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फैसले को लेकर एयरपोर्ट पर रही सुरक्षा व्यवस्था सख्त

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लखनऊ। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राजधानी लखनऊ के चैधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही। वहीं अमौसी तेल डिपो के पास भी भारी तादाद में पीएसी बल तैनात रहा। शनिवार को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला देने के बाद शांति व्यवस्था ना बिगड़े, इसके लिए अमौसी एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सीआईएसएफ जवानों को तैनात कर दिया गया था।

इस दौरान सीआईएसएफ जवानों ने एयरपोर्ट आने जाने वाली गाड़ियों की बारीकी से छानबीन की। वहीं डाॅग स्क्वायड के जरिए भी एयरपोर्ट के आस-पास फालतू पड़ी वस्तुओं की जांच पड़ताल की गई। एयरपोर्ट बिल्डिंग के सामने परिसर के अलावा कार पार्किंग में भी सीआईएसएफ जवानों ने डाॅग स्क्वायड के जरिए संदिग्ध वस्तुओं की जांच पड़ताल की। पूरे दिन सीआईएसएफ जवान यहां चप्पे-चप्पे पर भारी तादाद में मुस्तैद रहे।

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उन्होंने यहां आने-जाने वाले हर यात्री की गहनता से जांच पड़ताल की। उसके बाद ही एयरपोर्ट बिल्डिंग के अंदर जाने दिया। इसी तरह अमौसी स्थित हिंदुस्तान पैट्रोलियम और इंडियन आयल तेल डिपो के अलावा इंडेन गैस बॉटलिंग प्लांट के पास भी सुरक्षा की दृष्टि से पूरे दिन पीएसी के जवान तैनात रहकर चहल कदमी करते नजर आए। इधर से गुजरने वाले हर आने-जाने वालों पर पीएसी जवानों की कड़ी नजर रही। उन्होंने यहां पर ज्यादा देर तक किसी को रुकने नहीं दिया।http://www.satyodaya.com

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गाजियाबाद की मोमबत्ती फैक्टी में लगी भीषण आग, सात लोगों की जलकर मौत

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करीब दो दर्जन लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका, राहत व बचाव कार्य जारी

लखनऊ। गाजियाबाद जिले के मोदीनगर इलाके में रविवार दोपहर को बड़ा हादसा हो गया। जिसमें 7 लोगों की जलकर मौत हो गई है और 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद हड़कंप मच गया। यह हादसा मोदीनगर इलाके के बखरवा गांव में मोमबत्ती व पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग से बताया जा रहा है। वहीं अंदर 20 लोगों के फंसे होने की सूचना है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एसएसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य जारी है।

सीएम योगी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर रवाना होने के साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। अभी तक आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है। जिस फैक्ट्री में आग लगी है, उसमें मोमबत्ती बनाने का काम किया जाता है। जिस दौरान आग लगी उस वक्त फैक्ट्री में कितने लोग थे यह भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है। वहीं घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं मृतकों की संख्या बढ़ते ही लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोग गुस्से में प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर एसपी देहात नीरज जादौन, विधायक डॉ मंजू शिवाच, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल भी पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया है। यहां पर लोग हंगामा मचा रहे हैं। हालात धीरे-धीरे बेकाबू हो रहे हैं। कुछ लोग तो एंबुलेंस के सामने ही लेट गए हैं और ग्रामीण लाश नहीं उठाने दे रहे हैं। प्रदर्शन कर रही महिलाएं बेहोश हो गई हैं।

स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए अंदर से 10 लोगों को निकाला है। वहीं यह भी पता चला है कि यहां पटाखा फैक्ट्री में काम करने वालों में ज्यादातर महिलाएं ही हैं। फिलहाल प्रशासन मरने वालों की शिनाख्त करने और राहत बचाव काम में लगा है। फैक्ट्री में आग लगते ही लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिग्रेड टीम को दी। इसके बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंच कर आग बुझाने का काम के साथ अंदर फंसे लोगों को बचाने में जुट गए। ग्रामीणों से मिल रही सूचना के हिसाब से यह फैक्ट्री यहां लंबे समय से चल रही थी।

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जानकारी के अनुसार यहां जन्मदिन की पार्टी में इस्तेमाल होने वाली फुलझड़ी बनाई जाती थी। इसके साथ ही यह भी पता चला कि मालिक आसपास के घरों में कच्चा माल भिजवा कर पटाखे बनवाता था। लोगों ने दबी जुबान में यह भी बताया कि पुलिस की मिली भगत से यह धंधा चल रहा था। इधर लोगों से मिली ताजा जानकारी के हिसाब से यह फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी। हालांकि, इस बात की पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।http://www.satyodaya.com

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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का है समाजवादी पार्टी से कनेक्शन, पत्नी लड़ चुकी है चुनाव

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिठूर के विकरू गांव में हुई 8 पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या से दहशत फैली हुई है। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है कहा जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की पत्नी का एक पोस्टर सामने आया, जिसमें उसका कनेक्शन समाजवादी पार्टी से सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है।

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यूपी पुलिस के 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार विकास दुबे को लेकर समाजवादी पार्टी इस वक्त सरकार को भले ही घेर रही है लेकिन विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे का एक पोस्टर अलग ही कहानी कह रहा है। ये पोस्टर उस वक्त का है, जब रिचा दुबे घिमऊ से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही थीं। 

जिला पंचायत सदस्य पद की दावेदार रिचा दुबे को उस वक्त समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त था। उसके पोस्टर में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तस्वीरें भी साफ दिखाई दे रही हैं। मामले पर राजनीतिक बयान देने को लेकर कानून मंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी को जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग इस मामले के BJP से अपराधियों की गठजोड़ की बात कह रहे है, कनेक्शन उन्हीं का निकलेगा। उन्होंने कहा कि एसपी के DNA में ही अपराध है. इस बार अपराधी का कोई भी कनेक्शन क्यों न हो, वो बच नहीं पाएगा। कानून मंत्री ने ये भी कहा कि पूरे मामले की जांच होगी। रेड में गए पुलिस वालों की कम संख्या पर भी, और अगर इसमें किसी स्तर पर कोई कमी हुई है, तो उस पर भी जांच की जाएगी।http://www.satyodaya.com

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शिक्षक भर्ती घोटाले में अयोध्या विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पर केस दर्ज

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कुलपति ने अपने कार्यकाल में किये कई फर्जी नियुक्तियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के बाद अब विश्वविद्यालय में भी फर्जीवाड़ा का मामला उजागर होने लगा है। अयोध्या में आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह के खिलाफ शिक्षक भर्ती घोटाले में केस दर्ज किया गया है। विजिलेंस के इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव ने थाना कुमारगंज में यह केस दर्ज कराया है। इस प्रकरण में पूर्व कुलपति बीबी सिंह के साथ चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

इन सभी लोगों के खिलाफ अभिलेखों में कूट रचित करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस केस में तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह, वरिष्ठ लिपिक ओम प्रकाश गौड़, विषय वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा डॉ. प्रमोद कुमार तथा वस्तु विशेषज्ञ सुरक्षा विनोद कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह ने अपने कार्यकाल 2001-03 के बीच में कई फर्जी नियुक्ति की थी।

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बताया गया है कि बिना अर्हता वाले तीन लोगों को भर्ती किया गया था। एक अभ्यर्थी के अभिलेख में सफेदा लगाकर डॉ प्रमोद कुमार सिंह को नौकरी दी गई थी। इनको प्लांट प्रोटक्शन में तैनाती दी गई थी। अभी डॉ प्रमोद कुमार सिंह कृषि विज्ञान केंद्र बसूली महाराजगंज में पोस्टेड हैं।http://www.satyodaya.com

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July 13, 2020, 2:22 am
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