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लॉक डाउन में राजधानी वासियों में दिखी जागरूकता, बेवजह घूमने वाले हुए कम

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लॉक डाउन का फायदा जमकर उठा रहे कालाबाजारी

लखनऊ। लॉक डाउन के बाद से तीसरे दिन राजधानी में पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग जागरूक दिखे। सड़कों पर बेवजह घूमने वालों की संख्या में कमी आयी है। लोग सुबह और दोपहर के समय घर के जरूरी सामान खरीदने निकले हैं। हांलाकि इस दौरान पुलिस ने भी लोगों के इस कदम के बाद जागरूक किया और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की।

आपको बता दें कि, कुछ स्थानों पर बेवजह टहलते मिले युवकों से पुलिस सख्ती से पेश आई और उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। शहर के कई हिस्सों में परचून की दुकान पर लग रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने दुकान के बाहर सोशल डिस्टेंस के लिए एक-एक मीटर की दूरी पर चाक से निशान बनवाये हैं। ताकि खरीदारी करने वालों के बीच दूरी बनी रहें। साथ ही दुकानदारों को भी हिदायत दी कि वह लोगों को उसी घेरे में खड़े होकर क्रम से आकर खरीदारी करें।

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वहीं लॉकडाउन का फायदा कालाबाजारी जमकर उठा रहे हैं। फुटकर सब्जियों की दुकानों पर परवल 120 रुपये, भिंडी 100 रुपये किलो तक बेची। वहीं आटा और दाल के दाम भी ग्राहकों से ज्यादा वसूले। आटा, दाल और तेल की कालाबाजारी और जमाखोरी बढ़ गई है। सुबह 112 पर एक बुजुर्ग ने फोन कर दवाई की आवश्यक्ता बताते हुए मदद की मांग की। इसके बाद हजरतगंज कोतवाली की पीआरवी 4540 ने नरही निवासी सुधीर खन्ना से संपर्क किया और उनकी दवा खरीदकर पहुंचाई। सुधीर खन्ना ने पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए उनका आभार जताया।

वहीं हजरतगंज इलाके में सड़क किनारे बैठे भूखे लोगों को एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा, इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह और इंस्पेक्टर हुसैनगंज अंजनी कुमार पांडेय ने फल और पुड़ी सब्जी बांटे। भूखे लोगों को खाना खिलाने के साथ ही उन्हें साबून भी बांटे गए ताकि वह अपना हाथ धुलते रहें और कोरोना वायरस से खुद को बचा सकें।

मोहनलालगंज में एक-एक मीटर की दूरी पर चाक से निशान

मोहनलालगंज में कस्बा व आस-पास लगभग सन्नाटा पसरा रहा। जरुरत के सामान की खरीदारी करने के लिए ही लोग सड़कों पर निकले। परचून की दुकान पर लग रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने दुकान के बाहर सोशल डिस्टेंस के लिए एक-एक मीटर की दूरी पर चाक से निशान बनवाये। ताकि खरीदारी करने वालों के बीच दूरी बनी रहें। साथ ही दुकानदारों को भी हिदायत दी कि वह लोगों को उसी घेरे में खड़े होकर क्रम से आकर खरीदारी करें।

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इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने कस्बे में परचून की दुकानों पर लग रही भीड़ को देखकर दुकानों के बाहर एक-एक मीटर की दूरी पर चाक से घेरे बनवाये। खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को उसी घेरे में क्रम से खड़े होने के निर्देश दिए। ताकि लोग एक-दूसरे के सम्पर्क में आने से बचें रहें। साथ ही दुकानदारों को भी चेतवानी दी कि खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को उसी घेरे में क्रम से आने के लिए बोले। ताकि एक जगह पर भीड़ न लगे।

पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि देर रात में अमौसी एयरपोर्ट पर तकरीबन पांच सौ लोग बाहर से आकर फंस गए थे। इनमें किसी को राजधानी में ही अपने आवास पर जाना था तो कई गैर जिलों के थे। भीड़ बढ़ती देख लोगों के बीच दूरी बनाने में कठिनाई आने लगी। इसके बाद 25 पीआरवी वहां बुलाई गई और लोगों को उनके गंतव्य तक छोड़ा गया। यही नहीं उन्नाव, बहराइच और बरेली समेत आस-पास के जिलों में जाने वाले लोगों को भी पुलिस ने गाड़ी मुहैया कराकर छुड़वाया।

आपको बता दें कि, इनमें महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और युवा भी शामिल थे। पुलिस ने जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश से संपर्क कर परिवहन विभाग से बात की। इसके बाद बसें भी मंगवाई गई और लोगों को उनके गंतव्य तक छुड़वाया गया। पुलिस ने देर रात तक एयरपोर्ट प्रशासन के साथ मिलकर आपॅरेशन चलाया और वहां से लोगों की भीड़ खत्म कराई गई।

लॉकडाउन से कालाबाजारियों की चांदी कट रही है। फुटकर सब्जियों की दुकानों पर परवल 120 रुपये, भिंडी 100 रुपये किलो तक बेची। वहीं आटा और दाल के दाम भी ग्राहकों से ज्यादा वसूले। बाजार के कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि आटा, दाल और तेल की कालाबाजारी और जमाखोरी बढ़ गई है।

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जनता कफ्र्यू और फिर लॉकडाउन से उपजे संकट का जमाखोर आटा की कालाबाजारी पर उतर आए हैं। दो दिन पहले थोक बाजार में आटा की कीमत 2150 रुपये कुंतल थी। वह मंगलवार को अचानक बढ़कर 2400 रुपये तक पहुंच गई। बाजार के जानकारों का कहना है कि थोक बाजार में आटा की कमी बताकर इसके दाम बढ़ाए जा रहे हैं। जबकि आटा इन कालाबाजारियों के गोदामों भरा पड़ा है।

चार दिन पहले 60 रुपये किलो बिकने वाला परवल अब 120 रुपये और भिंडी के दाम 30-35 रुपये से उछलकर 100 रुपये तक पहुंच गए। दिलचस्प बात यह है कि नरही बाजार के इर्द गिर्द अधिकारियों का रिहायशी इलाका है। लेकिन कालाबाजारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि उनके बीच नरही बाजार में ही टमाटर 50-60 रुपये, परवल 120 रुपये और भिंडी 100 रुपये प्रतिकिलो के भाव में बेच रहे हैं। एचएएल सब्जी मंडी का भी हाल इससे कुछ अलग नहीं है।

अब तक 2089 एफआईआर, विभिन्न शहरों में 6044 बैरियर

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पूरे प्रदेश में सख्ती के साथ लॉक डाउन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पूरे प्रदेश में धारा 188 के उल्लंघन पर पुलिस ने अब तक 2089 एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील भी की कि अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में अब तक 6044 बैरियर लगाए गए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 2,00,150 वाहन चेक किए गए हैं, जिसमें से 49,074 वाहनों का चालान किया गया है। इसमें से 3,679 वाहनों को सीज किया गया और 1.01 करोड़ रुपये शमन शुल्क वसूल किया गया।http://www.satyodaya.com

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अलीगढ़: असलहों से लैस बदमाशों ने दिनदहाड़े ज्वैलरी शाॅप में घुसकर 40 लाख का सोना लूटा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लूट और हत्या के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन कोई न कोई घटना घटती रहती है। अलीगढ़ में शुक्रवार को दिनदहाड़े तीन बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में पिस्टल दिखाकर बन्नादेवी क्षेत्र के खैर रोड स्थित सुंदर ज्वेलर्स के यहां लूटपाट को अंजाम दिया। हाथों में तमंचे लहराते हुए फरार हो गए। बदमाशों ने करीब 35 लाख रुपए का सोना और 40 हजार रुपए की नगदी लूट ले गए। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

दिनदहाड़े लूट की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे आईजी सहित पुलिस के आला अधिकारी जांच में जुटे हैं। एसपी सिटी और एसपी क्राइम के नेतृत्व में बदमाशों की धरपकड़ के लिए टीम का गठन किया जा चुका है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर शीघ्र बदमाशों को तलाश कर घटना का खुलासा करने का दावा कर रही है।

एसएसपी मुनिराज ने कहा कि एसपी सिटी और एसपी अपराध के नेतृत्व में बदमाशों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शीघ्र ही बदमाशों की तलाश कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

पीड़ित ज्वेलर्स ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे के समय बाइक पर सवार होकर तीन बदमाश दुकान पर आए और तमंचे दिखाकर दुकान में रखे 35 लाख रुपये कीमत के 700 ग्राम सोने के आभूषण, 50 हजार की नगदी लूटकर फरार हो गए। साथ ही बताया कि 4 वर्ष पूर्व भी हमारे यहां डकैती पड़ चुकी है।

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पीड़ित ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में बदमाश साफ नजर आ रहे हैं और पुलिस प्रशासन ने भी मुझे सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे बदमाशों को शीघ्र गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।http://www.satyodaya.com

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B’day Special: प्रेम और शांति की दूत थीं मदर टेरेसा, जाने, उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

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Happy Birthday Mother Teresa: आज मदर टेरेसा का जन्मदिन है। इनका जन्म 26 अगस्त 1910 में हुआ था। इन्हें रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा कलकत्ता की संत टेरेसा के नाम से नवाजा गया था। इन्होंने सन् 1949 में अपनी इच्छा से भारतीय नागरिकता ले ली थी। इनकी वेशभूषा की बात करें तो ये नीले रंग के पाड़ की साड़ी पहनती थीं। इनके गले में हमेशा ही एक क्रॉस चिन्ह लटका रहता था। मदर टेरेसा असाधारण व्यक्तित्व की धनी थीं। इन्हें ममता और मानवता की मूर्ति भी कहा जाता है।

भारत में मदर टेरेसा
मदर टेरेसा 19 वर्ष की आयु में 1929 में भारत आईं और समाजसेवा की शुरुआत की। उन्हें भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों की नागरिकता मिली हुई थी। जिसमें ऑटोमन, सर्बिया, बुल्गेरिया और युगोस्लाविया शामिल हैं। मदर टेरेसा ने कहा था। कि एक बार वे दार्जलिंग की यात्रा पर जा रही थीं। तो उन्हें अंतरात्मा से आवाज़ आई। कि उन्हें सब कुछ छोड़ कर असहाय लोगों की सहायता के लिए लग जाना चहिए। वर्ष 1946 में उन्होंने गरीबों, असहायों की सेवा का संकल्प लिया था। निस्वार्थ सेवा के लिए मदर टेरेसा ने वर्ष 1950 में कोलकाता में ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की थी। उनके द्वारा लिखित दस्तावेजों में वर्णित है।

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बता दें उन्होंने 1981 में उन्होंने अपना नाम बदलकर टेरेसा रख लिया था। ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ में अति दरिद्र लोगों की सेवा की जाती थी। वर्ष 1952 में उन्होंने ‘निर्मल हृदय’ नाम से एक आश्रम की शुरुआत की यहां आने वाले लोगों को न केवल निःशुल्क मेडिकल सेवा दी जाती थी। बल्कि उन्हें मर्यादापूर्वक मृत्यु स्थान भी मिलता था। आगे चलकर उन्होंने कुष्ठ रोगियों के लिए ‘शांति नगर’ नाम से एक अस्पताल भी आरंभ किया इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्मल शिशु भवन की शुरुआत की जहां बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा दी जाती थी।

मदर टेरेसा के जीवन की 10 अनमोल वचन:
1. अपना प्रेम संदेश बार-बार सुना जाएं तो उसे बार-बार कहें। ठीक उसी तरह जिस तरह दिए को जलाए रखने के लिए बार-बार तेल डालना जरूर होता है।
2.हम यह काम करते हैं यह चमत्कार नहीं है बल्कि यह है कि हमें ऐसा करने में हमें खुशी मिलती है।
3. अगर आपमें सौ लोगों को खिलाने का सामर्थ्य नहीं है तो किसी एक को खिलाएं।
4. मुस्कुराहट से ही शांति की शुरुआत होती है।
5. आप जहां भी जाएं वहां प्यार फैलाएं। जो आपके पास आए वह खुश होकर ही लौटे।
6. अवांछित होना सबसे बड़ी बिमारी है, कुष्ठ रोग या तपेदिक नहीं।

7. रोगी की भूख को मिटाने से कहीं ज्यादा जरूरी प्यार की भूख को मिटाना है।
8. अगर हमारे मन में शांति नहीं है तो इसका मतलब यह है कि हम यह भूल चुके हैं कि हम सब एक-दूसरे के हैं।
9. सबसे भयानक गरीबी अकेलापन है।
10. अगर कोई व्यक्ति ऐसा है जिसका कोई ख्याल रखने वाला न हो या जिसे कोई चाहता न हो या जिसे हर कोई भूल चुका हो तो उसकी तुलना ऐसे व्यक्ति से की जा सकती है जिसके पास कुछ खाने को न हो या गरीबी से ग्रस्त हो।http://satyodaya.com

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निगोहां में तिहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस के लिए चुनौती

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घटनास्थल के पास मिला मोबाइल और टार्च, निजी गार्ड राजस्व विभाग के दस्तावेज में पहले से मृत घोषित

लखनऊ। निगोहां में तिहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस को छानबीन में शनिवार को घटनास्थल से थोड़ी दूर पर एक मोबाइल फोन और टार्च पड़ा मिला है। तीन दिन पूर्व यहां बुजुर्ग दंपति और निजी गार्ड की हत्या के मामले में अब पुलिस यह पता लगा रही है कि वह मोबाइल फोन किसका है। पुलिस तिहरे हत्याकांड में संपति विवाद की दिशा में पड़ताल कर रही है।

पड़ताल के दौरान पुलिस को एक चैकाने वाली बात पता चली है। जांच में सामने आया है कि निजी गार्ड सत्रोहन राजस्व विभाग के दस्तावेज में पहले से ही मृत घोषित है। इस तथ्य के उजागर होने के बाद गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस राजस्व विभाग की टीम के साथ इसके बारे में जानकारी कर रही है। वारदात के राजफाश के लिए उन्नाव और रायबरेली की टीम को भी लगाया गया है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए कुछ लोगों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की है, लेकिन हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

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नगराम मोड़ पर हाईवे के किनारे मकान में बुजुर्ग दंपति रामसनेही और राम जानकी की हत्या कर दी गई थी। वहीं थोड़ी दूर निजी गार्ड सत्रोहन का भी शव झाडियों में मिला था। तीनों के सिर पर पत्थर से प्रहार कर हत्या की गई थी। पुलिस बुजुर्ग दंपति और निजी गार्ड की हत्या के बीच संबंध खंगाल रही है। हालांकि अभी तक वह हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।http://www.satyodaya.com

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