Connect with us

बिहार

बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के बाद लालू के इस ‘खास’ ने बढ़ाईं पार्टी की परेशानी, जानिए मामला  

Published

on

फाइल फोटो

लालू परिवार और राजद पार्टी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं लेरही हैं। एक तरफ जहां राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपने बगावती रंग में दिख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उनके साले ने भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज प्रताप के बयानों से परेशान पार्टी को अब लालू के साले साधू यादव ने नई परेशानी में डाल दिया है। दरअसल, साधू यादव महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

महाराजगंज में साधु यादव का महागठबंधन के प्रत्याशी रणधीर कुमार सिंह से होगा। बता दें कि रणधीर कुमार सिंह के पिता पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह एमएलए अशोक सिंह की हत्या के मामले में हजारीबाग जेल में बंद हैं। एनडीए ने इसी सीट से बीजेपी नेता जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को उतारा है तो वहीं, महाराजगंज के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह

इससे पहले पांच मार्च को बीएसपी के बिहार प्रभारी लालजी मेधंकर ने कहा था कि साधु यादव उनकी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने तब कहा था कि एक-दो दिनों में सीट की घोषणा कर दी जायेगी। उन्होंने कहा था कि इसके बाद साधु यादव पार्टी में भी शामिल होंगे।

बताते चलें कि बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटों पर 7 चरणों में वोटिंग होनी है। जिसका पहला चरण 11 अप्रैल को हो चुका है। अब राज्य में 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को वोटिंग होगी और 23 मई को वोटों की गिनती होगी। http://www.satyodaya.com

बिहार

जब अस्पताल में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने बच्ची ने तोड़ा दम

Published

on

पटना। बिहार में चमकी बुखार बच्चों पर कहर बनकर टूटा है। इस बुखार से सबसे ज्यादा मुजफ्फरपुर कराह रहा है। यहां अब तक यह रहस्यमयी बुखार 84 मासूमों की जिंदगी लील चुका है और अभी अभी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। रविवार को हालात का जायजा लेने पहुंचे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्द्धन के सामने एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। इसी के साथ चमकी बुखार से मरने वालों की संख्या 84 हो गई है। मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बच्ची की मां ने बताया कि बच्ची 5 साल की थी और उसका नाम निशा है, वह राजेपुर की रहने वाली थी। बता दें कि #Biharहालात का जायजा लेने के लिए डॉ हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर में हैं। डॉ हर्षवर्धन के साथ स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी अस्पताल पहुचें हैं। उन्होंने मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री को बच्चियों की मौत को लेकर काले झण्डे भी दिखाए।
श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज में एक मरीज के भाई ने मीडिया से कहा कि मेरा बड़ा भाई यहां पिछले दो महीनों से भर्ती है। मैं चाहता हूं कि उसका इलाज अच्छे से हो और जिन बच्चों की हालत खराब है उनका भी सही से ख्याल रखा जाए या फिर मुझे भी मार दिया जाए। म्रीजों के परिजनों का कहना है कि यहां के अस्पतालों में तैनात डाॅक्टर लापरवाही कर रहे हैं जिसके चलते मौतों का आंकड.ा बढ. रहा है। आरोप है कि रात के समय डाॅक्टर नर्सों पर पूरी जिम्मेदारी डाल देते हैं और खुद नदारद रहते हैं। #Encephalitis
जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर के कई अस्पतालों के आईसीयू भर चुके हैं, सैकड़ों बच्चों का इलाज चल रहा है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों के परिवार को 4 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्राशसन और डॉक्टरों को इस बीमारी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है। बता दें कि इस घातक की बीमारी की चपेट में 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे आ रहे हैं। मरने वाले बच्चों की उम्र एक से सात साल के बीच ज्यादा है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में रह-रहकर कंपन (चमकी) होना है।#NitishKumar

अक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) होता क्या है

अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम शरीर के मुख्य नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और वह भी खासतौर पर बच्चों में…
इस बीमारी की शुरुआत में तेज बुखार आता है। शरीर में ऐंठन महसूस होती है। इसके बाद शरीर के तंत्रिका संबंधी कार्यों में रुकावट आने लगती है। मानसिक भटकाव महसूस होता है। बच्चा बेहोश हो जाता है। दौरे पड़ने लगते हैं। घबराहट महसूस होती है। कुछ केस में तो पीड़ित व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की मौत हो जाती है। आमतौर पर यह बीमारी जून से अक्टूबर के बीच देखने को मिलती है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

बिहार

चमकी बुखार ने अब तक ली 83 बच्चों की जान, सीएम नीतीश कुमार ने परीजनों को मुआवजा देने का किया वादा….

Published

on

चमकी बुखार

फाइल फोटो

बिहार। मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) के कारण मरने वाले बच्चों का आकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस बीमारी से अब तक यहां पर 83 बच्चों की मौत हो चुकी है। श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट सुनील कुमार शाही ने इसकी जानकारी दी। इधर स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर पहुंच चुके हैं।

वहीं इस चमकी बुखार पर सीएम नीतीश कुमार ने मरने वाले बच्चों के परिवार को 4 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा सीएम नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्राशसन और डॉक्टरों को इस बीमारी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए भी कहा है।

ये भी पढ़े:सुमन राव बनीं फेमिना मिस इंडिया 2019, CA की कर रही हैं तैयारी

मुजफ्फरपुर के बाद बिहार के गया में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में इस भीषण गर्मी की वजह से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। गर्मी से मरने वालों के बारे में बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 12 में से 7 लोग गया के हैं, 2 औरंगाबाद, 1 छात्र, 1 शेखपुरा और 1 नवादा के हैं। वहीं अभी 25 मरीज यहां भर्ती हैं, ऐसे में कोशिश यही की जा रही है कि उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।

जानकारी के मुताबिक गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि अस्पताल में सभी तरह की व्यवस्था की गई है। वहां पर 6 वरिष्ठ डॉक्टर और 10 इंटर्न को भी तैनात कर दिया। वहीं भीषण गर्मी से मरने वालों के परिवार वालों को 4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। जो भी परिवार बीपीएल श्रेणी कै हैं उन्हें अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपए भी दिए जाएंगे।

वहीं अगर हम चमकी बुखार की बात करें तो यह बीमारी 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को अपना शिकार बना रही है। सभी मरने वाले बच्चों की उम्र एक से 7 साल के बीच ज्यादा है। हालांकि अभी डॉक्टरों ने पूरी तरह से बीमारी का पता नहीं लगाया हैं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

बिहार

चमकी बुखार से बिहार में हाहाकार, अब तक 69 बच्चों की मौत

Published

on

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में इन दिनों चमकी बुखार कहर बरपा रहा है। मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। चमकी बुखार के मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह तक बढ़कर 69 हो गई है।

बता दें कि 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरने वाले बच्चों की उम्र एक से सात साल के बीच ज्यादा है। चमकी बुखार के कहर के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई जा रही है। वहीं मुजफ्फरपुर में फैली इस बीमारी से हो रही बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले पर नजर रख रहा है। बरसात से पहले ये बीमारी हर साल बिहार में कहर बरपाती है। इसकी पूरी जांच की जा रही है।

इस बुखार से ग्रस्त होने पर बच्चों व व्यक्ति में ये लक्षण दिखते हैं-

  1. लगातार तेज बुखार चढ़े रहना
  2. बदन में लगातार ऐंठन होना
  3. दांत पर दांत दबाए रहना
  4. सुस्ती चढ़ना
  5. कमजोरी की वजह से बेहोशी आना

ये है उपचार

चमकी बुखार से पीड़ित इंसान के शरीर में पानी की कमी न होने दें। बच्चों को सिर्फ हेल्दी फूड ही दें। रात को खाना खाने के बाद हल्का फुल्का मीठा जरूर दें। सिविल सर्जन एसपी सिंह के मुताबिक चमकी ग्रस्त बच्चों में हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर की कमी देखी जा रही है। फिलहाल जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। डॉकटर्स का कहना है कि बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर बार तरल पदार्थ देते रहें ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो।

Continue Reading

Category

Weather Forecast

June 16, 2019, 5:24 pm
Dreary (overcast)
Dreary (overcast)
38°C
real feel: 36°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 26%
wind speed: 6 m/s NW
wind gusts: 12 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 4:43 am
sunset: 6:32 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 9 other subscribers

Trending