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विस विशेष सत्र: कांग्रेस, सपा और बसपा को विकास से कोई मतलब नहीं है: सीएम योगी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल की बुलाई गई विशेष सत्र में लगातार 36 घंटे चली चर्चा ने इतिहास रच दिया है। विधानमंडल के दोनों सदनों के लगातार चले विशेष सत्र का गुरुवार को देर रात 11 बजे समापन हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के विकास कार्यों और सतत विकास के लक्ष्यों के लिए बनाई गई समितियों के बारे में विस्तार से बताया, वहीं समापन भाषण में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा को विकास से कोई मतलब नहीं है। 

सीएम योगी ने कहा कि सदन का बहिष्कार कर विपक्ष बेनकाब हुआ है, ये वही लोग हैं जो गरीबों के नाम पर नारेबाजी करते थे, उन्हें लच्छेदार नारों से भरमाते थे। योगी ने कहा इस चर्चा ने साबित किया है कि जनता ने वर्ष 2014, 2017 और 2019 में जो फैसला दिया वह आंख बंद करके नहीं दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जब आम जनों से जुड़े मुद्दों को सदन में चर्चा के लिए रखा तो विपक्ष भाग खड़ा हुआ है। उन्होंने तुलसीदास जी की रचना को सदन में रखते हुए कहा कि “जहां सुमति तहां संपत्ति नाना, जहां कुमति तहं बिपति निदाना”। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी आज से सैकड़ों वर्ष पहले जो बातें कहीं औऱ लिखी, वह आज भी एकदम सही बैठती हैं।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुधवार सुबह 11 बजे से सदन की जो कार्यवाही प्रारंभ हुई, वह अनवरत 36 घंटे चलती रही। इस दौरान विधानसभा और विधान परिषद में कुल 149 सदस्यों ने अपने विचारों को रखा। वास्तव में यह लोकतंत्र की अद्भुत घटना है। योगी ने कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव, नितिन अग्रवाल, कांग्रेस पार्टी की अदिति सिंह, राकेश सिंह और बहुजन समाजवादी पार्टी के मोहम्मद असलम रायनी और अनिल सिंह ने इस चर्चा में भाग लेकर जता दिया है कि वे भी प्रदेश के विकास में ईमानदारी के साथ भागीदारी करेंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों सदनों की चर्चा रात्रि भर चलना लोकतंत्र के प्रति हम सबके विश्वास को भी प्रदर्शित करता है। लोकतंत्र का संवाद समन्वय और शांति का प्रतीक होता है। इसीलिए दुनिया के अंदर शासन की सबसे अच्छी पद्धति के रूप में लोकतंत्र को स्वीकार किया गया। लोकतंत्र की ताकत का ही एहसास कराने के लिए हम सब इस प्रकार की चर्चा परिचर्चा में भाग लेते हैं, उसका हिस्सा बनते हैं। मैं चाहता हूं कि यह चर्चा एक दस्तावेज बने, जो आने वाली पीढ़ी के लिए एक दस्तावेज के रूप में मददगार साबित हो।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2022, वर्ष 2024 और 2030 तक एक ठोस कार्य योजना भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रत्येक माह मुख्य सचिव और स्वयं मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुश्रवण में यह कार्यवाही आगे बढ़ेगी। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सभी समितियां गठित हुई हैं। सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी सदस्य संजीदा है। बुधवार रात्रि में सदन में 12 बजे तक 103 सदस्य मौजूद थे। रात्रि को 1 बजे 88 सदस्य मौजूद थे। रात्रि को 2 बजे 74 सदस्य सदन में मौजूद थे। उन्होंन कहा कि सदन में एक वक्त 100 के करीब सदस्य लगातार मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि जो हमारे संबंधित विभाग के अधिकारी नोडल विभाग बनाए गए हैं, उस विभाग के मंत्रीगण भी इसमें रूचि लेकर के हर महीने इसकी समीक्षा करेंगे। हर तीसरे महीने में मैं खुद इसकी समीक्षा करूंगा। हर दूसरे महीने एक बार इसके बारे में चर्चा करके इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में बसपा के विधायक ने बताया है कि एक छोटी सी नगर निकाय में 509 मुस्लिम समुदाय के परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास मिला है, जिससे मैं कह सकता हूं कि बिना भेदभाव के शासन की योजनाएं समाज के तक पहुंची है। http://www.satyodaya.com

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CM योगी के एक और मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह कोरोना पाॅजिटिव, संख्या पहुंची 5

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। कोरोना के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सप्ताह में दिन शनिवार और रविवार का लाॅकडाउन घोषित कर दिया है। वहीं प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 1388 नए मामले सामने आए है और 25 लोगों की मौत हो गई है। यूपी सरकार के दो मंत्री भी रविवार को कोरोना की चपेट में आ गए है।

योगी सरकार के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान के शनिवार को कोरोना पाॅजिटिव आने के बाद रविवार को खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज मामलों के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्रम बोर्ड के अध्यक्ष ठाकुर रघुराज सिंह भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक दोनों मंत्री को पीजीआई भर्ती कराया गया है। वहीं परिवारजनों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। अबतक सीएम योगी के पांच मंत्री कोरोना के चपेट में आ चुके है।

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कोरोना की चपेट में आने वाले मंत्रियों में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, आयुष चिकित्सा मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी, होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी शामिल है। इनके साथ ही कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह के साथ उनका परिवार भी कोरोना के संक्रमण की चपेट में हैं। सहारनपुर में क्वारंटाइन आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी के परिवार के लोगों की हालत गंभीर हो गई है। उनके परिवार के लोगों को मेरठ रेफर किया गया है। प्रदेश में अभी कई माननीय की रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं यूपी के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के ओएसडी भी कोरोना संक्रमित पाए गए है।http://www.satyodaya.com

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परीक्षाएं रद्द कर छात्रों को प्रोन्नत करने का निर्देश दे यूजीसीः राष्ट्रवादी कांग्रेस

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लखनऊ। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर यादव ने कहा है कि कोरोना संकट के देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए। विद्यार्थियों को उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर अगले सत्र के लिए प्रोन्नति कर देना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि यूजीसी छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है। श्री यादव ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच परीक्षाएं कराना पूरी तरह अनुचित है। ‘‘आईआईटी और कई कॉलेजों ने परीक्षा रद्द कर बच्चों को प्रोन्नति दी है, लेकिन यूजीसी भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।

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यूजीसी को विद्यार्थियों की आवाज सुननी चाहिए और परीक्षाएं रद्द कर उन्हें उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर प्रोन्नति देनी चाहिए। क्योकि हमारे विद्यार्थी ही हमारे महान भारत का भविष्य तय करेंगे। उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। यूजीसी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।http://www.satyodaya.com

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बाढ़ से प्रदेश में कहीं पर भी न हो जन-धन की हानिः जलशक्ति मंत्री

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लखनऊ। जलशक्ति मंत्री ने कहा है कि प्रदेश में कहीं पर भी बाढ़ से जन-धन हानि नहीं होनी चाहिए। यह शासन-प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है। सभी तटबन्धों पर जनरेटर लगाकर प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डाॅ. महेन्द्र सिंह ने यह निर्देश रविवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि तटबन्धों की निगरानी के लिए इमरजेन्सी लाइट एवं बड़ी टाॅर्च अवश्य उपलब्ध करायी जाय। प्रत्येक तटबन्धों की निगरानी के लिए प्रभावी गश्त की जाए। मंत्री ने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बाढ़ का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घण्टे कड़ी निगरानी की जाए। अवर अभियन्ता (जेई) तटबन्धों के पास ही रूक कर निगरानी करें। मंत्री ने कहा कि समय-समय पर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को बाढ़ की स्थिति से अवगत कराएं। साथ ही उनके सुझाव पर भी विचार करें।

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प्रमुख अभियन्ता एके सिंह ने बताया कि कोविड-19 में बाढ़ के कार्यों में जो विलम्ब हुआ है उसको तत्काल कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के इतिहास में यह पहली बार सभी तटबन्धों पर कार्य इतनी तेजी कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं। जिन नदियों में कटाव हो रहे हैं, उनकी धाराओं को विपरीत दिशा में मोड़ने के लिए कार्य किये जा रहे हैं, जिससे कि किसानों की फसलों का नुकसान न होने पाए। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग एवं प्रमुख अभियन्ता वीके निरंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।http://www.satyodaya.com

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