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#Vikas Dubey Encounter: 2 जुलाई की रात से 10 जुलाई की सुबह तक की कहानी

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लखनऊ। कानपुर चौबेपुर थाने के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे का शुक्रवार एनकाउंटर  कर दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 2 जुलाई को  के राहुल तिवारी की शिकायत पर चौबेपुर थाने में विकास दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ठीक उसी रात करीब 1 बजे तीन थानों की पुलिस सीओ देवेंद्र मिश्रा की अगुवाई में विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची। जिसकी सूचना विकास दुबे को मिल चुकी थी। कि उसका एनकाउंटर होना है विकास दुबे के बयान के अनुसार। पुलिस पहुंची की इससे पहले विकास ने जेसीबी रास्ते में खड़ी करवा दी थी। जो उसके मामा प्रेम प्रकाश पाण्डेय की थी। लेकिन उसे राजू नाम के साथी ने उसे सड़क पर पार्क की थी।  जिसके बाद पुलिस पैदल ही विकास दुबे के घर की तरफ आई। इस दौरान पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू हो गई। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिसकर्मियों की जान चली गई और कई घायल हो गए।#CO Devendra Mishra

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3 जुलाई

3 जुलाई की सुबह तक विकास दुबे के बिकरू गांव में भारी पुलिस फोर्स के साथ कई पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम पहुंच गई और विकास दुबे के घर को सील कर दिया गया। हालांकि विकास दुबे और उसके साथी तब तक फरार हो चुका थे। पुलिस ने सुबह 7 बजे विकास  दुबे के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया। 20-22 नामजद समेत 60 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

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4 जुलाई

4 जुलाई को पुलिस ने ड्यूटी में लापरवाही के चलते चौबेपुर एसओ को निलंबित कर दिया गया। क्योंकि बताया जा रहा है कि घटना के दौरान वह जेसीबी मशीन के पीछे छिप गए थे। इसके साथ ही बिकरू गांव में पुलिस ने विकास दुबे का घर ढहा दिया और साथ ही उसकी लग्जरी कारें भी तोड़ डालीं।

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5 जुलाई

5 जुलाई को पुलिस ने विकास  दुबे के नौकर और खास सहयोगी दयाशंकर उर्फ कल्लू अग्निहोत्री को घेर लिया। पुलिस की गोली लगने से दयाशंकर जख्मी हो गया। उसने खुलासा किया कि विकास ने पहले से प्लानिंग कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।  उसने मीडिया के सामने बताया कि गांव में पुलिस के आने की सूचना थाने से मिली थी। जिसके बाद पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए।

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6 जुलाई

6 जुलाई पुलिस ने अमर दुबे की मां क्षमा दुबे और दयाशंकर की पत्नी रेखा समेत 3 को गिरफ्तार किया। शूटआउट की घटना के वक्त पुलिस ने बदमाशों से बचने के लिए क्षमा दुबे का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन क्षमा ने मदद करने की बजाय बदमाशों को पुलिस की लोकेशन बता दी। रेखा भी बदमाशों की मदद कर रही थी। इस दौरान  विकास के लिए मुखबिरी करने के शक में दो दरोगा और 1 एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया। विकास दुबे पर ईनाम बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया।  विकास के भतीजे के पत्नी, नौकरानी और एक पड़ोसी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं इस दौरान विकास के ध्वस्त घर से हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।

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7 जुलाई

7 जुलाई को खबर आई कि विकास दुबे को फरीदाबाद में देखा गया है। पुलिस  उसे होटल में पकड़ने गई थी। लेकिन वह ऐन वक्त पर वहां से फरार हो गया। हालांकि इस बात की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई थी कि वह विकास दुबे था या नहीं।  फरीदाबाद से ही पुलिस ने विकास के दो गुर्गों को पकड़ लिया। शक के दायरे में एसटीएफ के डीजी अनंत देव को हटा दिया गया। विकास दुबे पर इनाम बढ़कर 5 लाख कर दिया गया था। वहीं इस दौरान चौबेपुर थाने के दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।

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8 जुलाई

8 जुलाई एसटीएफ ने विकास के करीबी अमर दुबे को एनकाउंटर में  हमीरपुर में मार गिराया। इसी दिन उसका एक और गुर्गा श्यामू वाजपेयी मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। दोनो पर 50- 50 हजार का ईनाम था। प्रभात मिश्रा समेत 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। चौबेपुर थाने के एसओ और एक थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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9 जुलाई

9 जुलाई को एक नाटकीय घटनाक्रम में उज्जैन में महाकाल के दर्शन के दौरान सुबह उसे 7 बजे के करीब गिरफ्तार किया गया। उसके गिरफ्तार होते ही कई तरह के सवाल उठे कि इतनी जगह नाकेबंदी के बाद भी वह उज्जैन कैसे पहुंच गया। यह उसकी गिरफ्तारी है, या सरेंडर किया है। इसी दिन फरीदाबाद में गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रभात मिश्रा को कानपुर लाया जा रहा था। जहां कानपुर पहुंचने से पहले ही गाड़ी पंचर हो गई। इस दौरान आरोपी मौका देखकर पुलिस का असलहा लेकर भागने लगा और पुलिस पर फायर की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में मारा गया। वहीं बऊआ दुबे  इटावा में लूटपाट के दौरान एनकाउंटर में ढेर हो गया। उज्जैन में पकड़े गए विकास दुबे ने पूछताछ में कई राज खोले। उसने बताया कि वह शहीद पुलिसकर्मियों को जलाना चाहता था और पुलिस को मददगार बताया।

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10 जुलाई

10 जुलाई विकास दुबे को एसटीएफ टीम इंदौर से कानपुर लेकर आ रही थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह हाइवे पर कानपुर पहुंचने से कुछ दुर पहले की पुलिस की गाड़ी पलट गई। जिसमें विकास दूबे बैठा था। इस दौरान वह मौका पाकर पुलिस का असलहा लेकर फायर करते हुए भागने लगा। पुलिस ने आत्मसर्मपण के लिए कहा, लेकिन वह फायर करना रहा। जिसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर में विकास दूबे केा ढेर कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक विकास दुबे को तीन गोली लगी थी।#Vikas Dubey http://www.satyodaya.com

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योगी सरकार और मंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी, मामला दर्ज

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और राज्य सरकार में ही अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले आरोपी युवक के खिलाफ लखनऊ समेत कई जिलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जिसमें लखनऊ, उन्नाव, अमेठी और अमरोहा का नाम शामिल है।

जानकारी के मुताबिक इस युवक के खिलाफ राष्ट्र द्रोह, मानहानि, उपद्रव एवं दंगा भड़काने के साथ आईटी एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। बताया जा रहा है कि जिस युवक ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार और मंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। जिसके बाद ठाकुरगंज के ही रहने वाले युवक हसन वसीम ने सैय्यद एहतिशाम रिजवी पर एफआईआर दर्ज कराई है।

यह भी पढ़ें : कांग्रेस नेता ने आजम खान को दी जन्मदिन की बधाई, सपा-भाजपा पर साधा निशाना

ये है मामला

पुलिस का कहना है कि विवादित पोस्ट करने वाले वाले युवक पर आरोप लगा है कि उसने बीती 12 अगस्त को फेसबुक, व्हाट्सऐप और यूट्यूब पर विवादित पोस्ट किया था। इसके अलावा एहतिशाम रिजवी ने फेसबुक लाइव और एक वीडियो भी वायरल किया था। जिसमें रिजवी ने केंद्र और यूपी सरकार के कामकाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

एफआईआर में यह भी कहा गया है कि रिजवी ने यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा के लिए बहुत ही गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है। साथ ही पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए भी काफी अपशब्द कहे हैं। जिससे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावना है।http://www.satyodaya.com

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कांग्रेस नेता ने आजम खान को दी जन्मदिन की बधाई, सपा-भाजपा पर साधा निशाना

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी

डॉ. कफील व आजम खान सहित तमाम बेगुनाहों को जेलों से रिहा करने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने आजादी की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही यह भी कहा कि हर किसी को देश में लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के बताये रास्ते पर चलने की शपथ लेनी चाहिए। शाहनवाज आलम ने शुक्रवार को जारी बयान में डॉ. कफील खान, आजम खान सहित प्रदेश की जेलों में बंद तमाम बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को रिहा करने की मांग की।

यह भी पढ़ें-प्रो. निर्मला एस. मौर्या होंगी वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्याल की नई कुलपति

कांग्रेस नेता ने आजम खान को उनके जन्मदिन पर बधाई भी दी। उन्होंने आजम खान के मसले पर सपा की चुप्पी पर भी दुख व्यक्त किया। कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा के डर से अपनी पार्टी के लिए 30 साल कुर्बान करने वाले नेता से दूरी नहीं बनानी चाहिए। शाहनवाज आलम ने कहा, भाजपा तो आजम खान को मुसलमान होने की सजा दे ही रही है लेकिन अखिलेश यादव उन्हें मुसलमान होने की सजा क्यों दे रहे हैं?

आजम के लिए सपा क्यों नहीं उठा रही आवाज?

कांग्रेस नेता ने कहा, हम एक धर्म परायण समाज हैं। इसलिए सपा अगर हर जिले में परशुराम की मूर्ति बनवाती है तो इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन आजम खान के लिए सपा हर जिले में धरना भी तो दे सकती थी। आखिर ऐसा करने से अखिलेश यादव को कौन रोक रहा है? क्या अमित शाह और मोदी के सामने वो पूरी तरह आत्म समर्पण कर चुके हैं।

लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने अपने बयान में कहा, आज लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों से लोकतंत्र और संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत आवाज उठाने वाले छात्रनेताओं को जेलों में डाला जा रहा है। प्रदेश की योगी सरकार और भाजपा एक खास तरह का भारत बनाना चाहती है, जिसका सपना उन्होंने 90 साल पहले देखा था। जो भी उनके इस सपने में बाधक बना, उसे महात्मा गांधी की तरह मारा गया। कुछ को जेलों में भेजने का काम किया गया। आज उसी हिंदुत्वादी सपने को पूरा करने के लिए मुखर मुस्लिम आवाजों को कैद किया जा रहा है।http://www.satyodaya.com

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प्रो. निर्मला एस. मौर्या होंगी वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्याल की नई कुलपति

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लखनऊ। राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने प्रो. निर्मला एस. मौर्या को जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. निर्मला एस. मौर्या भारत सरकार के उच्च शिक्षा और शोध संस्थान से संबद्ध दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास की कुलसचिव रह चुकी हैं। प्रो. निर्मला की कुलपति पद पर नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गयी है। राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।

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प्रो. निर्मला एस. मौर्या को पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव के स्थान पर नियुक्त किया गया है। प्रो. यादव का कार्यकाल 1 अगस्त 2020 को समाप्त हो चुका है। जिसके बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डाॅ. त्रिलोक नाथ सिंह को पूर्वांचल विवि का प्रभारी कुलपति नियुक्त किया गया था।http://www.satyodaya.com

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