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नई दिल्ली: समायोजित सकल राजस्व (AGR) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनियों और केंद्र सरकार को भुगतान में देरी पर फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा ने याचिकाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की याचिका कभी दायर ही नहीं की जानी चाहिए थी, ऐसा क्यों ही किया जा रहा है। क्या सरकारी डेस्क अफसर सुप्रीम कोर्ट से बढ़कर है, जिसने हमारे आदेश पर रोक लगा दी। अभी तक एक पाई भी जमा नहीं की गई है। हम सरकार के डेस्क अफसर व टेलीकॉम कंपनियों पर अवमानना की कार्रवाई करेंगे। क्या हम सुप्रीम कोर्ट को बंद कर दें? क्या देश में कोई कानून बचा है?  क्या ये मनी पॉवर नहीं है?

जस्टिस अरुण मिश्रा ने अदालत में सुनवाई के दौरान कहा कि क्या देश में कानून बचा है? एक डेस्क ऑफिसर ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही रोक दिया, ये क्या हो रहा है? उस अफसर को तुरंत यहां पर बुलाया जाए। AGR को चुकाने के लिए टेलिकॉम कंपनियों ने अधिक वक्त मांगा था, जिसे सरकार ने उन्हें दे दिया था। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने तुषार मेहता से पूछा कि आप बताएं कि सरकार ने ऐसा कैसे किया, क्योंकि ये अदालत की अवमानना है।

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सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना करने के लिए एयरटेल, वोडाफोन समेत अन्य कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर, सीएमडी को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कंपनियों, टेलिकॉम विभाग के अधिकारियों को 17 मार्च को समन किया है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई में तीन जजों की बेंच कर रही है। इस बेंच में जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस जेसी शाह शामिल हैं। बताते चलें कि टेलिकॉम कंपनियों पर कुल 92 हजार करोड़ रुपए का बकाया है, जिसे चुकाने की तारीख 17 मार्च ही है। AGR संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूसेज और लाइसेंसिग फीस है। http://www.satyodaya.com

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शराब बंदी के लिए काम कर रहे संगठनों ने शराब मुक्त भारत का लिया संकल्प

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लखनऊ। इस्कॉन मंदिर के आडिटोरियम पूर्व कैलाश नई दिल्ली में मिलिता ओडिशा निशा निबरन अभिरंजन संस्था ने “शराब-मुक्त-भारत” राष्ट्रीय सम्मेलन कार्यक्रम बीते रविवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे देश भर से शराब बंदी के लिये काम कर रहे संगठन के लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिवंश नारायण ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपसभापति राज्यसभा हरिवंश नारायण, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मिजोरम, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि आंध्र प्रदेश, भारती छाबड़ा (शराबबंदी आंदोलन) उपस्थित रहे।

नीतीश कुमार ने लोगों के बीच अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी से राजस्व को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा बल्कि राजस्व में फायदा पहुंचा। लोगों को शराब मुक्त भारत संकल्प के प्रति जागरूक किया। इसे पूरे भारत में लागू करने के संघर्ष संकल्प की बात कही। इस कार्यक्रम में अतिथि उत्तर प्रदेश शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली व इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी ब्लड डोनेशन के संस्थापक अध्यक्ष कुदरत उल्ला खान इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेI उत्तर प्रदेश शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने अपने विचार व्यक्त किए और पूरे उत्तर प्रदेश में शराबबंदी की बात कही। शराब मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को लेकर आगे बढ़ने की बात कही।

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वहीं इंसानियत वेलफेयर ब्लड डोनेशन के अध्यक्ष कुदरत उल्ला खान ने इस संकल्प में पूर्ण रूप से योगदान देने की बात कही। इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए कटिबद्ध परिश्रम के साथ मुर्तुजा अली का साथ देने की बात कही। सभी राज्यों से आए लोगों ने शराबबंदी के संदर्भ में अपने-अपने विचार रखे।http://www.satyodaya.com

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दिल्लीः निर्माणाधीन इमारत ढही, चार घंटे के बाद एक मजदूर का शव मिला

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नई दिल्ली। दिल्ली के चितरंजन पार्क इलाके में रविवार को एक निर्माणाधीन इमारत ढह गयी। जिसमें कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य जारी है। दमकल सेवा से 5 गाड़िया मौके पर मौजूद है।

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जानकारी के अनुसार चितरंजन पार्क इलाके में दोपहर 1 निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। दमकल विभाग ने बताया कि दोपहर 2.13 बजे उन्हें इसकी सूचना मिली। जिसके तुरंत बाद दमकल की पांच गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। वहीं चार घंटे के बाद एक मजदूर का शव निकाला जा सका है।http://www.satyodaya.com

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केजरीवाल का शपथ ग्रहण: समारोह में पहुंचे एक मात्र विपक्षी नेता को नहीं मिली बैठने की जगह

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लखनऊ। किसी फिल्मी कहानी की तरह अन्ना आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल देखते-देखते ही दिल्ली में छा गए। बिना किसी पूर्व अनुभव के अचानक राजनीति में कामयाबी के झण्डे गाड. देने का वाकया बहुत कम देखने को मिलता है। रविवार को लगातार तीसरी बार अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। आम आदमी पार्टी सरकार पार्ट-3 के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष पूरी तरह से नदारद रहा। अरविंद केजरीवाल ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया था, जो आए नहीं। विपक्ष का एकमात्र नेता केजरीवाल सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का साक्षी बनने पहुंचा था, लेकिन चूंकि वह बिन बुलाया मेहमान था, इसलिए समारोह में न उसे कहीं ठौर मिला न ठिकाना। यह नेता थे रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक विजेन्द्र गुप्ता।

समारोह में उचित स्थान और सम्मान न मिलने पर विधायक विजेन्द्र गुप्ता का दर्द झलक पड़ा। भाजपा विधायक ने कहा, विपक्ष में होने के नाते समारोह में शामिल होना मेरा नैतिक कर्तव्य है। लेकिन यहां आप नेताओं के रिश्तेदारों को आगे बैठाया गया और मुझे पीछे ढकेल दिया गया। भाजपा विधायक का आरोप है कि मुझे कार्यक्रम स्थल पर गाड़ी भी पार्क नहीं करने दी गयी। मैंने काफी दूर अपनी गाड़ी पार्क की और तब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। बाद में पुलिस की सहायता से भाजपा विधायक मिंटो ब्रिज पर खड़ी अपनी कार तक पहुंचे और घर गए।

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विधायक विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आप में भी परिवारवाद पनप रहा है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उम्मीद थी कि नई सरकार कुछ करेगी, लेकिन मुझे अभी से निराशा झलक रही है।

विपक्ष पूरी तरह से रहा गायब

बता दें कि तीसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ ले रहे अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा या कांग्रेस का कोई भी नेता मौजूद नहीं रहा। केजरीवाल ने पीएम मोदी को छोड़कर किसी राज्य के मुख्यमंत्री को न्यौता भी नहीं भेजा था। इसके अलावा दिल्ली कांग्रेस का कोई नेता भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा के चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी ने 62 सीटें जीती हैं, जबकि भाजपा ने 8 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं कांग्रेस के खाते में पिछली बार की तरह इस बार भी एक भी सीट नहीं आई।http://www.satyodaya.com

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