Connect with us

देश

अमित शाह बोले: 23 मई के बाद ‘दीदी’ का जाना तय, पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का सूर्य उगने वाला है…

Published

on

फाइल फोटो

कोलकाता : लोकसभा चुनाव 2019  को लेकर चार चरणों के मतदान समाप्त हो चुके हैं। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मुकाबला काफी प्रिय हो गया है। बीजेपी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच चुनावी जंग शुरू हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पूर्वी मिदनापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 23 मई के बाद पश्चिम बंगाल से ‘दीदी’ का जाना तय है, पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का सूर्य उगने वाला है।

अमित शाह ने कहा,  ‘मोदी-मोदी का नारा, कोई चुनावी नारा नहीं है। देश के लोगों का नरेंद्र मोदी के लिए आशीर्वाद है। जितना देश का चुनाव महत्वपूर्ण है, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण पश्चिम बंगाल का चुनाव है।’ आगे उन्होंने कहा कि ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल के अंदर लोकतंत्र का गाला घोटने का काम किया है। चुनाव में हिंसा फैलाने का काम किया है।

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी इस देश के 50 करोड़ गरीबों के लिए आयुष्मान भारत योजना लेकर आये।  आगे उन्होंने कहा 23 तारीख के बाद ममता दीदी का जाना तय है। पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का सूर्य उगने वाला है। उन्होंने कहा कि जनता को गैस कनेक्शन, करोड़ों गरीब के घर शौचालय बनवाने और दो करोड़ घरों में बिजली पहुंचाने का काम बीजेपी की मोदी सरकार ने किया है।

यह भी पढ़े- दर्दनाक: तांत्रिक के कहने पर गर्भवती को गला घोटकर मारा, पेट फाड़कर निकाला बच्चा…

आपको बता दें कि पांचवे चरण का मतदान 6 मई को 14 सीट पर होगा। इसके बाद छठा चरण 12 मई 14 सीट और सातवां चरण एवं अंतिम चुनाव 19 मई को 13 सीट पर होगा।http://www.satyodaya.com

 

 

 

देश

30 अप्रैल को होगा राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन: चंपत राय

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन जारी है। इसी बीच अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की मुहूर्त निश्चित हो गई है। 30 अप्रैल यानी बैसाख शुक्ल सप्तमी को भूमि पूजन किया जाएगा। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा लॉक डाउन के कारण यह तिथि आगे नहीं बढ़ेगी और तय समय पर भूमि पूजन होगा। वहीं सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को खरमास के बाद निर्धारित मुहूर्त पर शादियां होंगी। साथ ही कहा कि निर्धारित संख्या में लोग जाएंगे और कार्यक्रम निपटा देंगे। फिर जब परिस्थितियां अनुकूल होंगी तब समारोह भी कर लेंगे। उसी तरह से यह कार्य भी हो जाएगा।

यह भी पढ़ें-बसपा कार्यकर्ता लॉकडाउन का पालन कर अपने घरों में ही मनाएं अंबेडकर जयंती- मायावती

फिलहाल अभी हम इस बारे में नहीं सोच रहे हैं बल्कि यह चाहते हैं कि कोई ऐसी स्थिति न पैदा हो जिससे शासन-प्रशासन को दिक्कत आए। ट्रस्ट ने इस तिथि की सार्वजनिक घोषणा नहीं की थी। फिर भी अंदरखाने तैयारियां जारी थीं। इस तिथि पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी पहले ही मुहर लगा दी थी। हालांकि अब पीएम नरेन्द्र मोदी व संघ प्रमुख भागवत दोनों का ही आगमन संभव नहीं। ऐसे में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनकी उपस्थिति रहेगी।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

दिल्ली NCR में भूकंप के झटकों से मचा हड़कंप, रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई तीव्रता

Published

on

लखनऊ। कोरोना से आज पूरी दुनिया त्राहिमाम कर रही है। दुनिया के संपन्न देशों में हर रोज कोरोना के मरीज और मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। वहीं इन सबके बीच देश की राजधानी के लोगों को कुदरत भी अपनी नराजगी दिखा रहा है। दिल्ली में रविवार के शाम को 4.1 पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। यह झटके बहुत ज्यादा तेज थे। लोग घबरा कर घरों से बाहर निकल आये। इसका एपिसेंटर दिल्ली में ही बताया गया है। अगर शुरुआती खबरों की माने तो इसकी तीव्रता ३.४ थी। यह झटका इतना तेज था, दीवारें और पंखे तेजी से हिलते महसूस किएगए। अभी तक किसी तरह के नुकसान कि कोइ खबर सामने नहीं आई है। लोग अभी भी र के कारण घरों के बाहर खड़े हैं।

इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में इस भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। एक तरफ हिंदुस्तान जहां कोरोना वायरस की बीमारी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर भूकंप लोगों के अंदर कहीं न कहीं डर पैदा कर दिया है।

इसे भी पढ़ें- ‘साथी हाथ बढ़ाना रे…’, एक दूसरे के सहयोग का यहां अनोखा दृश्य देखने को मिला

पूर्वी दिल्ली भूकंप का केंद्र रहा है। साथ ही जमीन के 8 किलोमीटर नीचे भूकंप का केंद्र बताया जा रहा है। बता दें कि 4.1 रिक्टर स्केल की तीव्रता का भूकंप ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकता। लेकिन दिल्ली के पूर्वी हिस्से में भूकंप का केंद्र होना गंभीर बात है। कई सालों बाद दिल्ली में भूकंप का केंद्र पाया गया है।

गौरतलब है कि, एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है, प्रधानमंत्री लोगों से अपील कर रहे हैं, कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। ऐसे में भूकंप का आना लोगों को चिंतित कर सकता है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

‘साथी हाथ बढ़ाना रे…’, एक दूसरे के सहयोग का यहां अनोखा दृश्य देखने को मिला

Published

on

लखनऊ। कोरोना संकट से उपजे हालात ने सीमित साधनों के साथ एक दूसरे के सहयोग और साथ कैसे दिया जाता है, इसे अब लोगों ने समझना शुरू कर दिया है। इस खुबसूरत नजारा को देखकर सन् 1957 में बनी फिल्म “नया दौर” का साथी हाथ बढ़ाना रे, एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना, गाने का दृश्य जहन में बार बार आ रहा है। इन भयंकर हालात में मामला चाहे जरूरतमंदों की मदद करने का हो या फिर अन्य किसी प्रकार का सहयोग। सभी बढ़-चढ़कर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। इस आपदा के समय में सीकर के किसानों ने एक विकट हालात का सामना करने के लिए एक दूसरे के सहयोग करने की अनूठी पहल की है। एक अकेला ना थके इसके लिए वे एक दूसरे का सहयोग कर अपनी-अपनी फसलें काटने में जुटे हैं।

इसे भी पढ़ें- लखनऊः लॉकडाउन के बीच मोबाइल फिश पार्लर संचालक घर तक पहुंचाएंगे फिश

दरअसल सीकर के कुडली गांव के किसान भंवरलाल और चन्‍द्रपुरा के भगवानराम सहित प्रदेश के कई किसान ऐसे हैं, जिन्‍हें यह पता नहीं था कि कोरोना बीमारी का प्रकोप आएगा और वह उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाएगा। खेतों में फसल खड़ी है और लॉकडाउन में उन्हें काटने का संकट बना हुआ है। मजदूर कहां से लाएं। ऊपर से मुसीबत यह कि बार बार मौसम बदल रहा है। ऐसे में कहीं खड़ी फसल खराब ना हो जाए। इसको देखते हुए किसानों ने ‘साथी हाथ बढ़ाना रे…’ की तर्ज पर काम शुरू कर दिया है।

किसानों के परिजन एक-दूसरे का बंटा रहे हाथ।

अब पड़ोसी-पड़ोसी की मदद कर रहा है, किसान-किसान की मदद कर रहा है। किसानों ने मजदूरों के अभाव में फसल काटने के लिए एक दूसरे के साथ ले लिया है। उन्होंने आपस में मिलकर फसल काटना शुरू कर दिया है। अब आस पास के खेतों के किसान अपने-अपने परिजनों को एकत्र होकर बारी बारी से एक दूसरे के खेतों की फसल कटवा रहे है। हां इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

इसे भी पढ़ें-MP में IAS और उनका बेटा संक्रमित, वायरस की चपेट में आए राज्य के तीन अधिकारी

एक-दूसरे की मदद के भाव पैदा कर दिए हैं
कम्पीटिशन के इस युग में जहां लोग एक दूसरे की मदद करना दूर ईष्‍या के भाव ज्यादा रखते हैं। खेतों में किसानों की ओर से सहयोग की बजाय खेत की सीमा को लेकर झगड़ फसाद ज्यादा होते हैं। वहां अब कोरोना की बीमारी से जो हालात पैदा हुए हैं उसने सारे झगड़े फसाद दूर कर एक दूसरे की मदद के भाव पैदा कर दिए हैं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

April 13, 2020, 4:22 am
Mostly clear
Mostly clear
22°C
real feel: 22°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 56%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:14 am
sunset: 6:00 pm
 

Recent Posts

Trending