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मतगणना के दौरान उपद्रव और अफवाह से माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के एसएसपी ने दिये निर्देश …

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लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 के मतगणना 23 मई को होने वाला है, जिसको ध्यान में रखते हुए एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी द्वारा होने वाली मतगणना को मद्देनजर स्ट्रांग रूम रमाबाई अम्बेडकर मैदान पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कड़े इंतजाम की व्यवस्था की गई है। जहां पर भारी मात्रा में जनपदीय पुलिस बल व सीएपीएफ/एसएपी फोर्स की 2-शिफ्टों में ड्यूटियां लगाई जाएंगी।

मतगणना स्थल पर ड्यूटियों का व्यवस्थापन आउटर कार्डेन, इनर कार्डेन, आइसोलेशन कार्डेन के रूप में किया गया है, आइसोलेशन कार्डेन में सीआईएसएफ तथा आउटर कार्डेन में सीएपीएफ, दो कम्पनी पीएसी एक्स्ट्रा मौजूद रहेगी। प्रमुख जगह व प्रमुख चैराहे पर इंडिपेंडेंट टीमें लगाई गयी हैं। साथ ही मतगणना स्थल की परिधि में कोई भी वाहन आने नहीं दिया जाएगा तथा मतगणना स्थल पर लगे एजेंट व कर्मियों के लिए अलग-अलग पार्किंग की गई है, 200 मीटर पर अलग से गेट पर बैरिकेटिंग की व्यवस्था की गई है जहां पर चेकिंग की जाएगी।

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मतगणना स्थल पर 03 लेयर चेकिंग होगी जहां पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा मीडिया कर्मियों के बैठने के लिए अलग जगह है। मतगणना स्थल के चारों तरफ फोर्स रहेगी पूरे जनपद, कस्बा, चैराहे पर भी ड्यूटी लगाई गई जो अपनी सतर्क दृष्टि बनाए रखेंगे तथा किसी प्रकार की गतिविधि होने पर त्वरित कार्रवाई करेंगी। जिसमें कुल एसपी/एएसपी 4, सीओ 11, एसएचओ/एसओ 22, इंस्पेक्टर 20, सब इंस्पेक्टर 250, की ड्यूटी लगाई गई हैं।

वहीं बताया जा रहा है कि मतगणना के दौरान पूरे प्रदेश में पुलिस फोर्स को हाई अलर्ट पर किया गया, जिसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ 102 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल व 170 कंपनी पीएसी प्रदेश भर में तैनात की गई है। सुरक्षा के लिहाज से राजनैतिक और सांप्रदायिक संवेदनशील जिलों को भी चिन्हित किया गया है। मेरठ, कानपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली समेत 36 जिले सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील घोषित किए गए हैं। वहीं वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ समेत 22 जिले राजनैतिक तौर पर संवेदनशील चयनित किए गए हैं। सांप्रदायिक और राजनैतिक संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है और मतगणना केंद्र में 100 मीटर के दायरे पर कोई भी वाहन ले जाने पर पाबंदी रहेगी। विजय जुलूस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, हर जिले के संवेदनशील गांव चैराहे पर पुलिस फोर्स की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मतगणना केंद्र की सुरक्षा त्रिस्तरीय रखी गई है और मतगणना के दौरान उपद्रव और अफवाह से माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।http://www.satyodaya.com

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महिला काउंसलर ने अपने ही सहयोगी पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

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पीड़िता ने सीएमएस से लगाई मदद की गुहार

लखनऊ। राजधानी के अस्पतालों में महिलाओं का उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ आम बात हो गई है। मामला बलरामपुर अस्पताल का है जहां तैनात महिला काउंसलर ने अपने ही सहयोगी पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया है। महिला का कहना है कि सहकर्मी उनसे जबरन बात करने का प्रयास करते हैं, उन पर असम्मानजनक तरीके से टिप्पणी करते हैं। इस मानसिक उत्पीड़न की शिकार महिला ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से मदद की गुहार लगायी है।

सीएमएस ने कहा कि जब लिखित शिकायत नहीं मिलती वह किसी पर कार्रवाई करना तो दूर सीधे तौर पर जवाब तलब भी नहीं कर सकते हैं। जिला चिकित्सालय बलरामपुर में मानसिक रोग विभाग में एक वर्ष पूर्व कुछ काउंसलर तैनात किए गए। करीब आधा दर्जन काउंसलर का काम है कि वह मानसिक रोगों से ग्रसित मरीजों से बात करें तथा काउंसलिंग कर उनकी मनोदशों को सामान्य करने की कोशिश करें। इन काउंसर में एक महिला भी है जिसने मंगलवार को अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सक्सेना के समक्ष अपने ही सहयोगी पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया है।

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महिला ने बताया कि सहकर्मी बेहजह उन्हें परेशान करते हैं उनसे बात करने का प्रयास करते हैं। आते जाते उन्हें टोकते हैं। महिला ने शिकायत की कई बार सहकर्मियों ने ऐसी बात करने की कोशिश की जो एक महिला से करना अनुचित माना जाता है। लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से वह तंग आ चुकी है इसीलिए शिकायत कर रही है।

महिला ने सीएमएस डॉ. सक्सेना से अनुरोध किया कि वह अनौपचारिक तौर पर आरोपी काउंसलर से बात करे और सख्ती के साथ ऐसा न करने की हिदायत दें। सीएमएस डॉ. सक्सेना ने महिला से कहा कि उनके द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह गंभीर आरोपों की श्रेणी में आते हैं और बगैर किसी लिखित शिकायत के यूं ही किसी चिकित्सक से सवाल जवाब नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में उन्हें कोई परेशान कर रहा है या फिर उत्पीड़न का प्रयास कर रहा है तो वह उसका डटकर मुकाबला करें और लिखित शिकायत करें ताकि चिकित्सा प्रशासन को एक आधार मिले और आरोपी से पूछताछ की जा सके। उक्त मामले में डॉ. सक्सेना का कहना है कि यदि महिला काउंसलर लिखित शिकायत करती हैं तो प्रकरण की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

बताते चलें कि कुछ माह पहले भी बलरामपुर अस्पताल के दो महिला कर्मचारियों ने अपने ही एक सहयोगी के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत निदेशक से की थी। बाद में निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी को सख्त चेतावनी देते हुए उसे कहीं और तैनात कर दिया था।http://www.satyodaya.com

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11 हैलो राईड सीज, मालिक पहले भी भेजा जा चुका है जेल, साथियों की तलाश

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लखनऊ। राजधानी के विभूतिखंड थाना क्षेत्र में तथाकथित हैलो राईड कम्पनी के नाम से चल रही फर्जी कम्पनी के मालिक अभय कुशवाहा को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है और आज विभूतिखंड पुलिस कार्रवाई करते हुए हैलो राईड कम्पनी की 21 गाड़ियों को सीज किया है। बताया जा रहा है कि कम्पनी के मालिक जालसाज अभय कुशवाहा ने हैलो राईड के नाम पर विभूतिखण्ड स्थित सायबर हाईट बिल्डिंग में 8वें तल पर ऑफिस खोला था।

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वहीं बताया जा रहा है कि जालसाज मालिक अभय कुषवाहा ने ओला उबर की तर्ज पर किराए पर बाइक चलवाने की स्कीम बता कर तमाम निवेशकों को 250 करोड़ का चूना लगाया था। साथ ही बताया है कि यह जालसाज राजधानी से लेकर कानपुर तक कम्पनी के नाम पर पूरा जाल फैला रखा था। पुलिस ने जालसाज अभय कुशवाहा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साथ ही उसके साथी जो इस फर्जीवाड़े में शामिल थे वो फरार चल रहे हैं जिनकी पुलिस लगातार तलाश में जुटी हुई है। http://www.satyodaya.com

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आतंकवाद विरोध दिवस:जानें क्यों और कैसे सम्बंधित है ये राजीव गांधी की हत्या से…

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आज आतंकवाद एक ऐसी वैश्विक समस्या का रुप धारण कर चुका है, जिसकी आग में सारा विश्व जल रहा है|आज कोई भी देश यह दावा नहीं कर सकता कि उसकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और वह आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त है| सच तो यह है कि आज यह कोई नहीं जानता कि आतंकवाद का अगला निशाना कौन और किस रूप में होगा| लेकिन क्या आपको पता है आतंकवाद जैसी समस्या से निपटने के लिए भारत 21 मई को इस गंभीर समस्या के विरोध में मनाता है। पुरे देश में आज के दिन को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में जाना जाता है।

बता दें कि 21 मई को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि है। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया। इस दिन हर सरकारी कार्यालयों, सरकारी उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थानों में आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है।

राजीव गांधी की हत्या

राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने थे। वह तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक रैली को संबोधित करने गए थे। तीस साल की एक नाटी, काली और गठीली लड़की चंदन का एक हार ले कर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की तरफ़ बढ़ी,जैसे ही वो उनके पैर छूने के लिए झुकी, कानों को बहरा कर देने वाला धमाका हुआ।महिला का संबंध आतंकवादी संगठन एलटीटीई से था। उसके कपड़ों के नीचे विस्फोटक छिपा था। वह जैसे ही राजीव गांधी का पैर छूने के लिए झुकी तेज धमाका हुआ। उस धमाके में राजीव गांधी समेत करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी।

ब्लास्ट में जिस मानव बम का इस्तेमाल किया गया उसका नाम धनु था। राजीव गांधी के हत्या की साजिश श्रीलंका के जंगलों में लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स तमिल ईलम) आतंकवादी प्रभाकरन और उसके चार साथियों बेबी सुब्रह्मण्यम, मुथुराजा, मुरूगन और शिवरासन के साथ बनायीं गयी थी। ,जिसे भारत के श्रीपेरंबदूर में अंजाम दिया गया। राजीव गांधी की हत्या से पहले आरोपियों ने घटना को अंजाम देने में कही कोई चुक न हो इसके लिए इनलोगों ने अन्य रैलियों में जाकर पहले प्रैक्टिस भी की। घटना के बाद मुख्य अभियुक्त शिवरासन और उसके साथियों ने गिरफ़्तार होने से पहले साइनाइड खा लिया।राजीव की हत्या करने वाले पांच सदस्यीय दल की सदस्य नालिनी आज भी उम्रकैद की सजा काट रही है। पहले उसे मौत की सजा हुई थी जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जो खुद एक आतंकवादी हमले में मारे गयें, इसलिए उनके पुण्यतिथि को ही आतंकवाद विरोध दिवस के रूप में घोषित किया गया।

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आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का मकसद:

  1. शांति और मानवता का संदेश फैलाना
  2. आतंकी गुटों और वे कैसे आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाते हैं, उसके बारे में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना
  3. लोगों के बीच एकता को बढ़ावा देना
  4. युवाओं को शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि वे आतंकी गुटों में शामिल न हों
  5. देश में आतंकवाद, हिंसा के खतरे और उनके समाज, लोगों और पूरे देश पर खतरनाक असर के बारे में जागरूकता पैदा करना http://www.satyodaya.com
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