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बिहार

मायावती से एक कदम आगे निकले सिद्धू, भाषा की मर्यादा भी लांघे, चुनाव आयोग ने तलब की रिपोर्ट

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पटना। जब देश के तमाम नेता अपने बयानों से सुर्खियां बटोर रहे हों तब भला सिद्धू पाजी भला पीछे कहां रहने वाले हैं। बस तलाश थी तो एक अच्छे मंच की। बिहार में एक चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे सिद्धू को मौका मिल गया। यहां उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती से एक कदम आगे निकलते हुए मुसलमानों को एकजुट होकर कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने की अपील की साथ ही पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए भाषा की मर्यादा भी लांघ गए।
कटिहार में सभा को संबोधित करते हुए पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने मुस्लिम समुदाय से कहा कि मुसलमान अगर एकजुट होकर वोट करेंगे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सलट जाएगा। इस बार के चुनाव में ऐसा छक्का मारो को मोदी बाउंड्री के पार चला जाए। उन्होंने पीएम मोदी को फेंकू बताया।

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कटिहार संसदीय क्षेत्र के बारसोई प्रखंड में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी तारिक अनवर के समर्थन में हुई जनसभा में कहा आप यहां अल्पसंख्यक होकर भी बहुसंख्यक हो। आप अगर एकजुटता दिखाएंगे तो आप के प्रत्याशी तारिक अनवर को कोई भी नहीं हरा सकता। सिद्धू ने कहा, आप यहां 64 प्रतिशत की आबादी हो। यहां के मुसलमान हमारी पगड़ी हैं। आप पंजाब भी काम करने जाते हो, अगर आपको कोई दिक्कत हो तो मुझे याद करना, मैं पंजाब का मंत्री हूं, वहां भी आपका साथ दूंगा। सिद्धू ने प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, यहां जात-पात की राजनीति हो रही है। बांटने की राजनीति हो रही। कभी भाजपा के सांसद रहे सिद्धू ने लोगों को बीजेपी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा, बीजेपी के लोग यहां आकर आपके वोट को बांटने की कोशिश करेंगे। अगर आप इकट्ठे रहे तो कांग्रेस को कोई नहीं हरा सकता।

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इस बीच चुनाव आयोग ने कटिहार में नवजोत सिंह सिद्धू के बयान पर संज्ञान ले लिया है। चुनाव आयोग ने कटिहार के चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट तलब कर ली है। चुनाव आयोग ने नवजोत सिंह सिद्धू के बयान की सीडी और बयान की ट्रांसक्रिप्ट मांगी है।
नवजोत सिंह सिद्धू के इस विवादित बयान के बाद आदर्श आचार संहिता के नोडल अधिकारी सह डीडीसी अमित कुमार पांडेय ने भाषण की जांच करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर धर्म के आधार पर वोट मांगने का मामला सामने आया तो चुनाव आयोग को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। बताया जाता है कि जांच के बाद सिद्धू के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।

मायावती से लेकर मेनका तक के बेतुके बोल

इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे के लिए रोक लगाई थी। मायावती ने देवबंद की रैली में मुस्लिम समुदाय के लोगों से एकजुट होकर महागठबंधन के लिए मतदान करें। मायावती के अलावा चुनाव आयोग ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के अली-बजरंगबली वाले बयान पर भी सख्ती दिखाई थी। आयोग ने योगी के प्रचार करने पर 72 घंटे के लिए रोक लगाई थी। वहीं सुलतानपुर से भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी पर आयोग ने 48 घण्टे की पाबंदी लगायी है। उन्होंने एक चुनावी सभा में मुस्लिमों को धमका कर वोट मांगे थे। जबकि रामपुर से सपा प्रत्याशी आजम खान ने अपनी प्रतिद्वंदी जयाप्रदा के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था जिसके चलते उन पर भी 72 घण्टे का प्रतिबंध लगा है।
बता दें कि आचार संहिता के नियमों के तहत कोई भी नेता, प्रत्याशी या पार्टी धर्म के आधार पर वोट नहीं मांग सकती है ना ही किसी एक समुदाय से इस प्रकार एकजुट मतदान की अपील कर सकती है।http://www.satyodaya.com

बिहार

RJD नेता का विवादित बयान, वंदे मातरम बोलने से किया इंकार, BJP ने बताया बिहार का नया आजम खान, अन्य ने कहा…  

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लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित बयानों और उस पर होने वाली सियासत का दौर दिन प्रतिदिन गरमा रहा है। देश की राजनीतिक में में हर रोज जहां कोई न कोई नेता विवादित बयान दे कर सुर्खियों में आ रहा है, ऐसे में भला बिहार की सियासत कैसे पीछे रह सकती है। बिहार के दरभंगा में लोकसभा चुनाव के प्रत्‍याशी व राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने बयान से एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

उन्होंने कहा है कि उन्हें ‘वंदे मातरम’ बोलने में परेशानी है। साथ ही उन्होंने नाथूराम गोडसे को देश का पहला आतंकवादी करार देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में हिम्मत है तो वह ‘गोड्से मुर्दाबाद’ का नारा लगाए।

सिद्दीकी के इस बयान ने बिहार की की सियासत में कोहराम मचा दिया है। इस बयान के बाद एक तरफ जहां भाजपा ने राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दकी को बिहार का आजम खान करार दिया है, तो वहीं जदयू ने कहा कि उनपर ओवैसी या तेजस्‍वी का असर हुआ है। उधर, महागठबंधन में कांग्रेस ने उनके बयान से किनारा कर लिया है।

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दरभंगा लोकसभा सीट से महागठबंधन के राजद प्रत्‍याशी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि उन्‍हें ‘भारत माता की जय’ कहने में परेशानी नहीं है, लेकिन ‘वंदे मातरम’ बोलने में जरूर परेशानी है। भाजपा पर हमला करते हुए उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें भारत माता की जय’ पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है, लेकिन सैनिकों की बहादुरी का राजनीति के लिए उपयोग करना निंदनीय है।

सिद्दीकी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के अयोग्‍य बताते हुए यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री पद के अनुरूप भाषा नहीं बाले रहे हैं। सिद्दीकी ने कहा कि देश में 66 योजनाएं मनमोहन सिंह सरकार की हैं, जिनके नाम बदलकर प्रधानमंत्री यश कमा रहे हैं।

उन्‍होंने सवाल किया कि देश के पहले आतंकवादी नाथूराम गोडसे का मुर्दाबाद भाजपा या उनके सहयोगी क्यों नहीं करते?

सिद्दीकी के बयान की भाजपा ने निंदा की है। भाजपा के कहा है कि आजम खान और महबूबा मुफ्ती के कड़ी में अब अब्दुल बारी सिद्दकी भी शामिल हो गए हैं। भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि सिद्दीकी को पहले ‘कठमुल्लावाद मुर्दाबाद’ का नारा लगाना चाहिए। निखिल आनंद ने कहा कि सामाजिक न्याय के विरोधी सिद्दकी को दरभंगा की जनता सबक सिखाएगी।

सिद्दीकी के बयान पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता अजय आलोक ने पूछा कि आप पर किसका असर हुआ है, ओवैसी या तेजस्वी का? उन्होंने कहा कि स्वाधीनता से जुड़ा वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है जो हर भारतीय के दिल में है। रही बात आतंकवादी की तो देश का पहले आतंकवादी मुगल थे, जिन्होंने करोड़ों हिंदुओं को जबरन मुसलमान बनाया।

उधर, कांग्रेस ने सिद्दीकी के बयान से किनारा कर लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं को ऐसे विवादित बयानों से बचना चाहिए। प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि वंदे मातरम हमारी राष्ट्रीय अस्मिता से जुडा़ है। http://www.satyodaya.com

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बिहार

RJD के लिए अपने ही तेजप्रताप बन रहे हैं सबसे बड़ी चुनौती, अब पार्टी कर सकती है ये कार्रवाई!

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फाइल फोटो

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के बागी तेवर कम नहीं हो रहे। परिवार के लाख मानाने के बाद भी तेजप्रताप अपनी जिद्द नहीं छोड़ रहे। अपनी ही पार्टी के खिलाफ जा कर उन्होंने अपने दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतार दिए। इसके साथ ही वो आरजेडी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

वैसे तो पार्टी ने उनकी मनमानियां बहुत बर्दाश्त कीं लेकिन अब ऐसा लग रहा है जैसे पानी सर से ऊपर जा चुका हो। यही कारण है कि आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने तेजप्रताप पर पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। आरजेडी शिवानन्द तिवारी ने कहा कि लालू प्रसाद इस पूरे मामले पर संज्ञान ले रहे हैं। साथ ही इस पर पार्टी के अनुशासन कमिटी कार्रवाई पर विचार करेगी।

बता दें कि तेजप्रताप यादव पार्टी धारा से अलग अपने द्वारा घोषित लालू-राबड़ी मोर्चा के दो उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान इतना तक कहा कि असली राजद लालू-राबड़ी मोर्चा ही है। पिछले दिनों उन्होंने जहानाबाद में अपने चंद्रप्रकाश के लिए प्रचार किया था और अब वे पिछले दो दिनों से वे शिवहर में लालू-राबड़ी मोर्चा के प्रत्याशी अंगेश कुमार सिंह उर्फ अंगराज के प्रचार में डटे हुए हैं।

तेजप्रताप यादव ने 19 अप्रैल को शिवहर, पिपराढ़ी, पुरनहिया सुप्पी बैरगनिया और रीगा में रोड शो किया। गौरतलब है कि उन्होंने गुरुवार को शिवहर लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले पूर्वी चम्पारण जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में रोड शो किया था। देर शाम पूर्वी चम्पारण के सीमा में प्रवेश करने के बाद उन्होंने सबसे पहले मधुबन में रोड शो किया। यहां काफी संख्या में युवाओं ने उनका भव्य स्वागत किया।

राजद के लिए अब सबसे बड़ी चिंता ये होगी कि इस लोकसभा चुनाव में कहीं लालू के प्रिय पुत्र ही उनकी कड़ी की पार्टी के लिए सबसे बड़ा रोड़ा ना बन जाएं। देखना ये होगा कि पार्टी अपने प्रिय कृष्ण पर क्या कार्रवाई करती है! http://www.satyodaya.com

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बिहार

बिहार में अपराधी उड़ा रहे हैं सुशासन के दावों की धज्जियां, घर में घुस कर मां के सर पर बंदूक तान की नाबालिग बेटी से छेड़छाड़, विरोध करने पर किया ये हश्र

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सांकेतिक चित्र

बिहार में एक बार फिर सुशासन के खोखले दावों की धज्जियां उड़ी हैं। बिहार के भागलपुर से फिर एक शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भागलपुर जिले में जब एक लड़की ने छेड़छाड़ कर रहे अपराधियों का विरोध किया तो बदले में उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया गया। यह घटना है  भागलपुर के अलीगंज में गंगा विहार कॉलोनी की, जहां शुक्रवार की शाम कुछ अज्ञात लोग 17 साल की लड़की के घर में जबरन घुस गए। पुलिस प्रशासन की बिना परवाह किए ये बेखौफ अपराधी लड़की के घर में घुसे और उसकी मां पर बंदूक तान कर लड़की के साथ छेड़छाड़ करने लगे। लड़की ने अपने साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार का जब विरोध किया तो अपराधियों ने उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया।

अपने इस घृणित काम को अंजाम देने के बाद अपराधी वहां से फरार हो गए। लड़की को किसी तरह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है और अब तक एक आरोपी को पकड़ लिया गया है।

ऐसी घटना बिहार के लिए कोई नयी बात नहीं है। ज्यादा पीछे न जा कर अगर कुछ दिनों की बात भी करे तो बिहार में दो बहनों का अपहरण कर एक के साथ दुष्कर्म करने की घटना सामने आती है। जी हां, इससे पहले गया जिले के अतरी थाना इलाके में दो नाबालिग बहनों का अपहरण किया गया और फिर उनमें से एक के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ। दो बहने जब शौच के लिए जा रही थीं तो बदमाशों ने इनका अपहरण कर लिया। ख़बरों के मुताबिक लड़की के साथ ये सब रंजिश के चलते हुआ।

दरअसल, लड़कियों के पिता ने गांव के पास शराब के अवैध धंधे की सूचना पुलिस को दी थी, जिसके बाद इस बात से नाराज बदमाश मौका देख कर बोलेरो में सवार हो कर आये और दोनों बहनों का अपहरण कर लिए। उसके बाद बड़ी बहन के साथ इन सब ने सामूहिक दुष्कर्म किया। बदमाशों के बुलंद हौसले का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब पुलिस टीम गैंगरेप की सूचना मिलने पर हदसा गांव की आटा मिल में छिपे आरोपियों को पकड़ने पहुंची तो उन्होंने टीम पर हमला कर दिया और लाठी से प्रहार कर दारोगा का पैर ही तोड़ दिया।

दरअसल पुलिस को सगी बहनों के अपहरण और रेप की सूचना मिली थी। पांच घंटे बाद रेप का शिकार लड़की लौटी थी। लड़कियों के मुताबिक बदमाशों ने शौच के लिए जाते वक्त बोलेरो से उनका अपहरण कर लिया था। उनके हाथ-पैर बांध दिए गए थे। छोटी बहन के सामने बड़ी बहन के साथ बदमाशों ने दुष्कर्म किया। पीड़ित लड़कियों के पिता के मुताबिक, उनके इलाके में बोलेरो सवार बदमाश अवैध शराब का काफी समय से धंधा कर रहे हैं। शिकायत करने पर उन्होंने रंजिश में इस घटना को अंजाम दिया। बिहार में डीजीपी के बदलने के बाद भी अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। http://www.satyodaya.com

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