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ट्रॉमा में तीन-तीन दिनों तक मरीजों को नहीं मिल रहा बेड, लॉबी में स्ट्रेचर पर दर्द से तड़प रहे मरीज

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केजीएमयू ने मरीजों का अत्यधिक दबाव बताकर झाड़ा पल्ला

लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर के हालात नहीं सुधर रहे हैं। यहां की बदहाल व्यवस्था उजागर होने के बाद भी केजीएमयू प्रशासन कार्रवाई की बात कहकर मामले में चुप्पी साध लेता है। वहीं जैसे ही शासन या स्वास्थ्य विभाग का दबाव पड़ता है तो आनन-फानन में एक जांच टीम गठित कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देने लगता है लेकिन अफसोस इस बात का होता है कि जांच की रिपोर्ट महीनों तक नहीं आती। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था बदाहाल है। यहां कई मरीजों का तीन-तीन दिन तक बेड के इंतजार में स्टे्रचर पर इलाज चल रहा है। वहीं गंभीर मरीज इमरजेंसी ओपीडी के सामने लॉबी में बेहतर इलाज के लिए स्टे्रचर पर तड़प रहा है। करीब चार सौ बेड वाले ट्रॉमा सेंटर में इस तरह की लापरवाही कई बार उजागर हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां के डॉक्टर बेड नहीं खाली होने की वजह बताकर मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक दौड़ा रहे हैं।

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ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी ओपीडी के सामने लॉबी में कई मरीजों को तीन दिन तक बेड नहीं मिला। शनिवार को कुछ ऐसा ही मामला यहां देखने को मिला जहां लॉबी में आगरा निवासी गीता देवी (57) का इलाज तीन दिनों से स्टे्रचर पर ही चल रहा है। एक सड़क दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी है और वह दर्द से तड़प रही हैं। उनके परिजनों का कहना है कि यहां के डॉक्टर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। बेड खाली न होने की बात कहकर हम लोगों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक दौड़ाया जा रहा है। गीता देवी की हालत गंभीर है और दर्द से उनका बुरा हाल है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मरीजों और तीमारदारों की समस्याओं के समाधान के लिए यहां बैठे पीआरओ भी इन सबसे अंजान रहते हैं। जबकि कैजुएल्टी के ठीक सामने उनका कार्यालय बनाया गया है। मरीज गीता देवी की तरह और भी मरीजों का उपचार स्ट्रेचर पर किया जा रहा है। आए दिन यहां मरीजों की अधिकतर मौत बेड के अभाव में हो जाती है। बेड न मिलने की वजह से मरीज निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होता है। वहीं ट्रॉमा के मीडिया प्रभारी डाॅक्टर सुधीर सिंह का कहना है कि ट्रामा पर अत्यधिक मरीजों का दबाव है। ऐसे में सभी मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल रहता है। साथ ही कहा कि यहां आने वाले गंभीर मरीजों का तत्काल इलाज शुरू कर दिया जाता है।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश के सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क भी हैः अखिलेश यादव

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सपा कार्यकाल की सड़कों को भाजपा ने बर्बाद किया

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह कहना मुश्किल है कि प्रदेश में सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क भी है। उन्होंने कहा कि सड़कों की दुर्दशा के कारण रोजाना राजधानी सहित तमाम जनपदों में हजारों मौत होती रहती है। रोज तमाम लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल होते हैं। समाजवादी सरकार ने गुणवत्ता के साथ सड़कें बनवाई थी और उनको गड्ढा मुक्त कराया था, इस सबको भाजपा के सत्ता काल में बर्बाद कर दिया गया है।

अखिलेश ने कहा कि कैसी विडम्बना है कि भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री और लोकनिर्माण मंत्री के सुर अलग-अलग निकलते हैं। लोक निर्माण मंत्री सड़कों को गड्ढा मुक्त कर देने के दावेदार हैं। लेकिन मुख्यमंत्री को लगातार बार-बार गड्ढों से सड़कों को मुक्त करने का आदेश देना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं पिछले दिनों अपनी सड़क यात्रा में सड़कों की दुर्दशा के स्वयं भुक्त भोगी रह चुके हैं। अब उन्होंने 30 नवम्बर 2019 तक सड़कों में सुधार का आदेश दिया है।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, अब उसको दो वर्ष से कम समय सत्ता में रहने के लिए मिलेगा। एक लम्बे कार्यावधि में भाजपा का प्रदर्शन निहायत घटिया और स्तरहीन रहा है। ऐसा लगता है कि लोकनिर्माण विभाग में मंत्री का आदेश नहीं चलता है या फिर मंत्री को लगातार गलत सूचनाएं देकर भ्रमित किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री का तो पता नहीं पर मुख्यमंत्री को सड़क पर चलने का जो अवसर मिला उसमें लगे हिचकोलों से उन्हें जरूर अंदाज हो गया कि हकीकत क्या है और फसाना क्या है?

उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी शानदार सड़क बनी जिस पर वायुसेना का युद्धक और मालवाहक जहाज भी उतर चुका है। गाजियाबाद में एलीवेटेड सड़क बनाने का काम भी समाजवादी सरकार में हुआ है। राज्य भर में चारलेन सड़कों का जाल बिछाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास गिनाने को कुछ भी नहीं है। वे बस समाजवादी सरकार के कामों को ही अपना बताने का झूठ बोलते चले जाएंगे।http://www.satyodaya.com

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विश्व पाइल्स दिवस पर केजीएमयू में किया गया जागरूकता कार्यक्रम

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लखनऊ। पाइल्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सर्जरी विभाग के द्वारा किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में आज अंतरराष्ट्रीय पाइल्स दिवस के अवसर पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए एसिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर मनीष कुमार अग्रवाल ने कहा कि इस मौके पर एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उसके माध्यम से पाइल्स के प्रति जानकारी देने का प्रयास किया गया। जिसमें मेडिकल व पैरामेडिकल व नर्सिंग के छात्रों ने भाग लिया। पोस्टरों प्रतियोगिता में उत्तम पोस्टरों को पुरस्कृत भी किया गया।

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वहीं डाक्टर अरशद ने कहा कि पाइल्स एक साधारण रोग है। लगभग 50 प्रतिशत लोगों को जीवनकाल में इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना होती है। जिसे स्वस्थ्य जीवनशैली अपना कर कम किया जा सकता है। सही समय पर सटीक इलाज कराने से इसका निवारण संभव है। इस जागरूकता अभियान से लोगों को पाइल्स से बचने व स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करना और भ्रामक जानकारी से दूर रहना है। पाइल्स शरीर का नार्मल अंग है। जो कॉटिनैंस की प्राकृतिक परिक्रिया में अपना योगदान देता है। यह गुदा जैसा वैस्कुलर कुशन के रूप में होता है। कभी-कभी इसमें खून का अधिक भराव या अपने स्थान से नीचे खिसकने के कारण मरीज में लक्षण आते हैं। पाइल्स के मुख्य लक्षण खून आना गुदा द्वारा सूजन होना दर्द होना है। आमतौर पर यह लक्षण स्वतः ही ठीक हो जाते हैं। या कभी-कभी इसके इलाज की जरूरत पड़ती है। 80 प्रतिशत तक मरीजों में बिना ऑपरेशन के सफल इलाज हो जाता है। डॉक्टर ने बताया कि आज पाईल्स दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक मेडिकल छात्र मरीजों के साथ-साथ आम जनता ने भी भाग लेकर इस बीमारी से कैसे बचाव किया जाए और बेहतर इलाज के बारे में जानकारी हासिल किया।http://www.satyodaya.com

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JNU छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे BBAU के छात्र,कुलपति का पुतला फूंका

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्ववविद्यालय के छात्रों ने देर रात बीबीएयू कैंपस में जेएनयू छात्र संगठन के समर्थन में न केवल सड़क पर उतरे। साथ ही छात्रों ने जेएनयू कुलपति का पुतला दहन कर विरोध दर्ज किया। वहीं प्रदर्शन के जरिये छात्रों ने जेएनयू छात्रों पर हुए लाठी चार्ज का भी जमकर विरोध किया।

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बीबीएयू के छात्र आलोक कुमार सिंह ने बताया कि आज हम सभी जेएनयू कुलपति का पुतला दहन किए है और छात्रों पर हुए लाठी चार्ज का विरोध किया है। वहीं आलोक ने बताया कि एमएचआरडी और जेएनयू प्रशासन मनमानी तरीके से फीस वृध्दि की है और इसके विरोध में वहां के छात्र अपनी मांग उठा रहे थे। लेकिन केंद्र सरकार और जेएनयू प्रशासन ने बेरहमी से छात्रों पर लाठी बरसाई। जिसका हम सभी छात्र कड़ी निंदा करते है और इसका जमकर विरोध करते है। हम छात्रों की मांग है कि जेएनयू प्रशासन बड़ी हुई फीस वृध्दि वापस ले।http://www.satyodaya.com

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November 20, 2019, 7:21 pm
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