Connect with us

व्यापार

एलडीए बना सकता है जनरल बजट फ्लैट

Published

on

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) सस्ते फ्लैट की मांग को पूरा करने के लिए बहुत जल्द नई नीति के अंतर्गत जनरल बजट फ्लैट बनाने की शुरूआत कर सकता है। इसके लिए नीति निर्धारण का कार्य जारी है। इसमें सस्ते फ्लैट बनाकर सामान्य वर्ग के लोगों को उपलब्ध कराया जायेगा। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि सामान्य वर्ग की सस्ते फ्लैट की मांग है। यहीं कारण की है एलडीए अपने मंहगे फ्लैट नहीं बेच पा रहा है। एलडीए नई नीति बनाकर मध्यम और सामान्य वर्ग के लोगों के लिए 70 फीसदी फ्लैट बनाने का कार्य करने जा रहा है। इसी में 20 फीसदी वह फ्लैट भी बनाये जायेंगे, जिसे खरीदना हर व्यक्ति के बजट में होगा।

प्राधिकरण का सारा ध्यान अब अफोर्डेबल हाउसिंग के निर्माण पर है। फिलहाल नीति निर्धारण के बाद ही योजना बनेगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में बनाये गये फ्लैटों को योजना बनाकर ही बनाया गया है, लेकिन अब उसे बेचना मुश्किल हो गया है। सैकड़ों फ्लैट एलडीए के पास हैं, जो बेचे नहीं जा सके हैं। इनके दाम भी गिराये गये, फिर भी ग्राहकों में उत्साह नहीं है। आगे से सस्ते फ्लैट बनायेंगे, जो बेचना आसान हो। सस्ते फ्लैट की मांग एलडीए ने शुक्रवार को 2700 फ्लैटों को बेचने की योजना आरम्भ की। इसमें पच्चीस लाख या उससे कम कीमत के मात्र सौ फ्लैट ही हैं। मौजूदा ग्राहकों में पन्द्रह से बीस लाख के बीच के फ्लैट की रूचि सबसे ज्यादा है। इसके कारण पच्चीस लाख तक के भी फ्लैट नहीं बिक सके हैं। 14 अगस्त से बिकेंगे महंगे फ्लैट एलडीए की विभिन्न योजनाओं में बने 80 लाख या उससे कम 30 लाख रूपये तक के फ्लैट को 14 अगस्त से बेचेंगा। इसके लिए बुकिंग काउन्टर सज गये हैं। satyodaya.com

व्यापार

आरकाॅम को रिकार्ड घाटा, अनिल अंबानी ने डायरेक्टर पद से दिया इस्तीफा

Published

on

लखनऊ। देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकाॅम) दिवालिया हो चुकी है। कर्ज के जाल में फंसी कंपनी को उबारने के लिए अनिल अंबानी ने काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। जिसके बाद अनिल अंबानी ने आरकाॅम के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने इस बात की जानकारी शनिवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में दी है। अंबानी के साथ कंपनी के अन्य चार बड़े पदाधिकारियों ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। जिनमें छाया विरानी, मंजरी कक्कड़, रायना करानी और सुरेश रंगचर ने निदेशक पद से इस्तीफा दिया है। हालांकि इन सभी के इस्तीफे अभी स्वीकार नहीं किए गए हैं।

जुलाई-सितंबर तिमाही में आरकाॅम को 30,142 करोड़ का घाटा

रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया प्रक्रिया में है। शुक्रवार को आरकाॅम ने इस वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। जुलाई-सितंबर की तिमाही में कंपनी को 30,142 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। किसी भारतीय कंपनी का यह दूसरा बड़ा तिमाही घाटा है। कंपनी ने इससे पहले वित्त वर्ष में इसी तिमाही में 1141 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। वहीं इस तिमाही के दौरान कंपनी की आय घटकर 302 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 977 करोड़ रुपये थी। फिलहाल शेयर बाजार में आरकॉम का शेयर 59 पैसे पर है।

एजीआर के लपेटे में आरकॉम

तिमाही नतीजे जारी करते हुए आरकाॅम ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में कंपनी ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के बकाया भुगतान के लिए 28,314 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है जिसके चलते इतना नुकसान हुआ। आरकाॅम की कुल देनदारियों में 23,327 रुपए का लाइसेंस शुल्क और 4,987 करोड़ रुपए का स्पेक्ट्रम यूज शुल्क शामिल है। एजीआर एक तरह का यूजेज और लाइसेंस शुल्क है जो दूरसंचार मंत्रालय द्वारा टेलीकाॅम कंपनियों से वसूला जाता है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और टेलीकाॅम कंपनियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केन्द्र के हक में फैसला सुनाया था।

यह भी पढ़ें-पीएम मोदी के सलाहकार से मिला इप्सेफ का प्रतिनिधि मंडल

चीन के बैंकों ने दर्ज कराया है मामला

बता दें कि वित्तीय संकट से गुजर रहे अनिब अंबानी पर हाल ही में चीन के तीन बड.े बैंकों ने भी लंदन कोर्ट में करीब 47,600 करोड़ रुपए न चुकाने का मामला दर्ज कराया था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन के इन बैंकों का दावा है कि अनिल अंबानी की निजी गारंटी की शर्त पर आरकाॅम को 2012 में उन्होंने करीब 65 हजार करोड़ रुपए का कज्र दिया था। तब अनिल अंबानी ने इस लोन की पर्सनल गारंटी लेने की बात कही थी लेकिन फरवरी 2017 के बाद कंपनी लोन चुकाने में डिफॉल्ट हो गई।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

व्यापार

नेहरू के कार्यकाल में ही स्थापित हुए देश के प्रमुख संस्थान: अजय कुमार ‘लल्लू’

Published

on

लखनऊ। राजधानी के आलीगंज स्थित साईं आश्रम में गुरुवार को बाल दिवस पर पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी  अध्यक्षता पूर्व पार्षद शैलेंद्र तिवारी बबलू और संचालन कमलाकर त्रिपाठी प्रदेश प्रवक्ता ने किया। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, विधायक राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह मौजूद थे।

इस अवसर पर अजय कुमार लल्लू ने नेहरू को समावेशी संस्कृति का पोषक बताते हुए कहा कि आजादी के समय के कठिन दौर में जब संसाधन अत्यंत सीमित थे, उन परिस्थितियों में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे एकेडमिक संस्थानों की स्थापना, भेल, नाल्को, भिलाई और दुर्गापुर बोकारो स्टील प्लांट जैसे बड़े संयंत्रों की स्थापना, परमाणु आत्मनिर्भरता के दिशा में इसरो और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर जैसे संस्थानों की स्थापना उनके युग दृष्टा होने की प्रामाणिक गवाह है। वहीं, वर्तमान सरकार सिर्फ उपक्रमों को बेच रही है लेकिन सृजन का कोई कार्य नहीं कर रही।

राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि देश दुर्भाग्यपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जिसमें कांग्रेस की सच्चाई पिछड़ गई है और नरेंद्र मोदी शासित भाजपा का झूठ लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है। ऐसे में हम कांग्रेसजनों का दायित्व है के नेहरू द्वारा प्रतिपादित मिश्रित अर्थव्यवस्था से लेकर समाजवाद के पोषण तक की नीतियों को पुनर्स्थापित करें।

कमलाकर त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि पंडित नेहरू सही मायने में लोकतंत्र में विश्वास रखते थे। जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, जैन, बुध जैसे अनेक धर्म सहअस्तित्व में बिना किसी शंका और आशंका के रहते थे और देश की प्रगति में अपना योगदान देते थे। किसी को भी मॉब लिंचिंग का डर नहीं था। जो आज भीड़ तंत्र हावी है वह नेहरू के लोकतंत्र से एकदम अलग है। उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि देश नेहरू के समावेशी नेतृत्व और विजन से ही चल सकता है, विघटनकारी सोच से नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों के साथ थे वह आज देशभक्त होने का दावा कर रहे हैं और इनके झूठ और फरेब को बेनकाब करना कांग्रेसजनों का ही कार्य है।

ये भी पढ़ें: झुग्गी के बच्चों संग ‘निशु वेलफेयर फाउंडेशन’ ने मनाया बाल दिवस, बांटे उपहार

संगोष्ठी में वीरेंद्र मदान, ओंकार सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, विजेंद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। राकेश सिंह , विवेक भट्ट, पंकज तिवारी, हनुमान त्रिपाठी आशुतोष, शांतनु,  डॉक्टर उपरेती, आलोक रायकवार,  अमरनाथ अग्रवाल, श्याम तिवारी समेत कांग्रेसी कार्यकर्ती मौजूद रहे।  http://www.satyodaya.com

Continue Reading

व्यापार

इलाज नहीं संक्रमण बांट रहे प्रदेश के अस्पताल: अखिलेश यादव

Published

on

लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर प्रदेश की योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सूबे में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भाजपा सरकार की इसे लेकर लापरवाही घोर अमानवीयता की पराकाष्ठा है। लोग डेंगू से मर रहे हैं। मलेरिया का प्रकोप फिर बढ़ा है। टीबी के मरीज बढ़े हैं। अस्पतालों में इलाज की जगह मरीजों को तकलीफ और संक्रमण बंट रहा है। अव्यवस्था का ऐसा आलम है कि अब राज्य में सामान्य आदमी की जिंदगी हर दिन खतरे में रहती है।

अखिलेश ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री गृह जनपद गोरखपुर में जापानी बुखार पर नियंत्रण नहीं पा सके। वहीं, डेंगू की बीमारी फैलने से दर्जनभर लोगों की मौंते हो गई। सहारनपुर में 5 मौते डेंगू से हो गई हैं। जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में तो बुरी हालत है। न तो मरीजो की जांच की सुचारू व्यवस्था है और नहीं दवाएं मिल पाती है।

उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में रोज ही किसी न किसी के डेंगू की बीमारी से मौत की खबरें आती हैं। यहां कई मौतें हो चुकी हैं। कई वरिष्ठ अधिकारी, नेता और छात्र भी डेंगू के शिकार हुए हैं। भाजपा की एक महिला नेत्री और छात्रा की कल ही मौत हुई। यहां डेंगू मरीजों की संख्या 1100 तक पहुंच चुकी है। कई अस्पतालों में डेंगू की जांच किट भी नहीं है। बलरामपुर अस्पताल में बुधवार को ही 3100 से ज्यादा बुखार के बीमार पहुंचे। सिविल, लोहिया, मेडिकल कालेज, में भी यही स्थिति है। वार्डों में मरीजों की भीड़ हैं। तमाम बीमारों को तो बिना इलाज वापस किया जा रहा हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार को जनता की दिक्कतों की कोई फिक्र नहीं। सत्ता सुख में उन्हें जनता की बीमारियों से मौत से कोई संवेदना नहीं है। कानपुर नगर और ग्रामीण क्षेत्र में सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल डेंगू मरीजों से भरे हुए हैं। शासन के दबाव से डेंगू मरीजों की संख्या और मौतों की जानकारी नहीं दी जाती है फिर भी अनुमान है कि प्रतिदिन आधा दर्जन मरीज डेंगू से मर रहे हैं। बिल्हौर विधानसभा के पिहानी गांव में 5 हजार की आबादी में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 400-500 मरीज अस्पतालों में भर्ती है। कानपुर के बिठूर विधानसभा क्षेत्र में डेंगू बुखार से 20 लोगों की मौत होने, विधानसभा कल्याणपुर में 13 और विधानसभा महाराजपुर में 24 लोगों की मौते होने की खब़र है। शासन-प्रशासन का रवैया निहायत निंदा योग्य है। भाजपा सरकार इन मौतों के दायित्व से बच नहीं सकती है।

ये भी पढ़ें: पावर ऑफीसर्स एसोसिएशन के बैनर तले अभियंताओं ने किया प्रदर्शन, निकाली रैली

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में एक रूपए के पर्चे पर गंभीर रोगों तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था थी। अस्पतालों को दवाओं का पर्याप्त बजट मिलता था। डाक्टर भी नियमित रूप से ओपीडी में बैठ रहे थे। उनकी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया था। भाजपा की सरकार बनते ही स्वास्थ्य क्षेत्र में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गरीब का इलाज मुश्किल है। अस्पतालों में वसूली की शिकायतें आने लगी हैं। जनता इस सबसे गहरे असंतोष और आक्रोश में हैं। खुद राज्यपाल की पिछले दिनों टिप्पणी थी कि प्रदेश के अस्पतालों में कमीशनबाजी चल रही है इससे बेफिक्र प्रदेश की भाजपा सरकार चेती नही, बल्कि पूरी स्वास्थ्य सेवाएं ही चौपट हो गयी।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

November 22, 2019, 12:27 am
Clear
Clear
17°C
real feel: 18°C
current pressure: 1020 mb
humidity: 87%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 6:01 am
sunset: 4:44 pm
 

Recent Posts

Trending