Connect with us

देश

अयोध्या: डोभाल के आवास पर हुई बड़ी बैठक, हिंदू-मुस्लिम धार्मिक नेता हुए शामिल

Published

on

नई दिल्ली। अयोध्या मामले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन काफी सतर्क है। रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजीत डोभाल के दिल्ली आवास पर बैठक की गई है। इस बैठक में बाबा रामदेव, स्वामी परमात्मानंद, स्वामी अवधेशानंद, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद और अन्य धर्मगुरू शामिल हुए थे। यहां फैसले के बाद देश में शांति व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।

एनएसए डोभाल से मुलाकात के बाद धार्मिक नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा, ‘इस बातचीत ने सभी समुदायों के बीच भाईचारा और मेलजोल की भावना को बरकरार रखने की दिशा में शीर्ष धार्मिक नेताओं के बीच कम्युनिकेशन मजबूत करने में मदद की है।’

एनएसए अजीत डोभाल ने कल भी अपने आवास पर एक बैठक की थी, जिसमें अवधेशानंद गिरि, स्वामी परमात्मानंद और बाबा रामदेव शामिल हुए थे। यहां फैसले के बाद की स्थिति पर चर्चा की गई थी।

गौरतलब है कि, अयोध्या मामले को लेकर प्रशासन पहले से ही काफी सतर्क है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस नजर बनाए हुए है। लगातार बैठकों का दौर जारी है। इस दौरान सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी गई। किसी भी तरह की अफवाह न फैलने पाए इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की गई है। आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों को हिरासत में भी लिया गया। सूत्रों के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे कुछ राज्यों पर खास निगाह रखी जा रही है। यहां खुफिया तंत्र को केद्र की तरफ से भी मदद दी जा रही है।

ये भी पढ़ें: काशी-मथुरा पर मुकदमें के रास्ते बंद! क्या है स्पेशल वर्शिप प्रोविजन ऐक्ट?

बता दें, गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार सुबह ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, खुफिया विभाग के प्रमुखों और मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। सिर्फ इतना ही नहीं फैसला आने के बाद उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक-एक कर फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। गृह मंत्री लगातार राज्यों के संपर्क में हैं। http://www.satyodaya.com

देश

निर्भया के गुनहगारों का डेथ वाॅरंट जारी, 22 जनवरी को दी जाएगी फांसी

Published

on

लखनऊ। देश-दुनिया को दहला देने वाले दिल्ली के निर्भया कांड में करीब 8 वर्ष बाद फाइनल फैसला आ गया है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के बाद निर्भया के सभी दोषियों का डेथ वाॅरंट जारी कर दिया। 22 जनवरी को सुबह 7 बजे चारों दरिंदों अक्षय, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश सिंह को फांसी पर लटकाया जाएगा। तिहाड़ जेल प्रशासन को तैयारी के लिए 14 दिन का वक्त मिला है। इस बीच दोषी चाहें तो वह क्यूरेटिव पिटीशन या दया याचिका भी दाखिल कर सकते हैं। इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से दोषियों को फांसी की नोटिस जारी करने को कहा था।

जिसके बाद जेल प्रशासन ने दोषियों को नोटिस जारी कर दया याचिका दाखिल करने के बारे में पूछा था। #Nirbhaya चार में से एक दोषी अक्षय ने कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में सजा पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया था। पटियाला कोर्ट से पहले भी दिल्ली की निचली अदालत से दोषियों को फांसी की सजा दी जा चुकी है।

यह भी पढ़ें-40 लाख ऐठने के बाद 50 लाख और न मिलने पर लड़के पक्ष ने तोड़ी शादी

मंगलवार दोपहर बाद 3ः30 बजे खचाखच भरे कोर्ट रूम में निर्भया केस की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान निर्भया की मां और दोषियों के वकील के बीच तीखी बहस भी हुई। दोषियों के वकील ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेंगे। इस पर कोर्ट रूम में मौजूद निर्भया की मां के वकील ने विरोध करते हुए कहा, गुनहगार सजा में देरी करना चाहते हैं। निर्भया की मां के वकील ने कहा, क्योंकि दोषियों की कोई याचिका कहीं लंबित नहीं है, इसलिए जल्द से जल्द डेथ वाॅरंट जारी किया जाए। बता दें कि डेथ वाॅरंट में ही फांसी की जगह, तारीख और समय का जिक्र होता है।

मेरी बेटी को मिला इंसाफ

फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा, हमारी बेटी को न्याय मिल गया है। मैं कोर्ट के फैसले से खुश हूं। दोषियों को फांसी की सजा विकृत मानसिकता के लोगों के लिए एक संदेश होगा, साथ ही कोर्ट का फैसला महिलाओं को सशक्त बनाएगा। न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। पीड़िता के पिता ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर की।

वर्ष 2012 के 16 दिसंबर की वह काली रात

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली की सड़कों पर मेडिकल की एक छात्रा के साथ चलती बस में 6 लोगों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। बस के डाइवर, कंडक्टर समेत छह लोगों ने चलती बस में पीड़िता के साथ गैंगरेप किया। विरोध करने पर निर्भया और उसके साथी को जमकर पीटा। निर्भया के निजी अंगों को क्षत-विक्षत कर दिया। घटना के बाद पूरे देश में लोग सड़कों पर उतर आए थे। निर्भया को बचाने की हर कोशिश नाकाम हो गयी और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके केस के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने महिला अपराधों के लिए सख्त कानून बनाए। दोषियों को सख्त सजा का प्रावधान किया गया। छहों आरोपियों को पकड़ कर केस शुरू किया गया। निर्भया के छह दोषियों में एक के नाबालिग होने के चलते उसका केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चला गया था। जो अब छूट चुका है। जबकि एक दोषी ने तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या का चुका है। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

रवींद्रनाथ महतो बने झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष

Published

on

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नाला से विधायक रवींद्रनाथ महतो पांचवें झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष आज चुन लिए गए। विधानसभा सत्र के कल पहले दिन अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के निर्धारित समय 12 बजे तक केवल झामुमो के रवींद्रनाथ महतो ने ही पर्चा भरा था। विपक्ष की ओर से किसी भी विधायक द्वारा नामांकन नहीं किया गया। इस तरह अध्यक्ष पद पर उनके चुने जाने की मात्र औपचारिकता शेष बची थी। आज श्री महतो के विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

यह भी पढ़ें: US-ईरान तनाव: मोदी और ट्रम्प ने की ज्वलंत विषयों पर चर्चा


उल्लेखनीय है कि झारखंड में संथालपरगना प्रमंडल के नाला विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक चुने गए श्री महतो को झामुमो अन्य पिछड़ा वर्ग का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है। वह नाला विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2005, 2014 और 2019 में निर्वाचित हुए थे। दुमका जिले में नाला प्रखंड के पटनपुर गांव में गोलक बिहारी दास और श्रीमती रुक्मिणी देवी के घर जन्में महतो ने झामुमो के साथ अपने राजनीति करियर की शुरुआत की। वह नाला विधानसभा सीट से पांच बार चुनाव लड़े, जिनमें से तीन बार विजयी हुए। उन्होंने इस सीट पर पहली बार 2005 में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के विशेश्वर खान को पराजित कर जीत हासलि की थी। बंगला और हिंदी भाषा के जानकार महतो ने बीएड की डिग्री हासिल की है। उनके छोटे भाई संजीव महतो रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

पाकिस्तान की जेल में बंद 20 भारतीय मछुआरे रिहा, लौटे वतन

Published

on

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय संबंध तनावपूर्ण चल रहे है। इसी बीच पाकिस्तान सद्भावना दिखाते हुए 20 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। सोमवार को पाकिस्तानी रेंजरों ने इन भारतीय मछुआरों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपा। रिहा मछुआरों में ज्यादातर आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।

भारतीय अधिकारियों ने बताया कि सभी भारतीय मछुआरों की तुरन्त चिकित्सीय जांच कराई गई। रिहा हुए मछुआरों में एस किशोर, एन धनराजू, गरमर्थी, राम बाबू, एस अप्पा राव, जी रामा राव, बी अप्पन्ना, एन नरसिंह, वी सैमुअल, के. यारय्या, डी. एस. नारायण, के. राजू, के. वेंकटा, एस. कल्यान, भाविरुदु, सेमसन राव और गिर सोमनाथ शामिल है। वतन लौटते ही देश की मिट्टी को किया प्रणाम।

यह भी पढ़ें:- ननकाना साहिब कांड का मुख्य आराेपी गिरफ्तार…

बता दें कि यह सभी मछुआरे 2018 से पाक जेल में बंद थे। पाकिस्तानी तटरक्षक ने नवंबर 2018 में पाकिस्तानी जल क्षेत्र में जाने के लिए गिरफ्तार कर लिया था। मछुआरे सिंध प्रांत में कराची के मालिर जिला कारागार से रिहा होने के बाद रविवार को ट्रेन से लाहौर पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार अब भी पाक की जेलों में करीब 200 भारतीय मछुआरे बंद हैं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

January 8, 2020, 1:26 am
Intermittent clouds
Intermittent clouds
13°C
real feel: 13°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 95%
wind speed: 1 m/s E
wind gusts: 1 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 6:27 am
sunset: 4:59 pm
 

Recent Posts

Trending