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वेजाइना है बुद्धिमान, पेनिस है मूर्ख और अंडकोष हैं उदास, मगर क्यों ? जानिए पूरी कहानी    

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संसद को हम अखाड़ा बोल दें तो कोई नयी बात नहीं होगी। इस राजनीति के अखाड़े में आये दिन आरोपों और कटाक्षों की उठा पटक तो चलती ही रहती है। ऐसे में एक पार्टी शर्मिंदा होती है तो दूसरी पार्टी के सदस्य ठहाके लगते हैं। पक्ष विपक्ष की लड़ाई में एक पक्ष दूसरे पक्ष की खिल्ली उड़ाता हुआ तो अक्सर दिख जाता है लेकिन पूरे संसद में दोनों पक्षों के ठहाकों को एक साथ सुनना दुर्लभ है। फिर भले ही वो कोई भी देश हो। लेकिन घाना की संसद में ऐसा दुर्लभ दृश्य देखा गया जब वहां मौजूद हर कोई लोटपोट होता हुआ दिखाई दिया।

सभी का इस तरह से हंसने का कारण था सांसद जॉन ओसेइ फ्रिमपॉन्ग द्वारा घाना देश के उन गांवों के नाम लेना जिनके मतलब जान कर शायद आप शर्मा जाएं। सांसद जॉन ओसेइ फ्रिमपॉन्ग द्वारा इन गांवों के नाम लेने का मकसद बस ये बताना था ये नैशनल ग्रिड से नहीं जुड़े हैं। मगर इन सभी गांवों के नाम ऐसे थे जिनका मतलब जान कर कोई भी इंसान पहले शर्मा जायेगा और फिर जोर से हंस देगा। असल में इन गांवों के नाम वजाइना, पेनिस और टेस्टिकल हैं।

इन गांवों के नाम और उनके इंग्लिश और हिंदी मतलब कुछ इस तरह हैं

* Etwe nim Nyansa – “Vagina is Wise” “वेजाइना बुद्धिमान है”

* Kote ye Aboa – “Penis is a Fool”     “पेनिस मुर्ख है”

* Shua ye Morbor – “Testicles are Sad” “अंडकोष उदास हैं”

घाना में आम तौर पर शहरों और गांवों के नाम उन परिवारों, व्यक्ति, और जाति के लोगों द्वारा दिए जाते हैं जो किसी स्थान पर सबसे पहले आ कर बसे हों। ऐसे में जो भी पहले आता है वो उस गांव का नाम चुनता है। इसी तरह इन गांवों के नाम भी उस व्यक्ति ने चुने होंगे जो यहाँ सबसे पहले बसने आया था। आपको ये जान कर हैरानी होगी कि जिन शब्दों का नाम लेने में हम 100 बार सोचते हैं उनके नाम पर गांवों के नाम पड़ना महज कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि ये नाम सोच समझ कर रखे गए हैं। इसके पीछे की कहानी कुछ इस तरह है।

ये नाम प्रायः उन लोगों के जीवन के अनुभवों से लिया जाता है जिन्होंने दूसरों को प्रेरित किया हो। संसद में इन नामों का जिक्र होने से पहले अधिकतर घानावासियों ने इन नामों के बारे में नहीं सुना था। इन गांवों के ऐसे नाम किस तरह पड़े इस सिलसिले में एक टीवी स्टेशन ने अट्टा नामक उस व्यक्ति से बात कि जो Kote ye Aboa – “Penis is a Fool” का निवासी है।

अट्टा ने टीवी चैनल को बताया कि उनके क्षेत्र में तीन भाई थे जिन्होंने इन गांवों के नाम रखे थे। वो इन्हीं में से एक का पोता पोता है। अट्टा के अनुसार उसकी एक दादी मामे अकोसुआ अनी जिनका 2011 में देहांत हो गया ने एक बार उसे बताया था कि उसके दादा लोगों गांवों के ऐसे नाम क्यों रखे थे।

दादी ने बताई थी ये हैरान कर देने वाली कहानी 

अट्टा की दादी ने बताया था कि वो तीन भाई अपने गांव ‘Mia w’ani’ जिसका मतलब है  ‘Try harder’ से पलायन करने के बाद इस जगह आगए। यहां आने के बाद पंकेसी चीफ ने तीनों की याचना मानते हुए इन्हें रहने और खेती के लिए जमीन दे दी। इस तरह तीनों भाई यहीं बस गए।

कोफी सम्प्सों, क्वाड्वो ज्ञान, और कोफी साने एक साथ रहते थे। सब कुछ सही चल रहा था किन्तु क्वाड्वो शादी करते ही पूरी तरह से अपनी पत्नी के वश में हो गया, जिसका परिणाम ये हुआ कि उसने अपने दोनों भाइयों कोफी सम्प्सों और कोफी साने को अपने समुदाय से निकल बाहर किया।

बात यहीं नहीं रुकी, कुछ ही समय क्वाड्वो की पत्नी ने उसे तलाक दे कर घर से निकल दिया और साथ ही उसकी संपत्ति पर भी कब्ज़ा कर लिया। क्वाड्वो मदद के लिए वापिस अपने उन्हीं भाइयों के पास लौट आया जिनको उसने निकाला था।

दोनों भाइयों ने उसे समझाया कि किस तरह तुमने अपने भाइयों से नाता तोड़ कर एक औरत के साथ रहने का फैसला किया। मगर उस ‘बुद्धिमान वेजाइना’ (यहां उन्होंने औरत को वेजाइना कह कर संबोधित किया) ने तुम्हें मुर्ख बना कर तुम्हारी सारी संपत्ति लूट ली और और तुम्हे वापिस अपने भाइयों के पास लौटना पड़ा।

यही कारण था कि गांव का नाम Etwe nim Nyansa वेजाइना बुद्धिमान है रखा गया।

अट्टा के अनुसार उसकी दादी ने ये भी कहा था कि एक पागल आदमी सेक्स या बच्चे पैदा करने के लिए एक औरत या लड़की ढूंढने में सक्षम नहीं होता, क्योंकि उसकी मानसिक हालत के कारण कोई भी औरत उसे स्वीकार नहीं करेगी। ध्यान रहे अट्टा की दादी ने यहां औरत को वेजाइना तथा पुरुष को पेनिस कह कर संबोधित किया है।

दूसरी तरफ एक पागल औरत को सेक्स करने तथा गर्भवती होने के लिए एक पुरुष आसानी से मिल जाएगा। इसका करबन ये होगा कि पुरुष इसके लिए औरत की मानसिक स्थिति के बारे में बिलकुल नहीं सोचेगा। इससे साबित होता है कि Kote ye Aboa यानि पेनिस मूर्ख है। यही दूसरे गांव का नाम रख दिया गया।

अट्टा की दादी के अनुसार अंडकोष हमेशा उसी स्थिति में रहते हैं जिस स्थिति में पेनिस रहता है मगर इसके बावजूद जब योनी और पेनिस मिलते हैं तो अंडकोष को कोई सुख नहीं मिल पाता तथा वो हमेशा पेनिस के साथ रह कर भी उदास रहता है।

यही कारण है कि Shua ye Morbor यानि अंडकोष उदास है।

ओडीए प्रमुख को पहले ये नाम अश्लील लगते थे और वो इसे बदल देना चाहते थे लेकिन जब उन्हें इन नामों के सही अर्थ समझाए गए तो उन्होंने इन्हें अपनाया तथा ये आदेश दिए कि ये नाम कभी बदले ना जाएं। यहां रहने वाली जनजातियों का ये कहना है कि गांवों के इन नामों पर उन्हें गर्व है और ये नाम कभी नहीं बदले जाएंगे।

हालांकि संसद में घाना के इन गांवों के नाम सुन कर ठहाके गूंजे हों किन्तु हम आपको ये बता दें कि वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, घाना ने पूरे देश में किस तेजी से बिजली पहुंचाई है इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि साल 1990 में जहां देश की सिर्फ 20 प्रतिशत आबादी के पास बिजली थी वहीं साल 2016 तक 80 प्रतिशत नागरिकों तक बिजली पहुंच चुकी है।

इस पोस्ट की जानकारी घाना की एक चर्चित साईट से ली गयी है

http://www.satyodaya.com

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केजरीवाल: सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगा प्राइवेट रूम, सरकार की नजर में सब बराबर

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नई दिल्ली। सरकारी अस्पतालों में अब वीआईपी कल्चर नहीं चलेगा। इस बात की जानकारी खुद सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में किसी भी वीआईपी शख्स को प्राइवेट रूम नहीं दिया जाएगा।

केजरीवाल ने ट्वीट किया कि, मैंने स्वास्थ्य विभाग को सरकारी अस्पतालों में वीआईपी कल्चर को खत्म करने का निर्देश दिया है। अब किसी भी वीआईपी के लिए प्राइवेट रूम नहीं होगा। सरकार की नजर में सभी मरीज एक जैसे है न तो कोई खास है और न ही आम।

उन्होंने लिखा कि दिल्ली सरकार अस्पतालों में 13, 899 बेड्स का इजाफा कर रही है। ऐसा कर दिल्ली में अस्पतालों की क्षमता में 120 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह मौजूदा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ करेगा। इसके साथ ही सभी अस्पातालों को पूरी तरह वातानुकूलित बनाया जाएगा जिसमें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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दिल्ली की केजरीवाल सरकार लगातार एक के बाद लोगों की बेहतरी के लिए बड़े फैसले ले रही है। बिजली बिल में कटौती, पानी के बिल में माफी, शिक्षा में सुधार और मोहल्ला क्लीनिक के बाद हालही में डीटीसी बसों में महिलाओं को फ्री राइड उनमें से एक फैसला है। अब अस्पतालों की क्षमता और व्यवस्था में सुधार आप पार्टी का एक और बड़ा कदम है। http://www.satyodaya.com

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BSNL ने लॉन्च की नई इंटरनेट ऑफर्स, जियो फाइबर को देगी टक्कर

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प्रतिकात्मक चित्र

Reliance जियो ने अपनी जियोफाइबर सर्विस 5 सितंबर को लॉन्च किया था।

नई दिल्ली जियो फाइबर लॉन्च होने के बाद बीएसएनएल ने ब्रॉडबैंड सर्विस में धमाकेदार इंटरनेट प्लान लॉन्च करने का ऐलान कर दिया है। जियो फाइबर को टक्कर देने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने 1,999 रुपये का स्पेशल पैक लॉन्च किया है।

इस पैक में यूजर्स को हर दिन 33 GB डेटा मिलेगा। जबकि इस प्लान की वैलिडिटी 30 दिन तक होगी। इसमें यूजर्स को कंपनी 100 mbps की स्पीड देगी। डेटा लिमिट खत्म होने के बाद यूजर्स का इंटरनेट 4 Mbps की स्पीड से चलेगा। यह कंपनी अनलिमिटिड लोकल और नेशनल कॉलिंग भी फ्री देगी। इस कंपनी ने कई ऐसे प्लान लॉन्च किया है। 2,499 रुपये के प्लान में कंपनी हर दिन 40GB डेली डेटा देगी। 4,499 रुपये और 5,499 रुपये के प्लान में हर दिन 55 GB और 80 GB डेटा मिलेगा। 9,999 रुपये में 120 GB डेटा ऑफर करेगी।

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वहीं जियो फाइबर में 1,299 रुपये में 500 GB डेटा ऑफर किया है। इस प्लान में यूजर्स को 250 Mbps स्पीड मिलेगी। डेटा लिमिट खत्म होने के बाद यूजर्स को इस प्लान में 1 Mbps की स्पीड ही मिलेगी। हालांकि जियो में कॉलिंग और लाइव टीवी जैसे फायदे भी मिल रहे हैं। http://www.satyodaya.com

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चारबाग इलाके में बदहवास घूम रहे बच्चे को पुलिस ने किया परिजनों के सुपुर्द

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लखनऊ। राजधानी पुलिस के हुसैनगंज लोको चौकी प्रभारी और डायल-100 की सक्रियता से 13 साल के एक मासूम की जान बच गई। शनिवार को चारबाग इलाके में गश्त के दौरान एक नाबालिग बच्चा बदहवास हालत में भूखा-प्यासा पुलिस को मिला। चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार वर्मा ने उसे खाना खिलाया और फिर उसके परिजनों का पता लगाकर उनके सुपुर्द किया।

दरअसल, मो. अय्याज नाम का यह बच्चा शहजहांपुर का रहने वाला है। अपनी मां से नाराज होकर अय्याज ने घर छोड़ दिया था और ट्रेन में बैठकर लखनऊ आ गया था। पिछले कई दिनों से ये मासूम चारबाग में भटक रहा था।

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प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज के निर्देश पर गश्त करते लोको चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार वर्मा और कांस्टेबल नवनीत को यह बच्चा बदहवास हालत में मिला। उन्होंने उसे खाना खिलाया और फिर उसके घर वालों का पता कर उन्हें सूचना दी। बच्चे के पिता रियाज, चाचा इरफान और लखनऊ में रहने वाले दोस्त विजय बहादुर पुलिस के पास पहुंचे, जहां मासूम को उनके सुपुर्द कर दिया गया। http://www.satyodaya.com

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September 11, 2019, 11:51 pm
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