां बड़े जोर-शोर से कर रही हैं। ऐसे में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से चुनाव लड़ने के बीच कई तरह के अटकलें सामने आ रही हैं। अभी हाल ही में सपा पार्टी के उम्मीदवार और बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने वाराणसी सीट से नामाकंन पत्र दाखिल किया था, जबकि इस्ससे पहले वह निर्दलीय पार्टी से भी पर्चा दाखिल कर चुके थे।

ऐसे में कहा जा रहा है कि एक नामाकंन पत्र तेज बहादुर ने लिखा था कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि दूसरे पर्चे में उन्होंने कुछ नहीं बताया। जिसके बाद मंगलवार को पर्चे के जांच के बाद चुनाव आयोग ने तेज बहादुर के खिलाफ नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने उनसे 1 मई जवाब भी मांगा है।

ये भी पढ़े:गांधियन पीपुल्स पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की कही बात…

ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग का कहना है कि अगर तेज बहादुर यादव सही  प्रमाण नहीं देते हैं, तो उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया जाएगा। आयोग की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, तेज बहादुर ने 24 अप्रैल को निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था। उस समय उन्होंने अपने शपथ पत्र में बताया था कि ‘हां’ उन्हें भ्रष्टाचार के कारण नौकरी से बर्खास्त किया गया था, लेकिन 29 अप्रैल को दूसरी बार नामांकन करते समय तेज बहादुर ने इसी कॉलम में ‘नहीं’ लिखा है, जिसका अर्थ ये है कि उन्हें भ्रष्टाचार की वजह से नौकरी से नहीं निकाला गया है।

दोनों नामाकंन पत्रों की जांच करते हुए चुनाव आयोग ने तेज बहादुर को नोटिस जारी करते हुए नौकरी से निकाले जाने संबंधित प्रमाण पत्र की मांग की है। उन्हें यह प्रमाण 1 मई शाम 5 बजे तक जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करा देना है।http://www.satyodaya.com

प्रदेश

वसीम रिजवी दो दिन में CBI को सौपेंगे वक्फ प्रॉपर्टी को बेचने-खरीदने वालों की लिस्ट

Published

on

वक्फ बोर्ड

फाइल फोटो

नई दिल्ली। योगी सरकार ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी में गड़बड़ियो की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। जिसके चलते शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने योगी सरकार के स्वागत का फैसला किया। वसीम रिजवी ने ये भी कहा कि हम ऐसे मूतल्लियो की सूची तैयार करवा रहे हैं। जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को बेचने का काम किया है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा है कि 2 दिन के अंदर सीबीआई और भारत सरकार को लिस्ट भेज देंगे। जिसमें वक्फ प्रॉपर्टी के खरीददार और बिचौलियों के नाम शामिल होंगे।

वसीम रिजवी ने वक्फ प्रॉपर्टी को बेचने और खरीदने के नाम पर भगोड़े विजय माल्या का नाम भी लिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे शख्स का गुलाम नबी आजाद के फ़ोन से फोन आया। उन्होंने खुद विजय माल्या के नाम की सिफारिश की। लेकिन चेयरमैन कर पद पर रहते हुए हमने कार्रवाई की।हम से कहा गया उनके खिलाफ कार्रवाई न करो, लेकिन हमने कार्रवाई की। हमारे कार्रवाई करने के बाद डीएम और एसपी ने कार्रवाई नही की है।

ये भी पढ़ें:हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी…

वसीम रिजवी ने मौलाना कल्बे जवाद का भी नाम लिया है। उन्होंने कहा कल्बे जवाद ने भी बहुत सी वक्फ प्रॉपर्टी को बेचा है। तत्कालीन समय मे कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए मोहसिन रजा व उनके परिवार ने वक्फ बोर्ड की जमीनों बेच दिया। इतना ही नहीं रिजवी ने मोहसिन रजा पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अपने नाना-नानी के कब्रिस्तान जहां था, वो जमीनें भी बेच डाली। वक्फ बोर्ड की जमीनें बेचने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। 

जानकारी के मुताबिक वसीम रिजवी ने मोहसिन रजा की सीएम योगी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। जिसके बाद सीएम ने कहा जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई मंत्री या मुल्ला मौलवी या खुद वसीम रिज़वी दोषी पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी…

Published

on

कानपुर: पनकी क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर में रविवार को भीषण आग लग गई। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई और मरीज के तीमारदारों में दहशत छा गई। मौके से घटना की सूचना दमकल विभाग को पहुंचाई गई। सूचना पाकर मौके से पहुंचे दमकल जवानों ने आग पर काबू पाया। आग की लपटे तेज होते ही फ़ौरन जच्चा-बच्चा वार्ड से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया।

ये भी पढ़ें: ऑटो को बचाने के प्रयास में ओवर लोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा…

बता दें कि केशवपुरम निवासी कमल पांडे का पनकी मंदिर रोड पर मेरीगोल्ड हॉस्पिटल में मेडिकल स्टोर है। वहीं रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों के चलते मेडिकल स्टोर में आग लग गई। जिसके चलते हॉस्पिटल के कमरों में धुआं भर गया। अस्पताल कर्मी अशोक ने घटना की जानकारी मेडिकल स्टोर संचालक व दमकल को दी। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाडिय़ों ने कड़ी मशक्कत के बाद आधे घंटे में आग पर काबू पाया। वहीं मेडिकल स्टोर संचालक के मुताबिक आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

प्रदेश

योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी घोटाले की जांच के लिए CBI से की सिफारिश…

Published

on

योगी सरकार

फाइल फोटो

लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने शिया और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी की जांच के लिए सीबीआई और केंद्र सरकार से सिफारिश की थी। गृह विभाग ने प्रयागराज व लखनऊ में दर्ज दो मुकदमों के साथ ही यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड व यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा अनियमित रूप से खरीदी-बेची गईं एवं स्थानांतरित की गई संपत्तियों की सीबीआइ जांच कराने संबंधी पत्र केंद्र सरकार को भेजा है।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक लोक शिकायत व पेंशन मंत्रालय तथा निदेशक सीबीआई को पत्र भेजकर शिया-सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में घोटाले की सीबीआइ जांच की सिफारिश की गई है। शिया-सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में घोटाले को लेकर कोतवाली प्रयागराज में साल  2016 में और लखनऊ की हजरतगंज थाने में 2017 में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे।

ये भी पढ़ें:27 लाख कर्मचारियों को दीवाली का तोहफा, 25 अक्टूबर तक मिल जाएगा वेतन व पेंशन

बता दें 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी तो उस समय शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड पर घोटाले का आरोप लगाकर सीबीआई जांच कराने का ऐलान हुआ था, लेकिन सरकार सीबीआई जांच के लिए जरूरी औपचारिकताएं ही पूरी नहीं कर सकी थी। ढाई साल बाद एक बार दिर यूपी सरकार ने सीबीआई जांच कराने के लिए कागजी औपचारिकता पूरी कर केंद्र सरकार से सिफारिश की है।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सहित कई पर दर्ज हो चुके हैं मुकदमे

योगी सरकार ने शिया-सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में घोटाले की जांच की सिफारिश में जिन दो मुकदमों का जिक्र किया है, उनमें शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी पर भी आरोप है। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में 27 मार्च 2017 को कानपुर देहात निवासी तौसीफुल हसन की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी, प्रशासनिक अधिकारी गुलाम सैय्यदैन रिजवी, निरीक्षक वकार रजा के अलावा कानपुर निवासी नरेश कृष्ण सोमानी व विजय कृष्ण सोमानी नामजद आरोपित हैं। तौसीफुल ने तहरीर में कहा है कि कानपुर के स्वरूप नगर में उनकी मां के नाम संपत्ति है, जिसके वह मुतव्वली हैं।

ये भी पढ़ें:अजय कुमार ‘लल्लू’ ने की सोनिया से मुलाकात, कहा- भरोसे पर खरा उतरने का करेंगे प्रयास

आरोप है कि स्वरूप नगर निवासी नरेश कृष्ण सोमानी व उनके भाई विजय कृष्ण इस संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। वसीम रिजवी व अन्य आरोपितों ने सांठगाठ कर करीब 27 लाख रुपये का लेनदेन किया और 29 मई 2009 को अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर उनकी मां के नाम दर्ज संपत्ति का वक्फ रजिस्ट्रेशन रद कर दिया और पत्रावली से महत्वपूर्ण दस्तावेज को भी गायब कर दिए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। हजरतगंज पुलिस ने जालसाजी व जान से मारने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।

वहीं सीबीआई जांच के मामले में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि सेंट्रल वक्फ बोर्ड के द्वारा खरीदी और बेची जाने वाली जमीनों की जांच कराए जाने के मामले में वह योगी सकरार का स्वागत करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि शिया वक्फ बोर्ड सीबीआई की जांच में सहयोग करने की दृष्टि से एक सूची तैयार कर रहा है। जिसमें भ्रष्ट मोतल्लियो ने वक्फ प्रॉपर्टी को खरीदा या बेचा है,अपने निजी स्वार्थ के लिए। इसमें कुछ ऐसे मोतल्ल्वी भी हैं जो बड़े ऊंचे ओहदे पर हैं।  ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए हम सरकार को उनके नाम समेत एक सूची तैयार करके देंगे। http://www.satyodaya.com  

Continue Reading

Category

Weather Forecast

October 13, 2019, 5:36 pm
Hazy sunshine
Hazy sunshine
30°C
real feel: 32°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 51%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:34 am
sunset: 5:11 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 10 other subscribers

Trending