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बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी उप्र किसान सभा

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लखनऊ। प्रदेश में बढ़ी हुई बिजली दरों का चौतरफा विरोध हो रहा है। प्रदेश भर के व्यापारी लगातार बिजली दरें घटाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, जनता भी परेशान है। बिजली दरों के विरोध में अब उत्तर प्रदेश किसान सभा ने भी मैदान में उतरने का ऐलान किया है। उप्र किसान सभा ने बिजली दरों में वृद्धि को अनुचित बताते हुए शुक्रवार को कहा कि 21 सितंबर को किसान सभा जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी और आंदोलन को तेज करेगी। यूपी किसान सभा ने किसानों सहित आम जनता से भी अपील की है कि वह सरकार के इस निर्णय के खिलाफ सड.कों पर उतरे और बिजली दरें घटाने का दबाव बनाए। किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने एक प्रेसवार्ता कर कहा कि गांवों में बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 25 फीसदी, किसानों के ट्यूबवेल पर 14 फीसदी, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं का 15 फीसदी, व्यापारियों, दुकानों पर 9 फीसदी, उद्योग पर 5 फीसदी की वृद्धि अनुचित है।

उत्तर प्रदेश में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा ज्यादा महंगे दर पर बिजली दी जा रही है। योगी सरकार ने बिजली की दरों में दूसरी बार वृद्धि की है। किसान सभा के पदाधिकारी ने कहा कि शहरी इलाकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अंधाधुंध बिजली कटौती हो रही है। स्थानीय फाल्ट, जले ट्रांसफार्मर को समय से न बदले जाने और अघोषित कटौती से जनता परेशान है। सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। किसान नेता ने कहा कि इस वृद्धि को सरकार ने आनन-फानन में लागू कर दिया है। जबकि आयोग के ही टैरिफ के अनुसार उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 13337 करोड. रुपए बकाया है, उस पर सरकार खामोश है।

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तथाकथित घाटा पूरा करने-बकाया वसूली और चोरी रोकने के नाम पर हेवी पैनल्टी, एफआईआर, जेल तथा संगणना में हेराफेरी, तेज गति के मीटरों से ज्यादा बिलिंग आदि से जनता का उत्पीडन और अवैध वूसली की जा रही है। सरकार घाटे का रोना रो रही है लेकिन सरकारी क्षेत्र में उत्पादित सस्ती बिजली ना लेकर देशी-विदेशी कारपोरेटस से महंगी बिजली खरीद रही हैं। बिजली के निजीकरण की बडी साजिश रची जा रही है। बिजली विभाग में बडे पैमाने पर पद रिक्त है। ठेका व संविदा पर काम लिया जा रहा हैं अर्जित वेतन का भुगतान नही किया जा रहा है। 19 सितम्बर को लखनऊ में होने वाले संयुक्त सम्मेलन में बिजली कर्मी, अधिकारी, मजदूर किसानो के बडे साझा आंदोलन का ऐलान किया जायेगा। http://www.satyodaya.com

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शरणार्थियों के बच्चों को शिक्षा व रोजगार देने के लिए लाया गया सीएएः भाजपा

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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक अभिषेक खरे ने नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 पर एक संगोष्ठी का गुरुवार को आयोजन किया। संगोष्ठी में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सारा दिन आप लोग व्यवसाय करते हैं, शाम जब घर पहुंचे तो माता पिता के चरणों के पास बैठे उससे जो शांति मिलती है वह कही नही मिल सकती और शाम का समय अपने बच्चों और परिवार के साथ बितायें। कार्यक्रम में भाजपा महानगर व्यपार प्रकोष्ठ संयोजक अभिषेक खरे ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित अतिथियों का स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ग्यारह वरिष्ठ व्यापारियों को मार्गदर्शक सम्मान व इक्कीस वरिष्ठ व्यापारियों को भामाशाह पुरस्कार प्रदान किया।

बीजेपी व्यापार प्रकोष्ठ ने निरालानगर डी ग्लोबल पार्क होटल में आयोजित सीएए पर बोलते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि नेहरू और लियाकत समझौते पर भारत ने तो अमल किया । लेकिन पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ने उस पर अमल नही किया। जिसकी वजह से वहां के अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, जिससे वह वहां से आकर भारत में शरणार्थियों के रूप में रह रहे हैं। उनके बच्चों को शिक्षा मिले और उन्हें भी रोजी रोजगार व सम्मान से जीने के अवसर मिले। इसलिये नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 लाया गया। उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि विपक्ष बिना वजह लोगों का भड़काने का काम कर रहा है। व्यापारियों का प्रतिदिन 100-50 लोगों से सम्पर्क होता है। वह इस सच्चाई को बताने का बहुत बड़ा माध्यम है। व्यापारियों का देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान रहता है।

यूपी सरकार के मंत्री उदयभान सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की कड़ी हैं। युवा नेता नीरज सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव व्यापारियों का सम्मान करती रही है और भाजपा सरकार ने व्यापारियों के लिए 10 लाख की बीमा योजना लागू की। व्यापारियों के सुझावों पर जी.एस.टी. पर संशोधन किये गये।

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इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ‘मार्गदर्शक सम्मान’ से राजेन्द्र अग्रवाल, अमरनाथ मिश्रा, किशनचन्द्र बम्बानी, सतपाल सिंह मीत, हरविन्दर पाल सिंह, सतीश अग्रवाल, गिरिराज रस्तोगी, भारतभूषण गुप्ता और रविन्द्र गुप्ता व भामाशाह सम्मान से सुमेर अग्रवाल, सुशील गुरनानी, विनोद अग्रवाल, कैलाश चन्द्र जैन, देवेन्द्र गुप्ता, उत्कर्ष अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, अमरनाथ अग्रवाल और नीरज जौहर को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में बीजपी लखनऊ महानगर के महामंत्री त्रिलोक सिंह अधिकारी, पुष्कर शुक्ला, व्यापार प्रकोष्ठ के सह संयोजक मनीष गुप्ता, पंकज अग्रवाल, सुमित गुप्ता विजय शर्मा संतोष त्रिपाठी, अमिताभ श्रीवास्तव, हिमांशु गुप्ता, मनीष पार्थ उपस्थित रहे।http://www.satyodaya.com

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कानपुर में सीएए हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिले अखिलेश यादव

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5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि की प्रदान

लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कानपुर में सीएए हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिले। सीएए के विरोध में हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से मुंशीपुरवा के मोहम्मद सैफ, मोहम्मद आफलाब और बेगमपुरवा के मोहम्मद रईस की मौत हो गई थी।

अखिलेश यादव ने मृतक के परिवारजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मोहम्मद सैफ के पिता मोहम्मद तकी, आफताब की माता नजमा बानो और रईस के पिता शरीफ को 5-5 लाख रुपए की चेक देकर आर्थिक सहायता दी। बता दें कि अखिलेश यादव ने इसके पहले लखनऊ में मृतक वकील अहमद के परिजनों से भेंट कर उन्हें 5 लाख रुपए की चेक दे चुकें है। श्री यादव के साथ नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद अहमद हसन, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चैधरी और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी मौजूद रहे।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अन्याय के विरोध में और पीड़ितों के साथ खड़ी है। इसलिए समाजवादी पार्टी की ओर से पुलिस की गोली से मृतकों के सभी पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख रूपए की मदद दी जा रही है। समाजवादी पार्टी संवेदनशील राजनीतिक दल है। सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान माननीय न्यायाधीश से इनकी जांच होनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वालों पर भाजपा सरकार के इशारे पर हमला किया गया था। यह सरकार की नाकामी दर्शाती है। भाजपा सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून लाकर देश को बांटने का काम किया है। भाजपा धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांट रही है। वह अंग्रेजों के पद चिह्नों पर चलते हुए बांटों और राज करो की नीति अपना रही है।http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

योगी सरकार ने किया 14 IPS अफसरों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से आये दिन अपराधों में बढ़ोतरी हो रही थी। जिसके बाद ही उत्तर प्रदेश सरकार ने आईपीएस अफसरों की तैनाती को लेकर उनमें भारी फेरबदल किया है।

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आईये हम बताते हैं कहां मिली किस को तैनाती


1- आईपीएस शिवहरि मीणा 2010 को पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर बनाया गया।
2- आईपीएस हिमांशु कुमार 2010 को सेनानायक, 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा बनाया गया।
3- आईपीएस संतोष कुमार मिश्रा 2012 को पुलिस अधीक्षक रामपुर बनाया गया।
4- आईपीएस डाॅ. अजयपाल शर्मा 2011 को पुलिस अधीक्षक, पीटीएस उन्नाव बनाया गया।
5- आईपीएस आकाश तोमर 2013 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बनाया गया।
6- आईपीएस अरविन्द चतुर्वेदी एसपीएस-0 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी बनाया गया।
7- आईपीएस डाॅ. ओम प्रकाश सिंह एसपीएस-0 को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर बनाया गया।
8- आईपीएस मुनिराज आरआर-2009 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी बनाया गया।
9- आईपीएस गौरव भंसवाल आरआर-2014 को पुलिस अधीक्षक हाथरस बनाया गया।
10- आईपीएस सिद्धार्थ शंकर मीणा आरआर-2013 को पुलिस अधीक्षक बांदा बनाया गया।
11- आईपीएस गणेश प्रसाद साहा आरआर-2013 को पुलिस अधीक्षक मानवाधिकार लखनऊ बनाया गया।
12- आईपीएस राजीव नारायण मिश्रा एसपीएस-0 को सेनानायक, 24वीं वाहिनी, पीएसी मुरादाबाद बनाया गया।
13- आईपीएस कलानिधि नैथानी आरआर-2010 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद बनाया गया।
14- आईपीएस सुधीर कुमार सिंह एसपीएस-2009 को 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा बनाया गया है।http://www.satyodaya.com

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