Connect with us

Featured

महिला काउंसलर ने अपने ही सहयोगी पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

Published

on

पीड़िता ने सीएमएस से लगाई मदद की गुहार

लखनऊ। राजधानी के अस्पतालों में महिलाओं का उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ आम बात हो गई है। मामला बलरामपुर अस्पताल का है जहां तैनात महिला काउंसलर ने अपने ही सहयोगी पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया है। महिला का कहना है कि सहकर्मी उनसे जबरन बात करने का प्रयास करते हैं, उन पर असम्मानजनक तरीके से टिप्पणी करते हैं। इस मानसिक उत्पीड़न की शिकार महिला ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से मदद की गुहार लगायी है।

सीएमएस ने कहा कि जब लिखित शिकायत नहीं मिलती वह किसी पर कार्रवाई करना तो दूर सीधे तौर पर जवाब तलब भी नहीं कर सकते हैं। जिला चिकित्सालय बलरामपुर में मानसिक रोग विभाग में एक वर्ष पूर्व कुछ काउंसलर तैनात किए गए। करीब आधा दर्जन काउंसलर का काम है कि वह मानसिक रोगों से ग्रसित मरीजों से बात करें तथा काउंसलिंग कर उनकी मनोदशों को सामान्य करने की कोशिश करें। इन काउंसर में एक महिला भी है जिसने मंगलवार को अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सक्सेना के समक्ष अपने ही सहयोगी पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया है।

यह भी पढ़ें :- अवकाश के दिन अस्पताल पहुंचे मरीज, क्वीन मेरी में मरीज और सुरक्षा गार्डों में झड़प

महिला ने बताया कि सहकर्मी बेहजह उन्हें परेशान करते हैं उनसे बात करने का प्रयास करते हैं। आते जाते उन्हें टोकते हैं। महिला ने शिकायत की कई बार सहकर्मियों ने ऐसी बात करने की कोशिश की जो एक महिला से करना अनुचित माना जाता है। लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से वह तंग आ चुकी है इसीलिए शिकायत कर रही है।

महिला ने सीएमएस डॉ. सक्सेना से अनुरोध किया कि वह अनौपचारिक तौर पर आरोपी काउंसलर से बात करे और सख्ती के साथ ऐसा न करने की हिदायत दें। सीएमएस डॉ. सक्सेना ने महिला से कहा कि उनके द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह गंभीर आरोपों की श्रेणी में आते हैं और बगैर किसी लिखित शिकायत के यूं ही किसी चिकित्सक से सवाल जवाब नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में उन्हें कोई परेशान कर रहा है या फिर उत्पीड़न का प्रयास कर रहा है तो वह उसका डटकर मुकाबला करें और लिखित शिकायत करें ताकि चिकित्सा प्रशासन को एक आधार मिले और आरोपी से पूछताछ की जा सके। उक्त मामले में डॉ. सक्सेना का कहना है कि यदि महिला काउंसलर लिखित शिकायत करती हैं तो प्रकरण की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

बताते चलें कि कुछ माह पहले भी बलरामपुर अस्पताल के दो महिला कर्मचारियों ने अपने ही एक सहयोगी के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत निदेशक से की थी। बाद में निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी को सख्त चेतावनी देते हुए उसे कहीं और तैनात कर दिया था।http://www.satyodaya.com

Featured

गाजियाबाद की मोमबत्ती फैक्टी में लगी भीषण आग, सात लोगों की जलकर मौत

Published

on

करीब दो दर्जन लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका, राहत व बचाव कार्य जारी

लखनऊ। गाजियाबाद जिले के मोदीनगर इलाके में रविवार दोपहर को बड़ा हादसा हो गया। जिसमें 7 लोगों की जलकर मौत हो गई है और 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद हड़कंप मच गया। यह हादसा मोदीनगर इलाके के बखरवा गांव में मोमबत्ती व पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग से बताया जा रहा है। वहीं अंदर 20 लोगों के फंसे होने की सूचना है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एसएसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य जारी है।

सीएम योगी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर रवाना होने के साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। अभी तक आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है। जिस फैक्ट्री में आग लगी है, उसमें मोमबत्ती बनाने का काम किया जाता है। जिस दौरान आग लगी उस वक्त फैक्ट्री में कितने लोग थे यह भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है। वहीं घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं मृतकों की संख्या बढ़ते ही लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोग गुस्से में प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर एसपी देहात नीरज जादौन, विधायक डॉ मंजू शिवाच, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल भी पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया है। यहां पर लोग हंगामा मचा रहे हैं। हालात धीरे-धीरे बेकाबू हो रहे हैं। कुछ लोग तो एंबुलेंस के सामने ही लेट गए हैं और ग्रामीण लाश नहीं उठाने दे रहे हैं। प्रदर्शन कर रही महिलाएं बेहोश हो गई हैं।

स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए अंदर से 10 लोगों को निकाला है। वहीं यह भी पता चला है कि यहां पटाखा फैक्ट्री में काम करने वालों में ज्यादातर महिलाएं ही हैं। फिलहाल प्रशासन मरने वालों की शिनाख्त करने और राहत बचाव काम में लगा है। फैक्ट्री में आग लगते ही लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिग्रेड टीम को दी। इसके बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंच कर आग बुझाने का काम के साथ अंदर फंसे लोगों को बचाने में जुट गए। ग्रामीणों से मिल रही सूचना के हिसाब से यह फैक्ट्री यहां लंबे समय से चल रही थी।

यह भी पढ़ें:- कोरोना ने कारागार मुख्यालय में दी दस्तक, DIG जेल संजीव त्रिपाठी कोरोना पाॅजिटिव

जानकारी के अनुसार यहां जन्मदिन की पार्टी में इस्तेमाल होने वाली फुलझड़ी बनाई जाती थी। इसके साथ ही यह भी पता चला कि मालिक आसपास के घरों में कच्चा माल भिजवा कर पटाखे बनवाता था। लोगों ने दबी जुबान में यह भी बताया कि पुलिस की मिली भगत से यह धंधा चल रहा था। इधर लोगों से मिली ताजा जानकारी के हिसाब से यह फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी। हालांकि, इस बात की पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Featured

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का है समाजवादी पार्टी से कनेक्शन, पत्नी लड़ चुकी है चुनाव

Published

on

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिठूर के विकरू गांव में हुई 8 पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या से दहशत फैली हुई है। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है कहा जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की पत्नी का एक पोस्टर सामने आया, जिसमें उसका कनेक्शन समाजवादी पार्टी से सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है।

यह भी पढ़ें: राजनीतिक संरक्षण में खूब फला-फूला विकास दुबे उर्फ ‘शिवली का डाॅन’

यूपी पुलिस के 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार विकास दुबे को लेकर समाजवादी पार्टी इस वक्त सरकार को भले ही घेर रही है लेकिन विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे का एक पोस्टर अलग ही कहानी कह रहा है। ये पोस्टर उस वक्त का है, जब रिचा दुबे घिमऊ से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही थीं। 

जिला पंचायत सदस्य पद की दावेदार रिचा दुबे को उस वक्त समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त था। उसके पोस्टर में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तस्वीरें भी साफ दिखाई दे रही हैं। मामले पर राजनीतिक बयान देने को लेकर कानून मंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी को जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग इस मामले के BJP से अपराधियों की गठजोड़ की बात कह रहे है, कनेक्शन उन्हीं का निकलेगा। उन्होंने कहा कि एसपी के DNA में ही अपराध है. इस बार अपराधी का कोई भी कनेक्शन क्यों न हो, वो बच नहीं पाएगा। कानून मंत्री ने ये भी कहा कि पूरे मामले की जांच होगी। रेड में गए पुलिस वालों की कम संख्या पर भी, और अगर इसमें किसी स्तर पर कोई कमी हुई है, तो उस पर भी जांच की जाएगी।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Featured

शिक्षक भर्ती घोटाले में अयोध्या विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पर केस दर्ज

Published

on

कुलपति ने अपने कार्यकाल में किये कई फर्जी नियुक्तियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के बाद अब विश्वविद्यालय में भी फर्जीवाड़ा का मामला उजागर होने लगा है। अयोध्या में आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह के खिलाफ शिक्षक भर्ती घोटाले में केस दर्ज किया गया है। विजिलेंस के इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव ने थाना कुमारगंज में यह केस दर्ज कराया है। इस प्रकरण में पूर्व कुलपति बीबी सिंह के साथ चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

इन सभी लोगों के खिलाफ अभिलेखों में कूट रचित करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस केस में तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह, वरिष्ठ लिपिक ओम प्रकाश गौड़, विषय वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा डॉ. प्रमोद कुमार तथा वस्तु विशेषज्ञ सुरक्षा विनोद कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह ने अपने कार्यकाल 2001-03 के बीच में कई फर्जी नियुक्ति की थी।

यह भी पढ़ें :- नगर निगम के बाबू समेत 32 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

बताया गया है कि बिना अर्हता वाले तीन लोगों को भर्ती किया गया था। एक अभ्यर्थी के अभिलेख में सफेदा लगाकर डॉ प्रमोद कुमार सिंह को नौकरी दी गई थी। इनको प्लांट प्रोटक्शन में तैनाती दी गई थी। अभी डॉ प्रमोद कुमार सिंह कृषि विज्ञान केंद्र बसूली महाराजगंज में पोस्टेड हैं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

July 12, 2020, 12:00 am
Fog
Fog
31°C
real feel: 39°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 83%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 4:51 am
sunset: 6:33 pm
 

Recent Posts

Trending