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Birthday special : बॉलीवुड के महान सिंगर आर डी बर्मन के जन्मदिन पर जानिए उनकी कुछ खास बातें…

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बीते दौर के सबसे बेहतरीन म्यूजिक कंपोजर्स में शुमार आर डी बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को हुआ था। आर डी बर्मन का पूरा नाम राहुल देव बर्मन है। वे कंपोजर सचिन देव बर्मन के बेटे थे। आर डी बर्मन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने संगीत और कला से सिर्फ देश ही नहीं पूरी दुनिया में भारतीय फिल्म संगीत को एक अलग पहचान दिलाई है।

आर डी बर्मन हर तरह की संगित में निपूर्ण थे इसलिए उनका पंचम दा के नाम से भी जाना जाता था और अभी तक जाना जाता है। इसके साथ ही बता दें कि पंचम दा लगातार तीन दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया और तकरीबन 331 फिल्मों को अपने संगीत से सजाया हैं। आज भी दर्शक उनके सिंगत को दिल लगा कर सुनते हैं और आनंद लेते हैं। पंचम दा ने उस दौर में लगभग सभी अभिनेताओं के साथ काम किया और उनके लिए संगित को कंपोज करने के साथ-साथ अपनी आवाज भी दी। पंचम दा की एक बेहद खास बात यह थी कि वे अक्सर ट्रैवल करने के दौरान कई गाने कंपोज करते थे।

कम ही लोग जानते होंगे कि 9 साल की उम्र में पंचम ने पहला गाना कंपोज किया था। ये गाना था ‘ऐ मेरी टोपी पलट के आ’। इस गाने को उनके पिता एसडी बर्मन ने फिल्म ‘फनटूश’ में लिया था जो 1956 में रिलीज हुई थी। कहते हैं गाना ‘सर जो तेरा चकराए’ भी आरडी बर्मन ने ही कंपोज किया था। एसडी बर्मन ने वो गाना फिल्म ‘प्यासा'(1957) में फिल्माया था पर उसका क्रेडिट आरडी बर्मन को नहीं दिया।

R D Burman – The Prince of Music किताब में बताया गया है कि एक बार जब वह अभिनेता राजेश खन्ना के साथ बॉम्बे से दिल्ली फ्लाइट में सफर कर रहे थे, तो उसी दौरान उन्होंने साल 1971 में आई फिल्म कटी पतंग के लिए ये जो मोहब्बत है गाना कंपोज किया था। जो आज डेट में भी सुपर हिट गानों की लिस्ट में शामिल है। वहीं अगर पंचम दा के निजी जीवन की बात की जाए तो, उन्होंने साल 1966 में पंचम दा ने रीता पटेल से शादी की, मगर यह शादी ज्यादा दिनों तक चल नहीं सकी और दोनो के बीच आपसी मतभेद के कारण साल 1971 में तलाक हो गया।

इससे पंचम दा काफी गम में रहने लगे थे और इसी दौरान उन्होंने एक होटल के कमरे में बैठकर फिल्म परिचय के सुपर हिट गाने मुसाफिर हूं यारों को कंपोज किया। इसके कुछ समय बाद पंचम दा ने साल 1980 गायिका आशा भोसले से शादी की। उनकी ये शादी भी नाकाम शामिल हुई और दोनों कुछ समय बाद अलग हो गए।

बता दें कि पंचम दा की शिक्षा बंगाल से ही हुई है। इसके साथ ही चौका देने वाली बात यह है कि उन्होंने महज 9 साल की उम्र में ही अपना पहला गाना ऐ मेरी टोपी पलट के आ बना लिया था। उसके बाद इस गाने को सचिन देव बर्मन यानी उनके पिता ने 1956 में बनी फिल्म फंटूश में प्रयोग किया था। इसके साथ ही ये भी कहा जाता है कि सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए गाने की धुन भी पंचम दा ने बचपन में ही तैयार कर ली थी, जिसे इनके पिता ने 1957 में गुरुदत्त की फिल्म प्यासा में इस्तेमाल किया गया था, जो आज भी लोगों के दिलों पर राज करता है।

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मंदी के बावजूद सोने में बंपर निवेश, जानिए क्यों!

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लखनऊ। देश की अर्थव्यवस्था पर इस समय मंदी के काले बादल मंडरा रहे हैं। लोगों की क्रय शक्ति क्षमता कम हो गई है। उत्पादनकर्ताओं के लिए अपना पहले से तैयार माल निकालना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कोई नया उत्पादन नहीं करना चाहता है। इसका परिणाम यह है कि अर्थव्यवस्था के कई सेक्टर्स में रोजगार पैदा होना बंद हो गए हैं। यहां तक कंपनियों ने छटनी भी शुरू कर दी है। कई लोग बेरोजगार हो गए हैं और लाखों लोगों के रोजगार पर संकट मंडरा रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद एक क्षेत्र ऐसा है जहां कीमतों में कमी नहीं आई है बल्कि जबरदस्त उछाल आया है। सर्राफा क्षेत्र में कीमतों में रिकॉर्ड स्तर का उछाल है। सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। सोना जहां 38 हजार के पार जा चुका है वहीं चांदी 45 हजार के पार चली गई है। ऐसे में वो क्या वजह हैं जिनकी वजह से सर्राफा क्षेत्र में इस तरह का उछाल देखने को मिला है?

लखनऊ महानगर सर्राफा व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि सरकार की नीतियों के साथ ही कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कारण हैं जिसकी वजह से सोना-चांदी की कीमतें में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। सरकार ने 2019-20 के बजट में आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया है। जिसकी वजह से कीमतें बढ़ गई हैं। वहीं, दुनियाभर के केंद्रीय बैंक भी सोने के भण्डार को बढ़ा रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी 2018 से अब तक 60 टन सोने का रिजर्व बढ़ा लिया है। इसके साथ ही अमेरिका ने भी ब्याज दरों में कटौती कर दी है। इसकी वजह से भी कीमतें बढ़ी हैं। साथ ही साथ अमेरिका-चीन के बीच छिड़ा ट्रेड वॉर भी एक वजह है जिसने एशियाई बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। इन्हीं कुछ वजहों से लोग इस मंदी के दौर में सोने पर ज्यादा इनवेस्ट कर रहे हैं। लोगों का रूझान इस क्षेत्र की ओर बढ़ा है। हालांकि, इससे आम आदमी को परेशानियां हो रही हैं। शाद-ब्याह के अवसर पर उनको ज्याद कीमतें अदा करनी पड़ रही हैं जिसकी वजह से उनका बजट बिगड़ा है। वहीं, बढ़ी कीमतों ने कालाबाजारी को भी बल दिया है।   

अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि इस मंदी के दौर में यह जरूरी है सरकार व्यापारियों को कुछ राहत दे। जीएसटी में सुधार कर उसे सुविधाजनक बनाए ताकि व्यापारियों को आसानी हो। इसके साथ ही कालाबाजारी करने वालों पर भी नकेल कसने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह जो सर्राफा बाजार में कीमतों में वृद्धि देखने को मिल रही है वह आगे इसी तरह जारी नहीं रहेगी। उम्मीद है कि आने वालों दिनों में वापस से कीमतें नीचे आएंगी। http://www.satyodaya.com

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चिदंबरम की गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई क्यों बता रही कांग्रेस, जानिए आखिर क्या हुआ था 10 साल पहले!

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लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया घोटाला मामले में सीबीआई और ईडी ने शिकंजा कस दिया है। इस मामले में चिदंबरम पिछले एक साल से हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत लेकर जांच से बचते आ रहे थे। जबकि जांच एजेंसियां लगातार चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने का विरोध कर रहीं थीं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि पूर्व वित्त मंत्री जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
मंगलवार को चिदंरबम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता को कोई राहत देने से इनकार कर दिया। इसके तुरंत बाद चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने अपनी टीम के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया लेकिन शीर्ष अदालत ने भी चिदंबरम को तत्काल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद सीबीआई और ईडी ने पूर्व वित्त मंत्री पर शिकंजा कसना शुरू किया। लंबी जद्दोजहद और नाटकीय घटनाक्रम के बाद आखिरकार बुधवार रात को सीबीआई ने चिदंबरम को उनके घर से दीवार फांदकर गिरफ्तार कर लिया। #PChidamabaramArrested

चिदंबरम की गिरफ्तारी के साथ ही राजनीति भी गरमा गयी है। कांग्रेस पूरी ताकत से चिदंबरम के पीछे खड़ी हो गयी। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अंजाम चाहे जो लेकिन हम चिदंबरम का साथ देंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस ने चिदंबरम के खिलाफ हो रही कार्रवाई को बदले की कार्रवाई बताया है। अब सवाल उठता है कि इतने केन्द्रीय गृह मंत्री और वित्त मंत्री रह चुके पी. चिदंबरम के खिलाफ सैकड़ों करोड़ रुपए के घोटाले और मनी लांडिंग से जुड़े मामले की जांच को कांग्रेस बदले की कार्रवाई क्यों कह रही है? दरअसल आज चिदंबरम जिस संकट का सामना कर रहे हैं, ठीक ऐसे ही संकट का सामना वर्ष 2010 में अमित शाह ने भी किया था। #ShameOnCongress तब देश के गृह मंत्री पी. चिदंबरम थे और अब देश के गृह मंत्री अमित शाह हैं। कहते हैं कि सियासत में समय का चक्र बहुत तेजी से घूमता है, आज स्थिति लगभग 10 साल पहले वाली ही है लेकिन इस बार शिकंजे में अमित शाह नहीं चिदंबरम हैं। तब विपक्षी पार्टी भाजपा थी, आज कांग्रेस है, जो आरोप आज कांग्रेस लगा रही है, तब भाजपा ने भी कांग्रेस पर ऐसे ही आरोप लगाए थे।

तो आईए जानते हैं पूरी कहानी-

यूपीए सरकार के समय गुजरात में सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामला सुर्खियों में था। गुजरात के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह पर इस फर्जी एनकाउंटर की साजिश रचने का आरोप लगा था और तब चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे। आरोपों के बाद जांच एजेंसियां अमित शाह के पीछे पड़ गईं। 25 जुलाई 2010 को सीबीआई ने अमित शाह को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। अमित शाह तब तीन महीने तक जेल में रहे थे। #PChidamabaramArrested सजा के तौर पर अमित शाह को 2 साल तक गुजरात से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। 29 अक्टूबर 2010 को गुजरात हाई कोर्ट ने अमित शाह को जमानत दी। उस समय भाजपा ने कांग्रेस पर सीबीआई के गलत इस्तेमाल और बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगाया था। 2012 तक अमित शाह गुजरात से बाहर रहे। मामले की सुनवाई चलती रही है और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गुजरात से बाहर मुंबई में शिफ्ट कर दिया। लंबी सुनवाई के बाद मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने अमित शाह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।http://www.satyodaya.com

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इस जन्माष्टमी बाल-गोपाल को करना है खुश,तो पूजा में शामिल करें ये चीजें…

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जन्माष्टमी

फाइल फोटो

नई दिल्ली। हिन्दुओं के सभी महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जन्माष्टमी। इस दिन भगवान विष्णु ने 8वें अवतार का बाल-गोपाल के रूप में जन्म हुआ था। इस बार जन्माष्टमी 23 अगरस्त या 24 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन को सभी लोग बड़े धूमधाम के साथ मनाते हैं। इतना ही नहीं इस दिन मंदिरों को खूब सजाया जाता है। कहीं-कहीं भगवन कृष्ण के बाल रूप की झाकियां भी सजती हैं।  

बता दें इस अधर्म का नाश करने और मानवता के कल्याण के लिए भगवान विष्णुन ने कृष्ण के रूप में भाद्र मास के कृष्णम पक्ष की अष्टमी को देवकी की कोख से जन्म लिया था। यही वजह है इस भगवान् कृष्ण के भक्त उपवास रखकर और मंगल गीत गाकर भगवान कृष्ण का लड्डू गोपाल के रूप में जन्म करवाते हैं। ऐसे चलिए आज हम आपको बताते हैं भगवन के भक्त किस तरह करवाते हैं भगवन का जन्म और पूजा में किन समाग्रियों को शामिल करते हैं।

बाल गोपाल की पूजा सामग्री में एक खीरा, एक चौकी, पीला साफ कपड़ा, बाल कृष्ण की मूर्ति, एक सिंहासन, पंचामृत, गंगाजल, दही, शहद, दूध, दीपक, घी, बाती, धूपबत्ती, गोकुलाष्ट चंदन, अक्षत (साबुत चावल), तुलसी का पत्ता, माखन, मिश्री,शामिल किया जाता है।

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श्रृंगार सामग्री

जब भगवान कृष्ण का जन्म हो जाता है, उसके बाद उनके श्रृंगार के लिए इत्र, नए पीले वस्त्र, बांसुरी, मोरपंख, गले के लिए वैजयंती माता, सिर के लिए मुकुट, हाथों के लिए कंगन रखें जाते हैं।

जानिए कैसे मनाएं जन्म की खुशियां

जानकारी के मुताबिक इस बार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में 23 अगस्त या 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। हमेशा बाल गोपाल का जन्म रात में 12 बजे के बाद होता है। ऐसे में जन्म के बाद सबसे पहले आप दूध से उसके बाद दही, फिर घी, फिर शहद से स्नान किया जाता है। उसके बाद गंगाजल से अभिषेक किया जाता है, ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। स्नान कराने के बाद पूरे भक्ति भाव के साथ एक शिशु की तरह भगवान के लड्डूगोपाल स्वयरूव को लगोंटी अवश्यत पहनाएं। जिन चीजों से बाल गोपाल का स्नान हुआ है, उसे पंचामृत बोला जाता है। पंचामृत को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। फिर भगवान कृष्ण को नए वस्त्र पहनाने चाहिए।

कुछ इस तरह करें श्रृंगार

बाल गोपाल के जन्म के बाद मंगल गीत भी गाए जाते हैं। कृष्णजी को आसन पर बैठाकर उनका श्रृंगार करना चाहिए। उनके हाथों में कंगन, गले में वैजयंती माला पहनाएं। फिर उनके सिर पर मोरपंख लगा हुआ मुकुट पहनाएं और उनकी प्यारी बांसुरी उनके पास रख दें। इतना सब करने के बाद उनको चंदन और अक्षत लगाएं और धूप-दीप से पूजा करें। फिर माखन मिश्री के साथ अन्य भोग की सामग्री अर्पण करें। कृष्ण भगवान की पूजा करते समय इस बाद का ध्यान रखें कि भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें।  इसके बाद भगवान को झूले पर बिठाकर झुला झुलाएं और नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत गाएं। अगर आप इस विधि विधान से भगवान के बाल रूप की पूजा करते हैं तो बाल-गोपाल आपसे प्रसन्न हो जाएंगे। वहीं इस दौरान अगर आप भगवान से कुछ मांगते हैं, तो जरूर पूरा होगा।  http://www.satyodaya.com 

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August 25, 2019, 8:59 pm
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