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1 अप्रैल से पहले जन्म लेने वाली बच्चियों को मिलेगा सरकार की तरफ से यह तोहफा…

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लखनऊ। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आहूत की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कन्या सुमंगला योजना के रूप में नयी पहल की जा रही है जो अत्यन्त महत्वपूर्ण योजना है इसका क्रियान्वयन शीर्ष प्राथमिकता पर अत्यन्त आवश्यक है। बंसल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विकास हेतु नये अवसर प्रदान करने के लिए योजना प्रदान किये जा रहे हैं। इस योजना के क्रियान्वयन से ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ की अवधारणा सुदृढ़ होगी तथा महिलाओं की शसक्तीकरण को भी बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना से स्वास्थ्य एवं शिक्षा की सुदृढ़ करना, कन्या भ्रुण हत्या को समाप्त करना, समान लिंगानुपात समाप्त करना, बाल-विवाह की कुप्रथा को रोकना तथा नवजात कन्या को आर्थिक सहायता प्रदान करना इसका मुख्या उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि कन्या सुमंगला योजना को छः श्रेणियों में बांटा गया है। बालिका के जन्म होने पर रूपया 2000, बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त रूपया-1000, कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपया- 2000, कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपया 2000, कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपया 2000 तथा ऐसी बालिकायें जिन्होंने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो उन्हें रूपया- 5000 एक मुश्त धनराशि प्रदान की जायेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिन बच्चियों का जन्म 1 अप्रैल 2019 के बाद हुआ है वह इस योजना के पात्र है।

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उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को 1 अप्रैल के बाद जन्म लेने वाली बच्चियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी से कहा कि प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने वाली पात्र बच्चियों की सूची तैयार करें। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिये हैं कि योजना से सम्बन्धित पोस्टर छपवाकर तहसील, विकास खण्ड कार्यालय, सीएचसी, पीएचसी व चिकित्सालयों, स्कूलों में चस्पा करायें जिससे आम नागरिकों को योजना की जानकारी हो सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ की समीक्षा करते हुए पाया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में रूपया 25 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी। जिसके सापेक्ष रू0 1263578.00 की धनराशि व्यय की जा चुकी है तथा रूपया 1236422.00 अवशेष है। वर्ष 2019-20 हेतु कार्य योजना बनायी जा चुकी है। महिला शक्ति केन्द्र योजना की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित विभाग के अधिकारी द्वारा मुख्य विकास अधिकारी को बताया गया इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की देखभाल संरक्षण और विकास में वृद्धि करना है, इस योजना के अन्तर्गत टाॅस्क फोर्स गठित की जा चुकी है। साल 2018-19 में रूपया 3 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी रूपया 266060.00 भी किया जा चुका है एवं रूपया 33940.00 समार्पित किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी ने पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला सहायक अनुदान योजना, आपकी सखी-आशा ज्योति केन्द्र/वन स्टाप सेंटर योजना, महिला हेल्पलाइन-181, समेकित बाल संरक्षण योजना, उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोर्स योजना, पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला अनुदान प्राप्त कर रही महिलाओं की पुत्रीओं के विवाह हेतु सहायक अनुदान योजना, 35 वर्ष से कम आयु की विधवा से विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कार योजना सहित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की।http://www.satyodaya.com

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HRD मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, जानें कितने मिनट चलेगी ऑनलाइन कक्षाएं

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नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल-काॅलेज बंद है। जिसकी वजह से पढ़ाई का नुकसान हो रहा था। जिसके बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लिया था। मंत्रालय ने स्कूल-काॅलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी थी। जिसको लेकर अभिभावकों ने स्कूलों की ऑनलाइन कक्षाओं की नियमितताओं पर चिंता जताई थी। अभिभावकों का कहना था कि बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे है। लेकिन इस दौरान वह स्क्रीन पर ज्यादा समय लगा रहे है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षण के लिए एक शिफ्ट ही जरूरी है। जिसके बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने ऑनलाइन कक्षाओं के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए है।

मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक प्री-प्राइमरी स्टूडेंस के लिए ऑनलाइन क्लास का समय 30 मिनट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा कक्षा 1 से 8 के लिए दो ऑनलाइन सेशन होंगे। यह सेशन 45 मिनट की कक्षाएं होंगी, जबकि कक्षा 9 से 12 के लिए 30-45 मिनट की अवधि के चार सेशन होंगे। एचआरडी मंत्रालय इस गाइडलाइन में ऑनलाइन क्लासेज के दौरान फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है।

नई गाइडलाइन जारी करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए स्कूलों को न केवल अब तक पढ़ाने और सीखने के तरीके को फिर से तैयार करना और फिर से तैयार करना होगा, बल्कि घर पर स्कूली शिक्षा के एक स्वस्थ मिश्रण के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की एक उपयुक्त विधि भी पेश करनी होगी।

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उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देश उन छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बनाए गए हैं। जो घर पर हैं। ये दिशा-निर्देश उन बच्चों के लिए हैं। जो घर पर लॉकडाउन के कारण रह रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन, मिश्रित, डिजिटल शिक्षा के जरिये सिखाने की कोशिश की जा रही है। डिजिटल शिक्षा पर तैयार ये दिशा-निर्देश ऑनलाइन शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप भी हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते देशभर के विश्वविद्यालयों से लेकर स्कूल तक 16 मार्च से बंद है। ऐसे में लॉकडाउन के बाद से करीब चार महीनों से स्कूल ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। http://www.satyodaya.com

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जानिए अब तक 1118 पुलिसकर्मी कोरोना से हुए हैं संक्रमित

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एक सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हुई है मौत

लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में फ्रंटलाइन पर ड्यूटी करने वाले पुलिस कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। 1118 पुलिसकर्मी अब तक कोरोना (कोविड-19) पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 676 पुलिसकर्मी स्वस्थ होकर अपनी ड्यूटी पर वापस भी आ चुके हैं, जबकि एक क्षेत्राधिकारी समेत आठ पुलिस कर्मियों का निधन हो गया।

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डीजीपी एचसी अवस्थी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए गए प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। लॉक डाउन लागू किए जाने के बाद पुलिस अब तक 24.33 लाख वाहनों का चालान कर चुकी है। इसमें से 62719 वाहनों को सीज किया गया है। इस दौरान वाहनों का चालान करके 44.21 करोड़ रुपये शमन शुल्क वसूल किया गया है। इसके साथ ही धारा 188 के तहत 102604 और आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के तहत 746 एफआईआर दर्ज की गई है।http://www.satyodaya.com

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ओली पर भड़के वसीम रिजवी, कहा- चाइनीज वायरस की चपेट में आया दिमाग

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लखनऊ। नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में भगवान राम को नेपाली बताया है। ओली ने कहा की असली अयोध्या भारत में नहीं नेपाल में है जिसके बाद से हिंदुस्तान में लोगों में ओली के प्रति खासी नाराजगी देखी जा रही है। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने नेपाली पीएम के दिमाग को चाइनीज वायरस की चपेट में बताया है।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बयान के बाद से विवाद खड़ा हो गया है। ओली के बयान से हिंदुस्तान के संतों और पुजारियों में तो नाराजगी है ही, अब शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और राम मंदिर के पक्षधर रहे वसीम रिजवी ने ओली पर जबानी हमला बोला है। वसीम रिजवी ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि पूरी दुनिया के इतिहासकार जानते है कि अयोध्या भगवान राम का जन्मस्थान है।

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रिजवी ने कहा कि भारत का नाम भगवान श्री राम के छोटे भाई भरत के नाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि भगवान राम जब माता सीता को लेने और रावण का वध करने लंका जा सकते है तो नेपाल से माता सीता को विवाह कर के लाना बहुत मामूली बात है। वसीम रिजवी ने कहा कि नेपाल ने भगवान श्री राम के जन्मस्थान पर विवादित बयान देकर भारत में धार्मिक विवादों को बढ़ाने की कोशिश की है। वसीम रिजवी ने नेपाली पीएम पर टिप्पड़ी करते हुए कहा कि उनका दिमाग चाइनीज वायरस की चपेट में आ चुका है।http://www.satyodaya.com

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August 3, 2020, 5:10 pm
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