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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन हुआ सख्त, चलाया पाॅलीथीन जब्त अभियान

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लखनऊ। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशों के क्रम में आज पूरे लखनऊ शहर में गठित की गई 11 टीमों के द्वारा पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग, थर्माकोल से बनी वस्तुओं, अतिक्रमण और प्लास्टिक व कचरा फैला कर शहर को गंदा करने वाले लोगों के खिलाफ नगर निगम, पुलिस प्रशासन और मजिस्ट्रेटों की संयुक्त टीमों द्वारा अभियान चलाया गया। इन टीमों द्वारा सभी होटलों, रेस्टोरेंट, ठेलों, मार्केटों, माल में जाकर सघन तलाशी अभियान चलाया और पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग, थर्माकोल से बनी वस्तुओं का प्रयोग करने वालों पर जुर्माना लगाते हुए उक्त सामग्री को जब्त किया।

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जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि आज के अभियान में कुल 169.50 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त किया गया और कुल 447600 रुपये का जुर्माना किया गया। साथ ही अतिक्रमणकारियों पर कार्यवाही करते हुए 43500 रुपये का जुर्माना किया गया और शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ भी कार्यवाही की गई और उन पर कुल 81800 रुपये जुर्माना किया गया।

जोनवार कार्यवाही की सूची निमन्वत है:-

नगर निगम जोन-1 में 2 टीमों द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 19000 रुपये जुर्माना किया गया। 95 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 40500 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 38000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-2 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 2000 रुपये जुर्माना किया गया। 6 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 15000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 500 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-3 में 2 टीमों द्वारा अभियान चलाते हुए 24 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 74100 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 4000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-4 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 12000 रुपये जुर्माना किया गया। 22 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 175000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 25000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-5 में 2 टीमों द्वारा अभियान चलाते हुए 7 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 27000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 5800 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-6 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 9500 रुपये जुर्माना किया गया। 3 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 50000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 7500 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-7 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 1000 रुपये जुर्माना किया गया। 2.5 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 21000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 1000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-8 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए 10 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 45000 का जुर्माना किया गया।http://www.satyodaya.com

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भाजपा नेता ने ओमप्रकाश राजभर के विवादित बयान के खिलाफ दी थाने पर तहरीर

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लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ने एक रैली के दौरान मंच से ही बीजेपी नेताओं के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। साथ ही उन्होंने बीजेपी नेताओं को जूतों से मारने की भी बात कही है। राजभर के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसको लेकर बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखनेे को मिल रहा है। जिसको लेकर बीजेपी युवा नेता नेे हजरतगंज कोतवाली में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर बीजेपी को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण विवादों में आ गए हैं। राज्य में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राजभर ने बीजेपी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह बीजेपी नेताओं को गाली देते और जूतों से मारने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर का आरोप है कि बीजेपी नेता मतदाताओं में एसबीएसपी से गठबंधन को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।

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राजभर घोसी लोकसभा क्षेत्र के रतनपुरा में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी एक चर्चा बड़ी तेजी से भारतीय जनता पार्टी के लोग फैला रहे हैं कि हम लोगों का (बीजेपी-एसबीएसपी का) गठबंधन है और महेंद्र (चुनाव) नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों से सवाल पूछते हुए कहा कि यहां जितने लोग हैं बताओ कि महेंद्र चुनाव लड़ रहे हैं कि नहीं लड़ रहे हैं? राजभर के इस सवाल का जवाब भीड़ ‘लड़ रहे हैं‘ कहकर देती है। वीडियो में इसके बाद राजभर उग्र हो गए और कहा, ‘अगर बीजेपी का नेता यह बोलते हुए मिल जाए तो जूता निकालकर उसको दस जूता मारो कि तुम नहीं लड़ रहे हो।‘ इस दौरान राजभर बीजेपी नेताओं के लिए गाली का इस्तेमाल कर रहे हैं।

राजभर ने आगे कहा, ‘गाली निकलती है जबान से। इन बेईमानों (बीजेपी नेताओं) को शर्म नहीं लगती है।‘ ओमप्रकाश राजभर का आरोप है कि बीजेपी नेता यह कहकर प्रचार कर रहे हैं कि एसबीएसपी और बीजेपी का गठबंधन है और राजभर की पार्टी का प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ रहा है। बता दें कि हाल ही में राजभर ने प्रदेश सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। उनकी पार्टी ने भी प्रदेश में बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ लिया है।

वहीं बीजेपी युवा नेता अनूप सिंह चन्दन ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर द्वारा दिए गए बयान को लेकर हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी है और इंस्पेक्टर से अपील की है कि एफआईआर दर्ज कर ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरीके से उन्होंने बीजेपी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है उनको जेल भेजना चाहिए। क्योंकि बीजेपी मैं उनको जमीन से उठा कर सरकार में मंत्री पद जगह दी। लेकिन आज मैं अपनी मर्यादा भूल चुके हैं।http://www.satyodaya.com

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यूपी-100 कर्मियों ने ब्लड डोनेट कर बचाई सूचनाकर्ता की बुजुर्ग मां की जान

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लखनऊ। राजधानी की #पुलिस ने एक बार फिर मानवता की मिशाल पेश की है जिसमें बताया जा रहा है कि इंदिरा नगर स्थित एक अस्पताल से एक युवक ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी जिसपर मौके पर पहुंची पीआरवी 4569 और इवेंट सूचना पर 4614 ने देखा की पीड़ित की बुजुर्ग मां को खून की जरूरत है जिसपर तत्काल पुलिस ने ब्लड डोनेट कर उस युवक के मां की जान बचाई।

पूरी घटना कुछ इस प्रकार है कि एक ’कालर-विनोद कुमार सिंह ने यूपी-100 को सूचना दिया कि, उसकी मां इंद्रावती सिंह बीमार हैं अस्पताल वाले ब्लड नहीं दे रहे हैं, तत्काल पुलिस की आवश्यकता है। घटनास्थल,-शेखर अस्पताल इंदिरानगर पर, इस सूचना पर पीआरवी 4569 कॉलर के द्वारा बताए हुए स्थान पर अल्प समय में मौके पर पहुंचे तो कॉलर ने बताया कि उनका नाम विनोद कुमार सिंह है जो कि भूतपूर्व आर्मी है, सुल्तानपुर का रहने वाला है, उनकी माँ इंद्रावती जिनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है, जो 12 मई को घर के आंगन में गिर गयी थी जिसके कारण उनका पैर टूट गया था, जिसके बाद उनको लखनऊ के आर्मी कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां के डॉक्टरों द्वारा 16 मई को ऑपरेशन करने के लिए शेखर अस्पताल भेजा गया।

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उसके बाद ही उसने बताया कि उसको ऑपरेशन से पहले डॉक्टर द्वारा बताया गया कि उसकी माँ का लिवर और किडनी डैमेज है, उनको तत्काल 2 यूनिट खून की आवश्यकता है, मैं ब्लड बैंक गया था खून लेने पर उन लोगों ने कहा ही हम आपको तभी खून दे पाएंगे जब आप हमें 2 यूनिट खून कहीं से उपलब्ध कराओगे क्योंकि ऐसा नियम है और हम नियम के विपरीत कार्य नही कर सकते हैं, मैने ब्लड बैंक वालों से कहा कि मुझे खून की आवश्यकता तुरंत है और मेरा लखनऊ में कोई जानने वाला नहीं है और मैंने सुल्तानपुर में अपने परिवार वालों को सूचित कर दिया है वो लोग निकल चुके हैं, आते ही आपको खून मिल जाएगा पर वो लोग देने को तैयार नहीं हैं इसीलिए मैंने यूपी 100 को सूचना दी थी।

इस सूचना पर मौके पर पहुंचे पीआरवी 4569 के कमांडर दिगम्बर सिंह द्वारा खुद का खून देकर कालर की मदद करने का निर्णय लिया, चूंकी कॉलर को 2 यूनिट खून की आवश्यकता थी, इसलिए पीआरवी कमांडर दिगम्बर सिंह द्वारा उपरोक्त घटना के संबंध में आरोआईपी पर ड्यूटी पर मौजूद पर्यवेक्षक अधिकारी चंद्रशेखर को उपरोक्त घटना की सम्पूर्ण जानकारी दी गयी जिसके बाद उनके द्वारा उपरोक्त सूचना को सभी ग्रुप में प्रसारित कर पीआरवी स्टाफ से मदद मांगी गई जिसपे पीआरवी 4542 पर नियुक्त कमांडर रवि कुमार द्वारा खून देने की इच्छा जाहिर की गयी, और दोनों पीआरवी वाहनों पर नियुक्त कॉमण्डर द्वारा कॉलर को खून देकर उसकी सहायता की गयी। http://www.satyodaya.com

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खाकी में भी होता है साहब इंसान…

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थानों पर कैसा गुज़रता है पुलिसकर्मियों का दिन

आपको बता दिया जाए कि सुबह होते ही पुलिस पर परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ता है वो मैं इसलिए कह रहा हूँ कि जहां एक आम आदमी एक परेशानी को नहीं झेल सकता वहीं पुलिस हज़ारों परेशानियों को दिन भर झेलती है। सुबह थाने पर पहुंचते ही फरियादियों की भीड़ उमड़ आती है। अगर किसी की परेशानी नहीं सुनी गई तो तुरंत ही कुछ न कुछ आरोप लगा दिया जाता है। जिससे दिन भर अधिकारियों का प्रेशर बना रहता है। आपको बता दिया जाए कि थाने पर जहां कांस्टेबलों से लेकर होमगार्डो की संख्या भी जितनी होनी चाहिए वो भी नहीं है। जिससे कारण पुलिस को कम संख्या में ही काम चलाना पड़ता है। अब आप सोचिए किसी प्राइवेट दफ्तर में जाईये। प्राइवेट दफ्तर में देखने को मिलता है कि अगर एक युवक छुट्टी पर है तो तुरंत ही दूसरा युवक रख लिया जाता है लेकिन पुलिस में ऐसा नहीं है।

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क्या कभी आपने सोचा है थाना कितने आदमियों के भरोशे चलता है नहीं सोचा है। वो इसलिए कह रहा हूं कि मैंने देखा है। थाना केवल तीन आदमियों के भरोशे चलता है। मुंशी, पहरा और एक दरोगा के भरोशे। अगर थाने पर बदमाशों द्वारा हमला कर दिया जाए तो ये अपनी ही रक्षा नहीं कर पाएंगे, क्योंकि थाने पर फोर्स ही नहीं है। फिर भी पुलिस अपनी सुरक्षा भूलकर लोगों की सुरक्षा करती है। जब किसी भी युवक को किसी फर्जी काम के लिए बोल दिया जाये तो युवक भड़क उठता है। पुलिस के पास कभी सोचा है थानों पर कितनी फर्जी सूचना मिलती है लेकिन फिर भी पुलिस मौके पर पहुंचती है। वो इसलिए कहीं कोई घटना न घट जाये जिससे लोगों को परेशानी ना हो।

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अब आपको थाने पर एक मुंशी की जुबानी सुनाता हूँ कि वह कितना डर कर काम करता है लेकिन किसी को जाहिर नहीं करता वो इसलिए कि अगर उसका डर दिख गया तो अपराधी निडर हो जाएगा। एक बार रात को मैं थाने पहुंचा तो मालूम चला थाने पर कोई नहीं सभी ड्यूटी पर लगे हैं। थाने पर बस रात के वक्त दो ही लोग मौजूद थे एक मुंशी व एक पहरा और अपराधी थे नौ। जब मैंने पूछा तुम दो और वो नौ तुम्हें डर नहीं लग रहा। तभी उसने धीमी आवाज़ में बताया डर तो लगता है लेकिन अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारी से कैसे भागूं। थाने पर पहुंची पुलिस को दिनभर कैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ये आप नहीं समझोगे।

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सुबह जब पुलिस थाने पहुंचती है तब कैसे लिया जाता है इनसे काम मैं बताता हूँ। जब सभी पुलिसकर्मी थाने आते हैं जिनकी ड्यूटी 12 घंटे की होती है। अगर कोई वीआईपी प्रोग्राम लगा है तो उसको देखना। अगर सड़क जाम हो जाये उसको देखना। जंहा तक नगर निगम का भी काम पुलिस को देखना पड़ता है। आदमी दो घंटे भी खाली पेट नहीं रह सकता वहीं पुलिस कभी-कभी कह लें या ज्यादातर भी कह सकते हैं कि खाली पेट लोगों की सुरक्षा में बिता देती है। फिर भी पुलिस पर आरोप लगता है कि पुलिस काम नहीं करती साहब।http://www.satyodaya.com

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May 18, 2019, 9:13 pm
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